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पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट ने लगाए फूल फरौशी ठेकों में अनियमितताओं के आरोप

July 29, 2026

पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट ने लगाए फूल फरौशी ठेकों में अनियमितताओं के आरोप


वर्ष 2010 से वर्तमान तक सभी ठेकों की जांच और संबंधित ठेकदारों से राजस्व नुकसान की भरपाई की मांग की
हरिद्वार, 29 जुलाई। पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट ने नगर निगम के फूल फरौशी के ठेकों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए वर्ष 2010 से वर्तमान तक सभी ठेकों की जांच कर संबंधित ठेकेदारों से वसूली तथा निगम के राजस्व को हुए नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कांग्रेस के पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट ने नगर निगम द्वारा मालवीय द्वीप, घंटाघर सहित अन्य स्थानों पर फूल फरौशी के ठेके आवंटित किए जाते हैं। आरोप लगाया कि वर्ष 2010 से अब तक के फूल फरौशी ठेकों की प्रक्रिया और उससे प्राप्त राजस्व का स्पष्ट रिकॉर्ड सूचना के अधिकार के तहत उत्तराखंड सूचना आयोग तक मामला पहुंचाए जाने के बावजूद अपेक्षित जानकारी नहीं दी गयी। कैलाश भट्ट ने वर्ष 2026 में ठेकों की अवधि समाप्त होने के बाद अपनाई गई ई-निविदा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने 7 मई 2026 को ई-निविदा आमंत्रित की और 28 मई को निविदाओं के संबंध में जानकारी दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद तकनीकी एवं वित्तीय बिड खोलने में देरी हुई तथा अधिकारियों को कई बार पत्र देने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। 19 जून 2026 को वित्तीय और तकनीकी बिड खोली गईं, जिनमें कुछ टेंडर दो-दो बिड के साथ पाए गए। आरोप लगाया कि करीब 22 दिनों तक बिड नहीं खोली गई, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ठेके नहीं खोले गए। आरोप है कि कुछ मामलों में ठेकेदारों द्वारा निर्धारित राशि जमा नहीं किए जाने के बावजूद उन्हें ठेका दिए जाने की स्थिति बनी। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में जहां ठेकेदारों को निर्धारित धनराशि का 25 प्रतिशत जमा करना होता था, वहीं बाद में नगर निगम द्वारा 40 प्रतिशत तथा चार माह की संपूर्ण धनराशि जमा करने का नियम बनाया गया। भट्ट ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ठेकेदार अलग-अलग नामों से ठेके लेकर प्रक्रिया में भाग लेते रहे हैं। इसके चलते वर्ष 2010 से वर्तमान तक फूल-फरौशी के ठेकों की विस्तृत जांच आवश्यक है। उन्होंने अत्यधिक भीड़ वाले समय में ठेकेदारों द्वारा ठेके के बाहर खोखे और दुकानें लगाकर नगर निगम को राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया और मांग की कि निर्धारित स्थल के अतिरिक्त कहीं भी फूलों की बिक्री न हो और ठेकेदारों द्वारा किसी प्रकार का अतिक्रमण न किया जाए। पत्रकारवार्ता में पार्षद हिमांशु गुप्ता, ऋषभ वशिष्ठ, शिवम गिरी, तरूण व्यास, शुभम जोशी, अनिकेत गिरी, शानू गिरी मौजूद रहे।

July 28, 2026

रात्रि में सड़कों पर उतरीं पालिकाध्यक्ष, सफाई व्यवस्था और पंपिंग स्टेशन का लिया जायजा

जलभराव रोकने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, मशीनें हर समय चालू रखने पर जोर

फोटो –सफाई व्यवस्था का जायजा लेती पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी

हाथरस। बरसात के मौसम में शहर को स्वच्छ और जलभराव मुक्त बनाए रखने के लिए नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्वेता चौधरी लगातार रात्रिकालीन निरीक्षण कर रही हैं। इसी क्रम में उन्होंने देर रात शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद पंपिंग स्टेशन पहुंचकर जल निकासी व्यवस्था, मशीनों की कार्यप्रणाली और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान पालिकाध्यक्ष ने रात्रिकालीन सफाई, कूड़ा उठान, नालियों की सफाई और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शहर के किसी भी हिस्से में जलभराव या गंदगी की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए तथा सभी व्यवस्थाएं पूरी सतर्कता और गुणवत्ता के साथ संचालित की जाएं।पंपिंग स्टेशन पर उन्होंने मशीनों के संचालन की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी पंप हर समय पूर्ण क्षमता के साथ क्रियाशील रहें, ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी में किसी प्रकार की बाधा न आए और नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी ने कहा कि नगरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना नगर पालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से वह स्वयं देर रात तक व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सफाई व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।उन्होंने अधिकारियों को रात्रिकालीन निरीक्षण नियमित रूप से जारी रखने तथा सफाई और जल निकासी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। नगरवासियों ने भी पालिकाध्यक्ष की इस पहल की सराहना करते हुए इसे स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित हाथरस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

July 27, 2026

भगवान दक्ष प्रजापति की शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

फोटो –पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी का  स्वागत करते आयोजक

हाथरस। शहर के गौशाला प्रांगण में भगवान दक्ष प्रजापति की भव्य जनसभा के बाद श्रद्धा और उत्साह के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और प्रजापति समाज के लोगों ने भाग लिया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया, जिससे पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिनेश प्रजापति रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी, पूर्व सांसद राजेश कुमार दिवाकर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, भाजपा शहर अध्यक्ष विवेक गुप्ता, शरद प्रजापति, माटीकला बोर्ड सदस्य राजकुमारी गोला और मनोनीत सभासद आरसी गोला सहित विभिन्न जनपदों से आए समाज के लोग उपस्थित रहे।वक्ताओं ने कहा कि प्रजापति समाज अपनी मेहनत, कौशल और संस्कारों से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है तथा समाज की संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।आयोजन में डॉ. जितेंद्र, बंटी गोला, हरीश गोला, गौरव प्रजापति, सोनू गोला, हिमांशु गोला, रूपेश प्रजापति, खजान सिंह गोला, सियाराम गोला और सभासद अशोक कुमार गोला सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजसेवी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन हरि सिंह मास्टर ने किया। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

July 26, 2026

ट्रेनों में बेडरोल चोरी के नाम पर यात्रियों को बदनाम करना बंद हो

संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने रेल मंत्री को भेजा ज्ञापन

हाथरस। संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा संबंधित रेलवे ज़ोन के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को ज्ञापन भेजकर ट्रेनों में बेडरोल ,चादर, कंबल, तकिया और तौलिया के नुकसान को यात्रियों द्वारा चोरी बताया जाने का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने इसे आम रेल यात्रियों की छवि धूमिल करने वाला कदम बताते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।व्यापार मंडल का कहना है कि हाल ही में विभिन्न माध्यमों से यह प्रचारित किया गया कि यात्रियों द्वारा ₹104 करोड़ से अधिक मूल्य के बेडरोल गायब कर दिए गए हैं। संगठन का आरोप है कि रेलवे की आंतरिक प्रबंधन संबंधी कमियों,  डिपो की अनियमितताओं तथा निजी ठेकेदारी व्यवस्था की खामियों को छिपाने के लिए आम जनता को दोषी ठहराया जा रहा है।संगठन के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय, विपिन वार्ष्णेय और कन्हैया वार्ष्णेय ने कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में लिनन गायब हो रहा है तो इसकी जिम्मेदारी रेलवे की निगरानी व्यवस्था, ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की तय होनी चाहिए, न कि करोड़ों यात्रियों पर चोरी का आरोप लगाया जाए। जिला अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र वार्ष्णेय, जिला महामंत्री रविंद्र सिंह तथा जिला कोषाध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने भी इस मामले में स्वतंत्र जांच, डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने और लिनन खरीद व धुलाई प्रक्रिया का पारदर्शी ऑडिट कराने की मांग की।व्यापार मंडल ने ज्ञापन में मांग की है कि पूरे मामले की सीएजी अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, यात्रियों को बदनाम करने वाले भ्रामक प्रचार पर रोक लगाई जाए, बेडरोल प्रबंधन में बारकोड या डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली लागू की जाए तथा खरीद, धुलाई और स्टॉक प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

पूर्व प्रधान ने सीडीओ पर लगाए गंभीर आरोप, सीडीओ बोले आरोप पूरी तरह निराधार

 

रिश्वत मांगने, झूठा मुकदमा दर्ज कराने और उत्पीड़न का आरोप; सीडीओ ने कहा जांच के बाद हुई कार्रवाई, न्यायालय से भी राहत नहीं मिली

फोटो –पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री प्रेस से वार्ता करते हुए

हाथरस। हसायन ब्लॉक की ग्राम पंचायत हैथा रघुनाथपुर के पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री ने प्रेस वार्ता में  मुख्य विकास अधिकारी  पी.एन. दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। वहीं, सीडीओ ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है।पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री का आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के दौरान शिकायत होने के बाद उन्हें सीडीओ कार्यालय बुलाया गया, जहां उनसे कथित रूप से एक लाख रुपये की मांग की गई।एक लाख रुपए की डिमांड की उन्होंने  मना कर दिया, तो कहने लगे मेरी बीबी जालौन  जिला की बीजेपी की अध्यक्ष है, और सीएम तक पहुच है,  पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री का   कहना है कि मांग पूरी न करने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उनकी प्रधान की शक्तियां समाप्त कर दी गईं और बाद में उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया।अशोक अग्निहोत्री का कहना है कि, ग्राम पंचायत का कंप्यूटर खराब होने की जानकारी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दी थी तथा उसे सर्विस सेंटर पर मरम्मत के लिए भेजा गया था। इसके बावजूद उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। उनका आरोप है कि उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारियों को शिकायतें और दस्तावेज उपलब्ध कराए, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद समयबद्ध निर्णय नहीं लिया गया और उन्हें बाद में गिरफ्तार भी कराया गया।पूर्व प्रधान ने यह भी कहा कि उन्होंने पूर्व में हाथरस जंक्शन पर ट्रेनों के ठहराव, स्टेशन के विकास, तालाब चौराहा ओवरब्रिज, गांव में ओवरहेड पानी की टंकी तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय सहित कई जनहित के कार्य कराए हैं। उनका आरोप है कि उनकी सार्वजनिक छवि खराब करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया।अब यह मामला दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों के बीच है। मामले की अंतिम स्थिति संबंधित न्यायालय एवं सक्षम प्राधिकारियों की जांच और निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

सीडीओ ने आरोपों को बताया निराधार

इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित से फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधान द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधान के कार्यकाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा शिकायतें की गई थीं, जिनकी जांच कराई गई। जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई हुई। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रधान न्यायालय भी गए थे, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली।

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