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होली एंजल स्कूल, चिनौर में गूँजा रेड क्रॉस का मानवता संदेश

October 21, 2026

होली एंजल स्कूल, चिनौर में गूँजा रेड क्रॉस का मानवता संदेश


प्रधानाचार्य सिस्टर फातिमा ने साझा किए छात्र जीवन में रेड क्रॉस से जुड़कर सेवा करने के अनुभव :-

शाहजहाँपुर। ( संजीव गुप्त ) आज के विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनमें मानवता, संवेदना तथा सेवा के संस्कार विकसित करना बेहतर समाज की नींव है। इसी उद्देश्य से महामहिम राज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश रेड क्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मंशा के अनुरूप होली एंजल स्कूल, चिनौर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, शाखा शाहजहाँपुर की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यालय की प्रबंधिका सिस्टर फातिमा ने बताया कि वह अपने छात्र जीवन के दौरान तमिलनाडु में रेड क्रॉस से जुड़ी थीं और इसके सेवा कार्यों में भाग लिया था। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को मानवता, सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ. विजय जौहरी ने बच्चों को सरल भाषा में बताया कि रेड क्रॉस का जन्म मानवता की सेवा के लिए हुआ है। इसके संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट के मानवीय विचारों से प्रेरित यह आंदोलन वर्ष 1863 में जिनेवा में शुरू हुआ। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति का मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है। हेनरी ड्यूनेंट को वर्ष 1901 में पहला नोबेल शांति पुरस्कार मिला, जबकि अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति को 1917, 1944 और 1963 में यह सम्मान मिला। इस प्रकार संस्थापक और संस्था से जुड़े कुल चार नोबेल शांति पुरस्कारों का गौरवशाली इतिहास बच्चों के सामने रखा गया।
उन्होंने बताया कि भारत में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना वर्ष 1920 में संसद के अधिनियम के अंतर्गत हुई। राष्ट्रीय स्तर पर भारत की राष्ट्रपति संस्था की अध्यक्ष हैं और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राष्ट्रीय सभापति हैं। उत्तर प्रदेश में राज्यपाल राज्य शाखा की अध्यक्ष हैं, व मानणिया बृजेश पाठक उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सर्कार प्रदेश सभापति हैं जनपद स्तर पर जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में नेतृत्व में रेड क्रॉस की गतिविधियाँ संचालित होती हैं। जीतेन्द्र कुमार द्वारा कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के मैजिक शो के माध्यम से बच्चों का मनोरंजन करते हुए रेड क्रॉस का संदेश पहुँचाया गया। डॉ. जौहरी ने प्राथमिक उपचार, हाथ धोने की सही विधि, स्वच्छता और आपात स्थिति में शुरुआती सहायता की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि किसी साथी को चोट लगने या किसी जरूरतमंद को सहायता की आवश्यकता होने पर संवेदनशीलता दिखाएँ और सुरक्षित तरीके से शिक्षक अथवा जिम्मेदार व्यक्ति की मदद लें। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस रक्तदान, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य जागरूकता, प्राथमिक उपचार तथा युद्ध और संकट के समय पीड़ितों की सहायता जैसे महत्वपूर्ण कार्य करता है। इसका उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के पीड़ितों, जरूरतमंदों और संकट में फँसे लोगों तक सहायता पहुँचाना है।
डॉ. जौहरी ने कहा कि विद्यालयों में रेड क्रॉस का प्रचार-प्रसार बच्चों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आज के विद्यार्थी ही कल देश की सेवा करेंगे। उनमें मानव सेवा की भावना विकसित करना समाज के उज्ज्वल भविष्य में निवेश करने के समान है।
रेड क्रॉस का संदेश — “जहाँ रेड क्रॉस, वहाँ मानव सेवा।”
इस अवसर पर प्रिंसिपल सिस्टर फातिमा वाईस प्रिंसिपल सिस्टर प्रेमा टीचर विनीत आनंद, विनय श्रीवास्तव , जीतेन्द्र कुमार और अनेक शिक्षक – शिक्षिकाओं ने सहभागिता की l

सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने पुवायां में एम-पैक्स गोदाम का किया लोकार्पण

* किसानों को मिलीं कई आधुनिक सुविधाएं*

शाहजहांपुर।( संजीव गुप्त )
प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री जे.पी.एस. राठौर ने आज जनपद के विकासखंड पुवायां (गंगसरा) स्थित एम-पैक्स दिउरिया गुटैया में 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले समिति गोदाम के मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने नवगठित एम-पैक्स नत्थापुर के कार्य-व्यवसाय का भी विधिवत शुभारंभ कर क्षेत्र के किसानों को एक बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में आ रहे डिजिटल और बुनियादी बदलावों की जानकारी देते हुए किसानों को सरकार की योजनाओं के प्रति आश्वस्त किया।
लोकार्पण के अवसर पर मंत्री जी ने समिति भवन और किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए किसान शेड का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विशेष रूप से किसानों के बैठने के लिए बनाए गए शेड की काफी सराहना की। उन्होंने कहा कि किसानों की सहूलियत और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और विभागीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्री राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से अब किसानों को बिल्कुल समय से खाद उपलब्ध हो रही है। किसानों को उर्वरक के लिए भटकना न पड़े और उन्हें सतत रूप से खाद मिलती रहे, इसके लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए हर समिति को 15 लाख रुपये की ब्याज मुक्त क्रेडिट गारंटी उपलब्ध कराई है। इससे समितियों के पास खाद का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने में मदद मिल रही है।
सहकारिता समितियों को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए मंत्री जी ने बताया कि अब किसान समितियों पर आसानी से क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा, समितियों के कंप्यूटराइजेशन का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। इससे न केवल कार्यप्रणाली में तेजी आएगी, बल्कि पूरी व्यवस्था में 100 प्रतिशत पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
समितियों को ऊर्जा के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की एक और महत्वपूर्ण पहल की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि हर समिति पर सरकार की ओर से 2 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट भी लगाया जा रहा है, जिससे बिजली की समस्या दूर होगी और कामकाज सुचारू रूप से चलता रहेगा। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

देवरिया में घर में आग से तीन की मृत्यु

देवरिया, 21 अक्टूबर 2026, जिले के भटनी थाना अंतर्गत ग्राम नोना पार में बीती रात एक झोपड़ी में आग लग गई। आग से पिता पुत्र समेत तीन लोगों की झुलसकर मृत्यु हो गई।

October 20, 2026

भारत की शक्ति उसके सांस्कृतिक स्वबोध में निहित : डॉ. मोहन भागवत

विजयादशमी उद्बोधन में सरसंघचालक ने पंच परिवर्तन और राष्ट्रीय एकता पर दिया विशेष बल

( हेमेन्द्र क्षीरसागर पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार )

नागपुर में 20 अक्टूबर 2026,  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का उद्बोधन भारतीय समाज के आत्मबोध, सांस्कृतिक अस्मिता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित रहा। संघ की शताब्दी के कार्यक्रमों के समापन अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सशक्त, आत्मनिर्भर और विश्वकल्याण के लिए प्रतिबद्ध भारत का निर्माण केवल आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और चारित्रिक उत्थान से संभव है।

हम भारत के लोग

सरसंघचालक के उद्बोधन का मूल स्वर अपनी सभ्यतागत पहचान को समझने और उसे समकालीन जीवन में उतारने का रहा। भारत की विविधता को कमजोरी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संपन्नता मानते हुए उन्होंने उस एकात्म भाव को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। जो विभिन्न मत-पंथों, भाषाओं, जातियों और प्रादेशिक पहचानों के बावजूद नागरिकों को एक सूत्र में बांधता है। संविधान की भावना के अनुरूप ‘हम भारत के लोग’ का बोध तभी सार्थक होगा। जब समान राष्ट्रीय हित, पारस्परिक सम्मान और कर्तव्यनिष्ठा हमारे व्यवहार में दिखाई दें।

प्रतिबद्धता का संदेश

संत रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष का संदर्भ इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उनका जीवन श्रम की प्रतिष्ठा, भक्ति, स्वधर्मनिष्ठा और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देता है। स्वामी श्रद्धानंद और स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जैसे महापुरुषों का स्मरण भी त्याग, सेवा और सांस्कृतिक चेतना के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देता है।

दैनिक आचरण का हिस्सा

संघ के शताब्दी वर्ष में रेखांकित पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वबोध एवं स्वदेशी तथा नागरिक अनुशासन को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सामाजिक जीवन की दिशा बदलने वाला व्यापक अभियान बताया। इनका वास्तविक महत्व तभी है, जब वे नारों और आयोजनों तक सीमित न रहकर दैनिक आचरण का हिस्सा बनें। परिवार में संस्कार, समाज में समानता, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता। स्वदेशी के प्रति आग्रह और नागरिक कर्तव्यों का पालन राष्ट्रनिर्माण की आधारशिलाएं हैं।

विकास का प्रतिमान

विज्ञान, तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की प्रगति को स्वीकार करते हुए उद्बोधन में सरसंघचालक ने उनके विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया। तकनीक अपने आप में समाधान नहीं, उसका परिणाम इस बात पर निर्भर करता है कि उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य और नैतिक दृष्टि से किया जाता है। डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध सामग्री, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और नई पीढ़ी के सामने उपस्थित चुनौतियों के संदर्भ में परिवार, समाज और शासन की साझा जिम्मेदारी रेखांकित की। विकास का प्रतिमान ऐसा होना चाहिए, जिसमें आर्थिक समृद्धि के साथ पर्यावरणीय संतुलन, मानवीय गरिमा और सामाजिक उत्तरदायित्व भी सुरक्षित रहें।

सद्भाव, संवाद और नागरिक मर्यादा

डॉ. मोहन भागवत के उद्बोधन का महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक तनावों और आंदोलनों के प्रति विवेकपूर्ण दृष्टिकोण रहा। समस्याओं के समाधान के लिए संवाद, जनसहभागिता और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन आवश्यक है। मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, किंतु उन्हें मनभेद, द्वेष और सामाजिक विभाजन में बदलने से रोकना सभी की जिम्मेदारी है। शासन-प्रशासन, राजनीतिक नेतृत्व और समाज के प्रत्येक वर्ग से अपेक्षा है कि व्यवहार में संवेदनशीलता, शालीनता और नागरिक सम्मान बना रहे। ग्रामीण विद्यालयों और ग्राम विकास में जनसहभागिता के उदाहरण बताते हैं कि सामाजिक समस्याओं का समाधान केवल सरकारी प्रयासों या आंदोलनों पर निर्भर नहीं रह सकता। समाज की सक्रिय भागीदारी, सहयोग और स्वावलंबन स्थायी परिवर्तन की राह खोलते हैं।

एकता ही राष्ट्रशक्ति

वंदे मातरम् के ऐतिहासिक संदर्भ के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश सामने आया। इतिहास से सीखना आवश्यक है, लेकिन अतीत की कटुता को वर्तमान के सामाजिक संबंधों पर हावी होने देना उचित नहीं। भारत की शक्ति उसकी विविधताओं के बीच आत्मीयता, साझा विरासत और परस्पर सम्मान बनाए रखने में निहित है।

विश्वकल्याण में योगदान

समग्रतः सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का विजयादशमी का यह उद्बोधन राष्ट्रनिर्माण को शासन की जिम्मेदारी भर नहीं, बल्कि समाज के सामूहिक संकल्प के रूप में देखने की प्रेरणा देता है। भारत को समर्थ और विश्वकल्याण में योगदान देने वाला राष्ट्र बनाने के लिए सांस्कृतिक आत्मबोध के साथ वैज्ञानिक दृष्टि, सामाजिक समरसता, नागरिक अनुशासन और मानवीय संवेदना का समन्वय आवश्यक है। वास्तविक विजय तभी होगी, जब राष्ट्रीय एकता केवल विचार न रहकर प्रत्येक नागरिक के आचरण में प्रतिबिंबित हो।

October 18, 2026

मसूरी जा रहे आगरा की थार पलटी, तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत, दो गंभीर – घरों में मातम

आगरा/सहारनपुर। आगरा से मसूरी घूमने निकले पांच दोस्तों का सफर शुरू होने से कुछ घंटों बाद ही दर्दनाक हादसे में बदल गया। रविवार तड़के सहारनपुर जिले में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर उनकी तेज रफ्तार थार बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़ते हुए कई बार पलट गई। हादसे में आगरा के तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए।

खबरों के मुताबिक साहिल, राहुल, सक्षम, सचिन वर्मा और हेमंत वर्मा शनिवार रात करीब नौ बजे आगरा से थार गाड़ी में मसूरी के लिए निकले थे। कार हेमंत वर्मा चला रहा था। रविवार तड़के करीब चार बजे जब उनकी कार सहारनपुर के नागल थाना क्षेत्र के बेलड़ा जुनारदार गोल चक्कर पर पहुंची तो तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जोरदार धमाके की आवाज आई। कार डिवाइडर से टकराकर दूसरी लेन में पलट गई, उसका अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और शीशे सड़क पर बिखर गए। कार में सवार दो युवक उछलकर पुल के नीचे जा गिरे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार के दरवाजे तोड़कर सभी को बाहर निकाला और जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने साहिल तिवारी (24), सक्षम (26) और राहुल गौतम (25) को मृत घोषित कर दिया। सचिन वर्मा और हेमंत वर्मा गंभीर घायल हैं।

घायल सचिन वर्मा ने बताया कि वह हादसे के वक्त कार की पिछली सीट पर सो रहा था। उसे पता ही नहीं चला क्या हुआ। जब आंख खुली तो वह सड़क पर पड़ा था और चारों तरफ चीख-पुकार थी। बाद में पता चला थार का एक्सीडेंट हो गया है।

तीनों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया और परिजन सहारनपुर के लिए रवाना हो गए।

सहारनपुर के एसपी ट्रैफिक शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार हादसे की वजह सामने आ रही है। पुलिस एक्सप्रेसवे के सीसीटीवी और घटनास्थल की जांच कर रही है।

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