Web News

www.upwebnews.com

गोरखपुर पुलिस की ‘नई खेप’ को मिला सफलता का मंत्र

April 29, 2026

गोरखपुर पुलिस की ‘नई खेप’ को मिला सफलता का मंत्र

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
29/04/2026

​1239 आरक्षियों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित

​गोरखपुर। जनपद गोरखपुर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में शामिल हुए 1239 नए महिला एवं पुरुष आरक्षियों के लिए बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से नवागत पुलिसकर्मियों को न केवल उनके कर्तव्यों का बोध कराया गया, बल्कि उन्हें संवेदनशील और आधुनिक पुलिसिंग के गुर भी सिखाए गए।
​”वर्दी अधिकार नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक है”: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ
​कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ ने नए आरक्षियों में ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की वर्दी पहनना समाज की सेवा का संकल्प है।
​संवेदनशीलता: एसएसपी ने जोर देकर कहा कि हर पीड़ित पुलिस से उम्मीद लेकर आता है, इसलिए जनता के साथ व्यवहार में धैर्य और निष्पक्षता अनिवार्य है।
​अनुशासन और तकनीक: उन्होंने अनुशासन को विभाग की रीढ़ बताते हुए नए आरक्षियों को साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष होने की सलाह दी।
​विश्वास की पूंजी: डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, जनता का भरोसा ही पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
​नींव की ईंट की तरह मजबूत बनें आरक्षी: एसपी नॉर्थ
​पुलिस अधीक्षक (नॉर्थ) ज्ञानेंद्र ने एक मार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह एक-एक मजबूत ईंट से विशाल इमारत खड़ी होती है, उसी तरह हर एक आरक्षी पुलिस विभाग की नींव को मजबूती देता है। उन्होंने आरक्षियों को अपने ‘बीट’ क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक जानकारी रखने पर विशेष जोर दिया।
​व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा
​कार्यशाला में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए:
​एसपी सिटी निमिष पाटिल: उन्होंने मौके पर त्वरित निर्णय लेने और कानून के दायरे में रहकर धैर्य के साथ काम करने की महत्ता समझाई।
​एएसपी अरुण कुमार एस: उन्होंने शारीरिक फिटनेस और जनता के साथ बेहतर संवाद को सफल पुलिसिंग का आधार बताया।
​एएसपी दिनेश गोदारा: उन्होंने कानून की स्पष्ट जानकारी रखने पर बल दिया, ताकि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और निर्दोषों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
​कार्यशाला के मुख्य बिंदु
​इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान आरक्षियों को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई:
​अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग: स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना।
​आपातकालीन प्रतिक्रिया: संकट के समय त्वरित और प्रभावी कार्यवाही।
​डिजिटल पुलिसिंग: साइबर अपराध और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग।
​मानवीय व्यवहार: जनता के प्रति संवेदनशीलता और बेहतर छवि निर्माण।
​निष्कर्ष:
यह कार्यशाला केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर नए आरक्षियों को समाज सेवा के प्रति समर्पित करने का एक सशक्त माध्यम बनी। कार्यक्रम के समापन पर सभी नवागत आरक्षियों ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ गोरखपुर पुलिस के गौरव को बढ़ाने का संकल्प लिया।

गोरखपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ – 24 घंटे में लुटेरों का हिसाब!

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
29/04/2029

गोरखपुर : गोरखपुर में खाकी का खौफ! महज 24 घंटे के अंदर पुलिस ने उस दुस्साहस का जवाब दे दिया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया था। देवांश स्वर्णकला केंद्र में लूट करने वाले शातिर लुटेरे अब अस्पताल के बेड पर हैं और उनके पैरों में पुलिस की गोली का निशान है।
मामला गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र का है। सोमवार की दोपहर, जब देवांश स्वर्णकला केंद्र के मालिक राकेश वर्मा अपनी बड़ी बेटी की सगाई का कार्ड बांटने बाहर गए थे, तब उनकी छोटी बेटी अमृता वर्मा दुकान संभाल रही थी।
​दोपहर के करीब 2:20 बज रहे थे। दो युवक ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल होते हैं। गहने देखने के बहाने उन्होंने अमृता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की और पलक झपकते ही करीब 20 ग्राम सोने के झाले लेकर भागने लगे।

​लेकिन लुटेरों को अमृता के साहस का अंदाजा नहीं था। #बहादुरबेटी न सिर्फ चिल्लाई, बल्कि जान की बाजी लगाकर लुटेरों के पीछे भाग निकली। सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि कैसे अमृता ने एक लुटेरे को पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। हालांकि, लुटेरा धक्का देकर फरार होने में कामयाब रहा, लेकिन उसने पुलिस के लिए सुराग छोड़ दिया था।

गोरखपुर पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार किया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और सर्विलांस की मदद से घेराबंदी शुरू हुई। बुधवार की सुबह, पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हुआ। ​खुद को घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में सहारनपुर के देवबंद निवासी मेहदी और रहमान के पैर में गोली लगी है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया सारा सामान बरामद कर लिया है। घायल अवस्था में दोनों लुटेरों को अस्पताल भेजा गया है। गोरखपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को साफ संदेश दे दिया है— जुर्म करोगे, तो अंजाम यही होगा।
​साहसी अमृता की इस बहादुरी और पुलिस के सटीक निशाने ने आज पूरे गोरखपुर में चर्चा बटोर ली है।

गार्ड की सतर्कता से बचीं रेल यात्री की जान

चलतीं ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में फिसलकर पटरियों पर पहुंचा

चंडीगढ़ लखनऊ इंटरसिटी का मामला,मंगलवार रात पौने तीन बजे की घटना
Post on 29.4.26
Wednesday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
चलतीं ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में एक यात्री की जान पर बन आई। प्लेटफॉर्म पर रफ्तार पकड़ती ट्रेन में यात्री ने चढ़ना चाहा तो फिसलकर पटरियों पर आ गया। गार्ड यह देख ने गाड़ी रुकवा दीं।गार्ड,अन्य यात्रियों और रेलवे पुलिस की यात्री को बचाया जा सका।
घटना मंगलवार रात पौने तीन बजे की है।चंडीगढ़ से लखनऊ की ओर जारहीं ट्रेन (15012) का है।जानकारी के अनुसार ट्रेन मुरादाबाद में प्लेटफॉर्म पांच पर पहुंची। ट्रेन के ग्रीन सिग्नल हुए। गार्ड अजय कुमार सेकंड व लोको पायलट(ड्राइवर) से सिग्नलके संकेत दिए। प्लेटफार्म से ट्रेन रवाना हुईं। तभी पुल की ओर से उतरकर दौड़ते दो यात्री ट्रेन में चढ़ने लगे। एक यात्री चढ़ गया पर दूसरे ने कोच का हैंडल पकड़ना चाहा। इस कोशिश में यात्री का पैर फिसला और नीचे जा गिरा।
नजारा देख अन्य यात्री भी सहम गए।इस बीच ग्रीन सिग्नल देरहे गार्ड अजय कुमार सेकंड (पूर्व सैनिक) ने तत्परता दिखाई और प्रेशर से गाड़ी रोक दिया। गाड़ी रुकते ही पटरी पर पहुंचे यात्री को निकालने में लोग जुट गए। मौके पर गार्ड,सहयात्री व रेलवे पुलिस की मदद से यात्री को सकुशल निकाल लिया गया। गार्ड का कहना है कि यात्री ठीक है। अलबत्ता उसे गिरने से हाथ पैर छिला है। बाद में गाड़ी रवाना हो सकीं।

पीएम मोदी ने गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया

Posted on 29.04.2026 Time 01.57 PM, Wednesday, Hardoi, Ganga Expressway, PM Narendra Modi
हरदोई, 29 अप्रैल 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज  594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार गंगा नदी हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश की जीवनरेखा रही है, उसी प्रकार यह एक्सप्रेसवे भी राज्य के विकास की नई जीवनरेखा बनेगा।
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से उत्तर प्रदेश में संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि होने की आशा है, साथ ही इससे औद्योगिक निवेश, रसद, कृषि विपणन और क्षेत्रीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित गंगा एक्सप्रेसवे, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक ही हाई-स्पीड कॉरिडोर से जोड़ेगा। यह राज्य का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। इससे मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। इसमें शाहजहांपुर में साढे तीन किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी भी शामिल है, जो भारतीय वायु सेना के विमानों के आपातकालीन उड़ान भरने और उतरने में सहायता करेगी। इस परियोजना से औद्योगिक विकास, व्यापार, कृषि और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने और पूरे क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने गर्भगृह में 20 मिनट तक पूजा-अर्चना की। मंदिर से बाहर निकलने के बाद भाजपा नेताओं ने उन्हें त्रिशूल और डमरू भेंट किए। प्रधानमंत्री ने त्रिशूल धारण किया। प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में उपस्थित कुछ श्रद्धालुओं से भी बातचीत की।

नारी शक्ति, विकसित भारत का मजबूत स्तंभ: नरेंद्र मोदी

Varanashi, 28 April 26, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां आयोजित एक सम्मेलन में महिलाओं की एक विशाल सभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी।

इस अवसर के महत्व का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी उन दिव्य शक्तियों की भूमि है, जिनमें माता श्रृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी, माता संकठा और माता गंगा शामिल हैं। बहनों और बेटियों की इस विशाल उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को वास्तव में एक पवित्र आयोजन में बदल दिया था। श्री मोदी ने कहा, “काशी की इस पावन भूमि पर, मैं आप सभी माताओं, बहनों और बेटियों को नमन करता हूं।”

इस अवसर के ‘नारी शक्ति’ और विकास, दोनों के उत्सव होने पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी में हर तरह के विकास से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है, साथ ही काशी और अयोध्या के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले काम भी शुरू किए गए हैं। काशी से पुणे और अयोध्या से मुंबई के लिए दो ‘अमृत भारत’ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई, जिससे पूरे महाराष्ट्र के लोगों को इन पवित्र शहरों तक पहुंचने के लिए आधुनिक कनेक्टिविटी के विकल्प मिलेंगे। श्री मोदी ने कहा, “इससे यूपी और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी, जिससे लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचने का एक और आधुनिक विकल्प मिलेगा।”

राष्ट्र-निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने ‘नारी शक्ति’ को ‘विकसित भारत’ का सबसे मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के एक बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए वहां मौजूद लोगों का आशीर्वाद मांगा। श्री मोदी ने कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आपके आरक्षण के अधिकार को हकीकत बनाने में मैं कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।”

महिला सशक्तिकरण की बदलाव लाने वाली शक्ति को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जब घर में कोई महिला सशक्त होती है, तो पूरे परिवार को ताक़त मिलती है; और इससे समाज और देश भी मजबूत होते हैं। भारतीय महिलाओं को अतीत में जिन बाधाओं का सामना करना पड़ा, उन पर विचार करते हुए प्रधानमंत्री ने उन उपेक्षापूर्ण सवालों और आदेशों को याद किया, जिन्हें लड़कियों की कई पीढ़ियों ने सहा है, जिनमें क्षमता, आवश्यकता और औचित्य से जुड़े सवाल शामिल हैं। इस तरह का भेदभाव सिर्फ काशी तक ही सीमित नहीं होने, बल्कि पूरे देश में मौजूद होने की बात को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि समाज ने इस अन्याय को एक सामान्य बात मान लिया था। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “इन रुकावटों को बस एक स्वाभाविक व्यवस्था मान लिया गया था, और अब इसमें बदलाव आना ही चाहिए।”

पिछड़ी सोच को तोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि 25 साल पहले जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तो उन्होंने लड़कियों के लिए दो अग्रणी योजनाएं शुरू की थीं-‘शाला प्रवेशोत्सव’, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां स्कूल जाएं और अपनी पढ़ाई पूरी करें; और ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवाणी निधि’, ताकि उनकी फीस में मदद मिल सके। श्री मोदी ने कहा, “तब से लेकर आज तक, हमारी सरकार की नीतियों में महिलाओं के कल्याण को लगातार सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।”

2014 से शुरू की गई व्यापक कल्याणकारी पहलों का विस्तार से जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए, 30 करोड़ से ज्यादा बहनों के लिए बैंक खाते खोले गए, 2.5 करोड़ से ज्यादा घरों को बिजली के कनेक्शन दिए गए और 12 करोड़ से ज्यादा घरों तक नल का पानी पहुंचा। इन पहलों ने बहनों और बेटियों को राष्ट्रीय विकास के केंद्र में रखा, जिनमें सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना, मातृ वंदना योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं शामिल हैं। श्री मोदी ने कहा, “हर बड़ी योजना के केंद्र में बहनों और बेटियों को रखा गया, जो हमारी सच्ची प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

काशी में एक सफल अभियान का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि दो साल पहले, सिर्फ एक महीने में 27,000 लड़कियों के लिए सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए थे और हर खाते में 300 रुपये जमा किए गए थे। इस योजना ने लड़कियों की शिक्षा को मजबूत किया है, जबकि मुद्रा योजना ने उनकी कमाई सुनिश्चित की है; और पहली बार, पीएम आवास योजना के तहत करोड़ों बहनों के नाम पर संपत्ति रजिस्टर हुई है। श्री मोदी ने कहा, “आज हमारी माताएं और बहनें सचमुच अपने घरों की मालकिन बन रही हैं।”

सुविधा और सुरक्षा के सशक्तिकरण की नींव होने पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने यूपी की मौजूदा स्थिति की तुलना अतीत से की, जब लड़कियों के लिए अपने घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल था। भारतीय न्याय संहिता ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों में त्वरित फैसलों के जरिए नया आत्मविश्वास जगाया है, जबकि महिला पुलिस थानों और काउंसलिंग केंद्रों का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। श्री मोदी ने कहा, “बेटियों के प्रति गलत इरादे रखने वाला कोई भी व्यक्ति अब अच्छी तरह जानता है कि उसका क्या हश्र होगा।”

आर्थिक सशक्तिकरण के महत्व पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जब महिलाओं की आर्थिक शक्ति बढ़ती है, तो घर-परिवार में उनकी आवाज़ भी उतनी ही मजबूत हो जाती है। पिछले 11 वर्षों में, लगभग 10 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है-जिनमें काशी की लगभग 1.25 लाख बहनें भी शामिल हैं-और लाखों रुपये की आर्थिक सहायता ने उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने में सक्षम बनाया है। श्री मोदी ने कहा, “इन प्रयासों के माध्यम से, अब तक 3 करोड़ बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जिनमें बनारस की हजारों बहनें भी शामिल हैं।”

महिला सशक्तिकरण में डेयरी क्षेत्र के योगदान को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी से जुड़ी लाखों बहनों को बधाई दी, जिन्हें आज बोनस के रूप में सीधे 106 करोड़ रुपये मिले। काशी के डेयरी क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को अपने काम का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, उन्होंने निरंतर विकास के प्रति विश्वास व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा, “यह तो बस शुरुआत है; बनारस आगे बढ़ेगा, बनास डेयरी आगे बढ़ेगी, और यह बोनस भी लगातार बढ़ता रहेगा।”

यह बताते हुए कि सरकार महिलाओं को किस तरह बदलाव लाने वाली शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है, प्रधानमंत्री ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के अभियानों की बागडोर उन्हें सौंपने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘बैंकिंग सखियां’ डिजिटल पेमेंट्स को आगे बढ़ा रही हैं, ‘इंश्योरेंस सखियां’ बीमा से जुड़ी पहलों का नेतृत्व कर रही हैं, ‘कृषि सखियां’ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही हैं, और ‘नमो ड्रोन दीदियां’ कृषि क्षेत्र में ड्रोन क्रांति की अगुवाई कर रही हैं। इसके अलावा, सेना, नौसेना, वायुसेना, सैनिक स्कूलों और रक्षा अकादमियों में बेटियों के लिए नए रास्ते खुल गए हैं। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा, “हमारी सरकार का मतलब है – महिला सशक्तिकरण, महिलाओं का उत्थान और महिलाओं के जीवन को आसान बनाना।”

सभी क्षेत्रों में बेहतरीन काबिलियत को देखते हुए महिलाओं को नीति-निर्माण और राष्ट्रीय फैसले लेने में बड़ी भूमिका मिलने पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि बहनों की भागीदारी का विचार ही नए संसद भवन को बनाने के पीछे एक बड़ी वजह थी। नया संसद भवन बनने के बाद सबसे पहला काम 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास करना था, जिसके तहत 40 साल से अटके पड़े महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मंज़ूरी दी गई। श्री मोदी ने कहा, “अब यह जरूरी है कि इस कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाए।”

हाल की संसदीय कार्यवाही पर निराशा ज़ाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को विधानसभा और संसद तक पहुंचाने के लिए एक संवैधानिक संशोधन लाया गया था, लेकिन उसे पास नहीं किया जा सका। वहीं, संतोष जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने असम, केरल, पुडुचेरी, बंगाल और तमिलनाडु में महिलाओं द्वारा रिकॉर्ड संख्या में किए गए मतदान का उल्लेख किया।

सरकार के नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण को “नागरिक देवो भव” के मंत्र के साथ रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, सिंचाई और शिकायत निवारण ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ, आज काशी के विकास का विस्तार कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के माध्यम से किया गया है। श्री मोदी ने कहा, “गंगा नदी पर बन रहा सिग्नेचर ब्रिज पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।”

पिछले एक दशक में उत्तरी और पूर्वी भारत के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में काशी के उभरने का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 500 ​​बिस्तरों वाला मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल यहां के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि 100 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला भी रखी गई है। श्री मोदी ने कहा, “इससे काशी में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एक विशाल सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।”

काशी के विकास के व्यापक और संवेदनशील स्वरूप का वर्णन करते हुए, प्रधानमंत्री ने गंगा की सफाई, घाटों का विकास, प्रशासनिक भवनों का निर्माण, हरहुआ और भवानीपुर में किसानों के लिए भंडारण सुविधाओं, वृद्धाश्रमों और महिला छात्रावासों सहित विभिन्न पहलों को गिनाया। श्री मोदी ने कहा, “ये सभी परियोजनाएं सीधे तौर पर बनारस के निवासियों को लाभ पहुंचाती हैं और संवेदनशील, जन-केंद्रित विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।”

काशी की विरासत और धरोहर को सुदृढ़ करने के निरंतर अभियान पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने इस प्रयास के अभिन्न अंग के रूप में संत कबीर स्थली के विकास और नागवा में संत रविदास पार्क के जीर्णोद्धार को रेखांकित किया। श्री मोदी ने कहा, “ये हमारी विरासत को संरक्षित और सुदृढ़ करने के हमारे निरंतर अभियान का हिस्सा हैं।”

काशी के शाश्वत स्वरूप और चल रहे विकास अभियान के बीच एक समानता दर्शाते हुए अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने सभा में उपस्थित लोगों के आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया और साथ ही, जारी विकास कार्यों के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। श्री मोदी ने कहा, “हमारी काशी अविनाशी है और निरंतर गतिशील रहती है; ठीक इसी तरह, यह विकास अभियान भी निरंतर गतिशील है।”

« Newer PostsOlder Posts »