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आयुर्वेद दिवस जनजागरूकता अभियान सप्ताह में रेड क्रॉस की पहल, शपथ लेकर आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

September 25, 2026

आयुर्वेद दिवस जनजागरूकता अभियान सप्ताह में रेड क्रॉस की पहल, शपथ लेकर आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

शाहजहाँपुर।( संजीव गुप्त ) ग्यारहवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से सप्ताहभर चलाए जा रहे जनजागरूकता एवं प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों की श्रृंखला तीसरे दिन भी जारी रही। रेडक्रॉस के अध्यक्ष जिलाधिकारी महोदय श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने तथा शासन द्वारा संचालित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान आयुर्वेद चिकित्सकों ने भगवान धन्वंतरि एवं महर्षि चरक को साक्षी मानकर शपथ एवं संकल्प लिया कि वे भारतीय चिकित्सा परंपरा आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य करेंगे। अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, उचित आहार-विहार, योग, व्यायाम, दिनचर्या और रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ. विजय जौहरी ने बताया कि लखनऊ स्थित राजभवन में महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आयोजित इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की प्रदेश स्तरीय बैठक में विद्यालयों में सप्ताह में कम से कम एक बार योगाभ्यास कराने की अपेक्षा व्यक्त की गई थी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद दिवस पर रेड क्रॉस ने संकल्प लिया है कि जिला प्रशासन के नेतृत्व और सहयोग से योग एवं आयुर्वेद को विद्यालय स्तर तक पहुंचाने में अपनी सहयोगी भूमिका निभाएगा। यह कार्य जनपद के रेडक्रॉस के अध्यक्ष जिलाधिकारी महोदय श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस का मूल उद्देश्य मानव सेवा और जनस्वास्थ्य है। इसी भावना के तहत आयुर्वेद दिवस के कार्यक्रमों में सहयोग करते हुए लोगों को निरोगी जीवन, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और रेड क्रॉस की जनसेवा की भावना मिलकर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को और मजबूत करेगी। चिकित्सकों ने संकल्प लिया कि घर-घर भगवान धन्वंतरि का संदेश पहुंचाने के साथ लोगों को आयुर्वेद के महत्व से जोड़ा जाएगा। विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा औषधीय पौधों के संरक्षण और उनके उपयोग के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। बैठक में कहा गया कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि आयुर्वेद को जनजीवन से जोड़ने का व्यापक अभियान है। इसी उद्देश्य से सप्ताहभर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से “घर-घर आयुर्वेद, जन-जन स्वास्थ्य” और “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। ये कार्यक्रम मुख्या चिकित्सा अधिकारी कार्यालय प्रांगण में स्थित इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के कार्यालय में आयोजित हुआ जिसमे पर नगर के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार जिला चिकत्सालय के डॉ. राजेंद्र कुशवाहा, डॉ एस पी कौशल , डॉ आर पी सक्सेना डॉ हितेश गुप्ता , डॉ रवि सक्सेना, अंशुल फार्मा के संजय अग्रवाल बृजेश गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में रेडक्रॉस सचिव डॉ. विजय जौहरी ने सबका आभार प्रकट किया

September 21, 2026

अमृता व हर्षिता ने अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण किया यूजीसी नेट


शाहजहाँपुर—( संजीव गुप्त) नेट जून 2026 की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए अमृता सक्सेना व हर्षिता सिंह ने अंग्रेजी विषय में यह परीक्षा उत्तीर्ण की है। हर्षिता सिंह ने परीक्षा में 300 में से 196 अंक प्राप्त कर 95.83 पर्सेंटाइल हासिल की है एवं अमृता सक्सेना ने 300 में से 176 अंक प्राप्त कर 86.81 पर्सेंटाइल हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ दोनों असिस्टेंट प्रोफेसर पद तथा पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्र हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि अमृता सक्सेना ने स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज से वर्ष 2025 में एम.ए . की परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि हर्षिता सिंह वर्तमान में एम.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं।


उपलब्ध विवरण के अनुसार यूजीसी नेट जून 2026 के लिए अंग्रेजी विषय में कुल 88202 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 52560 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। अमृता व हर्षिता की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पुष्पेंद्र बहादुर सिंह, कॉलेज प्राचार्य प्रो आर के आजाद, वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ अनुराग अग्रवाल, विभागाध्यक्ष प्रो शालीन कुमार सिंह, डॉ बरखा सक्सेना, डॉ अरुण कुमार यादव, श्री नीलू कुमार और रचना सहित समस्त शिक्षकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Shahjahanpur 450 वाहनों की चेकिंग कर नियम उल्लंघन पर की गई कार्रवाई

शाहजहाँपुर—(संजीव गुप्त)
*मीट एण्ड ग्रीट अभियान के तहत यातायात पुलिस एवं सीसीटीम की संयुक्त कार्यवाही, 450 वाहनों की चेकिंग कर नियम उल्लंघन पर की गई प्रभावी कार्यवाही ।*
पुलिस दारा सड़क सुरक्षा एवं रात्रिकालीन यात्रा को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ‘मीट एण्ड ग्रीट’ (Meet & Greet) अभियान चलाया जा रहा है।
उक्त अभियान के अंतर्गत दिनांक 19 एवं 20 सितम्बर 2026 को जनपद की यातायात पुलिस एवं सीसीटीम द्वारा जनपद के 04 टोल प्लाजा पर संयुक्त रूप से चेकिंग एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-730 स्थित हिटौटा टोल प्लाजा, राष्ट्रीय राजमार्ग-730A स्थित सिबली टोल प्लाजा, राष्ट्रीय राजमार्ग-731 स्थित महानंदपुर टोल प्लाजा एवं राष्ट्रीय राजमार्ग-730C स्थित कुदैया टोल प्लाजा पर वाहनों की सघन चेकिंग की गई। अभियान के दौरान कुल 450 वाहनों की चेकिंग की गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर शराब पीकर वाहन चलाने वाले 20 वाहन चालकों, प्रेशर हॉर्न के 42, मोडिफाइड साइलेंसर के 05 तथा हूटर लगे 07 वाहनों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान रात्रिकालीन एवं लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों तथा विशेषकर महिला यात्रियों से संवाद स्थापित कर उनकी यात्रा एवं सुरक्षा संबंधी फीडबैक लिया गया। साथ ही, आपात स्थिति में त्वरित सहायता हेतु पुलिस आपातकालीन सेवा-112 एवं वीमेन पावर लाइन-1090 के संबंध में जागरूक किया गया। क्षेत्राधिकारी यातायात द्वारा वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा सुरक्षित यात्रा करने की अपील की गई। उन्होंने बताया कि ‘मीट एण्ड ग्रीट’ अभियान का उद्देश्य आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी सुरक्षा संबंधी समस्याओं एवं अनुभवों को जानना, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सहायता उपलब्ध होने का विश्वास मजबूत करना है। अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

आयुर्वेद से जनस्वास्थ्य और राष्ट्रस्वास्थ्य का संकल्प

शाहजहाँपुर।( संजीव गुप्त) आयुर्वेद दिवस की इस वर्ष की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय प्रांगण स्थित इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी शाखा शाहजहाँपुर के सचिव डॉ. विजय जौहरी पूर्व शिक्षक बुंदेलखंड राजकीय आयूर्वेस मेडिकल कॉलेज झाँसी ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा ही नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली और स्वस्थ राष्ट्र की भारतीय सोच का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि 23 सितंबर को प्रतीकात्मक रूप से देखें तो 3 को आयुर्वेद के त्रिदोष—वात, पित्त और कफ तथा 2 को समता एवं संतुलन के भाव से जोड़ा जा सकता है। 2 और 3 मिलकर 5 होते हैं, जो पंचमहाभूत की अवधारणा की ओर संकेत करते हैं। इसी क्रम में 7 को सप्तधातु और 8 को आयुर्वेद के अष्टांग से प्रतीकात्मक रूप से समझा जा सकता है।
डॉ. जौहरी ने कहा कि तिरंगा राष्ट्रभावना और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उसके तीन रंगों को आयुर्वेद की दृष्टि से प्रतीकात्मक रूप में त्रिदोष—वात, पित्त और कफ से जोड़कर देखा जा सकता है। जिस प्रकार त्रिदोषों का संतुलन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना गया है, उसी प्रकार राष्ट्र के विभिन्न वर्गों और समुदायों में समन्वय एवं संतुलन राष्ट्र की शक्ति को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि तिरंगे के मध्य स्थित अशोक चक्र की 24 तीलियां भी भारतीय ज्ञान-परंपरा की दृष्टि से विशेष आकर्षण रखती हैं। भारतीय तत्त्वचिंतन में 24 तत्त्वों की अवधारणा मिलती है। आयुर्वेद के संदर्भ में इसे प्रकृति, शरीर और जीवन की संरचना को समझने वाली भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रतीकात्मक संदर्भ के रूप में देखा जा सकता है।
डॉ. जौहरी ने कहा कि यह तुलना किसी एक शास्त्रीय सिद्धांत को सिद्ध करने के लिए नहीं, बल्कि अच्छे कार्य के लिए अच्छे प्रतीकों से प्रेरणा लेने का प्रयास है। तिरंगा जहां राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रधर्म की भावना जगाता है, वहीं आयुर्वेद स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश देता है। दोनों भावनाओं को साथ लेकर चलना राष्ट्रस्वास्थ्य की दिशा में सकारात्मक प्रयास है।
उन्होंने आयुर्वेद के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान, संस्थानों और प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुर्वेद चिकित्सकों का दायित्व है कि वे इसकी प्रमाणित एवं उपयोगी स्वास्थ्य अवधारणाओं को जन-जन तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि जहां भी जनस्वास्थ्य की बात होगी, वहां आयुर्वेद की स्वस्थ जीवनशैली की बात होगी; और जहां राष्ट्रस्वास्थ्य की बात होगी, वहां स्वस्थ नागरिक की भूमिका भी सामने आएगी। आहार, दिनचर्या, योग, व्यायाम, स्वच्छता और प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली को अपनाकर स्वस्थ भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक योगदान दे सकता है।
डॉ. जौहरी ने कहा कि आयुर्वेद दिवस का संकल्प केवल आयुर्वेद के प्रचार तक सीमित न रहकर “स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र” की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान बनना चाहिए।उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने मार्च 2025 में राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से 23 सितंबर को प्रत्येक वर्ष आयुर्वेद दिवस मनाने के लिए निश्चित तिथि घोषित की। इससे पहले आयुर्वेद दिवस धनतेरस अर्थात भगवान धन्वंतरि जयंती के अवसर पर मनाया जाता था, जिसकी तिथि प्रतिवर्ष बदलती रहती थी।
बैठक में डॉ. एस.पी. कौशल, डॉ. हितेश गुप्ता, डॉ. रवि सक्सेना, जिला चिकित्सालय के आयुष विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुशवाहा ने योग एवं आयुर्वेद पर आधारित एक पत्रिका डॉक्टर विजय जोहरी को भेंट की इस अवसर पर ओम दिव्यांग कल्याण समिति के बालकृष्ण पांडेय, बृजेश गुप्ता, रवि वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 23 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाते हुए आयुर्वेद की संतुलित जीवनशैली, रोग-निवारण, आहार-विहार, योग एवं जनस्वास्थ्य में भूमिका के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।

September 16, 2026

NDRF टीम ने रामगंगा नदी में डूबे 14 वर्षीय बालक का शव बरामद किया

शाहजहाँपुर, 16 सितंबर ( संजीव गुप्त )

जनपद शाहजहाँपुर के तहसील तिलहर, थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्रांतर्गत ग्राम रपड़िया नवादा निवासी 14 वर्षीय बालक *विकास पुत्र ओमपाल* दिनांक 15 सितंबर 2026 को रामगंगा नदी में डूब गया। घटना की जानकारी प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन, शाहजहाँपुर द्वारा 15 सितंबर 2026 की रात्रि में *08वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), गाजियाबाद* को बालक की तलाश एवं बरामदगी हेतु सूचना दी गई।

सूचना प्राप्त होते ही NDRF द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मानसून प्री-पोजिशनिंग के अंतर्गत हनुमत धाम, शाहजहाँपुर में तैनात NDRF टीम को अभियान हेतु तैयार किया गया। दिनांक 16 सितंबर 2026 की प्रातः टीम कमांडर *INSP/GD शिवकली धुर्वे* के नेतृत्व में NDRF टीम घटनास्थल पर पहुँची तथा रामगंगा नदी में बालक की तलाश के लिए व्यापक Search & Recovery Operation प्रारंभ किया।

NDRF टीम के प्रशिक्षित बचावकर्मियों एवं गोताखोरों द्वारा नदी के विभिन्न संभावित स्थानों पर व्यवस्थित तरीके से गहन खोज अभियान चलाया गया। नदी की गहराई, जल प्रवाह एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम द्वारा लगातार अथक प्रयास किए गए।

लगातार किए गए खोज अभियान के दौरान घटनास्थल से लगभग 4 किलोमीटर दूर रामगंगा नदी से बालक विकास का शव बरामद कर लिया गया। शव की बरामदगी के उपरांत आवश्यक स्थानीय औपचारिकताएँ पूर्ण की गईं तथा शव को आवश्यक अग्रिम कार्रवाई हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

इस खोज एवं बरामदगी अभियान में NDRF की ओर से *INSP/GD शिवकली धुर्वे, Sub INSP वीरेंद्र सिंह, ASI धर्मेंद्र सिंह* सहित अन्य 27 NDRF कार्मिकों ने सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने प्रतिकूल नदी परिस्थितियों में धैर्य, तत्परता एवं समन्वय के साथ अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न किया।

NDRF द्वारा इस प्रकार की आपदा एवं जल दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया, खोज एवं बचाव कार्यों के माध्यम से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए निरंतर तत्परता के साथ कार्य किया जाता है।

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