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गोरखपुर पुलिस की ‘नई खेप’ को मिला सफलता का मंत्र

April 29, 2026

गोरखपुर पुलिस की ‘नई खेप’ को मिला सफलता का मंत्र

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
29/04/2026

​1239 आरक्षियों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित

​गोरखपुर। जनपद गोरखपुर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में शामिल हुए 1239 नए महिला एवं पुरुष आरक्षियों के लिए बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से नवागत पुलिसकर्मियों को न केवल उनके कर्तव्यों का बोध कराया गया, बल्कि उन्हें संवेदनशील और आधुनिक पुलिसिंग के गुर भी सिखाए गए।
​”वर्दी अधिकार नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक है”: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ
​कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ ने नए आरक्षियों में ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की वर्दी पहनना समाज की सेवा का संकल्प है।
​संवेदनशीलता: एसएसपी ने जोर देकर कहा कि हर पीड़ित पुलिस से उम्मीद लेकर आता है, इसलिए जनता के साथ व्यवहार में धैर्य और निष्पक्षता अनिवार्य है।
​अनुशासन और तकनीक: उन्होंने अनुशासन को विभाग की रीढ़ बताते हुए नए आरक्षियों को साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष होने की सलाह दी।
​विश्वास की पूंजी: डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, जनता का भरोसा ही पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
​नींव की ईंट की तरह मजबूत बनें आरक्षी: एसपी नॉर्थ
​पुलिस अधीक्षक (नॉर्थ) ज्ञानेंद्र ने एक मार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह एक-एक मजबूत ईंट से विशाल इमारत खड़ी होती है, उसी तरह हर एक आरक्षी पुलिस विभाग की नींव को मजबूती देता है। उन्होंने आरक्षियों को अपने ‘बीट’ क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक जानकारी रखने पर विशेष जोर दिया।
​व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा
​कार्यशाला में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए:
​एसपी सिटी निमिष पाटिल: उन्होंने मौके पर त्वरित निर्णय लेने और कानून के दायरे में रहकर धैर्य के साथ काम करने की महत्ता समझाई।
​एएसपी अरुण कुमार एस: उन्होंने शारीरिक फिटनेस और जनता के साथ बेहतर संवाद को सफल पुलिसिंग का आधार बताया।
​एएसपी दिनेश गोदारा: उन्होंने कानून की स्पष्ट जानकारी रखने पर बल दिया, ताकि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और निर्दोषों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
​कार्यशाला के मुख्य बिंदु
​इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान आरक्षियों को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई:
​अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग: स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना।
​आपातकालीन प्रतिक्रिया: संकट के समय त्वरित और प्रभावी कार्यवाही।
​डिजिटल पुलिसिंग: साइबर अपराध और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग।
​मानवीय व्यवहार: जनता के प्रति संवेदनशीलता और बेहतर छवि निर्माण।
​निष्कर्ष:
यह कार्यशाला केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर नए आरक्षियों को समाज सेवा के प्रति समर्पित करने का एक सशक्त माध्यम बनी। कार्यक्रम के समापन पर सभी नवागत आरक्षियों ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ गोरखपुर पुलिस के गौरव को बढ़ाने का संकल्प लिया।