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सिकंदराराऊ में रोडवेज बस खाई में पलटी, 9 घायल; चालक पर नशे में ड्राइविंग के आरोप

May 2, 2026

सिकंदराराऊ में रोडवेज बस खाई में पलटी, 9 घायल; चालक पर नशे में ड्राइविंग के आरोप

हाथरस। सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र में  बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब एटा डिपो की रोडवेज बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। हादसे में 9 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से 2 की हालत नाजुक होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल को दिल्ली से फर्रुखाबाद जा रही बस जैसे ही गांव बिलार के पास पहुंची, अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और मौके पर अफरा-तफरी फैल गई।सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू अभियान चलाकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर भेजा गया।घटना के बाद यात्रियों ने चालक पर लापरवाही और शराब के नशे में बस चलाने के आरोप लगाए। यात्रियों का कहना है कि चालक तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था और रास्ते में कई स्थानों पर रुककर शराब का सेवन किया। विरोध करने पर वह यात्रियों से विवाद करने लगा।हादसे में कुछ यात्रियों के मोबाइल और अन्य कीमती सामान बस में ही छूट गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद रोडवेज बसों की सुरक्षा व्यवस्था और चालक-परिचालकों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

April 28, 2026

हाईवे पर कार पलटने से युवक की मौत, दो गंभीर घायल

हाथरस। आगरा-अलीगढ़ नेशनल हाईवे पर देर रात हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। थाना चंदपा क्षेत्र के कुंवरपुर पुलिया के पास बलेनो कार अनियंत्रित होकर पलट गई।हादसे में नगला भोपा, खैर (अलीगढ़) निवासी 35 वर्षीय नीरज पुत्र गजराज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार में सवार 32 वर्षीय योगेंद्र पुत्र कुंवरपाल और 30 वर्षीय रवि पुत्र राम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।बताया जा रहा है कि तीनों युवक आगरा के खंदौली क्षेत्र में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। इसी दौरान चालक को नींद का झोंका आने से कार अनियंत्रित होकर पलट गई।सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मृतक नीरज खैर की मंडी समिति में निजी कार्य करता था। घटना के बाद परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग, सांसद को सौंपा ज्ञापन

अखिल भारतीय प्रधान संगठन के सदस्य ज्ञापन देते हुए

हाथरस। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले सोमवार को हाथरस में ग्राम प्रधानों ने जोरदार हंगामा किया। प्रधानों ने अपने कार्यकाल में विस्तार की मांग को लेकर ज्ञापन हाथरस सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा। संगठन का कहना है कि अगर पंचायत चुनाव समय पर नहीं होते हैं तो प्रशासकों की नियुक्ति से बेहतर होगा कि मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल बढ़ा दिया जाए।
अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि सभी ग्राम प्रधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने गए जनप्रतिनिधि हैं और अपने-अपने गांव की हर समस्या से भलीभांति वाकिफ हैं। वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, लेकिन आशंका है कि पंचायत चुनाव करीब एक साल विलंब से होंगे। ऐसे में अगर प्रशासक लगाए गए तो विकास कार्य ठप हो जाएंगे। पूर्व में प्रशासकों के समय भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सामने आई थीं। मौजूदा प्रधान अधिक जवाबदेह और प्रतिबद्ध हैं।
प्रधानों का तर्क है कि जनहित और सुचारु विकास कार्यों को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ाया जाए। संगठन ने मुख्यमंत्री से इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेने की गुहार लगाई है। ज्ञापन सौंपने वालों में तामसी प्रधान धर्मेन्द्र कुमार, प्रधान राकेश कुमार, जितेंद्र कुमार, धर्मेंद्र सिंह, महाराज सिंह, धर्मपाल सिंह, योगेश कुमार सहित कई अन्य प्रधान मौजूद रहे।

UP Election 2027 से पहले हाथरस की जमीनी हकीकत पर घिरती सत्तारूढ़ पार्टी

Posted on 28.04.2026 Time 10.58, Tuesday, UP Vidhan Sabha Election 2027, Neeraj Chakrapani  Hathras

हाथरस में अफसर-नेता गठजोड़ पर उठे सवाल, चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

हाथरस, आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। राज्य की सत्ता में वापसी की चुनौती के बीच सत्तारूढ़ दल के सामने जमीनी स्तर पर संगठन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। खासतौर पर ब्रज क्षेत्र के हाथरस जनपद को लेकर उठ रही चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों वाले इस जनपद में फिलहाल दो सीटों पर भाजपा और एक पर सहयोगी दल का कब्जा है। जिला पंचायत से लेकर नगर निकायों तक सत्ता पक्ष की पकड़ मजबूत मानी जाती रही है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर असंतोष की स्थिति सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि जिले में प्रशासनिक अधिकारियों और कुछ जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल जनहित के बजाय निजी हितों की पूर्ति की ओर झुका हुआ है। आरोप हैं कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही, जिससे भूमाफिया सक्रिय बने हुए हैं। कई मामलों में सांठगांठ की आशंका भी जताई जा रही है।
विकास कार्यों की स्थिति भी सवालों के घेरे में है। लंबे समय से लंबित यातायात सुधार, मेडिकल सुविधाओं के विस्तार और ट्रांसपोर्ट नगर जैसी परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है। जनसुविधाओं की कमी और अव्यवस्था को लेकर आम नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ विभागों जैसे लोक निर्माण, बिजली, जल निगम,वन विभाग ,समाज कल्याण , स्वास्थ्य सेवाएं, उप निबंधन कार्यालय,जिला उद्योग  और परिवहन विभाग सहित आदि में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इन विभागों में कार्यप्रणाली को लेकर पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश से मिले संकेतों के बाद सत्तारूढ़ दल के लिए आगामी विधानसभा चुनाव आसान नहीं होंगे। ऐसे में यदि स्थानीय स्तर पर संगठन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो इसका असर चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है।
विपक्षी दल भी इन मुद्दों को लेकर सक्रिय हो गए हैं और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले महीनों में चुनावी माहौल और तेज होने के साथ ही हाथरस जैसे जनपदों की स्थिति प्रदेश की व्यापक राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।फिलहाल नजर इस बात पर है कि सरकार प्रशासनिक स्तर पर उठ रहे आरोपों और जन असंतोष को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है।

April 26, 2026

चंदपा थाने में युवक की मौत पर सपा नेताओं ने की कार्रवाई की मांग

हाथरस। थाना चंदपा में पुलिस अभिरक्षा के दौरान युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं प्रदेश कमेटी सदस्य रामनारायण काके ने कहा कि चंद्रपाल दिवाकर की मौत गंभीर मामला है और इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली।बताया गया कि मौके पर ही पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता कर जल्द न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई।इस दौरान नेत्रपाल सिंह राजपूत, हेमंत गौड़, आजाद कुरैशी, राधेश्याम रजक, पिंटू दिवाकर, चिंकू शर्मा, ताराचंद कुशवाहा, मनीष कुशवाहा और मोहित कश्यप एडवोकेट सहित अन्य लोग मौजूद रहे

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