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जैत पुलिस ने कार समेत 60 बोतल विदेशी शराब पकड़ी, तस्करी के आरोप में एक गिरफ्तार

July 4, 2026

जैत पुलिस ने कार समेत 60 बोतल विदेशी शराब पकड़ी, तस्करी के आरोप में एक गिरफ्तार

मथुरा। थाना जैत पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को 60 बोतल विदेशी शराब और एक सफेद रंग की डिजायर कार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 4:55 बजे थाना जैत पुलिस टीम ने कोटा-छरौरा फ्लाईओवर से लगभग 50 मीटर पहले, एनएच-19 पर दिल्ली से आगरा की ओर जाने वाले कच्चे मार्ग पर चेकिंग के दौरान मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी 32 वर्षीय विकास को गिरफ्तार किया। आरोपी सफेद रंग की डिजायर कार (पंजीकरण संख्या MP-07-AE-4568) में अवैध रूप से विदेशी शराब ले जा रहा था।
इस कार्रवाई को थाना प्रभारी निरीक्षक सोनू कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक निशांत पायल, कांस्टेबल प्रदीप कुमार एवं रिक्रूट कांस्टेबल अतुल यादव की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब की तस्करी के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

June 28, 2026

भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी की प्रथम बैठक 12 जुलाई को मथुरा में बैठक

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Posted on 28.06.2016 Time 06.08 Sunday, BJP, Mathura

लखनऊ, 28 जून 2026, अयोध्या और काशी के बाद भाजपा ने अब मथुरा को नया राजनीतिक शक्ति केंद्र बनाने पर पूरा फोकस कर दिया है। मिशन-2027 और 2029 की रणनीति के तहत 12 जुलाई को मथुरा में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी, जिसमें आगामी चुनावों और संगठन विस्तार पर मंथन होगा। भाजपा ओबीसी वोट बैंक को साधने के साथ ब्रज क्षेत्र को संगठन और सरकार में विशेष महत्व दे रही है। योगी मंत्रिमंडल में ब्रज क्षेत्र से 12 मंत्री शामिल हैं, जबकि प्रदेश संगठन में 9 नेताओं को अहम जिम्मेदारी मिली है। कृष्ण जन्मभूमि मुद्दे, धार्मिक राष्ट्रवाद और आरएसएस की सक्रियता के चलते भी मथुरा का राजनीतिक महत्व बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार बार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 38 बार मथुरा-वृंदावन का दौरा कर चुके हैं। भाजपा अब मथुरा से मिशन-2027 और 2029 को नई धार देने की तैयारी में है।

June 25, 2026

आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में मनाया गया मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का 61वां पुण्य स्मृति दिवस

मथुरा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बलदेव के “प्रभु प्रिय धाम” में संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका एवं जगत मां मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती (मम्मा) जी का 61वां पुण्य स्मृति दिवस अत्यंत शांति, श्रद्धा और सादगी के साथ “आध्यात्मिक ज्ञान दिवस” के रूप में मनाया गया।
इस अवसर पर स्थानीय प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी ने मातेश्वरी जी के दिव्य जीवन एवं महान व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके कर्म इतने अलौकिक और श्रेष्ठ थे कि उनकी लौकिक माता भी उन्हें प्रेमपूर्वक “मम्मा” कहकर संबोधित करती थीं। उन्होंने कहा कि मम्मा ने अपने प्रेम, तपस्या, सादगी और पवित्रता के बल पर असंख्य लोगों के जीवन को आध्यात्मिक ज्ञान की रोशनी से आलोकित किया। वे हमेशा कहती थीं कि “हर घड़ी अंतिम घड़ी है” तथा “हुक्मी हुकम चला रहा है”। उन्होंने जीवनभर शिवबाबा के प्रत्येक निर्देश का पूर्ण समर्पण भाव से पालन किया और कभी किसी की कमी या कमजोरी नहीं देखी। उनका जीवन प्रेम, ममता, करुणा, दया, शांति और पवित्रता का जीवंत उदाहरण था।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी रेनू दीदी ने मातेश्वरी जगदंबा की शिक्षाओं और विशेषताओं का वर्णन करते हुए एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की। कविता में उन्होंने कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या और महानता का संदेश था तथा उनके दिव्य संस्कार आज भी आत्मिक उन्नति की प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को मम्मा की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने तथा अपने अंदर की एक बुराई को त्यागने का संकल्प भी दिलाया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ब्रह्मावत्सों ने मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही भोग अर्पण कर प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर बी.के. मोहन, संजू गर्ग, नीरज अग्रवाल, अमित, अंकुश, भोला, पिंकी, कृष्ण, कुसुम, रंजन, बंटी, मीरा, निर्मल, सुनीता, गुड्डी, पूनम, राजवती, रूबी, ओमवती, सिया, कमलेश, रेखा, राजकुमारी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

June 24, 2026

अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मथुरा में समीक्षा बैठक, हाईराइज भवनों के निरीक्षण के निर्देश

मथुरा। जनपद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस कार्यालय में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी फायर स्टेशन प्रभारियों एवं यूपी-112 के प्रभारी ने भाग लिया।
बैठक के दौरान फायर स्टेशनवार उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों, संचार प्रणालियों तथा इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तहसीलवार प्रशिक्षित अग्नि सचेतकों की सूची तैयार करें तथा पिछले तीन वर्षों में जारी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का अद्यतन विवरण उपलब्ध कराएं।
इसके अलावा जनपद के सभी जी+3 व्यावसायिक भवनों एवं हाईराइज इमारतों का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस विवरण में भवन स्वामियों की जानकारी, संभावित फुटफॉल तथा वेंटिलेशन व्यवस्था को शामिल किया जाएगा।
बैठक में सभी फायर स्टेशन प्रभारियों को संबंधित भवनों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

June 23, 2026

15 वर्षों की सेवाओं के बाद मंडलीय अध्यक्ष पद से डॉ. अखिलेश यादव का त्यागपत्र

मथुरा। राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के आगरा मंडल के मंडलीय अध्यक्ष डॉ. अखिलेश यादव, प्रधानाचार्य राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दघेंटा, बलदेव (मथुरा) ने पदोन्नति के उपरांत नैतिक आधार पर अपने संघीय पद से त्यागपत्र दे दिया है।
डॉ. अखिलेश यादव ने लगभग 15 वर्षों तक मंडलीय अध्यक्ष के रूप में संगठन की सेवा करने के बाद अपना त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष  सुनील कुमार भड़ाना एवं प्रदेश महामंत्री रवि भूषण को प्रेषित किया। उन्होंने त्यागपत्र के माध्यम से संगठन के प्रति अपनी निष्ठा और प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि “संगठन हमसे नहीं, हम संगठन से हैं।”
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हितों के लिए समर्पण तथा शोषण के विरुद्ध संघर्ष आगे भी निरंतर जारी रहेगा। त्यागपत्र भेजने से पूर्व उन्होंने मंडलीय मंत्री  चंद्रवीर सिंह को भी अपने निर्णय से अवगत कराया।
गौरतलब है कि 23 जून 2026 को मथुरा में राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश का प्रांतीय चिंतन शिविर आयोजित होने जा रहा है। शिविर में प्रदेश के सभी जिलों से जिला अध्यक्ष, जिला मंत्री, मंडल अध्यक्ष एवं मंडल मंत्री भाग लेकर संगठन के विभिन्न विषयों पर चिंतन और मंथन करेंगे।
डॉ. अखिलेश यादव का यह निर्णय संगठनात्मक नैतिकता एवं आदर्श नेतृत्व का उदाहरण माना जा रहा है, जिसकी शिक्षक समाज में व्यापक चर्चा हो रही है।
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