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Lucknow ट्रैक्टर ट्राली पलटने से चालक समेत 4 की मृत्यु

August 15, 2026

Lucknow ट्रैक्टर ट्राली पलटने से चालक समेत 4 की मृत्यु

लखनऊ, 15 अगस्त 2026, जिले के थाना गोसाईगंज अंतर्गत सुल्तानपुर हाईवे स्थित गंगागंज में आज तड़के ट्रेक्टर ट्रॉली पलटने से चालक समेत चार लोगों की मृत्यु हो गई। सभी ट्रैक्टर सवार ईंट भट्टा पर ट्रैक्टर से ईंटों की सपलाई करते थे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रातः करीब 4:45 बजे गंगागंज में सुल्तानपुर हाईवे रोड पर एक ट्रैक्टर पलटने और उसके नीचे चार लोग दबे होने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल थाना गोसाईगंज पुलिस, फायर सर्विस व NHAI टीम मौके पर पहुंच गयी जहां NHAI की क्रेन बुलाकर ट्रैक्टर ट्राली हटवाई जिसके नीचे दबे लोगों को निकाल कर 108 एंबुलेंस की मदद से CHC गोसाईगंज पहुंचाया गया। जहां तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया तथा एक व्यक्ति को ट्रामा रेफर किया गया जिसे ट्रामा भिजवाते समय उसकी भी मृत्यु हो गई।जानकारी करने पर पता चला कि मृतक पीतांबर रावत ग्राम अचकाकामऊ थाना कोठी जनपद बाराबंकी में स्थित देशराज नामक व्यक्ति के RBF ईंट भट्टा पर ट्रैक्टर चलाता था । अन्य मृत व्यक्ति ईंट लादने व उतारने की मजदूरी करते थे।

मृतकों का नाम-पता निम्नवत है
1. संदीप रावत पुत्र लल्लन रावत उम्र करीब 25 वर्ष
2. पीतांबर रावत पुत्र कालू रावत उम्र करीब 35 वर्ष
3. पवन रावत पुत्र कमल रावत उम्र करीब 25 वर्ष
निवासीगण- इलिचपुर मजरे पडरांवा थाना कोठी जनपद बाराबंकी
4. बलराम रावत पुत्र राम सुरेश रावत निवासी ग्राम सरायनदर थाना कोठी जनपद बाराबंकी।
ट्रैक्टर व ट्राली को हाईवे से हटवा दिया गया है। यातायात व्यवस्था से सुचारु रूप से चल रही है। मौके पर मृतकगणों के परिजन पहुंच गए हैं। आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।

आजादी का मतलब अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा, असमानता से सर्वथा मुक्तिः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने सरकारी आवास (5, कालिदास मार्ग) पर किया ध्वजारोहण

*मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी स्वाधीनता दिवस की बधाई दी, बोले- देश को कमजोर करने वाली ताकतों से रहना होगा सतर्क*

*मुख्यमंत्री ने कीर्ति चक्र से सम्मानित उप्र पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को किया याद*

*आजादी को लंबे समय तक बनाए रखना है तो 140 करोड़ भारतवासियों को अपने-अपने क्षेत्र में देना होगा योगदानः सीएम योगी

Posted on 15.08.2026 Time 07.02 PM

लखनऊ, 15 अगस्तः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर अपने सरकारी आवास (5, कालिदास मार्ग) पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने राष्ट्रनायकों और देश के लिए शहीद होने वाले रणबांकुरों के प्रति श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वाधीनता दिवस की बधाई दी। कहा कि आजादी का मतलब केवल राजनीतिक आजादी नहीं है, बल्कि उस अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा, असमानता से भी सर्वथा मुक्ति है, जिसे कारण देश लगातार कमजोर होता गया। हम सब आजादी के 79वर्ष पूरे कर चुके हैं और 80वें स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम से जुड़े हैं। यह दिवस केवल हमें समारोह तक सीमित रखने का अवसर नहीं दे रहा, बल्कि हमें संपूर्ण आजादी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों में नागरिक के रूप में कर्तव्य करने की भी प्रेरणा प्रदान कर रहा है। हर नागरिक का आह्वान करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आजादी को लंबे समय तक बनाए रखना है तो एक व्यक्ति, जाति, संप्रदाय नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों को अपने-अपने क्षेत्र में समान रूप से योगदान देना होगा।

*देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना ही था रणबांकुरों का ध्येय*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कहा कि लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप 1947 में आज ही के दिन भारत को स्वाधीनता प्राप्त हुई। हर भारतवासी जिस उन्मुक्त वातावरण में स्वाधीनता का अहसास कर रहा है, वह भारत माता के महान सपूतों, बलिदानियों के त्याग, तपस्या व बलिदान का परिणाम है। देश अंतरविरोधों व षडयंत्रों के कारण गुलाम हुआ, लेकिन इसने मन-मस्तिष्क से गुलामी को कभी स्वीकार नहीं किया। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में गुलामी के खिलाफ अलग-अलग समय में संघर्ष और आंदोलन हुए। 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर सामूहिक रूप से देश की स्वाधीनता के लिए किए गए प्रयास का महत्वपूर्ण पड़ाव था, जब बैरकपुर में मंगल पांडेय, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, मेरठ में धनसिंह कोतवाल आदि रणबांकुरों के नेतृत्व में हर गांव, जनपद, प्रांत में स्वाधीनता की लौ जलती दिखाई दे रही थी। उस समय सभी के मन में एक ही भाव था कि हमें देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना है।

*हर व्यक्ति के जीवन को सहज और सरल बनाने के लिए किए जाने वाले परिवर्तनों के परिणाम भी दिख रहे*
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के सामने जो अराजकता, अशिक्षा, पिछड़ापन, असमानता थी, उसमें से बहुत सारी समस्याओं का पिछले 8 दशक में समाधान हुआ है। इसी का परिणाम है कि देश में बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग मुक्त हुए हैं। शिक्षा का दायरा बढ़ा है और बिना भेदभाव शासन का लाभ समाज के प्रत्येक तबके को मिलना प्रारंभ हुआ है। विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है। हर व्यक्ति के जीवन को सहज और सरल बनाने के लिए किए जाने वाले परिवर्तनों के परिणाम भी अब दिखाई देते हैं।

*देश को कमजोर करने वाली ताकतों से रहना होगा सतर्क*
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देशवासियों से किए गए आह्वान का भी जिक्र किया। कहा कि अराजकता, असमानता, अशिक्षा पर विजय प्राप्त करनी है तो देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा। पीएम ने कहा था कि देश में केवल चार जातियों (गरीब, युवा, महिला, किसान) को फोकस करते हुए कार्य करेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। पिछले 12 वर्ष में इन्हीं चार तबकों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनीं। इस कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार की इच्छाशक्ति भी दिखाई दी, जिसका परिणाम रहा कि आमजन को शासन की योजना से जुड़ने में मदद मिली है। डायरेक्टर बेनिफिट स्कीम के माध्यम से शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ उपलब्ध कराने का कार्य हुआ। मिशन रोजगार से लेकर मॉडर्न टेक्नोलॉजी के अनुरूप युवा खुद को तैयार कर सकें, इसके लिए नए-नए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए, संस्थान बनाए गए। स्वास्थ्य की अच्छी सुविधा के लिए देश में मेडिकल कॉलेज, एम्स की नई श्रृंखला खड़ी हुई, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआ। रेलवे की कनेक्टिविटी बढ़ी, मेट्रो व रैपिड रेल जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुईं। अमृत भारत, वंदे भारत, नमो भारत जैसी आधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास बढ़े।

*हर क्षेत्र में नए प्रतिमानों को स्थापित करने में आगे बढ़ा भारत*
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में नए प्रतिमानों को स्थापित करने में आगे बढ़ा है। जब देश के पास यशस्वी नेतृत्व होता है और सामूहिकता के साथ देश की ताकत एक स्वर में बोलती है तो परिणाम सामने आते हैं। देश की आजादी की लड़ाई भी ध्यानाकर्षित करती है तो जब हम बंटे थे तो आजादी के लिए संघर्ष होता था। राजस्थान में महाराणा प्रताप, पंजाब से गुरु गोविंद सिंह, महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसे नेतृत्व प्रदान किया। सभी का उद्देश्य एक ही था कि हर हाल में विदेशी दासता से मुक्ति मिले, लेकिन सामूहिक रूप से किया गया प्रयास 1857 में देखने को मिला। इसके बाद लगातार संघर्ष को जीवंतता बनाए रखने के लिए क्रांतिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में संघर्षों को जन्म दिया। गोरखपुर में चौरीचौरा, लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन आदि संघर्ष अनवरत रूप से बढ़ता रहा।

*देश की सीमा/आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को किया नमन*
सीएम योगी ने कहा कि भारत मां के जिन वीर बलिदानियों, क्रांतिकारियों ने आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाया, उन्हें देश स्मरण कर रहा है। सीएम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आदि के प्रति श्रद्धा भी व्यक्त की। सीएम ने आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदों को चूमने वाले क्रांतिकारियों और स्वतंत्र भारत में देश की सीमा/आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।

*मुख्यमंत्री ने कीर्ति चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को भी किया याद*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने उप्र में कानून व्यवस्था स्थापित करने, अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के संकल्प को बढ़ाने के लिए बलिदान हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार को भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम ने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार पाने वाले उप्र के अन्य अधिकारियों व कार्मिकों को भी बधाई दी। सीएम ने उम्मीद जताई कि आत्मनिर्भर व विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों की कड़ी को अपने- अपने क्षेत्र में आगे बढ़ाएंगे तो स्वाधीनता अनंत काल तक भारत की यात्रा को और भी यशस्वी तरीके से आगे बढ़ाने में सफल होगी।

सीएम योगी ने सांस्कृतिक दलों के कलाकारों को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर विधान भवन के समक्ष सांस्कृतिक
कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सांस्कृतिक दलों के कलाकारों को सम्मानित किया
 
जम्मू एवं कश्मीर, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, बिहार, मध्य
प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, दिल्ली तथा भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय
सहित जनपद वाराणसी प्रयागराज, मथुरा, अयोध्या, महोबा, लखनऊ
तथा अयोध्या के सांस्कृतिक दलों के कलाकार सम्मानित किये गये
 
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने में
कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री
 
मुख्यमंत्री ने कलाकारों से संवाद किया, उनके अनुभव जाने
और अयोध्या दर्शन की इच्छा पर अधिकारियों को निर्देश दिए
 
कलाकार केवल गायन-वादन या नृत्य के प्रस्तोता नहीं,
बल्कि लोक परम्पराओं एवं लोक संस्कृति के वाहक
 

लखनऊ : 15 अगस्त, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान भवन के समक्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विभिन्न सांस्कृतिक दलों के कलाकारों को आज यहां अपने सरकारी आवास पर सम्मानित किया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ थीम के अन्तर्गत विधान भवन के समक्ष देश की विविध सांस्कृतिक परम्पराओं का भव्य संगम देखने को मिला। जम्मू एवं कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, बिहार एवं गुजरात के कलाकारों तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए कलाकारों ने अपनी विशिष्ट लोक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया।
मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न राज्यों एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए कलाकारों से संवाद किया। उन्होंने कलाकारों से उनके प्रदेश, टीम में सम्मिलित कलाकारों की संख्या, उत्तर प्रदेश में उनके अनुभव तथा यहां के विभिन्न स्थलों के भ्रमण की इच्छा के बारे में जानकारी प्राप्त की। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने उत्तर प्रदेश में उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं, प्रशिक्षण, खान-पान एवं आतिथ्य की सराहना की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कलाकारों की कला भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर से आई सुश्री श्रुति ठाकुर से संवाद करते हुए उनकी टीम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री जी ने सम्बन्धित अधिकारियों को कलाकारों की अयोध्या यात्रा की आवश्यक व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।

महाराष्ट्र से आए श्री ओंकार भास्कर रोकड़े ने उत्तर प्रदेश में मिली सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यही ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना है। भारत एक तब होगा, जब जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और अरुणाचल प्रदेश से लेकर गुजरात तक की सभी सांस्कृतिक धाराएं एक साथ जुड़ेंगी और यही एकता भारत को श्रेष्ठ बनाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कलाकार केवल गायन, वादन, नृत्य या नाटक प्रस्तुत करने वाले नहीं हैं, बल्कि वे लोक परम्परा और लोक संस्कृति के वाहक हैं। लोक परम्परा में अतीत सुरक्षित रहता है और भविष्य उसी अतीत से प्रेरणा प्राप्त करता है। इसलिए कलाकारों को अधिक से अधिक महत्व देते हुए प्रत्येक आयोजन से जोड़ना आवश्यक है। अयोध्या में दीपोत्सव एवं रामनवमी, मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, बरसाना में रंगोत्सव, बुन्देलखण्ड में आल्हा की परम्परा तथा प्रयागराज के माघ मेले जैसे आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की विविध सांस्कृतिक परम्पराओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। प्रत्येक जनपद में महोत्सव हों और स्थानीय कलाकारों को अपनी लोक परम्परा एवं लोक गाथाओं को प्रस्तुत करने का अवसर मिले, यही इन आयोजनों का उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री जी ने कलाकारों को प्रेरित किया कि जब भी वे किसी अन्य प्रदेश में जाएं, तो कार्यक्रम के साथ कुछ अतिरिक्त समय लेकर वहां के स्थानीय स्थलों, संस्कृति, परम्पराओं और खान-पान का अवलोकन करें। भारत की वास्तविक विविधता को समझने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों को देखना और वहां की संस्कृति को जानना आवश्यक है। महोबा के कलाकारों की वीर आल्हा प्रस्तुति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड की वीर रस की इस गौरवशाली परम्परा को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मथुरा के कलाकारों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि कलाकार लोक परम्पराओं को जीवन्त रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री अमृत अभिजात, निदेशक संस्कृति श्री संजय कुमार सिंह तथा निदेशक सूचना श्री विशाल सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

August 12, 2026

ग्रीन काॅरिडोरः बैकुण्ठ धाम ब्रिज पर नवम्बर 2026 से फर्राटा भरेंगे वाहन

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने परियोजना का निरीक्षण कर कार्य में तेजी लाने के दिये निर्देश

– *बैकुण्ठ धाम से क्रिकेट स्टेडियम तक बनेगा 2.3 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर, अगले माह से शुरू होगा कार्य*

ग्रीन काॅरिडोर परियोजना के अंतर्गत गोमती नदी पर निर्मित किये जा रहे बैकुण्ठ धाम ब्रिज पर जल्द ही वाहन फर्राटा भरेंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बुधवार को परियोजना का निरीक्षण करके नवम्बर, 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। इस ब्रिज के बनने से निशातगंज से डालीबाग व हजरतगंज के मध्य सफर काफी आसान हो जाएगा और बड़ी आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि बैकुण्ठ धाम के पास गोमती नदी पर लगभग 70 करोड़ रूपये की लागत से 330 मीटर लंबा 6-लेन ब्रिज निर्मित किया जा रहा है। इसके बनने से समतामूलक और 1090 चौराहे पर ट्रैफिक का लोड काफी कम हो जाएगा। निशातगंज से डालीबाग व हजरतगंज की ओर जाने वाले लोग ब्रिज के माध्यम से सीधे सफर तय कर सकेंगे। बुधवार को स्थल निरीक्षण करके कार्य की प्रगति की समीक्षा की गयी, जिसमें पाया गया कि लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। उपाध्यक्ष ने बताया कि सम्बंधित अधिकारियों को कार्य की गति बढ़ाकर नवम्बर, 2026 तक ब्रिज तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। काम पूरा होते ही आवागमन के लिए ब्रिज खोल दिया जाएगा।

*1090 चौराहे पर बनेगा 2.3 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर*
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ग्रीन काॅरिडोर परियोजना के अंतर्गत बैकुण्ठ धाम से रिवर फ्रंट, क्रिकेट स्टेडियम के मध्य लगभग 2.3 किलोमीटर लंबा 4-लेन फ्लाईओवर निर्मित किया जाना है। लगभग 293 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले इस फ्लाईओवर के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गयी है। सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्यदायी संस्था से अनुबंध करके अगले माह से फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाए।

*बैकुण्ठ धाम से कनेक्ट होगा फ्लाईओवर*
उपाध्यक्ष ने बताया कि फ्लाईओवर का निर्माण कार्य बैकुण्ठ धाम ब्रिज के एप्रोच प्वाइंट से ही शुरू कराया जाएगा। भविष्य में फ्लाईओवर बनने पर इसे बैकुण्ठ धाम ब्रिज से सीधा कनेक्ट कर दिया जाएगा, जिससे कि ग्रीन काॅरिडोर पर ट्रैफिक को बिना अवरोध गति प्रदान की जा सकेगी। निरीक्षण में एलडीए के मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, पीआईयू के प्रभारी ए0के0 सिंह सेंगर, अधिशासी अभियंता अजीत कुमार एवं मनोज सागर समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।

यूपी में रंग दे बसंती अभियान शुरू, छात्रों ने बनाए चित्र

लखनऊ, 12 अगस्त 26, स्वतंत्रता दिवस से पहले आज उत्तर प्रदेश में युवाओं की रचनात्मकता को अभिव्यक्ति देने के लिए ‘रंग दे बसंती’ अभियान शुरू किया गया। इसके अंतर्गत लखनऊ विश्वविद्यालय के पास भित्तिचित्र कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर के कलाकारों ने माफिया मुक्त और बदलते उत्तर प्रदेश की थीम पर सार्वजनिक भित्तिचित्र बनाए। इन चित्रों के माध्यम से वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और उसके बाद   हुए बदलावों को दर्शाया गया।

कलाकारों ने राज्य में कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और युवाओं के लिए अवसरों के संदर्भ में बदले हुए सकारात्मक वातावरण को चित्रित किया।

अभियान के अंतर्गत कल मुजफ्फरनगर में एक कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित एक मौलिक कॉमिक वितरित की जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों में युवाओं के साथ संवाद भी आयोजित किए जाएंगे। 14 अगस्त को ‘रंग दे बसंती’ अभियान का गीत ‘आज़ादी फ्रॉम फियर’ लॉन्च किया जाएगा।

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