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यूपी का चुनाव विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेगा : विनोद ताबडे

October 30, 2026

यूपी का चुनाव विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेगा : विनोद ताबडे

लखनऊ, 30 अक्टूबर 2026। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रभारी श्री विनोद तावड़े ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2027 का चुनाव केवल उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का चुनाव है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण करते हुए कहा कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है। इसलिए उत्तर प्रदेश में भाजपा की बड़े अंतर से ऐतिहासिक विजय आवश्यक है।

श्री तावड़े ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की रचना ‘भेड़ और भेड़िये’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी नए रूप और वादों के साथ जनता के बीच जाने का प्रयास कर रही है, लेकिन उसका वास्तविक चरित्र वही है, जिसे उत्तर प्रदेश की जनता वर्ष 2017 से पहले देख चुकी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सपा सरकार के कार्यकाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था, विकास तथा जनकल्याण के क्षेत्र में हुए कार्यों का अंतर जनता के सामने रखें।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में विपक्ष की सरकार रहते हुए भाजपा ने अकेले 312 विधानसभा सीटें जीती थीं। आज केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के आधार पर उस ऐतिहासिक विजय को दोहराने का अवसर है। इसके लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथ स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट, घर-घर संपर्क और संगठनात्मक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देना होगा।
श्री तावड़े ने कहा कि भाजपा सरकार की योजनाएं केवल विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गरीबों, किसानों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की वास्तविक कहानियां जनता तक पहुंचानी चाहिए।
स्वर्गीय प्रमोद महाजन जी की जयंती पर उनका स्मरण करते हुए श्री तावड़े ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य हर गरीब के घर तक विकास की लक्ष्मी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है।
श्री तावड़े ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘We Will Do It’ के संदेश का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इसी संकल्प के साथ अपने क्षेत्रों में लौटें। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने संगठन के सामने जो लक्ष्य रखा है, उसे पूरा करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर जुटना होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास से भाजपा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में 2017 की 312 सीटों की ऐतिहासिक विजय को दोहराएगी।

यूपी में भाजपा सरकार अंगद के पाँव की तरह : अमित शाह

News Posted on 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार

Amit Shah, Lucknow, BJP

यूपी में योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद डकैती, लूट, रंगदारी और दंगों में बहुत बड़ी कमी आई है।

कई राज्यों में UCC लागू हो गया, इस बार यूपी में सरकार बनने के बाद यहाँ भी UCC अवश्य लागू करेंगे।

राहुल बाबा और अखिलेश यादव मैच हारने के बाद ज्यादा प्रैक्टिस करने की जगह अंपायर पर ही आरोप लगाना शुरू कर देते हैं।

कांग्रेसी नक्सलियों के साथ सहअस्तित्व की बात कहते थे, लेकिन भाजपा का आतंकियों, नक्सलियों के साथ सहअस्तित्व नहीं हो सकता

लखनऊ 30 अक्टूबर 2026 (उप्र समाचार सेवा ) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डॉ भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह, लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया और प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों को जीत का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार अंगद के पाँव की तरह है, जिसको कोई हिला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यूपी में फिर से एक बार प्रचंड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है और इसमें कार्यकर्ताओं को किसी दुविधा में रहने की आवश्यकता नहीं है। श्री शाह ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि उन्हें अर्जुन की तरह सिर्फ चिड़िया की आँख दिखाई पड़नी चाहिए, क्योंकि अब समय तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा वर्मा, प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री धर्मपाल सिंह, प्रदेश प्रभारी श्री विनोद तावड़े, उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य और श्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सह-प्रभारी श्री जगदीश पटेल, राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री स्वतंत्र देव सिंह, श्री भूपेंद्र चौधरी, श्री महेंद्र पांडेय, श्री सूर्य प्रताप शाही, डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी, श्री विनय कटियार, श्रीमती मेधा कुलकर्णी, श्री अनंत ओझा, श्री प्रदीप वर्मा सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। वंदे मातरम के पूर्ण सामूहिक गान के साथ बैठक प्रारंभ हुआ। यूपी भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति गठित होने के बाद यह पहली कार्यसमिति बैठक थी।

श्री शाह ने कहा कि आज 30 अक्टूबर है और आज ही के दिन 1990 में सपा सरकार ने राम भक्तों पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाकर नरसंहार किया था और कारसेवकों को मौत के घाट उतारकर, उनका संस्कार भी न करके सरयू में बहा दिया था। सपा ने जहाँ रामभक्तों का नरसंहार किया, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। अखिलेश यादव जी, उत्तर प्रदेश की जनता इसके लिए आपको माफ नहीं करेगी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री बनने का विक्रम अगर किसी के नाम पर है, तो वह हमारे नेता श्री नरेन्द्र मोदी जी के नाम पर है। उन्होंने कहा कि संसद में भारतीय जनता पार्टी की 240 सीटें हैं, जबकि 2014, 2019 और 2024 – कांग्रेस का तीनों चुनावों का कुल योग भी 240 नहीं होता। जिस भारतीय जनता पार्टी की कभी दो सीटें थीं, वह आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। श्री नरेन्द्र मोदी जी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने और NDA की 22 राज्यों में सरकारें बनीं।

विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए श्री शाह ने कहा कि राहुल बाबा और अखिलेश यादव मैच हारने के बाद ज्यादा प्रैक्टिस करने की जगह अंपायर पर ही आरोप लगाना शुरू कर देते हैं। भारतीय जनता पार्टी संसद में SIR पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। राहुल बाबा, एक बार आ जाइए, स्पेशल संसद सत्र बुला लेते हैं लेकिन राहुल बाबा को तो झूठ फैलाना है, इसलिए वे संसद को चलने नहीं देना चाहते। विपक्ष संसद में बोलना ही नहीं चाहता, संसद चलने नहीं देता और बाहर मॉक पार्लियामेंट का आयोजन कर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचता है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अखिलेश बाबू को परिणाम सुन लेने चाहिए – हरियाणा और महाराष्ट्र में सर्वाधिक सीटें, बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री, दिल्ली में तीन दशक बाद भाजपा की सरकार, असम में हैट्रिक और पश्चिम बंगाल में ममता दीदी का सूपड़ा साफ। अब उत्तर प्रदेश में तीसरी बार प्रचंड बहुमत की बारी है। विपक्ष अखिलेश जी और राहुल बाबा के नेतृत्व में आने के बाद भी यूपी में एक भी चुनाव नहीं जीत सके। जिनका अपने बूते पर एक भी चुनाव जीतने का रिकॉर्ड नहीं है, वे भारतीय जनता पार्टी को चैलेंज कर रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगले 30 साल देशभर में भारतीय जनता पार्टी की सरकार चुनकर आने वाली हैं।

श्री शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद डकैती, लूट, रंगदारी और दंगों में बहुत बड़ी कमी आई है। एक समय अपराध के कारण उत्तर प्रदेश का इन्वेस्टमेंट समिट दिल्ली जाकर करना पड़ता था जबकि आज योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ही इन्वेस्टमेंट समिट हो रही है और लाखों करोड़ का निवेश भी यूपी में आ रहा है। उत्तर प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर सुधरने के कारण निवेश आया, निवेश के कारण रोजगार आया और रोजगार के कारण प्रदेश से पलायन रुका। आज देश के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्यात का लगभग 7% उत्तर प्रदेश से होता है और अकेले डिफेंस कॉरिडोर में यूपी में 35,000 करोड़ का निवेश आया है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सपा-बसपा के सारे कार्यकाल मिला दिए जाएँ तब भी पिछले 10 साल में भारतीय जनता पार्टी का काम सपा-बसपा के कार्यकाल में हुए कामों से लगभग 200% ज्यादा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उत्तर प्रदेश को देने में कोई कमी नहीं रखी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उसे जमीन पर उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मोदी सरकार की योजनाओं का सबसे अच्छा इंप्लीमेंटेशन उत्तर प्रदेश में हुआ है।

श्री शाह ने कहा कि धारा 370 समाप्त हो गई, तीन तलाक समाप्त हो गया और कई राज्यों में UCC लागू हो गया। इस बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनने के बाद यहाँ भी UCC अवश्य लागू किया जाएगा। कांग्रेसी नेता कहते थे कि देश नक्सलमुक्त नहीं हो सकता और सह-अस्तित्व की आदत डाल लेनी चाहिए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी का आतंकवादियों और नक्सलवादियों के साथ सह-अस्तित्व नहीं हो सकता। आज देश नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। अब हम पूरे देश में ड्रग्स के खिलाफ लड़ रहे हैं। 31 दिसंबर 2029 तक इस देश से नशे को भी पूर्णतया समाप्त कर दिया जाएगा।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। यहाँ नेता भी सबसे पहले कार्यकर्ता होते हैं और भारतीय जनता पार्टी को विजय कार्यकर्ता ही दिलाता है। हम विचारधारा के लिए जीने वाले लोग हैं। हमारे लिए सबसे पहले और सबसे ऊपर भारत माता हैं। देश का ध्वज दुनिया में फहराए, यही हमारा ध्येय है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के बगैर भारत का विकास संभव नहीं है और भारत के विकास के बिना विकसित भारत का लक्ष्य नहीं पाया जा सकता।

October 28, 2026

करुणा परमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बनीं लोजपा (रामविलास) महिला सेल की दिल्ली प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष

नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने महिला संगठन को मजबूती देने की दिशा में श्रीमती करुणा परमार को दिल्ली प्रदेश महिला सेल का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति पर महिला सेल की राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रभा भाटिया ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
चंद्र प्रभा भाटिया ने विश्वास जताया कि करुणा परमार के कुशल नेतृत्व में दिल्ली प्रदेश महिला सेल को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। उनके नेतृत्व में संगठन का विस्तार होगा तथा महिला सशक्तीकरण से जुड़े प्रयासों को नई गति प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि करुणा परमार की नियुक्ति से दिल्ली में महिला संगठन को और अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही महिलाओं को संगठन से जोड़ने और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के प्रयासों को भी बल मिलेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रभा भाटिया ने करुणा परमार के सफल एवं उज्ज्वल कार्यकाल की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वह पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

October 25, 2026

देश की आजादी में अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी का अनुकरणीय योगदान-प्रदीप बत्रा

एनयूजेआई ने किया गणेश शंकर विद्यार्थी जयंती विभूति सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार में पत्रकारों की अहम भूमिका-स्वामी यतिश्वरानंद
बदलाव के दौर से गुजर रही पत्रकारिता-अनुपम त्रिवेदी
पत्रकारिता के साथ सामाजिक दायित्व भी निभा रहा प्रैस क्लब-धर्मेंद्र चौधरी
हरिद्वार, 25 अक्टूबर। एनयूजेआई के तत्वाधान में अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी जयंती विभूति सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। प्रैस क्लब सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद, मुख्य वक्ता अनुपम त्रिवेदी, प्रैस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। एनयूजेआई के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा एवं महामंत्री जोगेंद्र सिंह मावी ने अतिथियों का फूलमाला पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर तथा स्मृति चिन्ह व शंख तथा रूद्राक्ष की माला भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन अमित शर्मा ने किया गया। पूर्व कैबिनेट स्वामी यतिश्वरानंद ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलायी। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता सहित अन्य क्षेत्रों में अनुकरणीय योगदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। मुख्य अतिथी कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में अनुकरणीय योगदान करने वाले अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी के जीवन से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में अनेक बदलाव आ रहे हैं। पत्रकार सावधानी पूर्वक अपने मिशन को अंजाम दें। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद महाराज ने कहा कि देश के लिए जीवन समर्पित करने वाले गणेश शंकर विद्यार्थी के जीवन से पत्रकारों को प्रेरणा मिलती है। पत्रकार सत्यता की परख कर समाज समाज में फैल रही विसंगतियों को अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के सम्मुख रखता है। प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकार पत्रकारिता के साथ सामाजिक, संास्कृतिक व धार्मिक क्षेत्र में भी अनुकरणीय योगदान दे रहे हैं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करने में भी पत्रकारों की अहम भूमिका है। मुख्य वक्ता अनुपम त्रिवेदी ने कहा कि पत्रकारिता लगातार बदलाव के दौर से गुजर रही है। सोशल मीडिया के बाद एआई एक बड़ा चैलेंज है। उन्होंने कहा कि पत्रकार और मीडिया संस्थान सभी पक्षों को जानने समझने के बाद ही खबर का प्रकाशन करते हैं और उसके प्रति उत्तरदायी होते हैं। इसलिए पत्रकार और पत्रकारिता की बड़ी भूमिका हमेशा रहेगी। अनुपम त्रिवेदी ने कहा कि स्व.गणेश शंकर विद्यार्थी ने अंग्रेजी शासन के दौर में अखबार निकाला और आजादी के आंदोलन में सहयोगी। सामाजिक सद्भाव के लिए दिया गया उनका बलिदान सदैव सभी को प्रेरणा देता रहेगा। एनयूेआई के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा एवं महामंत्री जोगेंद्र सिंह मावी ने कहा कि संगठित होकर पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गणेश विद्यार्थी का पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित रहा। उनके पद चिन्हों पर चलकर राष्ट्र की एकता अखंडता में सहयोग प्रदान करें। प्रैस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने कहा कि प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकार पत्रकारिता के साथ सामाजिक दायित्व निभाने में भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी ने मुश्किलों भरे दौर में अखबार का प्रकाशन कर देश एकता अखंडता एवं आपसी सौहार्द का संदेश समाज को दिया। वरिष्ठ पत्रकार रामचंद्र कन्नौजिया एवं सुनील दत्त पांडे ने भी विचार रखें। कार्यक्रम में बालकृष्ण शास्त्री, राहुल वर्मा, आदेश त्यागी, विजेंद्र हर्ष, प्रतिभा वर्मा, ललितेंद्र नाथ, कुलभूषण शर्मा, राधेश्याम विद्याकुल, गुलशन नैयर, आशीष मिश्रा, केके पालीवाल, स्वरूप पुरी, संदीप रावत, अवधेश शिवपुरी, राजेंद्रनाथ गोस्वामी, श्रवण कुमार, लव कुमार, मयूर सैनी, महताब आलम, रोहित सिखोला, संदीप शर्मा, रामेश्वर गौड़, दीपक नौटियाल, अनिल भास्कर, रमन कुमार, नितिन राणा, आशीष मिश्रा, सुनील पाल, तनवीर अली, संतोष कुमार, अमरीश कुमार, सुमित यश कल्याण, पुलकित मिश्रा, हरीश, रजत चौहान, रविंद्र कुमार, सचिन, विकास कुमार, मुकेश वर्मा, शैलेंद्र गोदियाल, विकास झा, शिवा अग्रवाल, मनोज खन्ना आदि पत्रकारों सहित भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, लव शर्मा, चौधरी चरण सिंह, पराग चाकलान, मृदुल कौशिक, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव आफाक अली, कांग्रेस नेत्री अंजू द्विवेदी, विमल कुमार, संतोष चौहान, डा.विशाल गर्ग, अंजू मिश्रा, शशी झा, वैद्य एमआर शर्मा, जिला सूचना अधिकारी रतीलाल शाह, मनू शिवपुरी, कमल जोशी, पूर्व सभासद अशोक शर्मा, कमल खड़का आदि मौजूद रहे।

October 20, 2026

भारत की शक्ति उसके सांस्कृतिक स्वबोध में निहित : डॉ. मोहन भागवत

विजयादशमी उद्बोधन में सरसंघचालक ने पंच परिवर्तन और राष्ट्रीय एकता पर दिया विशेष बल

( हेमेन्द्र क्षीरसागर पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार )

नागपुर में 20 अक्टूबर 2026,  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का उद्बोधन भारतीय समाज के आत्मबोध, सांस्कृतिक अस्मिता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित रहा। संघ की शताब्दी के कार्यक्रमों के समापन अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सशक्त, आत्मनिर्भर और विश्वकल्याण के लिए प्रतिबद्ध भारत का निर्माण केवल आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और चारित्रिक उत्थान से संभव है।

हम भारत के लोग

सरसंघचालक के उद्बोधन का मूल स्वर अपनी सभ्यतागत पहचान को समझने और उसे समकालीन जीवन में उतारने का रहा। भारत की विविधता को कमजोरी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संपन्नता मानते हुए उन्होंने उस एकात्म भाव को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। जो विभिन्न मत-पंथों, भाषाओं, जातियों और प्रादेशिक पहचानों के बावजूद नागरिकों को एक सूत्र में बांधता है। संविधान की भावना के अनुरूप ‘हम भारत के लोग’ का बोध तभी सार्थक होगा। जब समान राष्ट्रीय हित, पारस्परिक सम्मान और कर्तव्यनिष्ठा हमारे व्यवहार में दिखाई दें।

प्रतिबद्धता का संदेश

संत रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष का संदर्भ इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उनका जीवन श्रम की प्रतिष्ठा, भक्ति, स्वधर्मनिष्ठा और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देता है। स्वामी श्रद्धानंद और स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जैसे महापुरुषों का स्मरण भी त्याग, सेवा और सांस्कृतिक चेतना के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देता है।

दैनिक आचरण का हिस्सा

संघ के शताब्दी वर्ष में रेखांकित पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वबोध एवं स्वदेशी तथा नागरिक अनुशासन को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सामाजिक जीवन की दिशा बदलने वाला व्यापक अभियान बताया। इनका वास्तविक महत्व तभी है, जब वे नारों और आयोजनों तक सीमित न रहकर दैनिक आचरण का हिस्सा बनें। परिवार में संस्कार, समाज में समानता, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता। स्वदेशी के प्रति आग्रह और नागरिक कर्तव्यों का पालन राष्ट्रनिर्माण की आधारशिलाएं हैं।

विकास का प्रतिमान

विज्ञान, तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की प्रगति को स्वीकार करते हुए उद्बोधन में सरसंघचालक ने उनके विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया। तकनीक अपने आप में समाधान नहीं, उसका परिणाम इस बात पर निर्भर करता है कि उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य और नैतिक दृष्टि से किया जाता है। डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध सामग्री, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और नई पीढ़ी के सामने उपस्थित चुनौतियों के संदर्भ में परिवार, समाज और शासन की साझा जिम्मेदारी रेखांकित की। विकास का प्रतिमान ऐसा होना चाहिए, जिसमें आर्थिक समृद्धि के साथ पर्यावरणीय संतुलन, मानवीय गरिमा और सामाजिक उत्तरदायित्व भी सुरक्षित रहें।

सद्भाव, संवाद और नागरिक मर्यादा

डॉ. मोहन भागवत के उद्बोधन का महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक तनावों और आंदोलनों के प्रति विवेकपूर्ण दृष्टिकोण रहा। समस्याओं के समाधान के लिए संवाद, जनसहभागिता और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन आवश्यक है। मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, किंतु उन्हें मनभेद, द्वेष और सामाजिक विभाजन में बदलने से रोकना सभी की जिम्मेदारी है। शासन-प्रशासन, राजनीतिक नेतृत्व और समाज के प्रत्येक वर्ग से अपेक्षा है कि व्यवहार में संवेदनशीलता, शालीनता और नागरिक सम्मान बना रहे। ग्रामीण विद्यालयों और ग्राम विकास में जनसहभागिता के उदाहरण बताते हैं कि सामाजिक समस्याओं का समाधान केवल सरकारी प्रयासों या आंदोलनों पर निर्भर नहीं रह सकता। समाज की सक्रिय भागीदारी, सहयोग और स्वावलंबन स्थायी परिवर्तन की राह खोलते हैं।

एकता ही राष्ट्रशक्ति

वंदे मातरम् के ऐतिहासिक संदर्भ के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश सामने आया। इतिहास से सीखना आवश्यक है, लेकिन अतीत की कटुता को वर्तमान के सामाजिक संबंधों पर हावी होने देना उचित नहीं। भारत की शक्ति उसकी विविधताओं के बीच आत्मीयता, साझा विरासत और परस्पर सम्मान बनाए रखने में निहित है।

विश्वकल्याण में योगदान

समग्रतः सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का विजयादशमी का यह उद्बोधन राष्ट्रनिर्माण को शासन की जिम्मेदारी भर नहीं, बल्कि समाज के सामूहिक संकल्प के रूप में देखने की प्रेरणा देता है। भारत को समर्थ और विश्वकल्याण में योगदान देने वाला राष्ट्र बनाने के लिए सांस्कृतिक आत्मबोध के साथ वैज्ञानिक दृष्टि, सामाजिक समरसता, नागरिक अनुशासन और मानवीय संवेदना का समन्वय आवश्यक है। वास्तविक विजय तभी होगी, जब राष्ट्रीय एकता केवल विचार न रहकर प्रत्येक नागरिक के आचरण में प्रतिबिंबित हो।

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