देहरादून, 10उत्तराखंड सरकार ने बजट सत्र के दौरान आज विधानसभा में “देवभूमि परिवार विधेयक-2026” पेश किया। इसका उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। इस विधेयक के पारित हो जाने पर राज्य में एक एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस तैयार किया जा सकेगा। इसमें परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य को मुखिया के रूप में दर्ज किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों में दर्ज लाभार्थियों के डेटा को एक साथ जोड़ा जा सकेगा। इससे सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में सभी सरकारी विभाग अलग-अलग लाभार्थी डेटाबेस इस्तेमाल करते हैं, जिससे आंकड़ों में दोहराव, पुनः सत्यापन की जटिलताएं और समन्वय की कमी जैसी समस्याएं आती हैं।
