Web News

www.upwebnews.com

बायोजेंटा बनाएगी एंटी-कैंसर दवाएं, 1250 करोड़ के निवेश से बाराबंकी में बड़े फार्मा प्रोजेक्ट का भूमि पूजन

August 20, 2026

बायोजेंटा बनाएगी एंटी-कैंसर दवाएं, 1250 करोड़ के निवेश से बाराबंकी में बड़े फार्मा प्रोजेक्ट का भूमि पूजन

*13 एकड़ में बनेगी फॉर्मा फैक्ट्री, 2,000 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार*

*एंटी-कैंसर दवाओं के साथ ह्युमन हार्मोन्स और अन्य महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं का निर्माण किया जाएगा*

*नकली दवाओं के क्रय पर शिकंजे के साथ यूपी को फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में जुटा एफएसडीए*

*लेटर ऑफ कंफर्ट पाने वाली 17 कंपनियों में फैक्ट्री शुरू करने वाली पहली इकाई बनेगी बायोजेंटा*

*एलओसी प्राप्त करने वाली अन्य कंपनियां के भी जल्द भूमि पूजन और निर्माण के चरण तक पहुंचने की संभावना*

*गाज़ियाबाद, गौतमबुध नगर समेत अन्य जिलों में भी निर्माण कार्य शुरू*

*बाराबंकी, 20 अगस्त।* उत्तर प्रदेश में नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ कार्रवाई के साथ उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग अब प्रदेश को फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रहा है। इसी कड़ी में बाराबंकी के मेडिकल पार्क में बायोजेंटा ग्लोबल की 1,250 करोड़ रुपये की फार्मास्युटिकल परियोजना का भूमि पूजन एवं शिलान्यास हुआ। करीब 13 एकड़ भूमि में स्थापित होने वाली इस फैक्ट्री में एंटी-कैंसर दवाओं के साथ ह्युमन हार्मोन्स और अन्य महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं का निर्माण किया जाएगा। कंपनी की परियोजना से प्रदेश में फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग को नई गति मिलने के साथ 2,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

*गुणवत्तापूर्ण दवा निर्माण को बढ़ावा देना है उद्देश्य*
भूमि पूजन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की कमिश्नर रोशन जैकब ने कहा कि विभाग को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। एफएसडीए अब अपनी नियामक एवं प्रवर्तन की जिम्मेदारियों के साथ उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस पॉलिसी-2023 के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग का उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण दवा निर्माण को बढ़ावा देना और निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना है।

*नकली दवाओं पर कार्रवाई से मैन्युफैक्चरिंग हब तक*
एफएसडीए की भूमिका को अब केवल नकली और अवैध दवाओं पर कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। एक ओर विभाग दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अवैध कारोबार पर शिकंजा कस रहा है, वहीं दूसरी ओर नए फार्मास्युटिकल निवेश को जमीन पर उतारने के लिए फैसिलिटेटर की भूमिका निभा रहा है। बायोजेंटा की परियोजना इसी बदलाव की महत्वपूर्ण मिसाल है। डॉ रोशन जैकब ने बताया कि हाल में लखनऊ में आयोजित नेशनल फार्मा कॉन्क्लेव में देश की फार्मा इंडस्ट्री के बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट्स ने भाग लिया था। कॉन्क्लेव के दौरान 17 यूनिट्स को लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) सौंपे गए। इनमें बायोजेंटा भी शामिल थी। ये यूनिट्स उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से हैं और प्रदेश में फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में निवेश करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि बायोजेंटा नई यूनिट्स में साइट पर काम शुरू करने वाली पहली इकाई है। उम्मीद है कि एलओसी प्राप्त करने वाली अन्य कंपनियां भी जल्द भूमि पूजन और निर्माण के चरण तक पहुंचेंगी। उन्होंने बताया कि इनमें से सात यूनिट्स उत्पादन शुरू कर चुकी हैं और अब उनकी सब्सिडी की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

*13 एकड़ में बनेगी फैक्ट्री, कैंसर की दवाओं का होगा निर्माण*
बायोजेंटा ग्लोबल के एमडी दीपनारायण शर्मा ने बताया कि कंपनी की वैश्विक स्तर पर 35 देशों में मौजूदगी है और वह हिमाचल प्रदेश में भी काम कर रही है। अब कंपनी ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में अपनी नई फैक्ट्री स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से फैक्ट्री की स्थापना के लिए बाराबंकी मेडिकल पार्क में 13 एकड़ भूमि आवंटित किए जाने और परियोजना को आगे बढ़ाने की गति से वह प्रभावित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लिए जा रहे फैसलों की सराहना की। वाराणसी से ताल्लुक रखने वाले दीपनारायण शर्मा ने कहा कि उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में काम किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश लौटकर यहां नई फैक्ट्री स्थापित करना उनके लिए भावनात्मक और महत्वपूर्ण अनुभव है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित फैक्ट्री में कैंसर संबंधी दवाइयों, हार्मोन्स और अन्य महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य अपनी फैसिलिटी में गुणवत्तापूर्ण दवाओं का निर्माण करना है, ताकि लोगों को सुरक्षित और बेहतर जीवन के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के 2,000 से अधिक युवाओं को रोजगार देने और राज्य के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने में योगदान देने का लक्ष्य रखा गया है।

*400 से अधिक फार्मा कॉलेज और एक लाख से ज्यादा रिटेल स्टोर यूपी की ताकत*
डॉ रोशन जैकब ने कहा कि फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के पास कई महत्वपूर्ण फायदे हैं। प्रदेश में कई एक्सप्रेसवे, 400 से अधिक फार्मा कॉलेज और एक लाख से अधिक रिटेल फार्मा स्टोर मौजूद हैं। ये सुविधाएं फार्मा उद्योग के लिए मजबूत बाजार, कनेक्टिविटी और कुशल मानव संसाधन का आधार तैयार करती हैं। प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि बैंक भी उपलब्ध है। इससे फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग की पूरी चेन को विकसित करने की संभावनाएं बढ़ती हैं। एपीआई से लेकर फॉर्मूलेशन और एंड-टू-एंड मैन्युफैक्चरिंग तक की गतिविधियों को एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम के भीतर विकसित किया जा सकता है।

*एनसीआर से निकटता, एक्सप्रेसवे और बड़ा बाजार भी बने ताकत*
उत्तर प्रदेश की भौगोलिक स्थिति भी फार्मा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। एनसीआर के निकटता के कारण प्रदेश को विशाल बाजार मिलता है। इसके अलावा राज्य में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मोबिलिटी कॉरिडोर का व्यापक नेटवर्क विकसित हुआ है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के बीच स्थित होने के कारण परिवहन और लॉजिस्टिक्स की सुविधाएं भी बेहतर हैं। प्रदेश में भारत सरकार और अन्य प्रमुख वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थानों की मौजूदगी से रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आएएंडडी) के लिए भी मजबूत आधार उपलब्ध है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षित और कुशल मानव संसाधन फार्मास्युटिकल उद्योग के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण ताकत है।

*फार्मा कॉन्क्लेव के बाद तेजी से धरातल पर उतर रहा निवेश*
प्रदेश में फार्मास्युटिकल निवेश को गति देने में हाल में आयोजित फार्मा कॉन्क्लेव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कॉन्क्लेव में सन फार्मा, सिप्ला, डॉ. रेड्डीज, जायडस कैडिला, मैनकाइंड फार्मा, टॉरेंट फार्मा और डाबर सहित फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। कई प्रमुख उद्योगपतियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ वन-टू-वन बैठकें कर प्रदेश में निवेश, नीतिगत सहयोग और उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं पर चर्चा की थी।
इसके बाद 17 कंपनियों को एलओसी जारी किए गए। अब बायोजेंटा का भूमि पूजन इस प्रक्रिया को निवेश से निर्माण और निर्माण से उत्पादन की दिशा में बढ़ता हुआ कदम दिखाता है। सात यूनिट्स के उत्पादन शुरू करने और बायोजेंटा द्वारा साइट पर काम शुरू करने से प्रदेश की फार्मा नीति के क्रियान्वयन के परिणाम भी सामने आने लगे हैं।

*योगी सरकार का लक्ष्य यूपी को फार्मा हब बनाना*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने के लिए निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत प्रोत्साहन को एक साथ आगे बढ़ा रही है। सरकार का जोर केवल निवेश प्रस्तावों तक सीमित न रहकर उन्हें धरातल पर उतारने पर है।बाराबंकी में बायोजेंटा का ₹1,250 करोड़ का प्रोजेक्ट इसी नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एक तरफ एफएसडीए नकली, अवैध और घटिया दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, तो दूसरी तरफ गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक दवाओं के निर्माण के लिए नई औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित कर रहा है। ऐसे में रेगुलेशन के साथ मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को बढ़ावा देने का यह दोहरा मॉडल उत्तर प्रदेश को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

इस अवसर पर एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, यूपीसीडा के सीईओ बलकार सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार जीएन सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।

August 19, 2026

विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर बाराबंकी फोटोग्राफर एसोसिएशन ने संरक्षको को किया सम्मानित

कार्यालय परिसर किया गया वृक्षारोपण
बाराबंकी। बुधवार को विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर बाराबंकी फोटोग्राफर एसोसिएशन के तत्वाधान में शहावपुर में स्थित कार्यालय पर वृक्षारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन संरक्षक दिलीप कुमार श्रीवास्तव तथा गिरीश अरोड़ा की अध्यक्षता में किया गया।
गोष्टी से पूर्व एसोसिएशन के संरक्षको द्वारा जिला अध्यक्ष अखिल जायसवाल, महामंत्री चमन भारती, कोषाध्यक्ष विमलेश बाजपेई, संजय मिश्रा, हेमू मिश्रा, राजन सोनी, अश्वनी वर्मा, उमेश कुमार, दिलीप यादव, रिंकू सोनी, अनिल मौर्या,राकेश कुमार के साथ संयुक्त रूप से कार्यालय परिसर में नीम, जामुन तथा आवंला के पौधों का वृक्षारोपण करके उनकी देखभाल की जिम्मेदारी ली। वृक्षारोपण के उपरांत एसोसिएशन के पदाधिकारियो द्वारा संरक्षक दिलीप कुमार श्रीवास्तव तथा गिरीश अरोड़ा का माल्यार्पण कर अंग वस्त्र भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे संरक्षक दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में विश्व फोटोग्राफी दिवस की सभी फोटोग्राफरों को बधाई देते हुए कहा कि भारत में फोटोग्राफी की शुरुआत 1840 के दशक में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। वर्ष 1839 में यूरोप में डैगरेओटाइप तकनीक के आने के तुरंत बाद कैमरे और इससे जुड़े उपकरण भारत पहुंचने लगे थे। शुरुआत में अंग्रेजों और सैन्य अधिकारियों ने यहाँ के स्मारकों, भूदृश्यों और लोगों की तस्वीरें लीं। उन्होंने संगठन की एकता के लिए हर माह बैठक करने का सुझाव दिया जिससे फोटोग्राफरों में भाईचारा एवं एकजुटता बनी रहेगी।
वही संरक्षक गिरीश अरोड़ा ने
विश्व फोटोग्राफी दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर साल 19 अगस्त को मनाया जाता है। शुरुआती फोटोग्राफी तकनीक के आविष्कार और प्रचार की याद में मनाया जाता है, जिसे 19 अगस्त 1839 को फ्रांस सरकार ने दुनिया के लिए एक उपहार घोषित किया था।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिल जायसवाल तथा चमन भारतीय ने संयुक्त रूप से उपस्थित फोटोग्राफरों को फोटोग्राफी संबंधी चार मूल बातें बताई जिसमे कंपोजिशन , लाइटिंग सब्जेक्ट और एक्सपोज़र की तकनीकी जानकारी दी।

July 20, 2026

मुख्यमंत्री ने भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर में किया दर्शन-पूजन

  • मुख्यमंत्री ने जनपद बाराबंकी में रामनगर एवं दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों की 542 करोड़
    रु0 से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
  • स्वाधीनता आन्दोलन का अलख जगाने में जनपद बाराबंकी ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया, यह पावन धरा हमें सदैव राष्ट्रभक्ति तथा भारत माता के प्रति समर्पण के भाव हेतु प्रेरित करती रहेगी
लखनऊ : 20 जुलाई, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ मंत्र को धरातल पर उतारा जा रहा है। उत्तर प्रदेश बॉटम थ्री से टॉप थ्री अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार बिना भेदभाव गरीबों, दलितों, वंचितों, किसानों, महिलाओं सहित प्रत्येक तबके के कल्याण हेतु कार्य कर रही है। आज उत्तर प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का एक नया केन्द्र बनकर उभरा है। यहां ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। बेटी और व्यापारी सुरक्षित हैं। बड़े-बड़े निवेश आ रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को प्रदेश में ही काम मिल रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद बाराबंकी में रामनगर एवं दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों की 542 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ट्राईसाइकिल, चाभी, प्रतीकात्मक चेक, स्वीकृति पत्र तथा प्रमाण पत्र आदि प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन, पौधरोपण, महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन किया। मुख्यमंत्री जी ने भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर में दर्शन-पूजन तथा वहां चले रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद बाराबंकी की पावन धरा हजारों वर्षों की विरासत अपने में समेटे हुए है। विरासत के इन प्रतीकों में भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर, भगवान कुन्तेश्वर महादेव मन्दिर, अक्षयवट के रूप में महाभारतकालीन पारिजात वृक्ष आदि सम्मिलित हैं। इस धरा को मां सरयू तथा मां गोमती अभिसिंचित करती हैं। यह धरती प्रतिभाशाली विभूतियों को प्रदान करने वाली है। सन्त कवि श्री बैजनाथ, श्री चतुर्भुज दास, श्री जगजीवन दास, श्री रविदत्त मिश्र, श्री शंकर दयाल अवस्थी, पं0 महेश दत्त शुक्ल तथा श्री गुरुप्रसाद सिंह सहित जैसे अनेक विद्वानों ने यहां के साहित्यिक आकाश में अपने प्रतिभारूपी प्रकाश का प्रसार किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वाधीनता आन्दोलन का अलख जगाने में इस जनपद ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया था। देश के स्वाधीनता आन्दोलन के दौरान अपने रणबांकुरों के साथ बलिदान देने वाले राजा बलभद्र सिंह चहलारी की यह पावन धरा हमें सदैव राष्ट्रभक्ति तथा भारत माता के प्रति समर्पण के भाव हेतु प्रेरित करती रहेगी। यहां के युवा अत्यन्त प्रतिभाशाली रहे हैं। प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी श्री के0डी0 सिंह ‘बाबू’ के नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने ओलम्पिक में पदक प्राप्त किया था। फ्लाइट लेफ्टिनेन्ट शंकर दयाल वाजपेयी ने देश की रक्षा के लिए स्वयं की आहुति दे दी थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज यहां भगवान लोधेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जनपदवासी अत्यन्त सौभाग्यशाली है, क्योंकि उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। यहां अनेक पड़ोसी जनपदों के श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं। पहले की सरकारों ने इस मन्दिर के पुनरुद्धार पर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रदेश सरकार ने भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर कॉरिडोर निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की है। यहां काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अभिभूत होकर जाएगा। मां विन्ध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर का निर्माण हो चुका है। काशी, नव्य व दिव्य काशी के रूप में चमक रही है। गोला गोकर्णनाथ में भी भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाराबंकी में बाढ़ बचाव के पुख्ता उपाय किए जा रहे हैं। आदि गंगा के रूप में मां गोमती के सुंदरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में बनने जा रहे स्टेट कैपिटल रीजन का लाभ बाराबंकी को भी प्राप्त होगा। लखनऊ तथा अयोध्या के बीच में स्थित बाराबंकी अपनी नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। आज यहां 542 करोड़ रुपये से अधिक की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जा रहा है। यहां 100 करोड़ रुपये की लागत से भगवान लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर का कार्य पहले से चल रहा है। जिला प्रशासन से भगवान लोधेश्वर महादेव मन्दिर के सामने स्थित सड़क को टू-लेन से फोर-लेन में परिवर्तित करने को कहा गया है। मन्दिर के गेट को और अधिक भव्य बनाने की आवश्यकता है। विकास के लिए धनराशि की कमी नहीं है। प्रदेश सरकार का प्रत्येक कार्य जनता को समर्पित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी विरासत सनातन धर्म की पहचान है। इस विरासत के संरक्षण हेतु अलग-अलग समय में महाराजा लाखन पासी, महाराजा बिजली पासी, महाराज सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज तथा गुरु गोबिन्द सिंह जैसे महापुरुषों ने अपना योगदान दिया था। प्रदेश सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का भव्य कॉरिडोर व स्मारक उस स्थान पर बनाया है, जहां उन्होंने एक विदेशी आक्रान्ता सालार मसूद को मारा था। प्रदेश सरकार ने वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई कोरी तथा वीरांगना अवन्तीबाई लोधी के नाम पर महिला पी0ए0सी0 बटालियनों गठन किया है। जनपद बांदा में महारानी दुर्गावती के नाम पर मेडिकल कॉलेज तथा औरैया में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर गवर्नमेन्ट मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया है।
कार्यक्रम के दौरान जनपद बाराबंकी के विकास से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
इस अवसर पर कारागार राज्य मंत्री श्री सुरेश राही, विधान परिषद सदस्य श्री अंगद कुमार सिंह, इंजी0 अवनीश कुमार सिंह, श्री उमेश द्विवेदी, विधायक श्री साकेन्द्र प्रताप वर्मा, श्री दिनेश रावत, श्री रामचन्द्र यादव तथा उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उपज की प्रदेश कार्यकारिणी में बाराबंकी के दिलीप श्रीवास्तव शामिल

Dileep Shrivastava Journalist

स्थापना दिवस पर चार वरिष्ठ पत्रकारों को मिली नई जिम्मेदारी, जिले के पत्रकारों में खुशी की लहर

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स(उपज) के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए चार वरिष्ठ पत्रकारों एवं संगठन के सक्रिय सदस्यों को प्रदेश कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। नवमनोनीत सदस्यों में श्री रामसेवक अडजरिया (झांसी), श्री अनिल शर्मा (उरई, जालौन), श्रीमती सुनीता उपाध्याय (गाजियाबाद) तथा श्री दिलीप श्रीवास्तव (बाराबंकी) शामिल हैं।

बाराबंकी के वरिष्ठ पत्रकार एवं उपज के जिला संयोजक दिलीप श्रीवास्तव को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनाए जाने पर जनपद के पत्रकारों में हर्ष का वातावरण है। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे बाराबंकी इकाई के लिए सम्मानजनक उपलब्धि बताते हुए प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।

उपज के जिलाध्यक्ष नितिन श्रीवास्तव ने कहा कि दिलीप श्रीवास्तव लंबे समय से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय एवं समर्पित भूमिका निभाते रहे हैं। उनका अनुभव और संगठन के प्रति निष्ठा प्रदेश स्तर पर भी संगठन को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने नवदायित्व के सफल निर्वहन के लिए शुभकामनाएं दीं।

जिला महामंत्री रत्नेश कुमार ने भी दिलीप श्रीवास्तव को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान है, बल्कि बाराबंकी के पत्रकार समाज के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने से संगठन और अधिक सशक्त होगा।

इस अवसर पर उपज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एक-दूसरे को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा नवमनोनीत प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों के उज्ज्वल एवं सफल कार्यकाल की कामना की।

July 1, 2026

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रम को कार्यकर्ता सफल बनाएं: धर्मपाल सिंह

Posted on 01.07.2026, Time 09.44 PM, Barabanki News, Bharatiya Janata Party Uttar Pradesh
लखनऊ 01 जुलाई 2026, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने बुधवार को बाराबंकी में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवास बैठक की तैयारियों के संबंध में अवध क्षेत्र में निवास करने वाले प्रदेश पदाधिकारियों, अवध क्षेत्र के जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों तथा मंडल अध्यक्षों के साथ संवाद किया।

प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि नितिन नवीन जी का भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में यह प्रथम लखनऊ आगमन है। यह प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए गौरव, उत्साह और प्रेरणा का अवसर है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी कार्यकर्ता पूर्ण समर्पण, अनुशासन और उत्साह के साथ जुटें तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन कार्यक्रम को भव्य, दिव्य और अविस्मरणीय स्वरूप प्रदान करें। सभी जिलाध्यक्ष सुनिश्चित करें कि सभी जिलों के मंडल अध्यक्ष एवं शक्ति केंद्र संयोजक समय से लखनऊ पहुंचे।
श्री सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने लखनऊ प्रवास के दौरान अवध क्षेत्र के जिलाध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों तथा शक्ति केंद्र संयोजकों के साथ संगठनात्मक संवाद करेंगे। यह संवाद संगठन को और अधिक सशक्त, सक्रिय तथा प्रभावी बनाने की दिशा में प्रेरक होगा।
श्री सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रवास कार्यकर्ताओं में नवीन ऊर्जा एवं उत्साह का संचार करेगा तथा संगठनात्मक कार्यों को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि कार्यक्रम की प्रत्येक व्यवस्था को माइक्रो मैनेजमेंट, अनुशासन और समन्वय के साथ पूर्ण करें। भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की रीति-नीति, अनुशासन और सेवा भाव का प्रतीक है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का यह प्रवास संगठनात्मक दृष्टि से ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी सिद्ध होगा।

Older Posts »