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युवक ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में मचा कोहराम

May 7, 2026

युवक ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में मचा कोहराम

हाथरस। चंदपा क्षेत्र के गांव गढ़ी कछवा में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।जानकारी के अनुसार 40 वर्षीय नरेंद्र पुत्र महाराज सिंह राजमिस्त्री का काम करता था और उसे शराब पीने की लत थी। परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी कुछ दिन पहले मायके चली गई थी, जिससे वह मानसिक तनाव में चल रहा था।बताया गया है कि बुधवार शाम नरेंद्र ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। देर रात जब परिजन उसे खाना खाने के लिए बुलाने पहुंचे और कमरे से कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने खिड़की से झांककर देखा। अंदर नरेंद्र का शव फंदे पर लटका मिला। यह देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई।मृतक अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों सहित परिवार को छोड़ गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

May 5, 2026

ईंट भट्टों की लापरवाही से इगलास रोड पर बढ़ रहे हादसे, ग्रामीणों में आक्रोश

 

हाथरस। जनपद के इगलास रोड पर संचालित ईंट भट्टा व्यवसायियों की लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। आगरा-अलीगढ़ बाईपास से इगलास की ओर जाने वाले मार्ग पर गांव टुकसान के निकट कई ईंट भट्टे संचालित हैं, जहां से मिट्टी ढोने वाले वाहनों के कारण सड़क पर लगातार मिट्टी फैल रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि भट्टा संचालकों द्वारा किसी प्रकार की सावधानी नहीं बरती जा रही, जिससे सड़क पर फिसलन बनी रहती है और आए दिन हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग पर अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भट्टा व्यवसायियों ने सड़क किनारे अतिक्रमण जैसा माहौल बना दिया है। ईंट बनाने के लिए लाई जाने वाली मिट्टी खुलेआम सड़क पर बिखरती रहती है, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।समस्या को और गंभीर बनाता है इस मार्ग पर रात के समय प्रकाश व्यवस्था का अभाव। अंधेरे में सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भट्टा संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क पर फैलाई जा रही मिट्टी को तुरंत हटवाया जाए। साथ ही, मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है, ताकि लगातार हो रहे हादसों पर रोक लगाई जा सके।

जांच में फर्जी निकला धोखाधड़ी का मुकदमा, पुलिस ने किया निरस्त

हाथरस। न्यायालय के आदेश पर दर्ज कराया गया धोखाधड़ी का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी पाया गया है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने मुकदमे को निरस्त कर दिया और वादी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
मामला अलीगढ़ रोड औद्योगिक क्षेत्र निवासी राजुल मोहता से जुड़ा है, जिन्होंने 10 फरवरी को कोतवाली हाथरस गेट में अपने पार्टनर अजय कुमार शर्मा, विशेष शर्मा, राजकुमार तथा दो चार्टर्ड अकाउंटेंट,प्रवीन जैन और सौरभ शुक्ला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उन्हें कंपनी से हटाया गया और वित्तीय अनियमितता की गई।
विवेचना के दौरान निरीक्षक आदित्य शंकर तिवारी द्वारा मामले की गहन जांच की गई। थाना प्रभारी नितिन कसाना के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। जांच में पाया गया कि वास्तविक तथ्यों को छिपाकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके आधार पर 5 अप्रैल 2026 को न्यायालय में खारिज रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि कोई अपराध होना नहीं पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2021 में राजुल मोहता और अजय कुमार शर्मा ने मिलकर आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण के लिए कंपनी की स्थापना की थी। कंपनी की जमीन और भवन अजय कुमार शर्मा के थे, जबकि राजुल मोहता ने लगभग 4.5 लाख रुपये का निवेश किया था, जिसका भुगतान लाभ सहित किया जा चुका है।
पुलिस जांच में यह भी आरोप सामने आया कि राजुल मोहता और उनके भाई आयुष मोहता कंपनी का माल बेचकर उसकी राशि कंपनी के खाते में जमा न कर निजी खातों में जमा कर रहे थे। जब अन्य निदेशकों को इसकी जानकारी हुई तो विवाद उत्पन्न हो गया। बाद में समझौते के तहत करीब सात लाख रुपये का भुगतान किया गया और राजुल मोहता ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया।
इसके बावजूद, पुलिस के अनुसार, व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता और दुर्भावना के चलते बाद में झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। जांच में यह भी सामने आया कि करीब 18 माह पूर्व भी इसी तरह की एक शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की गई थी, जो जांच में फर्जी पाई गई थी।
इसके अतिरिक्त, श्री मोहता आयुर्वेदिक भवन प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक निवेदिता मोहता द्वारा दिया गया बयान भी पुलिस जांच में असत्य पाया गया।
पुलिस ने इस मामले में झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में राजुल मोहता के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत कार्रवाई की संस्तुति करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस के न्यायालय में रिपोर्ट प्रेषित की है।

May 4, 2026

पांच हजार के लालच में युवक को निर्वस्त्र दौड़ाया, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

हाथरस। कोतवाली चंदपा क्षेत्र के कस्बा चंदपा से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां 27 वर्षीय युवक को पांच हजार रुपये का लालच देकर निर्वस्त्र अवस्था में गली में दौड़ाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।वायरल वीडियो में कुछ लोग युवक को कपड़े उतारने के लिए उकसाते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही उसे पांच हजार रुपये देने की बात कही जाती है। पैसों के लालच में युवक निर्वस्त्र होकर गली में दौड़ता नजर आता है। घटना के दौरान आसपास महिलाएं भी मौजूद थीं, जिनके सामने यह आपत्तिजनक कृत्य हुआ।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मामले में ग्राम प्रधान के पति सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। आरोप है कि उन्होंने ही युवक को इस हरकत के लिए उकसाया और शर्त रखी।घटना का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा मोबाइल से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। यह घटना समाज में गिरते नैतिक मूल्यों और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

May 3, 2026

भरभराकर गिरा निर्माणाधीन मकान का लेटर,मलवे में दबकर चार मजदूर हुए घायल

हाथरस। कोतवाली क्षेत्र के गांव वीर नगर में रविवार को एक निर्माणाधीन मकान में उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब छत (लैंटर) डालते समय उसकी सेटिंग अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में वहां काम कर रहे चार मजदूर मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। इस दौरान काफी मशक्कत करनी पड़ी। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की टीम ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में एक मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई थी, जिसे बेहतर उपचार के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अन्य तीन मजदूरों का इलाज जिला अस्पताल में ही जारी है। बताया जा रहा है कि गांव वीर नगर में एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था और छत डालने की प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सेटिंग कमजोर होने के कारण अचानक ढह गई, जिससे वहां कार्य कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं, स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पुलिस को भी मामले की सूचना दे दी गई है और आगे की जांच की जा रही है।

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