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एटा में सोते समय सांप ने युवक को डसा, इलाज के दौरान तोड़ा दम

August 7, 2026

एटा में सोते समय सांप ने युवक को डसा, इलाज के दौरान तोड़ा दम

एटा 07 अगस्त उप्रससे। जनपद में जलेसर तहसील क्षेत्र के लखमीपुर गांव में सांप के काटने से 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। गुरुवार की रात युवक को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को घर ले गए।

लखमीपुर गांव निवासी विक्रम (22) गुरुवार रात खाना खाने के बाद अपने घर में सो रहा था। रात लगभग एक बजे उसे सांप ने डस लिया। सांप के काटने का एहसास होने पर उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद जान नहीं बचाई जा सकी। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

मृतक के भाई रामू ने बताया कि रात करीब एक बजे सांप ने विक्रम को काट लिया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले जा रहे हैं।

राजा भैया ने घटनास्थल का किया निरीक्षण, घायल से मिलकर जाना हालचाल

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में जर्जर मकान गिरने से एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत के बाद जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने हादसे में घायल बचे सदस्य अमन श्रीवास्तव से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान राजा भैया ने बताया कि यह मकान प्रमोद श्रीवास्तव का था। रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने कहा कुछ घटनाएं कुछ घटनाएं दुखद होती हैं कुछ अकल्पनीय होती हैं जो बच्चा अमन ईश्वर की कृपा से बच गया है किस मानसिक स्थिति में होगा ईश्वर उसे शक्ति दे पूरा प्रतापगढ़ जिला इस हादसे से दुखी है।

प्रतापगढ़ में 12 लाख की लूट का खुलासा

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH (UP)

प्रतापगढ़,  पुलिस ने आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र में 2 अगस्त को हुई करीब 12 लाख रुपये के जेवरात की लूट का खुलासा कर दिया है। शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इनमें से दो आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया, जबकि दो अन्य को अलग कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 12 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद सामान में सोने का एक कंगन, चार अंगूठियां, दो जोड़ी टॉप्स, दो जोड़ी झुमके, एक मांग टीका, दो जोड़ी बालियां, तीन चेन, एक लॉकेट तथा बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण शामिल हैं।गौरतलब है कि 2 अगस्त की रात चार बदमाश एक घर में घुस गए थे। उस समय घर में एक महिला अकेली थी। आरोपियों ने महिला को बंधक बनाकर अलमारी का लॉकर तोड़ा और उसमें रखे जेवरात लूटकर फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की। गहन छानबीन और जुटाए गए सुरागों के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तथा लूटे गए अधिकांश जेवरात भी बरामद कर लिए। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।

मंत्री से मुलाकात का असर: समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों की जांच स्थगित कराने की कार्रवाई, संगठन ने जताया आभार


देवरिया, 7 अगस्त। समाज कल्याण अनुसूचित जाति प्राथमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष सर्वेश सिंह एवं कार्यकारिणी अध्यक्ष कासिम खान ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों की समस्याओं और संगठन की ओर से की गई पहल के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण से मुलाकात के बाद शिक्षकों के विद्यालयों की प्रस्तावित जांच को स्थगित कराने की दिशा में कार्रवाई की गई है।
अध्यक्षद्वय ने बताया कि 23 जुलाई 2026 को भागीदारी भवन, लखनऊ में राज्य मंत्री असीम अरुण से मुलाकात कर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया गया था। संगठन की ओर से समस्याओं के समाधान के लिए मंत्री को मांग पत्र भी सौंपा गया।
उन्होंने बताया कि इससे पहले समाज कल्याण सचिव द्वारा 1 जुलाई को निदेशक समाज कल्याण को विद्यालयों की बिंदुवार जांच कराकर उसकी आख्या शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। संगठन ने इस कार्रवाई से संबंधित अपनी समस्याओं और शिक्षकों की स्थिति को मंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा।
सर्वेश सिंह और कासिम खान ने बताया कि मंत्री द्वारा मामले को सहानुभूतिपूर्वक लेते हुए 3 जुलाई 2026 को निदेशक समाज कल्याण को संदर्भित जांच स्थगित करने के संबंध में कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। संगठन ने इसे शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए मंत्री असीम अरुण के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि संगठन की मांग केवल जांच स्थगित कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज कल्याण विभाग के अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और अध्ययनरत बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के समान सुविधाएं उपलब्ध कराना भी संगठन की प्रमुख मांग है।
अध्यक्षद्वय ने प्रदेश सरकार से मांग की कि समाज कल्याण विभाग के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं का स्थायी समाधान करते हुए उन्हें समान सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
प्रेसवार्ता में कोषाध्यक्ष शिवदत्त दुबे, प्रदेश उपाध्यक्ष रविन्द्र यादव, विकास सिंह, चंद्रशेखर तिवारी एवं रामनिवास सिंह मौजूद रहे।
हेडिंग के कुछ और मजबूत विकल्प:
मंत्री से मुलाकात के बाद कार्रवाई, समाज कल्याण शिक्षकों की जांच स्थगित कराने के निर्देश
शिक्षकों की समस्याओं पर मंत्री ने लिया संज्ञान, जांच स्थगित कराने की कार्रवाई से संगठन में खुशी
मंत्री असीम अरुण से मिले शिक्षक नेता, जांच स्थगित कराने की कार्रवाई पर जताया आभार
शिक्षकों की मांग पर मंत्री की पहल, समाज कल्याण विद्यालयों की जांच स्थगित कराने की कार्रवाई
मंत्री से मुलाकात का दिखा असर, समाज कल्याण शिक्षकों की जांच पर लगी रोक की कार्रवाई हुई है।

सार्थक पहल

Editorial 07.08.2026 Time 09.37 AM, by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News , UP News, UP Samachar Sewa

सर्वेश कुमार सिंह

गुरुवार को युवाओं से संवाद और युवा नीति विषयक सार्थक पहल हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने मुंबई में 2000 जेन जी और जेन अल्फा से संवाद किया। संवाद का आयोजन आईआईएम यूएस कैंपस की ओर से किया गया। इसमें 11 से 19 वर्ष के छात्रों को देश भर से आमंत्रित किया गया। इस पहल को करने का श्रेय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को ही है, क्योंकि उनकी पहल पर ही यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।

संघ के सरसंघचालक डॉ भागवत ने खुलकर अपने विचार रखे और प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा आज की युवा पीढ़ी हमारी पीढ़ी से अधिक ईमानदार और देशभक्त है। आंदोलन और प्रदर्शन संविधानिक अधिकार है। उन्होंने आरक्षण पर भी अपना मत प्रकट किया। डा मोहन भागवत ने कहा आरक्षण असमानता दूर करने के लिए लागू किया गया था। अत: जब तक समाज में आर्थिक, सामाजिक असमानता है तब तक आरक्षण जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आरक्षण से सक्षम हो गए हैं उन्हें स्वेच्छा से आरक्षण का लाभ लेना छोड़ना चाहिए।

दूसरी पहल उत्तर प्रदेश से हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवा नीति बनाने और राज्य युवा आयोग के गठन की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों की बैठक बुलाकर निर्देश दिए कि युवा नीति बनाने के लिए विद्यार्थियों, युवा पेशेवरों, खिलाड़ियों, उद्यमियों से वार्ता की जाय। उन्होंने युवा आयोग बनाकर नीति निर्धारण की रूपरेखा प्रस्तुत करने की जानकारी दी। अब उम्मीद है कि शीघ्र ही उत्तर प्रदेश में युवा आयोग का गठन होगा। इसके बाद युवाओं के हितों के लिए युवा नीति बनाई जाएगी।

युवाओं से जुड़ी ये दोनों पहल सामयिक हैं। आज युवा उद्वेलित है। इसके कई कारण है। पहला कारण है सूचना का तीव्र प्रवाह। दूसरा है ऊंची उड़ान के सपने देखना। तीसरा तत्काल परिणाम की अभिलाषा। हालांकि ये सभी सार्थक और अपेक्षित हैं, किंतु इन्हें संतुलित होना चाहिए। हाल का नीट परीक्षा से जुड़ा आंदोलन और रांची का छात्र आंदोलन इन्हीं कारकों के परिणाम है। इन पर गंभीरता और ईमानदारी से चिंतन, मनन और निर्णय की आवश्यकता है। ये काम केंद्र सरकार को यथाशीघ्र आरम्भ करना चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार किन्तु, परंतु में उलझी है। वह आंदोलनकारियों के सहयोगियों और मददगारों की खोज में लगी है। जबकि तत्काल कारण के मूल में जाने की जरूरत है। यह कार्य आरएसएस और यूपी सरकार ने शुरू कर दिया है। इसके लिए डा मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि पूर्ण पहल सराहनीय है। युवाओं को सही दिशा देना, उनके भविष्य के बारे में सोचना राज्य की जिम्मेदारी है।

आज जो सूचना युवा ग्रहण कर रहे हैं उसका स्रोत डिजिटल है। ये स्रोत अनियंत्रित और अप्रमाणित सूचनाओं के प्रवाह का समुद्र है। इसपर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। सरकार, समाज, संगठनों को ऐसे प्रयास करने होंगे कि युवाओं को प्रमाणित और सत्य सूचना मिले। ताकि वे उसी पर धारणा बनाएं। इसके लिए युवाओं में समाचार पत्र, पत्रिकाएं, पुस्तकें पढ़ने की प्रवृत्ति जगाने के लिए कार्य योजना बनानी होगी।

ऊंची उड़ान के सपने देखना हमेशा अच्छा होता है। इसलिए इसे सही दिशा देने की सार्थक रणनीति बनानी होगी। सपना कैसे पूरा हो इसके लिए उन्हें दक्ष बनाना होगा। तीसरा तत्काल परिणाम की लालसा को नियंत्रित करने के लिए युवाओं को बताना पड़ेगा कि कोई भी लक्ष्य मार्ग पर चलकर ही प्राप्त किया जा सकता है। तेज दौड़ या छलांग लगाकर नहीं।

देश और समाज ने इन विषयों पर समय रहते चिंतन कर लिया जाए और युवाओं को सदी दिशा दे दी तो ये ऊर्जा राष्ट्र निर्माण करेगी। भारत का चतुर्दिक विकास होगा। यदि विलम्ब या चूक हुई तो स्थिति प्रतिकूल भी हो सकती है।

सुकून की बात यह है कि विश्व के सबसे बड़े संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और देश के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये पहल कर दी है।

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