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शाहजहाँपुर में “राष्ट्रवादी पत्रकारिता में संघ का योगदान” विषय पर विचार गोष्ठी और “संघ शताब्दी विशेषांक” का विमोचन 01 नवंबर को

October 28, 2026

शाहजहाँपुर में “राष्ट्रवादी पत्रकारिता में संघ का योगदान” विषय पर विचार गोष्ठी और “संघ शताब्दी विशेषांक” का विमोचन 01 नवंबर को

उ प्र समाचार सेवा
शाहजहाँपुर। हिन्दी न्यूज़ एजेंसी “उ.प्र. समाचार सेवा” के तत्वावधान में आगामी 01 नवम्बर, 2026 (रविवार) को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। शाहजहाँपुर के टाउन हाल रोड स्थित हॉकी फील्ड के निकट “प्रेस क्लब भवन” में दोपहर 03:00 बजे से इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत होगी।इस गरिमामयी समारोह के दौरान “राष्ट्रवादी पत्रकारिता में संघ का योगदान” विषय पर एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, “संघ शताब्दी विशेषांक” पत्रिका का आधिकारिक विमोचन भी किया जाएगा।

वरिष्ठ राजनेता और प्रबुद्ध जन होंगे शामिल

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मा० डॉ. जय पाल सिंह व्यस्त उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत सरकार के इफको लि. के डिप्टी चेयरमैन मा० बलवीर सिंह द्वारा की जाएगी। वहीं, मुख्य वक्ता के रूप में उ.प्र. समाचार सेवा के संपादक और कृषि पत्रिका “ग्राम भारती” के संपादक मा० सर्वेश कुमार सिंह अपने विचार साझा करेंगे।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शाहजहाँपुर के पूर्व जिला बौद्धिक प्रमुख और जैन इंटर कॉलेज खुदागंज के निवर्तमान प्रधानाचार्य शिवशंकर जी त्रिपाठी तथा उ.प्र. अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य अंशुमान सिंह मैसी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के निवेदक संजीव कुमार गुप्त (ब्यूरो प्रमुख-शाहजहाँपुर, उ.प्र. समाचार सेवा एवं ग्राम भारती) और डा. आनन्द प्रकाश मिश्र (एम.बी.बी.एस., लेखक/निर्देशक एवं नाट्य कलाकार) ने सभी प्रबुद्ध जनों, पत्रकारों और नागरिकों से इस वैचारिक गोष्ठी और विमोचन कार्यक्रम में सादर आमंत्रित होने की अपील की है।

October 27, 2026

शाहजहांपुर मे संघ शताब्दी विशेषांक का विमोचन एक को

News posted 27.10.2026

शाहजहांपुर, 27 अक्टूबर 2026, उत्तर प्रदेश समाचार सेवा के संघ शताब्दी विशेषांक का विमोचन एवं संगोष्ठी एक नवम्बर को होंगी।

ब्यूरो प्रमुख संजीव कुमार गुप्ता ने बताया की कार्यक्रम अपराह्न 3 बजे से प्रेस क्लब सभागार मे होगा। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी का विषय राष्ट्रवादी पत्रकारिता मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का योगदान है। कार्यक्रम मे विधान परिषद सदस्य डा जय पाल सिंह व्यस्त मुख्य अतिथि, इफको के उपाध्यक्ष बलवीर सिंह अध्यक्षता करेंगे। उप्र अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य अंशुमान सिंह मैसी और संघ के पूर्व जिला बौद्धिक प्रमुख शिवशंकर त्रिपाठी विशिष्ठ अतिथि होंगे। मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश समाचार सेवा के संपादक सर्वेश कुमार सिंह होंगे। कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ चिकित्सक और लेखक डा आनंद प्रकाश मिश्रा होने।

October 21, 2026

होली एंजल स्कूल, चिनौर में गूँजा रेड क्रॉस का मानवता संदेश


प्रधानाचार्य सिस्टर फातिमा ने साझा किए छात्र जीवन में रेड क्रॉस से जुड़कर सेवा करने के अनुभव :-

शाहजहाँपुर। ( संजीव गुप्त ) आज के विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनमें मानवता, संवेदना तथा सेवा के संस्कार विकसित करना बेहतर समाज की नींव है। इसी उद्देश्य से महामहिम राज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश रेड क्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मंशा के अनुरूप होली एंजल स्कूल, चिनौर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, शाखा शाहजहाँपुर की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यालय की प्रबंधिका सिस्टर फातिमा ने बताया कि वह अपने छात्र जीवन के दौरान तमिलनाडु में रेड क्रॉस से जुड़ी थीं और इसके सेवा कार्यों में भाग लिया था। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को मानवता, सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ. विजय जौहरी ने बच्चों को सरल भाषा में बताया कि रेड क्रॉस का जन्म मानवता की सेवा के लिए हुआ है। इसके संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट के मानवीय विचारों से प्रेरित यह आंदोलन वर्ष 1863 में जिनेवा में शुरू हुआ। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति का मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है। हेनरी ड्यूनेंट को वर्ष 1901 में पहला नोबेल शांति पुरस्कार मिला, जबकि अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति को 1917, 1944 और 1963 में यह सम्मान मिला। इस प्रकार संस्थापक और संस्था से जुड़े कुल चार नोबेल शांति पुरस्कारों का गौरवशाली इतिहास बच्चों के सामने रखा गया।
उन्होंने बताया कि भारत में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना वर्ष 1920 में संसद के अधिनियम के अंतर्गत हुई। राष्ट्रीय स्तर पर भारत की राष्ट्रपति संस्था की अध्यक्ष हैं और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राष्ट्रीय सभापति हैं। उत्तर प्रदेश में राज्यपाल राज्य शाखा की अध्यक्ष हैं, व मानणिया बृजेश पाठक उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सर्कार प्रदेश सभापति हैं जनपद स्तर पर जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में नेतृत्व में रेड क्रॉस की गतिविधियाँ संचालित होती हैं। जीतेन्द्र कुमार द्वारा कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के मैजिक शो के माध्यम से बच्चों का मनोरंजन करते हुए रेड क्रॉस का संदेश पहुँचाया गया। डॉ. जौहरी ने प्राथमिक उपचार, हाथ धोने की सही विधि, स्वच्छता और आपात स्थिति में शुरुआती सहायता की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि किसी साथी को चोट लगने या किसी जरूरतमंद को सहायता की आवश्यकता होने पर संवेदनशीलता दिखाएँ और सुरक्षित तरीके से शिक्षक अथवा जिम्मेदार व्यक्ति की मदद लें। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस रक्तदान, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य जागरूकता, प्राथमिक उपचार तथा युद्ध और संकट के समय पीड़ितों की सहायता जैसे महत्वपूर्ण कार्य करता है। इसका उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के पीड़ितों, जरूरतमंदों और संकट में फँसे लोगों तक सहायता पहुँचाना है।
डॉ. जौहरी ने कहा कि विद्यालयों में रेड क्रॉस का प्रचार-प्रसार बच्चों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आज के विद्यार्थी ही कल देश की सेवा करेंगे। उनमें मानव सेवा की भावना विकसित करना समाज के उज्ज्वल भविष्य में निवेश करने के समान है।
रेड क्रॉस का संदेश — “जहाँ रेड क्रॉस, वहाँ मानव सेवा।”
इस अवसर पर प्रिंसिपल सिस्टर फातिमा वाईस प्रिंसिपल सिस्टर प्रेमा टीचर विनीत आनंद, विनय श्रीवास्तव , जीतेन्द्र कुमार और अनेक शिक्षक – शिक्षिकाओं ने सहभागिता की l

सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने पुवायां में एम-पैक्स गोदाम का किया लोकार्पण

* किसानों को मिलीं कई आधुनिक सुविधाएं*

शाहजहांपुर।( संजीव गुप्त )
प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री जे.पी.एस. राठौर ने आज जनपद के विकासखंड पुवायां (गंगसरा) स्थित एम-पैक्स दिउरिया गुटैया में 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले समिति गोदाम के मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने नवगठित एम-पैक्स नत्थापुर के कार्य-व्यवसाय का भी विधिवत शुभारंभ कर क्षेत्र के किसानों को एक बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में आ रहे डिजिटल और बुनियादी बदलावों की जानकारी देते हुए किसानों को सरकार की योजनाओं के प्रति आश्वस्त किया।
लोकार्पण के अवसर पर मंत्री जी ने समिति भवन और किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए किसान शेड का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विशेष रूप से किसानों के बैठने के लिए बनाए गए शेड की काफी सराहना की। उन्होंने कहा कि किसानों की सहूलियत और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और विभागीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्री राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से अब किसानों को बिल्कुल समय से खाद उपलब्ध हो रही है। किसानों को उर्वरक के लिए भटकना न पड़े और उन्हें सतत रूप से खाद मिलती रहे, इसके लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए हर समिति को 15 लाख रुपये की ब्याज मुक्त क्रेडिट गारंटी उपलब्ध कराई है। इससे समितियों के पास खाद का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने में मदद मिल रही है।
सहकारिता समितियों को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए मंत्री जी ने बताया कि अब किसान समितियों पर आसानी से क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा, समितियों के कंप्यूटराइजेशन का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। इससे न केवल कार्यप्रणाली में तेजी आएगी, बल्कि पूरी व्यवस्था में 100 प्रतिशत पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
समितियों को ऊर्जा के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की एक और महत्वपूर्ण पहल की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि हर समिति पर सरकार की ओर से 2 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट भी लगाया जा रहा है, जिससे बिजली की समस्या दूर होगी और कामकाज सुचारू रूप से चलता रहेगा। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

September 29, 2026

पॉक्सो अधिनियम, 2012 पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

विधि के विद्यार्थियों ने जीवंत नुक्कड़ नाटक का किया प्रदर्शन
शाहजहाँपुर, 29 सितम्बर ( संजीव गुप्त ) स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संकाय स्थित विधिक सहायता केंद्र द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शाहजहाँपुर के तत्वाधान में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के बारे विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय जनपद एवं सत्र न्यायाधीश श्री धर्मेंद्र कुमार पांडेय, विशिष्ट अतिथि अपर जनपद न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार शर्मा तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शाहजहांपुर श्रीमती अपेक्षा सिंह उपस्थित रहीं। आयोजित शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा न्याय तक पहुँच के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। विद्यार्थियों द्वारा अतिथियों का चन्दन तिलक, बैज एवं पुष्पकलिका भेंट कर स्वागत किया गया। इसके उपरांत डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय प्रस्तुत किया तथा अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि माननीय जनपद न्यायाधीश श्री धर्मेंद्र कुमार पांडेय जी ने अपने संबोधन में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के उद्देश्य एवं बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पॉक्सो अधिनियम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को लैंगिक हमला, लैंगिक उत्पीड़न तथा अश्लील सामग्री से संबंधित अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना तथा ऐसे मामलों में बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए विधिक संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए केवल कानून का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके प्रावधानों की जानकारी और उनका प्रभावी अनुपालन भी आवश्यक है। उन्होंने प्रियदर्शिनी मट्टू प्रकरण तथा निर्भया प्रकरण का उल्लेख करते हुए अपराधों की गंभीरता और प्रभावी अन्वेषण एवं न्यायिक प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि थाने में शिकायत दर्ज नहीं की जाती है, तो पीड़ित न्यायालय की सहायता ले सकता है। पॉक्सो मामलों में बच्चे को भयमुक्त वातावरण प्रदान करने, संवेदनशील तरीके से बयान दर्ज करने तथा आवश्यक परामर्श की व्यवस्था पर भी उन्होंने जोर दिया। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) अनुराग अग्रवाल ने कहा कि जागरूकता तभी सार्थक होती है, जब उसके साथ सकारात्मक अभिवृत्ति और तत्परता भी हो। उन्होंने विद्यार्थियों से विधिक ज्ञान प्राप्त कर स्वयं जागरूक बनने तथा समाज में भी जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों के साथ संवेदनशील एवं विश्वासपूर्ण व्यवहार रखने का आह्वान किया, ताकि बच्चे बिना भय के अपनी समस्या साझा कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों को समझें और अपने आस-पास के बच्चों तथा समाज को भी उनके अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार शर्मा ने पॉक्सो अधिनियम, 2012 के अंतर्गत होने वाले अपराधों और बच्चों की सुरक्षा के संबंध में वर्तमान आपराधिक कानून तथा पॉक्सो अधिनियम के बीच संबंध और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए विशेष कानूनी संरक्षण की आवश्यकता समझाई।उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 15(3) के तहत बच्चों एवं महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं। बाल संरक्षण और लैंगिक अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से पॉक्सो अधिनियम बनाया गया, जिसमें बच्चों के अनुकूल न्यायिक प्रक्रिया, शिकायत, साक्ष्य एवं पीड़ित के संरक्षण की विशेष व्यवस्था है।
विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अपेक्षा सिंह ने पॉक्सो अधिनियम, 2012 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराध, यौन उत्पीड़न एवं बाल अश्लीलता से संरक्षण प्रदान करता है। उन्होंने बच्चों को गुड व बैड टच, अनुचित व्यवहार की रिपोर्टिंग तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पॉक्सो अधिनियम बालक एवं बालिका दोनों पर समान रूप से लागू होने वाला लैंगिक रूप से तटस्थ कानून है। पीड़ित बच्चे की सुरक्षा एवं गरिमा को ध्यान में रखते हुए न्यायालय में उसकी गवाही के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने अभिभावकों और समाज से बच्चों के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार व्यवहार अपनाने तथा पॉक्सो अधिनियम के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विधि अध्ययन संकाय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “काश! किसी ने सुना होता” शीर्षक नुक्कड़ नाटक रहा। नाटक के माध्यम से विधिक अधिकारों एवं जागरूकता के विभिन्न पहलुओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया । नाटक को प्रदीप कुमार सिंह द्वारा तैयार किया गया। अंत में विधि अध्ययन संकाय के प्रभारी डॉ. जयशंकर ओझा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधि समाज के आंतरिक एवं नैतिक मूल्यों को नियंत्रित और संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। आज नैतिक मूल्यों को जीवन में वास्तविक रूप से अपनाना तथा बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सभी को जागरूक होना आवश्यक है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. अनिल कुमार (संयोजक), श्री प्रदीप कुमार सिंह (सह-संयोजक), डॉ. दीप्ति गंगवार, श्री अशोक कुमार, डॉ. प्रेम सागर, श्री मृदुल शुक्ला, अजीत कुमार, सचिन कुमार, श्री विजय सिंह, डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. अमित कुमार यादव, डॉ ज्योत्सना गुप्ता, रूपल मिश्रा एवं समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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