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सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना’ में चयनित बुनकर सम्मानित 

August 8, 2026

सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना’ में चयनित बुनकर सम्मानित 

Posted on 07.08.2026
लखनऊ : 07 अगस्त, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रदेश के हथकरघा उद्योग से जुड़े हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों ने अपने कौशल एवं परिश्रम से भारत की विरासत को नई ऊचाइयों तक पहुंचाया है। प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारत के स्वाधीनता आन्दोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। 07 अगस्त, 1905 को भारत के स्वाधीनता आन्दोलन को नई दिशा मिली थी। इसी दिन आजादी के आन्दोलन में स्वदेशी की भावना ने पदार्पण किया था। स्वदेशी के मंत्र ने भारत को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के संकल्प को आगे बढ़ाया था।
मुख्यमंत्री जी आज यहां ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026’ को मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अन्तर्गत राज्य स्तर पर चयनित बुनकरों को सम्मानित किया तथा मुख्यमंत्री हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने ओ0डी0ओ0पी0 उत्पादों तथा हथकरघा उद्योग पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी के समक्ष हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं एवं संस्थागत भागीदारों-हैण्डलूम प्रमोशन एक्सपोर्ट काउंसिल चेन्नई, तनैरा बेंगलुरु, कारिगो डी0टी0डी0सी0, इन्टरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल तथा फूल कानपुर के मध्य एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महात्मा गांधी ने खादी, स्वदेशी तथा हथकरघा को आजादी के आन्दोलन का सबसे बड़ा शस्त्र बनाया था। स्वदेशी उत्पाद को नया जीवन देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 07 अगस्त की तिथि को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। यह दिवस वर्ष 2015 से देश में प्रत्येक वर्ष मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी का यह निर्णय हथकरघा से जुड़े देश के लाखों उद्यमियों, व्यवसायियों तथा हस्तशिल्पियांं का सम्मान है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वदेशी हमारी विरासत है। हमारे हस्तशिल्पी एवं हथकरघा उद्यमी बड़ी मेहनत एवं परिश्रम से अपना कार्य करते हैं। प्रदेश के 2.5 लाख परिवारों के 14-15 लाख लोग हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं। पावरलूम को जोड़ देने पर यह संख्या बढ़कर लगभग 30 लाख हो जाती है। यह उद्योग 30 लाख लोगों की आजीविका तथा स्वावलम्बन का आधार है। इसके माध्यम से वह आत्मनिर्भरता के साथ निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों व बुनकरों को प्रत्येक सुविधा सम्मानपूर्वक प्रदान कर रही है। लगभग 40,000 बुनकरों को मुख्यमंत्री हथकरघा उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना तथा विद्युत दर रियायत जैसी योजनाओं के माध्यम से 109 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करयी गई है। आज का समय प्रतिस्पर्धा का है, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में हम तब टिक पाएंगे, जब आज की मांग के अनुरूप डिजाइन तथा वस्त्र तैयार करेंगे। आज यहां लगायी गयी प्रदर्शनी बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों के कौशल को प्रदर्शित करने का मंच व उत्पादों की ब्राण्डिंग का आधार है। यह मंच उत्पादों को बाजार से जोड़ने का माध्यम व लाखों लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा तथा बरेली आदि जनपदों के हस्तशिल्पी व कारीगर अपने उत्पादों के माध्यम से देश-दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं। लखनऊ की चिकनकारी का काम अत्यन्त उत्कृष्ट है। व्यापारी और हस्तशिल्पी के बीच में विश्वास का रिश्ता होता है। बाराबंकी, अम्बेडकर नगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, भदोही, मीरजापुर आदि जनपदों के हस्तशिल्पियों के उत्पादों को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। भदोही का कालीन उद्योग वर्ष 2017 से पूर्व मृतप्राय हो गया था। आज वहां से सैकड़ों करोड़ रुपए का निर्यात हो रहा है। भदोही की कालीन दुनिया के बाजार में छा गई है। देश की नई संसद में जब कालीन बिछाने की बात आयी, तो प्रधानमंत्री जी ने भदोही की कालीन को प्राथमिकता दी। कालीन के माध्यम से संसद में उत्तर प्रदेश के कारीगरों का सम्मान हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम जब स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देंगे तथा उन्हें प्रोत्साहित करेंगे, तो देश का पैसा देश में ही लगेगा। हस्तशिल्पियों के चेहरे पर खुशहाली तथा जीवन में समृद्धि आएगी। यह पूरे देश की समृद्धि का कारण बनेगा। प्रदेश सरकार इस दिशा में अनेक प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से भदोही में कालीन एक्सपो सेन्टर बनाया गया है। वाराणसी में ट्रेड फैसिलिटेशन सेन्टर स्थापित हो चुका है, इससे वहां के उत्पाद को वैश्विक मान्यता मिलेगी। प्रदेश सरकार सिल्क क्लस्टर्स को वैश्विक मान्यता दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उत्पादों को टेक्नोलॉजी, डिजाइन, पैकेजिंग, एक्सपोर्ट तथा बाजार से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों तथा बुनकरों के साथ सदैव खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा वाराणसी के फैसिलिटेशन सेन्टर से जुड़े विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। गत वर्ष लगभग 450 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई। उन्हें डिजाइनिंग, टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती प्रदान करने के लिए लखनऊ तथा हरदोई के बीच 1,000 एकड़ क्षेत्रफल में पी0एम0 मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। वस्त्र उद्योग कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने से उनके चेहरे पर खुशहाली आती है। वह अपनी सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग देश व प्रदेश के विकास में कर पाते हैं। इस प्रयास को नई दिशा देने की आवश्यकता है। प्रदेश के पांच स्थानों पर सन्त कबीरदास के नाम पर टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इससे बुनकरों व हस्तशिल्पियों को नया प्लेटफार्म उपलब्ध होगा। यह कार्य 2017 से पूर्व हो जाने चाहिए थे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों में विज़न व सकारात्मक सोच का अभाव था। प्रत्येक कार्य को केवल वोट बैंक की दृष्टि से देखने पर गरीबों, कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों का सम्मान पिछड़ जाता है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में बिजली तथा सड़क आदि का अभाव था। प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था के कारण बेटी, व्यापारी, हस्तशिल्पी तथा कारीगर सुरक्षित नहीं थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हथकरघा ऐसा क्षेत्र है, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्य कर रही हैं। वर्ष 2017 के पश्चात हमने परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित किया। ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के माध्यम से उत्पादों की ब्राण्डिंग की गई। प्रधानमंत्री जी जब किसी देश के दौरे पर जाते हैं, तो वहां के राष्ट्राध्यक्ष को उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पाद को प्रदान करते हैं। यह हस्तशिल्पियों और कारीगरों का सम्मान है। प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयां कार्य कर रही हैं। हथकरघा प्रदेश में सबसे बड़ा कुटीर उद्योग है। सभी एम0एस0एम0ई0 उत्पादों का रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही प्रत्येक एम0एस0एम0ई0 इकाई को 05 लाख रुपये का सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हथकरघा विभाग हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार की मांग के अनुसार टेक्नोलॉजी, डिजाइनिंग आदि से जोड़े। प्रदेश सरकार ने हस्तशिल्पियों व कारीगरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और पी0एम0 विश्वकर्मा योजना के माध्यम से टूलकिट तथा ट्रेनिंग प्रदान करने की व्यवस्था की है। इस क्षेत्र में कुछ नया करने वाले लोगों को आज यहां संत कबीर हथकरघा पुरस्कार योजना से सम्मानित किया गया है। दीपावली, होली तथा ईद आदि त्योहारों पर हमें प्रदेश के कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पाद को अपने सगे-सम्बन्धियों को गिफ्ट के रूप में उपलब्ध कराना चाहिए। इन उपहारों में भदोही की कालीन, फिरोजाबाद की मूर्ति, मुरादाबाद की पीतल की वस्तु तथा मेरठ का खेल का सामान आदि हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज मेरठ स्पोर्ट्स आइटम का केन्द्र बिन्दु बना है। वर्ष 2017 से पूर्व पहले यह उद्योग दम तोड़ रहा था। भट्टियों में पारम्परिक ईंधन प्रयोग करने से पर्यावरण प्रदूषित होता था। आज प्रदेश सरकार वहां पी0एन0जी0 पाइप लाइन पहुंचा दी है। बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उत्पादों को टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि से जोड़ा गया है। उन्हें निर्यात हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में हथकरघा से जुड़े उत्पाद को खरीदने की व्यवस्था बनाई है। विभाग तत्काल इस पर कार्यवाही आगे बढ़ाए। अस्पतालों तथा गेस्टहाउस में स्थानीय हस्तशिल्पियों तथा कारीगरों द्वारा निर्मित बेडशीट तथा तौलिए आदि के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उत्पादों की ब्राण्डिंग का अवसर मिलेगा।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी बुनकर परम्परा तथा स्वदेशी अवधारणा को सम्मान प्रदान करने का उत्सव है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार हथकरघा उद्योग को निरन्तर प्रोत्साहित कर रही है। हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। उत्पादों को ब्राण्डिंग, तकनीक, पैकेजिंग तथा मार्केट आदि से जोड़ा जा रहा है। उत्सवों और त्योहारों आदि पर हमें प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान हथकरघा उद्योग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई तथा मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी द्वारा हथकरघा दिवस पर दिये गए संदेश का प्रसारण किया गया।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य श्री मुकेश शर्मा, डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक श्रीमती जयदेवी, श्री नीरज बोरा, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री के0 विजयेन्द्र पांडियन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

क्षत्रिय महासभा ने की यूजीसी नियमों को वापस लेने की मांग

13 सितंबर को मुजफ्फरपुर में होगी महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी
  1. लखनऊ , 07 August अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग की है। महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर और चयन प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए। इस संबंध में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी 13 सितंबर को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित होटल परमवीर सभागार में आयोजित होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने कार्यक्रम की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा भारत के संविधान का अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार देता है, लेकिन आज देश में हर राजनीतिक दल के निशाने पर अगड़ा समाज, खासकर क्षत्रिय वर्ग है। उन्होंने इस सिलसिले में 20 सितंबर को आगरा में होने वाले शक्ति सम्मेलन की भी जानकारी दी और कहा कि यह सनातन संस्कृति को बचाने हेतु ऐतिहासिक खुला अधिवेशन शक्ति सम्मेलन होगा। इस दौरान खाड़ी से पहाड़ी तक सामूहिक एकता का अभियान चलेगा।
बैठक में मुख्य मुद्दे आरक्षण सिर्फ गरीबों को मिले, यूजीसी के प्रस्तावित नियम वापस हो, 50 वर्ष आयु वाले गरीबों को आयुष्मान कार्ड सुविधा मिले, ईडब्ल्यूएस में सुधार तथा एससी, एसटी ऐक्ट के दुरुपयोग पर रोक पर चर्चा हुई। राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि पद और कद का उपयोग तभी है जब हम लक्ष्य पर निकलें। प्रधानमंत्री मोदी भी आत्मनिर्भर बनने की सलाह देते हैं। अब देशवासियों को आत्मनिर्भर कैसे बनाया जाए, इस पर मंथन होगा। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक राष्ट्रीय संगठन मंत्री पंकज सिंह, पप्पू सिंह, मदन प्रसाद सिंह, सुनील कुमार सिंह ने सभी पदाधिकारियों से 13 सितम्बर को वीरों की धरती, बिहार पधारने की अपील की है।

August 4, 2026

मुख्यमंत्री ने दिवंगत विधायक श्री आलमबदी तथा दिवंगत पूर्व विधायकगण को श्रद्धांजलि दी

लखनऊ : 03 अगस्त, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां उत्तर प्रदेश विधान सभा के मानसूत्र सत्र में निज़ामाबाद विधान सभा, जनपद आजमगढ़ के दिवंगत विधायक श्री आलमबदी को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री आलमबदी के निधन से प्रदेश ने एक कुशल राजनीतिज्ञ और समाजसेवी खो दिया है। उनका निधन दिनांक 23 जुलाई, 2026 को 90 वर्ष से अधिक आयु में हुआ। उनका निधन हम सभी के लिए दुःखद है। वह लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका जन्म 16 मार्च, 1936 को आजमगढ़ के विन्दवल में हुआ था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री आलमबदी इस सदन के वरिष्ठ सदस्यों में से एक थे। वर्तमान विधान सभा में वह पांचवी बार सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए थे। सर्वप्रथम वर्ष 1996 के मध्यावधि चुनाव में तत्पश्चात वर्ष 2002, 2012, 2017 एवं 2022 के सामान्य निर्वाचन में निर्वाचन क्षेत्र निज़ामाबाद से विधान सभा सदस्य निर्वाचित हुए। वह विधान सभा की आचार समिति जैसी विभिन्न समितियों के सदस्य भी थे। उम्र के इस पड़ाव में भी उनकी राजनीतिक सक्रियता सभी जनप्रतिनिधियों को प्रेरित करती थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री आलमबदी का इस आयु में निर्वाचित होना यह दर्शाता है कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में यदि हम जनता और अपने क्षेत्र के प्रति समर्पित रहें, तो आयु की सीमा मायने नहीं रखती। वह सरल, विनम्र और जनसामान्य से जुड़े जनप्रिय नेता थे। उत्तर प्रदेश की राजनीति में वह अपनी सादगी और बेदाग छवि के लिए जाने जाते थे। समाज के गरीब और वंचित वर्ग के उत्थान, सामाजिक कार्यों और शिक्षा के प्रसार में उनकी विशेष रुचि थी। वह अपने क्षेत्र के बुनियादी मुद्दों को सदैव सदन में उठाते थे। एक व्यवहार कुशल और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि तथा सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में वह क्षेत्र के विकास और जनता के कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहे।
मुख्यमंत्री जी ने दिवंगत पूर्व विधायकगण श्री भोला पाण्डेय, श्री अमिताभ लवानियां, श्री सुब्बा राम, श्री जगरनाथ चौधरी, श्री रामप्यारे आजाद, श्री गोपीनाथ वर्मा, श्री यशपाल सिंह, श्री राधेश्याम भारतीय, श्री संग्राम सिंह, श्री हरिनारायन राजभर, डॉ0 भगवत दयाल, श्री अरुण कुमार सिंह मुन्ना, श्रीमती ओमवती देवी, श्री मोहर सिंह, श्री अफसर यू0 अहमद, श्री तेज भान सिंह, श्री रुद्र प्रताप सिंह, श्री प्यारे लाल शंखवार, श्री ओमकार सिंह, श्री राजेन्द्र त्रिपाठी, श्री हनुमंत सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शान्ति की कामना तथा उनके परिजनों के प्रति भी शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री जी ने विधान सभा अध्यक्ष से शोक संवेदना को शोक संतप्त परिजनों तक पहुंचाने का अनुरोध किया।
विधान सभा के अन्य सदस्यों ने भी दिवंगत आत्माओं की शान्ति की कामना करते हुए अपने विचार व्यक्त किये। सभी सदस्यों ने उनके सम्मान में कुछ क्षण का मौन रखा। दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के पश्चात विधान सभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी।

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August 1, 2026

कथा रंग”: पेट्रोनेट एलएनजी की सीएसआर पहल से लखनऊ में सजेगी शास्त्रीय संगीत, कत्थक व चित्रकला की महफिल

  • 1 से 6 अगस्त तक निःशुल्क कार्यशाला, 7 अगस्त को भातखंडे विश्वविद्यालय में होगा भव्य समापन
  • प्रेस क्लब लखनऊ में पत्रकार वार्ता कर अकादमी अध्यक्षा अनीता कुलकर्णी ने दी जानकारी

लखनऊ, 1 अगस्त 2026, देश की अग्रणी ऊर्जा कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड सीएसआर पहल के अंतर्गत साईं शिंजिनी अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स एंड कल्चर द्वारा लखनऊ में “कथा रंग” नामक शास्त्रीय संगीत, कत्थक नृत्य एवं चित्रकला की एक निःशुल्क कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन की औपचारिक घोषणा आज प्रेस क्लब, लखनऊ में आयोजित पत्रकार वार्ता में की गई, जिसे अकादमी की अध्यक्षा अनीता कुलकर्णी ने संबोधित किया।

पत्रकार वार्ता में अनीता कुलकर्णी ने कहा कि “कथा रंग” जैसी पहलों का उद्देश्य वंचित एवं नवोदित प्रतिभाओं को भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि अकादमी विगत नौ वर्षों में देश-विदेश के 900 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित कर चुकी है और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के सहयोग से लखनऊ के वंचित युवाओं तक यह अवसर पहुंचाना अकादमी के लिए गर्व की बात है।

कार्यशाला 1 अगस्त से 6 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक राजकीय जुबली इंटर कॉलेज, सिटी स्टेशन, सुभाष मार्ग, लखनऊ में आयोजित होगी। 7 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के प्रतिभागी इसमें पूर्णतः निःशुल्क भाग ले सकते हैं। कार्यशाला का समापन 7 अगस्त 2026 को कला मंडपम सभागार, भातखंडे विश्वविद्यालय, कैसर बाग, लखनऊ में होगा।

*विशिष्ट मेंटर्स सिखाएंगे बारीकियां*

कार्यशाला में देश के तीन विशिष्ट कलाकार छात्रों को प्रशिक्षित करेंगे। पद्म विभूषण पं. बिरजू महाराज की नातिन एवं शिष्या शिंजिनी कुलकर्णी अब तक 900 से अधिक छात्रों को कथक की शिक्षा दे चुकी हैं और फिल्मों में कथक नृत्य दृश्यों का निर्देशन भी कर चुकी हैं। भारत के प्रमुख कला महाविद्यालय से फाइन आर्ट्स में स्नातकोत्तर संजीब गोगोई को चित्रकला शिक्षण का 25 वर्षों से अधिक अनुभव है और उनकी यथार्थवादी पेंटिंग्स को विश्वभर में सराहना मिल चुकी है। वहीं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संगीतकार इकबाल हुसैन शास्त्रीय संगीत में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं और देश-विदेश के मंचों पर प्रस्तुति दे चुके हैं।

कार्यशाला में भाग लेने वाले छात्रों को देश के शीर्ष मेंटर्स से सीधे सीखने, छठे दिन भव्य समापन में शामिल होने और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ मंच साझा करने का अवसर मिलेगा। शास्त्रीय संगीत के दिग्गज कलाकारों द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे, चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को आकर्षक नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। आयोजकों का लक्ष्य नृत्य एवं चित्रकला दोनों ही क्षेत्रों में प्रत्येक में 100 छात्रों की नींव तैयार करना है, जिसके लिए प्रशिक्षक-प्रतिभागी पद्धति अपनाई गई है।

*पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के बारे में*

पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड भारतीय ऊर्जा क्षेत्र की तेजी से बढ़ती वैश्विक स्तर की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है, जिसने गुजरात के दहेज तथा कोच्चि में देश के पहले दो एलएनजी पुनर्गैसीकरण टर्मिनल स्थापित किए हैं। कंपनी देश के लगभग 75 प्रतिशत एलएनजी आयात का संचालन करती है, जो कुल प्राकृतिक गैस आपूर्ति का लगभग 33 प्रतिशत हिस्सा है। एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में पेट्रोनेट स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पर्यावरण, कला-संस्कृति संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में सीएसआर पहलों के माध्यम से समुदायों का उत्थान करती है।

*साईं शिंजिनी अकादमी के बारे में*

साईं शिंजिनी अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स एंड कल्चर की स्थापना मई 2013 में हुई थी और यह चित्रकला, मूर्तिकला, फोटोग्राफी, संगीत, नृत्य, थिएटर एवं योग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देती है। अकादमी एनजीओ साईं विद्या निकेतन के सहयोग से 100 से अधिक वंचित छात्रों को निःशुल्क प्रशिक्षण भी दे रही है। अकादमी की अध्यक्षा अनीता कुलकर्णी पद्म विभूषण पं. बिरजू महाराज की पुत्री तथा भारतीय समकालीन कला जगत की प्रतिष्ठित मूर्तिकार एवं चित्रकार हैं, जो 1988 से शिक्षा जगत से जुड़ी हैं।

July 28, 2026

यूपी में दो डीजी समेत 15 आईपीएस के तबादले, तरुण गावा लखनऊ के नए सीपी

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Posted on 28.07.2026 Time 08.24 PM

लखनऊ, 28 जुलाई 2026 (उप्र समाचार सेवा)। उत्तर प्रदेश पुलिस में आज 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किये गए हैं। इनमें दो पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। जबकि गृह सचिव पद पर तैनात एक आईपीएस अधिकारी का भी तबादला किया गया है। इसी क्रम में लखनऊ और प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर बदले गए हैं। लखनऊ में अमरेन्द्र सिंह सैंगर के स्थान पर तरुण गावा का पुलिस कमिश्रर बनाया गया है।

तबादला आदेश के अनुसार  पुलिस मानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन पुलिस अधीक्षक अग्निशमन, आपात सेवाएं मुख्यालय पर भेजा गया है। पुलिस  आयुक्त लखनऊ अमरेन्द्र के सेंगर को पुलिस महानिदेशक अभिसूचना व पुलिस महानिदेशक सुरक्षा, अपर पुलिस महानिदेशक लाजिस्टिक राम कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन, अपर पुलिस महानिदेश तकनीकी सेवाएँ नवीन अरोरा को अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन, पीयूष मोर्डिया अपर पुलिस महानिदशक वाराणसी जोन को पुलिस आयुक्त प्रयागराज,अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना भगवान एस श्रीवास्तव को अपर पुलिस महानिदेशक तकीनीकी सेवाएं, अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय डा संजीव गुप्ता को  अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय के साथ साथ अपर पुलिस महानिदेशक लाजिस्टिक, अपर पुलिस महानिदेशक सुरक्षा तरुण गाबा को पुलिस आयुक्त लखनऊ, पुलिस महानिरीक्षक होमगार्ड धर्मवीर को पुलिस महानिरीक्षक पूर्वा जोन पीएसी प्रयागराज, सचिव गृह मोहित गुप्ता को पुलिस महानिरीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन, पुलिस महानिरीक्षक डा भीमराव अम्बेडकर पुलिस अकादमी मुरादाबाद विनोद कुमार सिंह को पुलिस महानिरीक्षक विशेष जांच, पुलिस आयुक्त प्रयाग राज जोगेन्द्र कुमार को पुलिस महानिरीक्षक पीटीएस मुरादाबाद, पुलिस महानिरीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन आनन्द सुरेश कुलकर्णी को सचिव गृह उत्तर प्रदेश शासन, पुलिस अधीक्षक संबद्ध मुख्यालय अनूप कुमार सिंह को पुलिस अधीक्षक ईओडब्लू, पुलिस अधीक्षक संबद्ध मुख्यालय आनन्द कुमार को पुलिस अधीक्षक लोक शिकायत मुख्यालय, पुलिस महानिदेशक को पद पर स्थानान्तरित किया गया है।

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