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तीस लाख के इनामी 9 नक्सलियों का आत्मसमर्पण

April 1, 2026

तीस लाख के इनामी 9 नक्सलियों का आत्मसमर्पण

Posted on 01.04.2026 Time 09.34 AM
Maharashtra, Gadhchiroli, Maoism, Nxal Activities surrender, News UP Samachar,
मुंबई, 31 मार्च 26, (पीबी न्यूज), गृहमंत्री अमितशाह की माओबाद मुक्त भारत की निर्धारित समय सीमा के अंतिम दिन 9 नक्सलवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाल कर आत्मसमर्पण किया है।
गढ़चिरौली जिले में 30 लाख रुपये के इनाम वाले नौ नक्सलियों ने समर्पण कर दिया। ये सभी छत्तीसगढ़ में सक्रिय इंद्रावती क्षेत्रीय समिति और राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्रीय समिति के सक्रिय सदस्‍य थे। गढ़चिरौली पुलिस ने उन्हें संविधान की प्रतियां सौंपकर मुख्यधारा में शामिल होने का स्वागत किया।
एसपी नीलोत्पल ने बताया कि गढ़चिरौली जिले में अब केवल छह सशस्त्र वर्दीधारी नक्सली ही सक्रिय बचे हैं।

January 29, 2026

हाथरस में अलंकार अग्निहोत्री का ऐलान 1 फरवरी को भारत बंद, 7 को हाथरस से दिल्ली तक पैदल मार्च

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बोले कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज
Alankar Agnihotri in Hathras

हाथरस में अलंकार अग्निहोत्री सवर्ण नेताओं से वार्ता करते हुए

वार्ता करते  पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री व  राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया

Published on 29.01.2026, Thursday, 10:21 PM, Report by Neeraj Chakrapani, Hathras, UP Samachar Sewa
हाथरस, 29 जनवरी (यूपी समाचार सेवा)। इस्तीफा दे चुके बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के साथ संयुक्त रूप से हाथरस में प्रेस वार्ता कर यूजीसी कानून के विरोध में 1 फरवरी को भारत बंद तथा 7 फरवरी को हाथरस से दिल्ली पीएमओ कार्यालय तक पैदल मार्च का एलान किया।
प्रेस वार्ता के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने सांसदों और विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि समय रहते इस कानून पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि केवल रोक लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे यूजीसी कानून को वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने सवर्ण समाज से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया ने कहा कि यह कानून सवर्ण समाज के भविष्य पर सीधा प्रहार है और इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा।
इससे पूर्व जिले में पहुंचने पर राष्ट्रीय सवर्ण परिषद द्वारा निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।
अलंकार अग्निहोत्री ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी कानून पर रोक लगाए जाने को लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक कॉर्पोरेट कंपनियों के हित में काम कर रहे हैं और यह कानून देश को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने शहीद पार्क में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का धन्यवाद है जिसने इस कानून पर रोक लगाई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन के तहत सवर्ण समाज को पहले से ही अपराधी मानकर नियम लागू किए गए, जिससे समाज के बच्चों का भविष्य संकट में पड़ सकता था।
उन्होंने कहा कि जब किसी भी जनप्रतिनिधि की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तब उन्हें लगा कि सिस्टम के अंदर के व्यक्ति को बाहर आकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि अब जनता जाग चुकी है और यह कानून किसी भी कीमत पर लागू नहीं हो पाएगा।
प्रेस वार्ता में परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

January 13, 2026

स्थानीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित करें एनएचएआई अधिकारी

  • मुख्यमंत्री ने एनएचएआई की सड़क परियोजनाआें की समीक्षा की
  • एन0एच0ए0आई0 के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासनके बीच बेहतर, सतत् और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश
  • एन0एच0ए0आई0 परियोजनाओं की मुख्य सचिव पाक्षिकतथा जिलाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा करें
  • भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए,किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले

लखनऊ,  12 जनवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न सड़क परियोजनाआें की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत् और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे जुड़ी हैं। अतः सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिल सके।
उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट प्रदेश की अनिवार्य आवश्यकता है, किन्तु यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता। इस वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार की नीति है कि किसी भी परियोजना में अपरिहार्य स्थिति में ही वृक्षों की कटान की जाए और जितने वृक्ष कटें, उससे अधिक संख्या में पौधरोपण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी एनएचएआई परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करें। जहां भी किसी स्तर पर कोई विषय लम्बित हो, उसे मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मुख्य सचिव स्वयं इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा करें, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलम्ब न हो और निर्णय शीघ्रता से लिए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण से सम्बन्धित विषयों पर स्पष्ट निर्देश दिए कि सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए। किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें और परियोजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।

 

January 6, 2026

कन्नौज जेल से दो कैदी फरार, चार जेल कर्मी निलंबित

कन्नौज। Kannauj जिला जेल से दो कैदियों के फरार होने के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए जेल कर्मियों की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में चार जिला जेल कर्मियों को दोषी पाए जाने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित किए गए कर्मियों में जेल वार्डर शिवेंद्र सिंह यादव, जेल वार्डर शिवचरन, उप कारापाल बद्री प्रसाद और कारापाल विनय प्रताप सिंह शामिल हैं। सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मामले की विस्तृत जांच डीआईजी कारागार, कानपुर परिक्षेत्र को सौंपी गई है। साथ ही जिला जेल कन्नौज के अधीक्षक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बताया गया है कि फरार हुए दोनों बंदी अंकित और डम्पी कन्नौज जिला जेल से भागने में सफल रहे। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं फरार कैदियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।