Web News

www.upwebnews.com

पिछली सरकारें अभी होतीं तो बंद हो गया होता यूपी का चीनी उद्योग: मुख्यमंत्री

July 18, 2026

पिछली सरकारें अभी होतीं तो बंद हो गया होता यूपी का चीनी उद्योग: मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने किया अमरोहा व धनौरा विधानसभा क्षेत्र के लिए 207 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास*

*पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलों को बंद किया और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया था, डबल इंजन सरकार कर रही 122 चीनी मिलों का संचालनः सीएम योगी*

*विकास के प्रस्ताव लेकर लखनऊ आते हैं राजीव तरारा व महेंद्र सिंह खड़गवंशी, अमरोहा व नौगावां सादात वाले रजाई तानकर सोते हैं: मुख्यमंत्री*

*जहां खानदान का कब्जा या एक ही परिवार सभी पदों पर काबिज हो, वहां विकास नहीं हो सकताः सीएम योगी*

*अमरोहा, 18 जुलाई।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले विकास, औद्योगिक निवेश व किसानों को गन्ना भुगतान संभव नहीं था। 2007 से 2017 के बीच सरकारों ने 29 चीनी मिलों को बंद किया था और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। यदि वे सरकारें अभी होतीं तो अब तक यूपी का चीनी उद्योग बंद हो चुका होता। डबल इंजन की भाजपा सरकार 122 चीनी मिलों का संचालन कर रही है। 3.23 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। गन्ना मूल्य भी बढ़कर 400 रुपये प्रति कुंतल हो गया है। यूपी अब चीनी, गन्ना, एथेनॉल उत्पादन करने वाला नंबर-वन राज्य है।

सीएम योगी शनिवार को वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला में अमरोहा व धनौरा विधानसभा क्षेत्र के लिए 207 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 43 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर जनपद के आध्यात्मिक इतिहास व महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

*अमरोहा को अब कोई पिछड़ा नहीं कह सकता*
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरोहा को अब कोई पिछड़ा नहीं कहेगा। इसने हस्तशिल्प व कारीगरी के माध्यम से दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। ओडीओपी के जरिए अमरोहा के तबला व ढोलक की पहचान बनी है। यहां का किसान आम की उपज को वैश्विक बाजार में पहुंचा रहा है। मध्य गंगा नहर परियोजना भी पूरी हो रही है। गंगा एक्सप्रेसवे ने राह आसान कर दी है। 10 साल पहले कोई सोच नहीं सकता था कि अमरोहा से दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज की दूरी कम हो पाएगी। अब अमरोहा से हरिद्वार की दूरी भी आसान बनाएंगे और किसानों को जमीन का अच्छा दाम देंगे। विकास के नए प्रतिमान पर स्थापित हो रहा अमरोहा अपनी नई पहचान बनाएगा। औद्योगिक विकास के लिए हसनपुर में बन रहा पार्क जनपद को नई ऊंचाई देगा।

*यूपी में सुरक्षा, सुशासन के साथ बरस रही समृद्धि*
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में आगामी 50-100 वर्ष की योजना को लेकर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। अब नौजवान बेरोजगार नहीं होगा, पलायन नहीं करेगा। 2017 के बाद से यूपी में सुरक्षा, सुशासन के साथ समृद्धि बरस रही है। सरकार तिगरी व गढ़ के लिए काम कर रही है। मां गंगा तिगरी की तरफ कुछ बढ़ रही हैं, इसलिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिया गया है कि गंगाजी को चैनलाइज कर तिगरी व गढ़ मेले के स्वरूप को और भव्य करो, जिससे यह पश्चिमी उप्र में माघ व कुंभ मेले की तरह चमकता दिखे।

*पहले आस्था पर होता था प्रहार, अब किसी त्योहार पर रोक नहीं*
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले आस्था पर प्रहार होता था। कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, रामनवमी की शोभायात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाई जाती थी। जयश्रीराम कहने पर लाठी-डंडे चलते थे और सरकारें मौन रहती थीं लेकिन अब किसी त्योहार पर रोक नहीं है, बल्कि सरकार आस्था का सम्मान करते हुए हरसंभव सहयोग करती है।

*सुरक्षा में सेंध लगाने वाले जेल या जहन्नुम जाएंगे*
सीएम ने जनपदवासियों से कहा कि सरकार जनप्रतिनिधियों के हर प्रस्ताव को धरातल पर उतार रही है। विकास कार्यों के लिए पैसे की कमी नहीं है, लेकिन इसके लिए समय, सोच, संवेदना, नीति और नीयत चाहिए। पिछली सरकारों में हर जनपद में दंगे होते थे, लोग असुरक्षित थे। हमने कहा कि सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम ही जगह है। हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिलाने का काम किया।

*यहां के लोग कभी एक मंत्री से थे आतंकित*
सीएम ने कहा कि यूपी अब सुरक्षा का मॉडल दे रहा है। सुरक्षा सुशासन लाती है। सुशासन निवेश और निवेश समृद्धि लेकर आता है। अब हर भर्ती में अमरोहा-धनौरा का नौजवान भी नियुक्ति पत्र पाता है, लेकिन पहले रामपुर व सैफई का सिडिंकेट नौकरियों में डकैती डालता था। अब आपकी अपनी सरकार है, कोई हक पर डकैती नहीं डाल सकता। 2017 में महेंद्र खड़गवंशी के प्रचार में आया था तो लोग एक मंत्री के आतंक से भयभीत थे। तब मैंने कहा था कि भाजपा सरकार आएगी तो ये सभी दुम दबाकर बिल में घुसकर ही खुद को सुरक्षित कर पाएंगे। अब यहां किसी का भय या आतंक नहीं।

*सीएम ने चेतन चौहान को भी याद किया*
मुख्यमंत्री ने पूर्व क्रिकेटर व पूर्व मंत्री चेतन चौहान को भी याद किया। कहा कि वह नौगावां सादात व जनपद में खेल, विकास को बढ़ाने के लिए समर्पित थे। एनडीए सरकार चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही है। हर तबके को बिना भेदभाव सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जबकि 2017 के पहले यह संभव नहीं था।

*गरीबों के हक पर डकैती डालते थे सपा-कांग्रेस के लोग*
सीएम ने कहा कि कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने अपनी लाचारगी जताते हुए कहा था कि 100 में से 85 पैसे ही नीचे जनता तक पहुंचते हैं। यह छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि, गरीब के राशन, आवास, पेंशन, शौचालय का पैसा था, जिस पर सपा व कांग्रेस वाले डकैती डालते थे। अब डबल इंजन सरकार में गरीब को पूरी रकम सीधे उसके बैंक खाते में मिलती है।

*हर वर्ग के लिए योजनाएं लाई है सरकार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हर वर्ग के लिए योजनाएं हैं। निराश्रितों के लिए अटल आवासीय विद्यालय, गरीब, पिछड़ी व अनुसूचित जाति की बच्चियों के लिए कस्तूरबा गांधी विद्यालय है। आज मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का शिलान्यास भी हो रहा है। बेटियों को कन्या सुमंगला योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार ने हाल में शिक्षकों के लिए हर वर्ष पांच लाख रुपये के कैशलेस इलाज की व्यवस्था की है। शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार और अनुदेशकों का 17 हजार रुपये किया गया है। हर शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षक के लिए सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना भी लागू की गई। आपदा की चपेट में आने वाले शिक्षक के परिजनों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ की सहायता मिलेगी। शिक्षामित्र या अनुदेशक के साथ घटना-दुर्घटना होने पर परिवार वालों को 30 से 80 लाख रुपये तथा रसोइया के परिजनों को दो लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा। आपदा की चपेट में आने वाले किसानों के परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक बीमा दुर्घटना में 24 घंटे के भीतर पांच लाख रुपये की सहायता दिलाई जाती है।

*विकास के प्रस्ताव लेकर लखनऊ आते हैं तरारा व खड़गवंशी, अमरोहा व नौगावां सादात वाले रजाई तानकर सोते हैं*
सीएम ने कहा कि किसानों-नौजवानों के हित में सरकारें आती हैं तो हर वर्ग के विकास के लिए कार्य होता है। जहां खानदान का कब्जा हो और एक ही परिवार सभी पदों पर काबिज हो, वहां विकास नहीं हो सकता। आपने राजीव तरारा व महेंद्र सिंह खड़गवंशी जैसे अच्छे विधायकों व कंवर सिंह तंवर को सांसद चुना तो विकास कार्य हो रहे हैं। हमारे विधायक निरंतर विकास के प्रस्ताव लेकर लखनऊ आते हैं। अमरोहा सदर व नौगावां सादात वाले शासन में पैरवी नहीं करते, वे जीतने के बाद रजाई तानकर सो गए। जनता ने इन दोनों क्षेत्रों में भी कमल खिलाया होता तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती। सीएम ने अमरोहावासियों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार हर हित का ध्यान रखेगी। उन्होंने पैरोकारी के लिए अच्छे विधायक व सांसद चुनने की अपील करते हुए आमजन को आश्वस्त किया कि जल्द ही वे नौगावां सादात व हसनपुर भी आएंगे।

इस अवसर पर कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, सांसद कंवर सिंह तंवर, जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर, विधायक राजीव तरारा, महेंद्र सिंह खड़गवंशी, विधान परिषद सदस्य हरि सिंह ढिल्लो, भाजपा के जिलाध्यक्ष उदय गिरि गोस्वामी आदि मौजूद रहे।

May 20, 2026

दिल्ली-मुरादाबाद राजमार्ग पर दुर्घटना में 4 लोगों की मृत्यु

 

Breaking News, Posted on 20.05.2026 Time 11.05 Wednesday, Amroha, Gajraula, Brijghat

गजरौला (अमरोहा), 20 मई 2026,मुुरादाबाद दिल्ली राजमार्ग पर ब्रजघाट के समीप आज सुबह हुई मार्ग दुर्घटना में बंगाल निवासी 3 लोगों समेत 4 की मृत्यु हो गई। जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना ब्रजघाट के पास सुबह करीब चार बजे हुई।
थाना गजरौला पुलिस के अनुसार मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जा रही तेज रफ्तार कार ने आगे चल रहे अज्ञात वाहन में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

मृतकों में कार चालक मोहम्मद सलमान निवासी बमनपुरी गेट पंखेवालान, रामपुर, हसनैन निवासी दरियापुर, मालदा टाउन पश्चिम बंगाल तथा समरतुल निवासी कालियाचक, मालदा टाउन पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। चौथे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। हादसे में घायल दो लोग बेहोशी की हालत में मिले।

February 13, 2026

अमरोहा कौशल महोत्सव’ में 2400 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार

Central Minister Jayant Chaudhary

जयन्त चौधरी ने सौंपे नियुक्ति पत्र
बोले-अमरोहा में अपार संभावनाएं हैं यहां कि उद्यमशील सोच और मेहनती युवा आबादी इसकी पहचान
गजरौला। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयन्त चौधरी ने अमरोहा कौशल महोत्सव में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर कौशल को रोजगार से जोडऩे के लिए लगातार काम कर रही है। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा आयोजित कौशल महोत्सव को अमरोहा और आसपास के जिलों के युवाओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। लगभग 4,000 उम्मीदवार इंटरव्यू (साक्षात्कार) के लिए पहुंचे। विभिन्न क्षेत्रों में 2,400 से अधिक उम्मीदवारों का चयन किया गया और उन्हें नौकरी की पेशकश की गई। कार्यक्रम में 55 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं व बीमा, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और सेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराए। यह कार्यक्रम एक सिंगल-विंडो मंच के रूप में आयोजित किया गया, जहां युवाओं को नौकरी, अप्रेंटिसशिप और करियर मार्गदर्शन की सुविधा एक ही जगह मिली। यह मंत्रालय की परिणाम आधारित कौशल प्रशिक्षण पर जोर को दर्शाता है।
अपने संबोधन में श्री चौधरी ने कहा, “चौधरी अजित सिंह की जयंती पर हम ग्रामीण भारत और उसके युवाओं की ताकत में उनके अटूट विश्वास को नमन करते हैं। अमरोहा में अपार संभावनाएं हैं यहां की उद्यमशील सोच और मेहनती युवा आबादी इसकी पहचान है। आज 4,000 से अधिक युवाओं की भागीदारी उनके सपनों और काम के लिए उनकी तैयारी को दिखाती है। कौशल महोत्सव जैसे मंच प्रतिभा और अवसर के बीच की दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये उद्योगों को युवाओं तक लाते हैं, जिससे उन्हें नौकरी, अप्रेंटिसशिप और करियर मार्गदर्शन के लिए काम की तलाश में बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। बोले, “मैं अमरोहा के युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे — स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस जैसी पहलों के माध्यम से अपने कौशल को लगातार निखारते रहें, ताकि वे नई तकनीक से जुड़ी नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। उन्हें इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता के क्षेत्रीय चरणों में भी भाग लेना चाहिए, जो हर दो साल में आयोजित होते हैं, जहां अमरोहा जैसे जिलों के प्रतिभाशाली युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व भी कर सकते हैं। आज कौशल विकास का मतलब है स्थानीय प्रतिभा को आगे बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास बनाना। ऐसे मंचों के जरिए ही अमरोहा जैसे जिले विकसित भारत 2047 के सपने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे,” उन्होंने आगे कहा कि कौशल महोत्सव को किसान ट्रस्ट का सहयोग मिला, जिसने जमीनी स्तर पर व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता के प्रयास किए। वहीं, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर, विधायक महेंद्र सिंह खडग़वंशी तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अरुण यादव, डीडीजी और वी.एस. अरविंद, निदेशक, एमएसडीई भी उपस्थित रहे।
फोटो-१०

मंत्रालय ने कौशल महोत्सव को बड़े स्तर पर आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई
‘अमरोहा कौशल महोत्सव’ मंत्रालय की चल रही जिला-स्तरीय पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं तक उनके घर के पास ही रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसर पहुंचाना है। इस कार्यक्रम में भारत के कौशल विकास तंत्र में हो रहे व्यापक बदलावों को भी रेखांकित किया गया, जिनमें पीएमकेवीवाई 4.0, एनएपीएस के तहत बढ़ाई गई अप्रेंटिसशिप और हाल ही में शुरू की गई योजना पीएम-सेतु के तहत आईटीआई का आधुनिकीकरण शामिल है। मंत्रालय ने देशभर में ऐसे कौशल महोत्सवों को और बड़े स्तर पर आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि समावेशी विकास को मजबूत किया जा सके और एक कुशल, आत्मविश्वासी तथा भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार किया जा सके।
————————————————–

केन्द्रीय बजट 2026-27 में देश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रावधान: जयन्त
गजरौला। ‘अमरोहा कौशल महोत्सव’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयन्त चौधरी ने केन्द्रीय बजट की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 में देश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रावधान किए गए हैं। यह देश की भविष्य की दिशा दिखाता है। किसान, युवा, महिला और गरीब सभी की चिंता सरकार ने की है।
बोले, केन्द्रीय वित्तमंत्री ने नवीं बार देश का बजट प्रस्तुत किया है। उनके पास एक बड़ा अनुभव है। उन्होंने बजट में वर्तमान के साथ-साथ भविष्य का भी ध्यान रखा है। कौशल विकास के बजट को 62 फीसदी बढ़ाते हुए दस हजार करोड़ निर्धारित किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि केन्द्र सरकार का युवाओं के रोजगार, उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाने की तरफ पूरा ध्यान है।
जयन्त ने कहा कि शिक्षा के बजट में डेढ़ लाख करोड़ की बढ़ोत्तरी की है। उद्योग और कुटीर उद्योग के बढ़ावा देने के लिए भी बजट में पूरा ध्यान रखा गया है। इसी के साथ ही बजट में पहली बाहर स्पोर्टस मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इसी तरह रेल प्रबंधन में भी उत्तर प्रदेश के लिए 20 हजार करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है। जिससे नई रेल लाइन समेत अन्य विकास कार्यों पर व्यय किया जाएगा। इसी के साथ ही बजट में कृषि एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रावधान किया गया है। कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले उद्योग लगाने में उद्योगपति संकोच करते थे मगर अब केन्द्र व प्रदेश की सरकार में उद्योगपतियों को निवेश के लिए सुरक्षा और सुविधा दोनों ही प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने से रोजगार देने के लिए बड़े स्तर पर कौशल महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। पहले लखनऊ, फिर बिजनौर व अमरोहा में यह महोत्सव आयोजित किया गया है। जिसमें भारी संख्या में युवाओं को रोजगार के ऑफर लेटर प्रदान किए गए हैं। पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय महासचिव संगठन त्रिलोक त्यागी, मंडलाध्यक्ष रामवीर सिंह, जिलाध्यक्ष सचिन चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदयगिरि गोस्वामी, दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
फोटो-११
————————————————–

February 5, 2026

Amroha प्रेम-प्रसंग के चलते की गई विवाहिता ‘रूबी’ की हत्या

हत्यारोपी बोला-वह मेरी बात नहीं मान रही थी….मेरी थी मैंने ही मार दी

Amroha Police arrests murder accused

रूबी का हत्यारोपी धीरज पुलिस गिरफ्त में

Posted on 05.02.2026 Thursday, Time 08.51 PM, Amroha News 
अमरोहा,05 फरवरी । पचौकरा गांव में विवाहिता रूबी की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी। पूछताछ के दौरान आरोपी धीरज ने सारी कहानी पुलिस को बताई है। तीन साल से चल रहे प्रेम प्रसंग में अब रूबी ने उससे बात करना बंद कर दिया था। बार-बार वह रूबी से बात करने का दबाव बना रहा था। इससे क्षुब्ध होकर धीरज ने उसकी हत्या कर दी थी।
देहात थाना क्षेत्र के गांव पचौकरा में रहने वाले मजदूर नरेंद्र सिंह की पत्नी रूबी की बुधवार दोपहर गांव के ही राशन डीलर ब्रजपाल सिंह के बेटे धीरज ने चाकू घोप कर हत्या कर दी थी। वह गांव में ही एक वैवाहिक कार्यक्रम से खाना खाकर घर लौट रही थी। जब वह धीरज के घर के पास पहुंची थी तो उसने रास्ते में रोक कर रूबी से बात करने का प्रयास किया था तथा विरोध करने पर चाकू से हमला कर हत्या कर दी थी।
घटना के बाद गांव में तनाव बन गया था। मृतका के परिजनों व गांव के लोगों ने धीरज के घर में तोडफ़ोड़ की थी। पुलिस से भी तीखी नोकझोंक हुई थी। देर शाम तक हंगामा होता रहा था। वहीं जिस समय धीरज ने घटना को अंजाम दिया था उसी समय उसका बड़ा भाई नीरज भी वहां पहुंच गया था। वह धीरज को पकड़ कर घर में ले गया था तथा कमरे में बंद कर लिया था।
जिसे पुलिस ने लोगों के आक्रोश के बीच वर्दी पहना कर वहां से निकाला था। पूछताछ के दौरान धीरज ने हत्या का कारण स्पष्ट किया। एसपी अमित कुमार ने बताया कि धीरज व रूबी के बीच तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परंतु चार महीना से रूबी ने उससे बात करना बंद कर दी थी। जिससे धीरज क्षुब्ध था। वह बार-बार उस पर बात करने का दबाव बना रहा था।
परंतु रूबी ने परिवार की बदनामी के चलते उससे बात करने से इन्कार कर दिया था। बताया कि इसी वजह से धीरज ने रूबी की हत्या की है। मृतका के पति नरेंद्र की तहरीर पर धीरज व उसके भाई नीरज के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है।

कई दिन से तलाश में था धीरज
धीरज प्रेमिका रूबी की हत्या करने की फिराक में कई दिन से था। वह लगातार उस पर नजर रख रहा था। परंतु उसे मौका नहीं मिल रहा था। बुधवार को जब रूबी दावत खाने गुड्डू के घर गई थी तो भी धीरज की नजर में थी। वहां से वापस लौटते समय लगभग सौ मीटर तक उसने पीछा किया तथा रूबी को रोक कर बात करने का प्रयास किया था। परंतु रूबी रास्ते में नहीं रूकी तो उसने घर के सामने पहुंचते ही उसकी हत्या कर दी।

धीरज को नहीं किए पर अफसोस
रूबी के हत्यारोपी धीरज को अपने किए पर अफसोस नही है। हालांकि पुलिस सूत्र बताते हैं कि बुधवार को ही उसने पुलिस अधिकारियों से कह दिया था कि वह मेरी बात नहीं मान रही थी। मेरी थी मैंने ही मार दी। इसका कोई अफसोस नहीं है। यही स्थिति गुरुवार को भी रही। जब आरोपी भाइयों को पुलिस अदालत में पेश करने जा रही थी तो धीरज के चेहरे पर कोई अफसोस नहीं था। वह कई बार मुस्कुराया।

विरोध के बीच अंतिम संस्कार के लिए भेजा शव
रूबी की हत्या के बाद गांव पचौकरा का माहौल बदला हुआ है। जहां एक तरफ आरोपियों के घरों पर ताला लटका है वहीं सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस बल तैनात है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब रूबी का शव गांव लाया गया तो परिजनों ने आक्रोश जताया। परंतु इसी आक्रोश के बीच पुलिस ने उन्हें समझा कर शव अंतिम संस्कार के लिए भेजा।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल है सरस मेला: निधि गुप्ता वत्स

जिलाधिकारी ने किया विकास भवन में लगे तीन दिवसीय सरस मेले का शुभारंम

Saras Mela Amroha

सरस मेला का अवलोकन करती हुई जिलाधिकारी निधि गुप्ता

Posted on 05.02.2026 Thursday, Time: 08.45 PM, Amroha News
अमरोहा, 05 फरवरी 2026, जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद और मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र ने विकास भवन परिसर में आयोजित तीन दिवसीय सरस मेले का शुभारंम किया। इस मेले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन ग्रामीण से जुड़े स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के 24 स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर शहद, देसी घी, मिलेट्स उत्पाद, बेडशीट, मसाले, जूट बैग, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, रेडीमेड गारमेंट्स, सजावटी सामान, मोबाइल रिपेयरिंग के उपकरण, फिनायल, हैंडवाश, शैंपू, डिटर्जेंट पाउडर, डिस्पोजल प्लेट्स और बाउल जैसे विभिन्न उत्पाद उपलब्ध हैं।
शुभारंम के बाद, उपस्थित अधिकारियों ने सभी स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया और उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदारी भी की। मेले के दौरान, समूहों से जुड़ी महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और उनसे इन योजनाओं का लाभ उठाने के तरीके भी साझा किए गए। इस अवसर पर कई महिलाओं ने अपनी सफलता के अनुभव भी बताए।
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला उनके उत्पादों की बिक्री के लिए एक नया बाजार और पहचान प्रदान करेगा। उन्होंने जोर दिया कि विकसित भारत के लिए महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिसके तहत जनपद के सभी ब्लॉकों में दीदी मार्ट भी स्थापित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने आगे कहा कि मेले का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की आजीविका बढ़ाना और उनके उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध कराना है। उन्होंने महिलाओं से उत्पादों की पैकेजिंग, शुद्धता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। जिलाधिकारी ने उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आने के लिए प्रोत्साहित किया और आश्वासन दिया कि प्रशासन हरसंभव सहयोग के लिए तैयार है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने मेले में प्रदर्शित उत्पादों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं से कहा कि स्वरोजगार से जुडक़र और दूसरों को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी सरिता द्विवेदी, पीडी डीआरडीए अम्बीष कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Older Posts »