Santosh Kumar Singh Gorakhpur
29/04/2029
गोरखपुर : गोरखपुर में खाकी का खौफ! महज 24 घंटे के अंदर पुलिस ने उस दुस्साहस का जवाब दे दिया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया था। देवांश स्वर्णकला केंद्र में लूट करने वाले शातिर लुटेरे अब अस्पताल के बेड पर हैं और उनके पैरों में पुलिस की गोली का निशान है।
मामला गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र का है। सोमवार की दोपहर, जब देवांश स्वर्णकला केंद्र के मालिक राकेश वर्मा अपनी बड़ी बेटी की सगाई का कार्ड बांटने बाहर गए थे, तब उनकी छोटी बेटी अमृता वर्मा दुकान संभाल रही थी।
दोपहर के करीब 2:20 बज रहे थे। दो युवक ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल होते हैं। गहने देखने के बहाने उन्होंने अमृता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की और पलक झपकते ही करीब 20 ग्राम सोने के झाले लेकर भागने लगे।
लेकिन लुटेरों को अमृता के साहस का अंदाजा नहीं था। #बहादुरबेटी न सिर्फ चिल्लाई, बल्कि जान की बाजी लगाकर लुटेरों के पीछे भाग निकली। सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि कैसे अमृता ने एक लुटेरे को पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। हालांकि, लुटेरा धक्का देकर फरार होने में कामयाब रहा, लेकिन उसने पुलिस के लिए सुराग छोड़ दिया था।
गोरखपुर पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार किया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और सर्विलांस की मदद से घेराबंदी शुरू हुई। बुधवार की सुबह, पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हुआ। खुद को घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में सहारनपुर के देवबंद निवासी मेहदी और रहमान के पैर में गोली लगी है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया सारा सामान बरामद कर लिया है। घायल अवस्था में दोनों लुटेरों को अस्पताल भेजा गया है। गोरखपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को साफ संदेश दे दिया है— जुर्म करोगे, तो अंजाम यही होगा।
साहसी अमृता की इस बहादुरी और पुलिस के सटीक निशाने ने आज पूरे गोरखपुर में चर्चा बटोर ली है।

