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पारदर्शी प्रक्रिया से 9 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी प्रदान की: योगी आदित्यनाथ

May 3, 2026

पारदर्शी प्रक्रिया से 9 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी प्रदान की: योगी आदित्यनाथ

Posted on 03.05.2026 Time 07.38 PM Sunday, Lucknow News, CM Yogi Adityanath News, New Appointment 

सीएम ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दन्त स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

लखनऊ : 03 मई, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि प्रदेश में अब तक निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गयी है। यह संख्या इस अवधि में देश के किसी भी राज्य द्वारा युवाओं को प्रदान की गयी नौकरियों से अधिक हैं।
मुख्यमंत्री आज यहां मिशन रोजगार के अन्तर्गत निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दन्त स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न कराने हेतु उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत एवं उनकी पूरी टीम की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार कर प्रदेश को बीमारू बना दिया था, जिससे अपेक्षित परिणाम प्राप्त न होने पर न केवल माँ-बाप, बल्कि नाते-रिश्तेदारों के सपने भी चकनाचूर हो जाते थे। यह प्रदेश भ्रष्टाचार, अराजकता तथा गुण्डागर्दी का पर्याय बन चुका था। यहाँ कोई भी व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करता था। परीक्षा कोई और देता था, जबकि नियुक्ति कोई अन्य व्यक्ति प्राप्त करता था। वर्ष 2017 से पूर्व चयन की प्रक्रिया में अत्यधिक भेदभाव के कारण युवा आत्महत्या करने को मजबूर थे। चयन प्रक्रिया में भेदभाव को रोकने के लिये न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत अब तक 02 लाख 20 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती सम्पन्न की जा चुकी है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में केवल 03 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था थी। प्रदेश सरकार द्वारा 60 हजार 244 पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रशिक्षण केन्द्रों में एक साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न कर, उन्हें 26 अप्रैल, 2026 को पासिंग आउट परेड की प्रक्रिया से जोड़कर फील्ड ड्यूटी में भेजा गया है। अकेले उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया सम्पन्न करेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग इस वर्ष लगभग 15 हजार युवाओं की भर्ती सम्पन्न करेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा वर्तमान में सब इन्सपेक्टर तथा होमगार्ड की भर्ती सम्पन्न हो चुकी है। इन दोनों भर्तियों को मिलाकर लगभग 45 हजार पद सम्मिलित हैं। लगभग इतने ही पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रदेश में सभी विभागों को मिलाकर डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न होनी है। भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिये प्रदेश सरकार ने सख्त कानून बनाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षों में प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा प्रतिव्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है, जबकि इसमें कोविड महामारी की अवधि भी सम्मिलित है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुयी है। राज्य में बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ एक्सप्रेस-वे, हाईवे तथा ग्रामीण सड़कों आदि का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश के लगभग प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज हैं। वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स लोगों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। लगातार सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल व नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण हो रहा है। पूर्व में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या कम थी तथा उनमें स्टाफ का भी अभाव था, जिसके परिणामस्वरूप पूरा सिस्टम बीमार था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के बारे में लोगों को जानकारी नहीं थी, जबकि यह बहुत महत्वपूर्ण विभाग है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का एक पक्ष दवा की गुणवत्ता से सम्बंधित है, जो यह देखता है कि जो दवा हम ले रहे हैं, वह मानक के अनुरूप है या नहीं। दूसरा पक्ष खाद्य सुरक्षा से सम्बन्धित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज औषधियों की जांच के लिए प्रत्येक मण्डल स्तर पर ‘ए-ग्रेड’ की एक-एक लैब है। ट्रेण्ड मैनपॉवर समय पर किसी नमूने के बारे में बता पाएगा कि नमूना सही है या गलत। गलत नमूना पाए जाने पर सजा का प्राविधान है। प्रदेश में आजादी के बाद से वर्ष 2017 तक मात्र पांच प्रयोगशालाएं बन पाई थीं, अब आवश्यक उपकरणों के साथ प्रदेश में 18 प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। पहले, मनुष्य के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता था। उसे पता नहीं होता था कि जो वह दवा खा रहा है वह सही है या गलत। पूर्व में इन प्रयोगशालाओं में 12000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे, जबकि आज 55000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जा सकते हैं। एनालिस्ट की संख्या अब तक मात्र 44 थी, 357 एनालिस्ट की भर्ती के उपरांत यह संख्या 401 हो गई है। इससे बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी हुई 06 प्रयोगशालाओं में अभी तक एनालिस्ट की संख्या 58 है। 417 पदों पर भर्ती के लिए आयोग को अधियाचन भेजा गया है। जल्द ही उनकी भर्ती की प्रक्रिया सम्पन्न होने जा रही है। खाद्य सुरक्षा के नमूनों की जांच के लिए प्रदेश में लैब्स संख्या बढ़कर 18 हो गई है। यहां अच्छे उपकरण उपलब्ध करवा दिए गए हैं। अब कोई जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाएगा। अब तक खाद्य सुरक्षा से संबंधित 36 हजार नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे। एनालिस्ट की भर्ती के उपरान्त प्रतिवर्ष 01 लाख 08 हजार नमूनों की जांच की जा सकेगी और जनता के लिए परोसी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। यह मार्केट से जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली सामग्री को हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग एम देवराज, सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ0 रोशन जैकब व नव चयनित अभ्यर्थी उपस्थित थे।

February 13, 2026

हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता: Yogi Adityanath

Posted on 13.02.2026 Time 09.31 PM Friday, Lucknow , Vidhan Sabha 

लखनऊ, 13 फरवरी 2026, बजट सत्र में मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज ने विपक्ष को करारा जवाब दिया। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण पर स्पष्ट रुख अपनाया और हर कोई शंकराचार्य नहीं हो सकता।

उत्तर प्रदेश विधान मंडल के बजट सत्र (वित्तीय वर्ष 2026-2027) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता.. हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर के जहां-तहां वातावरण खराब नहीं कर सकता.. उन मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा, और अगर वह शंकराचार्य थे तो क्यों आप लोगों ने लाठीचार्ज किया था वाराणसी में?*

क्यों FIR लॉज किया था? आप नैतिकता की बात करते हैं?

साढे चार करोड़ श्रद्धालु जहां पर आए हों, वहां पर जो एग्जिट गेट है जहां से श्रद्धालु बाहर निकल रहा है स्नान करके, उस द्वार से उस पांटून से उस मार्ग से किसी को बाहर निकलने का कोई वह नहीं, क्योंकि उससे अंदर जाने का कोई प्रयास करता है तो एक नए स्टैम्पेड को जन्म देता है, वहां पर नई भगदड़ को जन्म देता है, श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करता है…

एक जिम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति कभी इस प्रकार का आचरण नहीं कर सकता, कभी नहीं कर सकता…

आपको पूजना है सपा के लोग तो पूजें, लेकिन हम लोग मर्यादित लोग हैं, कानून का शासन पर विश्वास करते हैं।कानून का शासन पालन करना भी जानते हैं, पालन करवाना भी जानते हैं। दोनों चीजों को एक साथ लागू करवाना जानते हैं, लेकिन इसके नाम पर गुमराह करना बंद करिए आप लोग।

January 17, 2026

एकीकृत न्यायालय काम्पलेक्स से उत्तर प्रदेश सरकार ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया हैः न्यायमूर्ति सूर्यकांत

चन्दौली समेत छह एकीकृत न्यायालय काम्पलेक्स का शिलान्यास , पांच जिलों में वर्चुअल कार्क्रम सम्पन्न

CJI Justice Suryakant lays Foundation stone of 6 integated Court Complexes in Chandauli District with UP Chief Minister Yogi Adityanath on 17nth January 2026

चन्दौली समेत छह जिलों में एकीकृत न्यायालय काम्पलेक्स का शिलान्यास करते हुए भारत के मुख्य न्न्यायायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

चन्दौली: 17 जनवरी, 2026. उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त Chief Justice of India Justice Suryakant ने जनपद चन्दौली में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति रही। ज्ञातव्य है कि जनपद चन्दौली में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास भौतिक रूप से तथा जनपद महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस तथा औरैया में वर्चुअल माध्यम से सम्पन्न किया गया।
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त  ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि यह क्षेत्र बाबा स्वामीनाथ व अनेक ऐतिहासिक तथा धार्मिक मन्दिरों के लिये प्रसिद्ध है। इस स्वर्णिम इतिहास में आज मुख्यमंत्री जी ने एक नयी कड़ी जोड़ी है, जब यहाँ न्यायिक मन्दिरों की स्थापना की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जी ने 10 इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की घोषणा की, जिनमें से आज 06 का शिलान्यास किया जा रहा है। इस कार्य से उत्तर प्रदेश सम्पूर्ण देश में एक एक्जाम्पल सेट करेगा। यह इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स सम्पूर्ण भारत के लिये बेंच मार्क बनेंगे। जिस प्रदेश में जाऊँगा, खुशी व गर्व के साथ उत्तर प्रदेश का उदाहरण प्रस्तुत कर, वहाँ की राज्य सरकारों से यह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान करूंगा।
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स आगामी 50 वर्षों तक न्याय परिसर की आवश्यकतायें सशक्त रूप से पूर्ण करने में सफल होंगे। कोर्ट कॉम्प्लेक्स में वकीलों के साथ-साथ न्याय की खोज में आये आम आदमी को आवश्यक सुविधायें प्रदान करना सराहनीय कदम है। इस कार्य के लिये उत्तर प्रदेश सरकार एवं उच्च न्यायालय बधाई के पात्र हैं। भारत के संविधान में डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियरी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। संविधान निर्माताओं का मानना रहा है कि डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशयरी स्थापित होने से देश में एक्सेस टू जस्टिस का सपना पूरा होगा। लोगों को नजदीक से नजदीक कोर्ट की सुविधाएं प्राप्त होंगी, जहाँ वह अपने अधिकारों के लिये लड़ सकेंगे।

UP Chief Minister Yogi Adityanath present a momento to Chief Justice of India Justice Suryakant at occasion in Chandauli

चन्दौली में एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को प्रतीक चिन्ह भेंट करते हुए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण हेतु न्यायपालिका का सशक्त होना तथा कॉमनमैन को सहजता से न्याय उपलब्ध कराने के लिये न्यायिक व्यवस्था से सम्बन्धित अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर होना आवश्यक है। सुशासन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिये न्यायिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिये प्रदेश सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2014 में देश में ईज़ ऑफ डूइंर्ग बिजनेस और ईज़ ऑफ लिविंग के लक्ष्य के प्राप्ति हेतु अनेक रिफॉर्म किये तथा देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए। देश के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त जी ने अपनी प्रयागराज यात्रा के दौरान उल्लेख किया था कि प्रत्येक नागरिक को सहजता से न्याय उपलब्ध कराने के लिये एक इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का मॉडल कार्यान्वित किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा तथा न्यायमूर्ति सूर्यकान्त जी के सुझाव को ध्यान को रखते हुये आज प्रदेश में न्याय पालिका के इतिहास के एक नये पृष्ठ का सृजन हो रहा है। श्री काशी विश्वनाथ तथा बाबा कीनानाथ की पावन धरा चन्दौली सहित 06 जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया जा रहा है। जनपद चन्दौली में भौतिक रूप से तथा जनपद महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस तथा औरैया में वर्चुअल माध्यम से यह कार्य सम्पन्न हो रहा है।
कार्यक्रम में इन्टीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति  विक्रम नाथ तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज मित्थल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिन्दल, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश चन्द्र त्रिपाठी, न्यायमूर्ति हरवीर सिंह, अधिवक्तागण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

January 13, 2026

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया

गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह में लोक गायिका और बिहार में भाजपा की विधायक मैथिली ठाकुर को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

‘गोरखपुर महोत्सव’ का समापन कार्यक्रम

लखनऊ, 13 जनवरी, 2026,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर में चम्पा देवी पार्क, रामगढ़ताल में आयोजित तीन दिवसीय ‘गोरखपुर महोत्सव’ के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जनपद की 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने महोत्सव की स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन किया।

गोरखपुर महात्सव में स्मारिका अभ्युदय का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर की पुरातन से आधुनिक समय तक की परम्परा, सभ्यता एवं संस्कृति को लेकर तीन दिनों से ‘गोरखपुर महोत्सव’ उत्साह व उल्लास के साथ आयोजित हुआ। महोत्सव में कला, संस्कृति, विज्ञान, शिल्पकला जैसे जीवन के प्रत्येक पक्षों का प्रदर्शन किया गया। गोरखपुर की शिल्पकला को भी इस महोत्सव के माध्यम से प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ। युवाओं के लिए विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। इस महोत्सव में ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत व जनपद स्तर पर गायन, वादन, नाटक आदि सहित कला के विविध रूपों में आयोजित प्रतिस्पर्धाओं के विजेता कलाकारों को भी मंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसमें ‘गोरखपुर महोत्सव’ काफी सफल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहाँ 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ दिया गया है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कुछ नया एवं अलग कार्य करने का प्रयास किया है। इन विभूतियों ने शिक्षा, खेल, कला तथा कृषि जैसे क्षेत्रों में गोरखपुर का नाम रोशन किया है। 65 से 70 लाख की आबादी वाले गोरखपुर से 05 से 06 लोगों का चयन करना एक कठिन कार्य है। ‘गोरखपुर रत्न’ का सम्मान प्राप्त करने वाली सभी विभूतियाँ बधाई की पात्र हैं। यह सम्मान हमारी वर्तमान पीढ़ी, कलाकारों एवं अन्य लोगों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह समाज से कुछ लेने के बजाय समाज को कुछ देने की सामर्थ्य स्वयं में विकसित करे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज गोरखपुर सहित उत्तर प्रदेश विकास की नई बुलन्दियों को छू रहा है। वर्ष 2017 और आज के गोरखपुर में जमीन-आसमान का अन्तर है। वर्ष 2017 से पूर्व गोरखपुर विकास की दौड़ में पीछे छूट गया था। गोरखपुर उपेक्षित व असुरक्षित था। पूरे गोरखपुर में गुण्डागर्दी व उपद्रव का माहौल था, विकास का अभाव था, गन्दगी के कारण इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियाँ होती थीं। जब समाज स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं होता है, तब उसका दुष्परिणाम भी वह भोगता है। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश व गोरखपुर में अराजकता थी। हर दूसरे रोज दंगा होता था, तब न व्यापारी सुरक्षित थे और न ही बेटियाँ सुरक्षित थीं। उद्यमी गुण्डा टैक्स देने के लिए मजबूर थे, विकास के सभी कार्य ठप थे। नौजवानों को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था।

गोरखपुर महोत्सव में लोकगीत प्रस्तुत करती हुईं मैथिली ठाकुर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गोरखपुर के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कायाकल्प अभियान के साथ आगे बढ़ी। आज उसके परिणाम हम सभी को धरातल पर देखने को मिल रहे हैं। आज से 08 से 10 वर्ष पूर्व जो गोरखपुर आया होगा, आज वह इसे पहचान नहीं पाएगा। यह बदलाव केवल गोरखपुर में नहीं, बल्कि हर जनपद में देखने को मिलेगा। अयोध्या, काशी, लखनऊ तथा प्रयागराज में 08 से 10 वर्ष बाद आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यहाँ हुए विकास कार्य देखकर आश्चर्य में पड़ जाता है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि जब सुरक्षा का बेहतर वातावरण होता है, तो निवेश आता है। गोरखपुर में पिछले 08 वर्षों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इसके माध्यम से 50 हजार नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ है और युवाओं का पलायन रुका है। पहले गोरखपुर में एक विश्वविद्यालय था, आज यहाँ 04 विश्वविद्यालय हैं। गोरखपुर में होटल मैनेजमेण्ट का भी संस्थान बन गया है। गीडा में नाइलेट का एक नया केन्द्र प्रारम्भ हो चुका है। सहजनवां में गरीब बच्चों को आवासीय शिक्षा देने के लिए अटल आवासीय विद्यालय बनाया गया है।

गोरखपुर रत्न सम्मान प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर आज पर्यटन का एक बेहतरीन केन्द्र है। आज गोरखपुर में विकास की प्रत्येक योजना प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचती है। उत्तर प्रदेश ने यह उपलब्धि धैर्य व अनुशासन से हासिल की है। हमारा धैर्य हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जीवन हताशा व निराशा का नाम नहीं है। एक सामान्य भारतीय अपनी मेहनत व पुरुषार्थ से आगे बढ़ता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उन्होंने गोरखपुर व उत्तर प्रदेश की उपेक्षा पर हमेशा संघर्ष किया। इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन के लिए आन्दोलन भी किया। हमारी सरकार बनने के बाद इंसेफेलाइटिस को खत्म कर दिया गया। यदि कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई कार्य असम्भव नहीं है। डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास की धारा में आगे बढ़ाने तथा माफिया, अपराध एवं दंगा मुक्त करने के कार्य इसी दृढ़ इच्छाशक्ति से ही किए हैं। प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने तथा अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया है। प्रत्येक व्यापारी व उद्यमी को भयमुक्त वातावरण तथा प्रत्येक बेटी को आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर एवं सुरक्षित माहौल दिया गया है। यदि किसी बेटी के साथ किसी ने गलत किया, तो उससे सख्ती से निपटा जा रहा है।
इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में ‘गोरखपुर महोत्सव’ ने विशाल स्वरूप ले लिया है। देश व प्रदेश में इस महोत्सव की गूंज हो रही है। इस महोत्सव से संस्कृति व विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और अपने देश व प्रदेश को निरन्तर आगे बढ़ाने में अपना सहयोग करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

January 12, 2026

लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता व कर्म में निरंतरता ही स्वामी विवेकानंद का संदेशः मुख्यमंत्री

  • राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड के लिए अगली बार से खेल, पर्यावरण व जल संरक्षण पर रहेगा अधिक जोरः सीएम

लखनऊ, 12 जनवरी 2926, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक मंच पर परिचित कराने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। उन्होंने भारत व भारतीयता को नई पहचान दिलाई। स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा आगे बढ़ने के साथ ही हर परिस्थिति में हमारा मार्गदर्शन करती है। सीएम ने नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद तक की उनकी यात्रा को साधक से युग प्रवर्तक की यात्रा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने ‘उठो-जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको’ को जीवन का मंत्र बनाया था। उनका संदेश था- जब तक लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता व कर्म में निरंतरता नहीं होगी, तब तक सफलता प्राप्त नहीं हो सकती। इस भाव को आत्मसात करने वाले को सफल होने से कोई रोक नहीं सकता। सीएम ने युवाओं से कहा कि इच्छाशक्ति और संकल्प हो तो बदलाव के वाहक बन सकते हैं। लीक से हटकर चलने की प्रेरणा हमें आगे बढ़ाती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति’ के संकल्प के साथ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम में उक्त विचार प्रकट किए। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शनी व लघु फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने 10 युवाओं, तीन युवक मंगल दल व तीन महिला मंगल दल को स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया। सीएम ने राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज को गढ़ने वाली जीजाबाई मां साहिब की पावन जयंती पर उन्हें नमन किया।

*भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने में युवा संन्यासी की महती भूमिका*
सीएम योगी ने कहा कि सुप्त चेतना के कारण जो भारत आत्मबोध लगभग खो चुका था,
स्वामी विवेकानंद उस भारत का प्रतिनिधित्व करते थे। उस समय मुठ्ठी भर विदेशी आक्रांता भारत को गुलाम बनाने में सफल हो गए। चंद लोग भारत को लूट रहे थे। यहां की सभ्यता, संस्कृति और परंपरा को अपमानित किया जा रहा था, उस कालखंड में सुप्त चेतना को जागृत करने व भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने के लिए युवा संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने महती भूमिका का निर्वहन किया था।

*मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है*
सीएम योगी ने कहा कि शिकागो की धर्मसभा में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है। हमारे पास बुद्धि, वैभव व बल था, लेकिन हमने जबरन अपनी बात नहीं थोपी, क्योंकि जब भी पीड़ित मानवता भारत की तरफ आई है तो भारत ने उसे शरण, संरक्षण व संवर्धन दिया है। मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूं। यह उद्घोष राष्ट्र को ऊर्जा से भर देने वाला था। भारत में हर हिंदू का संस्कार है कि वह इसे जीवन का मंत्र बनाए।

*स्वामी विवेकानंद के विश्वास को मूर्त रूप लेते देख रहे*
सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का दृढ़ विश्वास था कि भारत युवा शक्ति, आध्यात्मिक चेतना के बल पर खुद को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करेगा। हम आज उसे मूर्त रूप लेते देख रहे हैं। 1947 में आजादी के एक दिन पहले देश का दर्दनाक विभाजन हुआ। लाखों की संख्या में कत्लेआम हर भारतीय को आहत कर रहा था। हर भारतीय आजादी का उत्सव नहीं मना पाया, लेकिन जब देश आजादी के 75 वर्ष पूरा कर रहा था, तब पीएम मोदी के नेतृत्व में लोग आत्मिक व अंतःकरण से आजादी के अमृत महोत्सव से जुड़े। जो प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ सके, वे ‘हर घर तिरंगा’ का हिस्सा बनकर आगे बढ़े। पीएम मोदी ने 2022 में विकसित भारत का विजन देते हुए स्पष्ट किया कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर कैसा भारत चाहिए।

*दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि मोदी जी आप कुछ कीजिए*
सीएम मोदी ने कहा कि जिस भारत की कोई सुनता नहीं था, आज उस भारत के बिना दुनिया का काम नहीं चलता। यह भारत की ताकत व सामर्थ्य है। आज मोदी जी बोलते हैं तो दुनिया उनका अनुसरण करती है। दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि मोदी जी आप कुछ कीजिए। मोदी जी पर इस विश्वास की प्रतीक भारत की युवा शक्ति है। सीएम योगी ने युवा शक्ति से विकसित 2047 के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

*सीएम ने युवक व महिला मंगल दल से व्यक्त की अपनी अपेक्षा*
सीएम ने युवक व महिला मंगल दल के समक्ष दो अपेक्षाएं रखीं। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, विकास खंड में मिनी स्टेडियम व हर जनपद में बड़े स्टेडियम के लिए कार्य हो रहा है। युवक व महिला मंगल दल भी इस प्रयास में सक्रिय भूमिका निभाएं और अभियान का हिस्सा बनें। ग्राम पंचायत स्तर पर खेलकूद, न्याय पंचायत स्तर पर अलग-अलग टीमें बनाएं, फिर ब्लॉक, जनपद, मंडल व प्रदेश स्तर पर प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनें, जिससे हर स्तर पर अच्छी टीमें तैयार होंगी। इससे नए युवाओं को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म मिलेगा। सीएम ने पीएम मोदी के विजन ‘खेलोगे तो खिलोगे’ का जिक्र किया और बताया कि खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद स्पर्धा, राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण लीग, विधायक खेलकूद स्पर्धा चल रही है। युवा खेलकूद प्रतियोगिता में बढ़ेंगे तो टीमवर्क से गांव के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की। कहा, नशे के खिलाफ अभियान चलाना होगा, आप गोपनीय सूचना दें, सरकार नशा कारोबारी की संपत्ति जब्त करेगी। नशा युवा पीढ़ी, समाज व राष्ट्र को खोखला बना देता है, इसलिए उसके खिलाफ प्रहार की आवश्यकता है।

*सीएम का जल संरक्षण, एक पेड़ मां के नाम, जल सरंक्षण पर जोर*
सीएम ने युवक व महिला मंगल दल के सदस्यों से जल संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा, गांव में चेकडैम, अमृत सरोवर, पाटे गए पुराने कुओं का पुनरुद्धार कराएं। जल संरक्षण की दिशा में खड़े हों। अगली बार से पुरस्कार में पर्यावरण-जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, कार्यों की तकनीक व फिजिकल मॉनिटरिंग कराएंगे। जो इस प्रतिस्पर्धा में खरे उतरेंगे, उन्हें राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड में विशेष महत्व देंगे। हर जनपद में पुरानी नदी है, लेकिन कई पर कब्जा है। ग्रामीणों को श्रमदान के लिए प्रेरित करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत- जी राम जी’ की नई स्कीम दी है। इसके जरिए हर गांव में रोजगार का सृजन करना है। इसके पैसे का इस्तेमाल कर नदी के पुनरुद्धार की दिशा में बढ़ सकते हैं। बरसात में गांव में हर नागरिक द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम’ पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 वर्ष में यूपी में सघन पौधरोपण, विकास कार्य हुए और बड़े राज्यों में यूपी नंबर वन पर है, जिसने ग्रीन कवर को बढ़ाया है।

*मुख्यमंत्री ने टीम भाव के लिए किया प्रेरित*
सीएम ने पुरस्कृत युवाओं को खेलकूद प्रतियोगिता के साथ ही गांव में टीम भाव के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल मैदान, मिनी स्टेडियम, स्टेडियम पर कोई कब्जा न करने पाए। जल संरक्षण अभियान, नदी-कुआं पुनरुद्धार, वृहद पौधरोपण करें। सीएम ने जुलाई के प्रथम सप्ताह में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य दिया।

*युवाओं से कहा- प्रयास से सब कुछ हो सकता है*
सीएम ने युवाओं से कहा कि प्रयास करने से सब कुछ हो सकता है। युवाओं के लिए अनेक स्कीम चल रही हैं। डबल इंजन सरकार द्वारा मिशन रोजगार के अंतर्गत यूपी के नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अब सिफारिश, पैसे का लेनदेन और ‘महाभारत के रिश्ते’ वसूली के लिए नहीं निकल सकते, अब ऐसा किया तो जेल जाएंगे। धरातल पर 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव उतारे जा चुके हैं। ओडीओपी के माध्यम से परंपरागत उद्यम को प्रोत्साहित किया गया है। दोनों को मिलाकर दो करोड़ युवाओं को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिली है। स्वरोजगार के लिए भी पीएम स्टार्टअप व पीएम स्टैंडअप की स्कीम लागू की। डिजिटली सक्षम बनाने के लिए दो करोड़ को युवाओं को स्मार्टफोन व टैबलेट वितरण किया जा रहा है, अब तक 50 लाख युवाओं को इससे जोड़ा जा चुका है। उन्होंने सीएम युवा स्कीम की भी संपूर्ण जानकारी दी और बताया कि अब तक एक लाख से अधिक युवा इसका लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

*यूपी में अनंत संभावनाएं, पर्यटन से भी बढ़ रहा रोजगार*
सीएम ने कहा कि युवा नई तकनीक से जुड़ने के लिए एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी आदि की जानकारी लें और इनका अधिक से अधिक उपयोग कर रोजगार का सृजन करें। इसके लिए यूपी में टाटा टेक्नोलॉजी, सैमसंग आदि के साथ साझेदारी करते हुए सेंटर भी विकसित किए गए हैं। आज सबसे कम बेरोजगारी दर यूपी में है। युवाओं को काम दिया और टेक्नोलॉजी में सक्षम बनाया। यूपी के अंदर अनंत संभावनाएं हैं। निवेश के साथ ही टूरिज्म भी रोजगार का बड़ा माध्यम बन रहा है। अब यूपी में कर्फ्यू-दंगा नहीं है, यहां सब चंगा है। महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए। पहले यूपी में लाखों लोग भी नहीं आते थे, अब 66-67 करोड़ लोग पर्यटन स्थल पर आते हैं। गाइड, टैक्सी चालक, होटल, रेस्तरां आदि के माध्यम से रोजगार सृजन हो रहा है।

*तकनीक व प्रगति के साथ नैतिकता, अनुशासन व सामाजिक संवेदनशीलता भी आवश्यक*
सीएम ने कहा कि युवाओं को इनोवेशन, रिसर्च-डेवलपमेंट व रोजगार के नए-नए क्षेत्र के लिए तैयार करना होगा। सीएम ने तकनीक की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीक व प्रगति के साथ नैतिकता, अनुशासन व सामाजिक संवेदनशीलता भी आवश्यक है। यूपी के पास बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप का बेहतरीन ईको सिस्टम है। स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि युवा देश के वास्तविक शिल्पकार हैं। भारत विश्वगुरू के रूप से तभी स्थापित हो पाएगा, जब युवा शक्ति मजबूती के साथ बढ़ेगी।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, खेल व युवा कल्याण विभाग के सचिव सुहास एल. वाई आदि उपस्थित रहे।

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