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तहसील दिवस में जिला प्रशासन सख्त

April 18, 2026

तहसील दिवस में जिला प्रशासन सख्त

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
18/04/2026

डीएम-एसएसपी ने सुनीं 180 शिकायतें, मौके पर 18 का किया गया निस्तारण

जमीन कब्जा, धान भुगतान, वरासत और जनसमस्याओं पर कड़े निर्देश, लापरवाही पर अधिकारियों को फटका

गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में आयोजित तहसील समाधान दिवस में इस बार प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और कई मामलों में मौके पर ही त्वरित समाधान कराया गया।
तहसील दिवस में कुल 180 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें से 18 मामलों का तत्काल निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, एएसपी/सीओ कैंट अरुण कुमार, सीएमओ डॉ. राजेश झा, जिला विकास अधिकारी सतीश चंद्र सिंह, परियोजना निदेशक संदीप सिंह, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह, डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
भू-माफिया और अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
तहसील दिवस में सबसे अधिक शिकायतें जमीन कब्जा, बंटवारा, वरासत, चकबंदी और पारिवारिक विवादों से जुड़ी रहीं। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने एक अधिवक्ता की जमीन पर भू-माफिया द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की, जिस पर डीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तहसीलदार को तहसील दिवस समाप्त होते ही मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
डीएम ने दो टूक कहा कि सरकारी या निजी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

धान भुगतान में लापरवाही पर कड़ी फटकार

किसान अभिषेक उपाध्याय ने शिकायत की कि उन्होंने 250 कुंतल धान बेचा, लेकिन केवल 125 कुंतल का ही भुगतान मिला है। इस पर डीएम ने डिप्टी आरएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर शेष भुगतान कराने का निर्देश दिया।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान किसान ने बताया कि वह भुगतान के लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है।
राजस्व मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय
तहसील दिवस में वरासत, नामांतरण और पैमाइश से जुड़े कई मामले सामने आए। डीएम ने निर्देश दिया कि—

एक ही प्रकरण में बार-बार जांच कर लोगों को परेशान न किया जाए

यदि जांच आवश्यक हो तो उसी लेखपाल को दोबारा जांच न सौंपी जाए
बिना ठोस आधार के एक जैसी रिपोर्ट लगाना अनुचित है
एक मामले में लेखपाल को मौके पर बुलाकर डीएम ने नाराजगी जताई और तुरंत सही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
मंदिर की जमीन पर नामांतरण की कोशिश नाकाम
एक प्रकरण में मंदिर की जमीन को अपने नाम दर्ज कराने की कोशिश की जा रही थी। इस पर डीएम ने सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कहा कि मंदिर की जमीन मंदिर के नाम ही दर्ज रहेगी, उसमें किसी भी प्रकार का निजी नामांतरण नहीं किया जाएगा।

आईजीआरएस और ई-गवर्नेंस पर जोर

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अब कोई भी फाइल मैन्युअल रूप में स्वीकार नहीं की जाएगी, सभी कार्य ई-फाइलिंग प्रणाली के तहत ही होंगे। यदि कोई अधिकारी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ वेतन कटौती जैसी कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर राहत: शादी के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया

तहसील दिवस में एक फरियादी शादी के लिए गैस सिलेंडर की समस्या लेकर पहुंचा, जिस पर डीएम के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) द्वारा तत्काल व्यवस्था कराकर सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से फरियादी को तत्काल राहत मिली और उसने आभार जताया।
तहसील दिवस में आए पुलिस संबंधी प्रकरणों की सुनवाई एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए।
विशेष मामलों में त्वरित निर्देश
नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के बावजूद मकान खाली न कराने के मामले में पुलिस व राजस्व टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश
चकबंदी से जुड़े मामलों में सरकारी जमीन को अभिलेखों में दर्ज कराने का निर्देश
पैमाइश विवाद में राजस्व टीम बनाकर मौके पर माप कराने के निर्देश
रजिस्ट्री के बाद कब्जा न मिलने के मामलों में तत्काल समाधान के निर्देश
तहसील दिवस में डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तहसील दिवस में प्रशासन की सक्रियता, सख्ती और मौके पर समाधान की पहल से आम लोगों में भरोसा बढ़ा है और यह संदेश गया है कि समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

April 17, 2026

राप्ती नदी में नहाते समय तीन युवक डूबे

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
17/04/2026

SDRF की टीम और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी

गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र अंतर्गत बंजरहा स्थित राप्ती नदी में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां नहाने के दौरान तीन युवक गहरे पानी में समा गए। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 2:20 बजे पुलिस को सूचना मिली कि तीन युवक राप्ती नदी में डूब गए हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ में पता चला कि तीनों युवक नदी में नहा रहे थे, इसी दौरान वे गहराई में चले गए और देखते ही देखते पानी में डूब गए।
डूबने वाले युवकों की पहचान
शिव साहनी पुत्र राम लखन, निवासी ग्राम काजीपुर, थाना चिलुआताल, उम्र करीब 20 वर्ष
बंटी पुत्र कृपा यादव, निवासी ग्राम बरियारपुर, थाना चिलुआताल, उम्र करीब 20 वर्ष
शुभम यादव पुत्र विनोद यादव, निवासी ग्राम बरियारपुर, थाना चिलुआताल, उम्र 22 वर्ष
बताया जा रहा है कि तीनों युवक आपस में परिचित थे और गर्मी के चलते नदी में नहाने पहुंचे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, राप्ती नदी के इस हिस्से में अचानक गहराई बढ़ जाती है, जिससे अनजान लोग अक्सर हादसे का शिकार हो जाते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) को तत्काल बुलाया गया। साथ ही स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। नदी में तेज धारा और गहराई के चलते बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन टीम लगातार युवकों की तलाश में जुटी हुई है।
मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। वहीं तीनों युवकों के परिजन भी घटनास्थल पर मौजूद हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार वालों का कहना है कि वे सामान्य रूप से नहाने गए थे, लेकिन अचानक यह हादसा हो गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरी ज्ञानेंद्र भी तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे बचाव अभियान की निगरानी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्च ऑपरेशन में तेजी लाई जाए और हर संभव संसाधन का उपयोग किया जाए, ताकि जल्द से जल्द युवकों का पता लगाया जा सके।
इसके अलावा स्थानीय पुलिस द्वारा मौके पर पर्याप्त बल तैनात कर शांति व्यवस्था बनाए रखी गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और परिजनों को हर संभव सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर नदी में नहाने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही और सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी को उजागर करती है। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की जाती रही है कि वे गहरे पानी और अनजान स्थानों पर नहाने से बचें, बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और सभी की निगाहें चल रहे सर्च ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर व पुलिस अधीक्षक उत्तरी द्वारा थाना चिलुआताल क्षेत्रान्तर्गत स्थित ग्राम बंजरहा में राप्ती नदी में 03 बच्चों के डूब जाने से संबंधित घटनास्थल का निरीक्षण किया गया एवं संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । फायर ब्रिगेड व एस0डी0आर0एफ की टीमों द्वारा बचाव कार्य जारी हैं । लाईट की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गयी हैं । रेस्क्यू हेतु लगातार टीमें प्रयास कर रही हैं । इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहें ।

जन समस्याओं का त्वरित समाधान कराएं अधिकारी : मुख्यमंत्री

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
17/04/2026

लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने

मुख्यमंत्री ने लोगों को दिया भरोसा, हर समस्या का प्रभावी निस्तारण कराएगी सरकार

गोरखपुर, 17 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। समस्या से जुड़ी शिकायत पर तेजी से कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण व संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित कराएं। जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा, “घबराइए मत। सरकार, आपकी हर समस्या पर प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराएगी।”

शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में, महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी बातें सुनीं। उनके प्रार्थना पत्र अपने हाथ में लेकर उसका अवलोकन कर समस्या/शिकायत का संज्ञान लिया। फिर, अलग-अलग मामलों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित और हस्तगत किया। साथ ही निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।

जनता दर्शन में हर बार की तरह शुक्रवार को भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार धन उपलब्ध कराएगी। कुछ महिलाओं ने आवास की समस्या मुख्यमंत्री को बताई। इस पर सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराने को संकल्पित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी पात्र लोग पक्के आवास की सुविधा से वंचित हैं, उन्हें इसका लाभ दिलाया जाए।

म्यूल खातों के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह पर शिकंजा, एक और आरोपी गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
17/04/2026

गोरखपुर। कोतवाली थाना पुलिस ने सरकारी योजनाओं का झांसा देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक और वांछित सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक नगर व अपराध के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अभियुक्त रवि सिंह उर्फ रामदास को गिरफ्तार किया।
शिकायत के बाद खुला पूरा नेटवर्क
15 अप्रैल 2026 को एक व्यक्ति ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बेटे को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर बैंक खाता खुलवाया गया और उसका एटीएम व चेकबुक ले लिया गया। बाद में उसी खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसे मंगाने और निकालने में किया गया।
गिरोह ऐसे करता था ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके नाम पर म्यूल खाते खुलवाते थे। इसके बाद—
एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने कब्जे में ले लेते थे
खातों की जानकारी गिरोह के अन्य सदस्यों को दी जाती थी
साइबर ठगी का पैसा इन खातों में ट्रांसफर कर निकाला जाता था
पूरे नेटवर्क का संचालन टेलीग्राम जैसे सोशल प्लेटफॉर्म के जरिए किया जा रहा था, जिससे आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं 6 आरोपी
इस मामले में पुलिस पहले ही 6 आरोपियों—अनुज विश्वकर्मा, ओंमकार अग्रहरि, ऋतुराज यादव, राहुल सिंह, द्विव्यांशु सिंह और आदित्य चौधरी—को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब इस कड़ी में एक और गिरफ्तारी की गई है।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्त रवि सिंह उर्फ रामदास उन्नाव का मूल निवासी है और वर्तमान में लखनऊ में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, उसका पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। साथ ही साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना के नाम पर अपने बैंक खाते, एटीएम या चेकबुक किसी को न दें, अन्यथा वे भी अनजाने में साइबर अपराध का हिस्सा बन सकते हैं।

April 16, 2026

समय पर पुलिस भर्ती, ट्रेनिंग व सुविधाओं से बना सुरक्षा का बेहतर माहौल : सीएम योगी

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
16/04/2026

गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बने दो आधुनिक सुरक्षा भवनों का उद्घाटन किया मुख्यमंत्री ने

सुशासन की पहली शर्त होती है सुरक्षा : मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 16 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद पुलिस विभाग में समय पर भर्ती, समय पर ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं के विकास से पुलिसकर्मियों के कार्य की गति बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल बना, और सुशासन का मॉडल खड़ा हुआ।

सीएम योगी गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बने दो आधुनिक सुरक्षा भवनों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इन भवनों में मंदिर सुरक्षा से जुड़े अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटिनेंस वर्कशाप बनाए गए हैं। इसके निर्माण पर 9.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा भवन का लोकार्पण करने के बाद भ्रमण और निरीक्षण कर भवन में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा, सुशासन की पहली शर्त होती है। हर व्यक्ति को सुरक्षा चाहिए। इसके लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाते हैं। पर, हम उसका एक ही पक्ष देख पाते थे। पुलिस का सामान्य सिपाही हो या सब इंस्पेक्टर व डिप्टी एसपी, यदि उसकी ट्रेनिंग नहीं है तो वह भी एक कॉमन मैन (सामान्य व्यक्ति) ही होगा। सीएम योगी ने कहा कि पहले भर्ती, ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता था। इसका परिणाम यह होता था कि बहुत से नौजवान पुलिस भर्ती में नहीं आना चाहते थे।

9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती

मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे में वर्ष 2017 के बाद आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि 9 साल पहले जब उनकी सरकार आई तो उस समय पुलिस बल में आधे से अधिक पद खाली थे। उन्होंने बताया कि बीते 9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि 2017 के पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता एक समय मे 3 हजार से अधिक नहीं थी। जबकि वर्तमान में अवस्थापना सुविधाओं के विकास का परिणाम है कि अब एक समय में 60 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग करवाई जाती है। समय पर लिए गए निर्णय, और समय पर दिए गए संसाधनों के परिणामस्वरूप पुलिस को 200 गुना सुविधाओं से सम्पन्न किया गया है।

पहले नहीं थी पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा

सीएम योगी ने कहा कि पहले थाना हो, चौकी हो, पुलिस लाइन हो या पीएसी वाहिनी हो, कहीं पर पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा और अच्छे बैरक नहीं थे। पुलिसकर्मी किराए पर रहकर जैसे-तैसे जीवन व्यतीत करता था। कई बार शिकायत आती थी कि पुलिस वाले ने घर पर कब्जा कर लिया है। वह कब्जा नहीं करता था। पता चलता था कि उसके बच्चे की परीक्षा है और मकान मालिक उससे घर खाली करने को कह देता। इस पर वह झल्ला कर कहता, घर नहीं खाली करेंगे। सीएम ने कहा कि यह सामान्य शिकायत आती थी। आज ये सारी शिकायतें समाप्त हो गई हैं क्योंकि सरकार ने हर पुलिस लाइन में आवासीय सुविधा दी है, बैरक बनवाए गए हैं।

सुरक्षा में सेंध लगाने वाले का काम तमाम कर देंगे मुस्तैद पुलिसकर्मी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले थाना का भवन बनता था लेकिन उसमें बैरक नहीं बनते थे। वहां अन्य सुविधाएं नहीं उपलब्ध हो पाती थीं। बहुत बार पुलिस किसी अपराधी को पकड़कर लाती थी तो रुकने की व्यवस्था नहीं होती थी। पुलिस कई बार असहाय दिखती थी। अपराधी भाग जाता था। सीएम ने कहा कि पुलिस को अब असहाय बनने की आवश्यकता नहीं है। अब अपराधी भाग नहीं सकता क्योंकि थाने में ही उसे रोके रखने की सुविधाएं दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अब कोई थाने पर हमला नहीं कर सकता क्योंकि अब थाने में पुलिस कार्मिकों के लिए अलग से बेहतरीन सुविधाओं से युक्त बैरक बनाए गए हैं। हर समय, हर थाना में पर्याप्त संख्या में पुलिस कार्मिक उपलब्ध होंगे। जो थाने की सुरक्षा में सेंध लगाने का काम करेगा, उसके काम को तमाम करने के लिए पुलिसकर्मी वहां हमेशा मुस्तैद होकर के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करता हुआ दिखाई देगा।

इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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