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लोक भारती पहनायेगी तीर्थ क्षेत्रों को हरिशंकरी की माला

October 21, 2026

लोक भारती पहनायेगी तीर्थ क्षेत्रों को हरिशंकरी की माला

नैमिषारण्य से शुरू होगी परिक्रमा यात्रा- पवन सिंह चौहान

लखनऊ । लोक भारती द्वारा उत्तर प्रदेश में स्थित चारों परिक्रमा पथों (अयोध्या, मथुरा, नैमिषारण्य, चित्रकूट) के हर कोस पर हरिशकरी (पीपल, बरगद, पाकड़ एक ही थाले में) रोपित कर उनको हरिशंकरी की माला पहनाने का अभियान चल रहा है। यात्रा प्रभारी लोक भारती के अवध क्षेत्र अध्यक्ष पवन सिंह चौहान ने बताया प्रथम चरण में आगामी 24 से 29 अक्टूबर तक एक यात्रा का आयोजन नैमिषारण्य के 84 कोस के परिक्रमा पथ पर किया जा रहा है। जिसमें अभियान में प्रत्येक कोस का नामकरण प्रतिनिधि ऋषि के नाम से पूज्य संतो एवं जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में समाज के द्वारा हरिशंकरी रोपण किया जाएगा । हर कोस पर लगने वाले हरिशंकरी को भविष्य में कोस पड़ाव के रूप में स्थापित किया जाएगा । लोक भारती के बृजेन्द्र पाल सिंह (राष्ट्रीय संगठन मंत्री) ने बताया हर कोस पड़ाव पर शासन के द्वारा प्रकाश, जल, प्रशाधन एवं बैठने की व्यवस्था की मांग की जाएगी । इन हरिशंकरी का रोपण समाज के सभी वर्गों को आमंत्रित कर शासन व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में उत्सव पूर्वक (यज्ञ, स्वास्ती वाचन, मत्रोच्चार, परिक्रमा आदि) किया जाएगा। लोक भारती के श्री गोपाल उपाध्याय (राष्ट्रीय संगठन सचिव) ने बताया परिक्रमा का उद्घाटन 24 अक्टूबर शनिवार को प्रातः 9 बजे नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ पर हरिशंकरी रोपित करके प्रारंभ होगा तथा हर कोस पर हरिशंकरी लगाते हुए यात्रा के स्वरूप में 29 अक्टूबर को समाप्त होगा । यात्रा के दौरान स्थान-स्थान पर जनसभाएं एवं उत्सवों का आयोजन किया जाएगा । जिसमें प्रदेश सरकार के अनेक मंत्रीगण स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं पूज्य संतगणों को आमंत्रित किया गया है । इससे पूर्व में लोक भारती मथुरा के गोवर्धन परिक्रमा पथ एवं चित्रकूट के कामदगिरी परिक्रमा पथ पर हरिशकरी रोपित कर चुका है। अवध प्रान्त सयोजक लोक भारती कमलेश सिह ने यात्रा मार्ग की जानकारी देते हुए बताया, यात्रा 24 को चक्रतीर्थ नैमिषारण्य से प्रारम्भ होकर कोरौना द्वारिकाधीश, हरैया, नगवों कोथाँवा, गिरधरपुर उमरारी, साक्षी गोपालपुर, देवगवा, मंडरुआ, जरिगंवा, नैमिषारण्य, बरेठी होते हुए मिश्रिख पर समाप्त होगी। वार्ता में पवन सिंह चौहान , बृजेन्द्र पाल सिंह (राष्ट्रीय संगठन मंत्री), गोपाल उपाध्याय (संगठन सचिव लोक भारती) , सौरभ सिंह (सह सम्पर्क प्रमुख) , कमलेश सिंह (प्रांत संयोजक लोक भारती) कौशल चंद्रवंशी आदि बंधु उपस्थित रहे।

October 9, 2026

जेवर एयरपोर्ट अब कहलाएगा ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’: सीएम योगी

कानून व्यवस्था की समीक्षा करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री के सम्मान में योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, नामकरण प्रस्ताव पारित

*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता में गिनाईं पीएम मोदी के 25 वर्षों की उपलब्धियां

*कहा- सेवा, समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास तक पहुंची यात्रा*

*प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित*

*मुख्यमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की निरंतर और समर्पित सार्वजनिक सेवा भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय*

*प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा, निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम करती रहेगी: सीएम*

*लखनऊ, 09 अक्टूबर।* नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर अब ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में एयरपोर्ट के नामकरण का प्रस्ताव पारित किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिए गए इस निर्णय को मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति प्रदेश सरकार की कृतज्ञता और उत्तर प्रदेश के विकास में उनके मार्गदर्शन एवं योगदान के सम्मान का प्रतीक बताया।

कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया है। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री जी ने सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्षों की निरंतर और समर्पित सार्वजनिक सेवा पूरी की। यह भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है। 25 वर्षों की यह यात्रा ‘सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम’ की भावना से संचालित रही है। यह यात्रा केवल सत्ता या शासन की यात्रा नहीं, बल्कि ‘जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास’ की यात्रा है।

*जेवर एयरपोर्ट का नामकरण, प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता का संदेश*
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर प्रधानमंत्री जी की ओर से उत्तर प्रदेश को मिली एक बड़ी सौगात है। यह एयरपोर्ट आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और वैश्विक कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा। इसी भावना के साथ कैबिनेट ने एयरपोर्ट का नाम ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ किए जाने का प्रस्ताव पारित किया है। कैबिनेट प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, उनके सतत मार्गदर्शन, उत्तर प्रदेश के विकास के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता और देश को नई दिशा देने वाले नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करती है। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व के प्रति अभिनंदन भी व्यक्त किया। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा, निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम करती रहेगी।

*काशी से जेवर तक, यूपी से प्रधानमंत्री का विशेष जुड़ाव*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी काशी से निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उत्तर प्रदेश की धरती से देश का नेतृत्व कर रहे हैं। 2014 में प्रधानमंत्री जी ने काशी आगमन पर कहा था- ‘मुझे मां गंगा ने बुलाया है।’ इसके बाद काशी और प्रधानमंत्री जी का संबंध केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रहा। काशी के विकास, आध्यात्मिक पुनर्जागरण और उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के बीच एक नया संबंध बना। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और केंद्र-प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार के समन्वय से उत्तर प्रदेश में विकास की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश प्रशासनिक जड़ता, असुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था। इसके बाद पारदर्शी और तकनीक आधारित सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल वातावरण को विकास का आधार बनाया गया।

*2,483 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और नमो भारत से बदली कनेक्टिविटी*
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में करीब 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग ₹60 हजार करोड़ खर्च किए गए हैं। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। ₹30 हजार करोड़ से अधिक लागत से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत/आरआरटीएस परियोजना देश में हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन की नई मिसाल बनी है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद तथा नोएडा-ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हुआ है। इसी बदलती कनेक्टिविटी का नया केंद्र जेवर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने जा रहा है। सीएम ने इसे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट और भविष्य में देश के बड़े एविएशन हब में विकसित होने वाली परियोजना बताया।

*फ्रेट कॉरिडोर से डिफेंस कॉरिडोर तक, औद्योगिक तस्वीर बदली*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के बड़े लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। दादरी ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन बन चुका है। 1,050 किलोमीटर से अधिक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रदेश से गुजर रहा है। वाराणसी में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर देश का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और 100 एकड़ का देश का पहला फ्रेट विलेज विकसित हुआ है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 1,000 एकड़ का पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क औद्योगिक विकास की नई दिशा तय कर रहे हैं।

*किसानों को सीधे लाभ, फसल ऋण से गन्ना भुगतान तक*
किसान कल्याण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। करीब 86 लाख किसानों की ऋणमाफी की गई है। प्रदेश में 5.50 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ₹13,42,978 करोड़ का फसल ऋण वितरित किया गया। 79.51 लाख किसानों को फसल क्षति के मद में भुगतान मिला है, जबकि गन्ना किसानों को ₹3.30 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है।

*आवास, राशन और पानी से गरीबों के जीवन में बदलाव*
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास मिले हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 3.67 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 2.46 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल का कनेक्शन दिया जा चुका है। खास तौर पर बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है। जनधन योजना, बैंकिंग विस्तार और बैंक मित्रों के नेटवर्क ने प्रदेश में वित्तीय समावेशन को भी मजबूत किया है।

*आयुष्मान से एम्स तक स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार*
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत प्रदेश में करीब 6.08 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। राज्य में 9.90 करोड़ से अधिक नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज मिला है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 1.09 करोड़ से अधिक मरीजों को ₹18,798 करोड़ के मुफ्त उपचार का लाभ मिला है। आरोग्य मेलों के माध्यम से 14.67 करोड़ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स का संचालन भी स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

*शौचालय, उज्ज्वला और नमामि गंगे से बदली तस्वीर*
सीएम योगी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में 3.37 करोड़ से अधिक शौचालय और 59,183 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए। प्रदेश सरकार होली और दीपावली पर महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करा रही है। नमामि गंगे के तहत गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए व्यापक काम हुआ है। काशी सहित गंगा के विभिन्न तटों पर विकास और संरक्षण की परियोजनाओं ने धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से नई पहचान बनाई है।

*महिला सशक्तीकरण से गांव की अर्थव्यवस्था को ताकत*
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी अभियान के तहत 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 15 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक सहायता मिली है। स्वामित्व योजना के तहत 91 हजार से अधिक गांवों में काम हुआ और 1.10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरौनी के रूप में संपत्ति का प्रमाण मिला। महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ी है। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण तथा अनुसूचित जाति-जनजाति और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।

*यूपी का हुनर ‘लोकल से ग्लोबल’ तक*
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद योजना ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री जी ने विदेश यात्राओं के दौरान काशी की गुलाबी मीनाकारी, निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की जरदोजी जैसे यूपी के उत्पादों को वैश्विक मंच दिया। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को यूपी के इन स्थानीय उत्पादों को उपहार में देना ‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा को मजबूती देने वाला कदम रहा। उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, दुग्ध, गन्ना, आम, आंवला और मोटे अनाज के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है।

*युवाओं को नौकरी, प्रशिक्षण और डिजिटल ताकत*
सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए। प्रदेश में 9.50 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां हुई हैं और 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। रोजगार मेलों, आईटीआई और कौशल विकास मिशन के माध्यम से 31.11 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, काशी में आधुनिक खेल परिसर और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी परियोजनाओं से खेल और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा मिली है।

*राम मंदिर से महाकुंभ तक, सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण*
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के योगदान को आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास से आगे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से 500 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास हुआ और गंगा घाट से बाबा विश्वनाथ धाम तक भव्य एवं दिव्य मार्ग बना। विदेश से करीब 100 वर्ष पुरानी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा वापस लाई गई और काशी विश्वनाथ धाम में पुनर्स्थापित की गई। भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष 127 वर्ष बाद भारत वापस आए। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। मुख्यमंत्री ने काशी तमिल संगमम, अभिधम्म दिवस, बौद्ध सर्किट, संत रविदास जन्मस्थली विकास परियोजना, संग्रहालय एवं प्रतिमा परियोजनाएं, चौरी-चौरा शताब्दी आयोजन तथा लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ जैसे कार्यों को सांस्कृतिक पुनर्जागरण की कड़ी बताया। उन्होंने वाराणसी के संगीत और लखनऊ की पाक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने, सारनाथ से जुड़े बौद्ध स्थलों को वैश्विक पहचान मिलने तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने को भी प्रदेश की महान विभूतियों के योगदान के राष्ट्रीय सम्मान के रूप में रेखांकित किया।

October 8, 2026

सात रंगों की स्पार्क है जिंदगी

राष्ट्रीय पुस्तक मेले में डॉ. शिल्पी बख्शी शुक्ला के कहानी संग्रह ‘स्पार्क’ का विमोचन

लखनऊ। राष्ट्रीय पुस्तक मेले में नारी सरोकारों से जुड़ी लेखिका डॉ. शिल्पी बख्शी शुक्ला के कहानी संग्रह ‘स्पार्क’ का विमोचन उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने किया। समारोह की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी ने की। इस अवसर पर अपर्णा यादव ने कहा कि जिंदगी में उत्साह, संवेदना और सकारात्मक सोच की एक छोटी-सी चिंगारी भी बड़े बदलाव का कारण बन सकती है। ‘स्पार्क’ की कहानियां जीवन के विभिन्न रंगों को सामने लाती हैं और पाठकों को सोचने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि संग्रह की कुछ कहानियां उनके मन को गहराई से छू गईं।

पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी ने कहा कि लेखन साहित्य के अनंत सागर की यात्रा है। एक रचनाकार अपने अनुभवों और संवेदनाओं को शब्द देकर समाज के सामने रखता है और यही साहित्य की सबसे बड़ी ताकत है।

विशिष्ट अतिथि साहित्यकार डॉ. मनीष शुक्ल ने कहा कि एक लेखक अपनी कलम के माध्यम से समाज में ‘स्पार्क’ पैदा करता है। उसकी रचनाएं विचारों को जन्म देती हैं और पाठकों को नई दृष्टि प्रदान करती हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार एवं वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री ने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और जीवन को समझने की खिड़की भी हैं। उन्होंने नई पीढ़ी से नियमित रूप से किताबें पढ़ने और साहित्य से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बीच पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि गंभीर और स्थायी ज्ञान के लिए उनका महत्व और बढ़ गया है।

लेखिका डॉ. शिल्पी बख्शी शुक्ला ने अपनी दो कहानियों का पाठ किया, जिसे उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने सराहा।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की प्रधान संपादक डॉ. अमिता दुबे, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह, नीरज श्रीवास्तव और अलका प्रमोद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन जरीन अंसारी ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार, पत्रकार और पुस्तकप्रेमी उपस्थित रहे।

October 3, 2026

एनयूजे राष्ट्रीय परिषद् की बैठक चार से अयोध्या में

लखनऊ, 03 अक्टूबर 2026, नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इण्डिया) एनयूजे आई की राष्ट्रीय परिषद् की बैठक 4 और 5 अक्टूबर को अयोध्या धाम में होगी। बैठक में देश के 22 राज्यों से लगभग 200 प्रतिनिधि शामिल होंगे। उक्त बैठक का आयोजन उत्तर प्रदेश एसोसिएशन आफ जर्नलिस्ट्स (उपज) द्वारा किया जा रहा है।

एनयूजे के राष्ट्रीय महासचिव त्रियुग नारायण तिवारी ने बताया कि बैठक में पत्रकारों की समस्याओं पर मंथन होगा तथा प्रस्ताव पारित किये जाएंगे। इस अवसर पर मीडिया काउन्सिल की स्थापना, नए वेतन बोर्ड के गठन तथा पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग प्रमुख रूप से की जाएगी। इसके साथ ही सम सामयिक मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश शर्मा (भोपाल) करेंगे।

उपज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह के अनुसार बैठक में उत्तर प्रदेश से लगभग 55 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। प्रदेश इकाई और जिला अयोध्या इकाई द्वारा व्यापक प्रबंध किये गए हैं। उत्तर प्रदेश की इकाई की ओर से पत्रकारों को उत्तर प्रदेश में पेंशन की मांग पर चर्चा होगी तथा इस प्रस्ताव को राष्ट्रीय बैठक में पारित कराया जाएगा। इसके साथ ही पत्रकारों को रेल यात्रा में फिर से रियायत शुरु करने की भी मांग की जाएगी।

September 21, 2026

मुरादाबाद समेत एक दर्जन जिलों के डीएम बदले

आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण/तैनाती
श्री अनुनय झा — जिलाधिकारी, हरदोई → जिलाधिकारी, मुरादाबाद
श्री राहुल पाण्डेय — विशेष सचिव, राज्य कर → जिलाधिकारी, हरदोई
श्रीमती अनामिका उपाध्याय — आगरा विकास प्राधिकरण की संभागीय खादी नियंत्रक → जिलाधिकारी, एटा
श्री संजय चौहान — जिलाधिकारी, अमेठी → जिलाधिकारी, कुशीनगर
श्री महेन्द्र सिंह तंवर — जिलाधिकारी, कुशीनगर → जिलाधिकारी, कानपुर नगर
श्रीमती अनुज मलिक — मुख्य कार्यपालक अधिकारी, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण → जिलाधिकारी, संतकबीरनगर
श्री आलोक कुमार — जिलाधिकारी, संतकबीर नगर → जिलाधिकारी, पीलीभीत
श्री त्रानेन्द्र सिंह — जिलाधिकारी, पीलीभीत → जिलाधिकारी, बलिया
श्री शशांक चौधरी — अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यूपी एवं अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीड़ा → जिलाधिकारी, अमेठी
श्री दिव्यांशु पटेल — नगर आयुक्त, नगर निगम मुरादाबाद → जिलाधिकारी, बागपत
श्री भास्कर कुमार — विशेष सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति तथा संयुक्त प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) → जिलाधिकारी, महोबा
श्री उमेश प्रताप सिंह — विशेष सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण, निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं प्रबंध निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम → जिलाधिकारी, बिजनौर
श्री सत्य प्रकाश पटेल — विशेष सचिव, नगर विकास → जिलाधिकारी, हाथरस
श्री अशोक कुमार — विशेष सचिव, सिंचाई, जल संसाधन एवं परती भूमि विकास तथा विशेष सचिव, कारागार शासन एवं सुधार → जिलाधिकारी, हमीरपुर
श्री हिमांशु कौशिक — प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन → नगर आयुक्त, नगर निगम मुरादाबाद
श्री विजय कुमार सिंह — मुख्य राजस्व अधिकारी, देवरिया → मुख्य विकास अधिकारी, मिर्जापुर
श्री संतोष बहादुर सिंह — अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), सहारनपुर → मुख्य विकास अधिकारी, मैनपुरी
श्री विशाल कुमार — मुख्य विकास अधिकारी, मिर्जापुर → मुख्य कार्यपालक अधिकारी, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण
श्री विजय कुमार — विशेष सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक तथा महाप्रबंधक, यूपी डेस्को → उपाध्यक्ष, आगरा विकास प्राधिकरण एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक, आगरा
श्री शैलेंद्र भाटिया — अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण → अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीड़ा
श्रीमती गजल भारद्वाज — जिलाधिकारी, महोबा → अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यूपी
श्री नितिन मदान — अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), रामपुर → अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण
श्रीमती जसजीत कौर — जिलाधिकारी, बिजनौर → प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन
श्री जतिन प्रताप सिंह — जिलाधिकारी, कानपुर नगर → निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद
श्रीमती नेहा बंधु — मुख्य विकास अधिकारी, मैनपुरी → अपर आयुक्त, विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन
श्री अमनदीप डुली — अपर आयुक्त, मनरेगा → नियंत्रक, विधिक बाट-माप
श्रीमती अस्मिता लाल — जिलाधिकारी, बागपत → विशेष सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण, निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं प्रबंध निदेशक, पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम
श्री अभिषेक गोयल — जिलाधिकारी, हमीरपुर → विशेष सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक
श्री मंगला प्रसाद सिंह — जिलाधिकारी, बलिया → प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड
श्रीमती निधि श्रीवास्तव — विशेष सचिव, उच्च शिक्षा → विशेष सचिव, राज्य कर
श्री अरविंद सिंह — जिलाधिकारी, एटा → विशेष सचिव, खाद्य एवं रसद
श्री राजेंद्र पसिया — जिलाधिकारी, मुरादाबाद → विशेष सचिव, कारागार शासन एवं सुधार
श्री अतुल वत्स — जिलाधिकारी, हाथरस → विशेष सचिव, राजस्व
श्री चंद्रशेखर — विशेष सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन → विशेष सचिव, परती भूमि विकास का अतिरिक्त प्रभार

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