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लखनऊ में भाई, पुत्र समेत आरएसएस कार्यकर्त्ता की हत्या

October 26, 2026

लखनऊ में भाई, पुत्र समेत आरएसएस कार्यकर्त्ता की हत्या

Breaking News UP Web News

News Posted on 26.10.2026 Monday

लखनऊ, 26 अक्टूबर 2026, राजधानी मे आज दुस्साहसिक घटना मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व जिला कार्यवाह, उनके भाई और पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारे पडोसी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार ठगाना सदातगंज के नौबस्ता मे ब्राह्ममनी टोला निवासी संघ के पूर्व भाग कार्यवाह शिवाजी तिवारी का पडोसी दिनेश शुक्ला के परिवार से विवाद हो गया। विवाद घर के सामने बरगद के पेड़ का चबूतरा निर्माण को लेकर हुआ। इसी विवाद मे दिनेश शुक्ला के बेटे ऋषभ शुक्ला (30) ने शिवाजी तिवारी (60), उनके भाई शम्भू तिवारी (55), बेटे सुयश तिवारी (30) को पिस्टल से गोली मार दी। ताबड़तोड़ फायरिंग मे तीनों की मृत्यु हो गसी।

सुचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ऋषभ को दबोच लिया। हत्यारे के पिता, चाचा और दो बहनों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

October 25, 2026

देश की आजादी में अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी का अनुकरणीय योगदान-प्रदीप बत्रा

एनयूजेआई ने किया गणेश शंकर विद्यार्थी जयंती विभूति सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार में पत्रकारों की अहम भूमिका-स्वामी यतिश्वरानंद
बदलाव के दौर से गुजर रही पत्रकारिता-अनुपम त्रिवेदी
पत्रकारिता के साथ सामाजिक दायित्व भी निभा रहा प्रैस क्लब-धर्मेंद्र चौधरी
हरिद्वार, 25 अक्टूबर। एनयूजेआई के तत्वाधान में अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी जयंती विभूति सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। प्रैस क्लब सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद, मुख्य वक्ता अनुपम त्रिवेदी, प्रैस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। एनयूजेआई के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा एवं महामंत्री जोगेंद्र सिंह मावी ने अतिथियों का फूलमाला पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर तथा स्मृति चिन्ह व शंख तथा रूद्राक्ष की माला भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन अमित शर्मा ने किया गया। पूर्व कैबिनेट स्वामी यतिश्वरानंद ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलायी। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता सहित अन्य क्षेत्रों में अनुकरणीय योगदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। मुख्य अतिथी कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में अनुकरणीय योगदान करने वाले अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी के जीवन से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में अनेक बदलाव आ रहे हैं। पत्रकार सावधानी पूर्वक अपने मिशन को अंजाम दें। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद महाराज ने कहा कि देश के लिए जीवन समर्पित करने वाले गणेश शंकर विद्यार्थी के जीवन से पत्रकारों को प्रेरणा मिलती है। पत्रकार सत्यता की परख कर समाज समाज में फैल रही विसंगतियों को अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के सम्मुख रखता है। प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकार पत्रकारिता के साथ सामाजिक, संास्कृतिक व धार्मिक क्षेत्र में भी अनुकरणीय योगदान दे रहे हैं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करने में भी पत्रकारों की अहम भूमिका है। मुख्य वक्ता अनुपम त्रिवेदी ने कहा कि पत्रकारिता लगातार बदलाव के दौर से गुजर रही है। सोशल मीडिया के बाद एआई एक बड़ा चैलेंज है। उन्होंने कहा कि पत्रकार और मीडिया संस्थान सभी पक्षों को जानने समझने के बाद ही खबर का प्रकाशन करते हैं और उसके प्रति उत्तरदायी होते हैं। इसलिए पत्रकार और पत्रकारिता की बड़ी भूमिका हमेशा रहेगी। अनुपम त्रिवेदी ने कहा कि स्व.गणेश शंकर विद्यार्थी ने अंग्रेजी शासन के दौर में अखबार निकाला और आजादी के आंदोलन में सहयोगी। सामाजिक सद्भाव के लिए दिया गया उनका बलिदान सदैव सभी को प्रेरणा देता रहेगा। एनयूेआई के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा एवं महामंत्री जोगेंद्र सिंह मावी ने कहा कि संगठित होकर पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गणेश विद्यार्थी का पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित रहा। उनके पद चिन्हों पर चलकर राष्ट्र की एकता अखंडता में सहयोग प्रदान करें। प्रैस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने कहा कि प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकार पत्रकारिता के साथ सामाजिक दायित्व निभाने में भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी ने मुश्किलों भरे दौर में अखबार का प्रकाशन कर देश एकता अखंडता एवं आपसी सौहार्द का संदेश समाज को दिया। वरिष्ठ पत्रकार रामचंद्र कन्नौजिया एवं सुनील दत्त पांडे ने भी विचार रखें। कार्यक्रम में बालकृष्ण शास्त्री, राहुल वर्मा, आदेश त्यागी, विजेंद्र हर्ष, प्रतिभा वर्मा, ललितेंद्र नाथ, कुलभूषण शर्मा, राधेश्याम विद्याकुल, गुलशन नैयर, आशीष मिश्रा, केके पालीवाल, स्वरूप पुरी, संदीप रावत, अवधेश शिवपुरी, राजेंद्रनाथ गोस्वामी, श्रवण कुमार, लव कुमार, मयूर सैनी, महताब आलम, रोहित सिखोला, संदीप शर्मा, रामेश्वर गौड़, दीपक नौटियाल, अनिल भास्कर, रमन कुमार, नितिन राणा, आशीष मिश्रा, सुनील पाल, तनवीर अली, संतोष कुमार, अमरीश कुमार, सुमित यश कल्याण, पुलकित मिश्रा, हरीश, रजत चौहान, रविंद्र कुमार, सचिन, विकास कुमार, मुकेश वर्मा, शैलेंद्र गोदियाल, विकास झा, शिवा अग्रवाल, मनोज खन्ना आदि पत्रकारों सहित भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, लव शर्मा, चौधरी चरण सिंह, पराग चाकलान, मृदुल कौशिक, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव आफाक अली, कांग्रेस नेत्री अंजू द्विवेदी, विमल कुमार, संतोष चौहान, डा.विशाल गर्ग, अंजू मिश्रा, शशी झा, वैद्य एमआर शर्मा, जिला सूचना अधिकारी रतीलाल शाह, मनू शिवपुरी, कमल जोशी, पूर्व सभासद अशोक शर्मा, कमल खड़का आदि मौजूद रहे।

जल को केवल संसाधन नहीं, जीवन और संस्कृति का आधार मानें : सुनील आम्बेकर

भारतीय संस्कृति से ही निकलेगा जल संकट का समाधान : सुनील आम्बेकर

राष्ट्रधर्म मासिक के विशेषांक ‘जल है तो कल है’ का विमोचन; जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने पर जोर।

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर ने कहा कि जल संकट का समाधान केवल सरकारी योजनाओं और तकनीकी उपायों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज की सोच, संस्कार और जीवनशैली में बदलाव लाना होगा। पानी को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का आधार मानकर उसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। भारतीय संस्कृति में नदियों को मां के समान पूजनीय और जल को जीवन का आधार माना गया है। इस सांस्कृतिक दृष्टि को व्यवहार में उतारकर जल संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जा सकती है।

सुनील आम्बेकर रविवार को लखनऊ स्थित भागीदारी भवन में राष्ट्रधर्म मासिक पत्रिका के विशेषांक ‘जल है तो कल है’ के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल संकट केवल पानी की कमी का विषय नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारे व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा है। मनुष्य सृष्टि का स्वामी नहीं, बल्कि उसका अभिन्न अंग है। इसलिए विकास की योजनाओं में मनुष्य के साथ पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों, नदियों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का भी ध्यान रखना आवश्यक है।

जखनी और हिवरे बाजार से सीखने की जरूरत

आम्बेकर ने बुंदेलखंड के जखनी और महाराष्ट्र के हिवरे बाजार का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की भागीदारी और निरंतर प्रयासों से जल संकट का समाधान संभव है। इन गांवों के अनुभव बताते हैं कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसी पहल करने और सफल मॉडलों को दूसरे गांवों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पानी किसी एक राज्य, वर्ग या समूह का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र से जुड़ा प्रश्न है। जल संकट का समाधान आपसी संघर्ष के बजाय सामूहिक जिम्मेदारी निभाने से निकलेगा। शहरों की योजना बनाते समय भी पानी की उपलब्धता, वर्षा, जनसंख्या और प्राकृतिक संसाधनों की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए। अनियोजित शहरीकरण और संसाधनों के अत्यधिक दोहन से जल संकट बढ़ता है। आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण और भावी पीढ़ियों के हितों की रक्षा करना भी जरूरी है।

जल संरक्षण में समाज की सक्रिय भूमिका जरूरी

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने कहा कि जल संरक्षण का काम केवल सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। इसके लिए समाज को आगे आकर सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों को पुनर्जीवित करने तथा जल संरक्षण से जुड़े साहित्य को गांवों, ग्राम पंचायतों और आम लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पद्मश्री डॉ. पोपटराव पवार ने महाराष्ट्र के हिवरे बाजार गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि जल प्रबंधन, फसल नियोजन और सामुदायिक अनुशासन के माध्यम से सूखे की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पानी की उपलब्धता के अनुसार खेती, चराईबंदी, कुल्हाड़बंदी और नशाबंदी जैसे सामूहिक प्रयासों ने गांव में सकारात्मक बदलाव लाने में भूमिका निभाई। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण योजना तैयार करने और ग्रामसभा की भागीदारी से उसे लागू करने पर जोर दिया।

जल संरक्षण पर देशव्यापी चर्चा का उद्देश्य

राष्ट्रधर्म के संपादक अशोक वाजपेयी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंच परिवर्तन में पर्यावरण संरक्षण महत्वपूर्ण विषय है और जल संरक्षण इसका अभिन्न हिस्सा है। इसी उद्देश्य से ‘जल है तो कल है’ विशेषांक तैयार किया गया है। इसमें जल से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक विचारों, पारंपरिक संरक्षण प्रणालियों, वर्तमान चुनौतियों और देश के विभिन्न हिस्सों में हुए सफल प्रयासों को शामिल किया गया है। विशेषांक का उद्देश्य जल संकट पर देशव्यापी चर्चा को प्रोत्साहित करना तथा पारंपरिक ज्ञान और सफल मॉडलों को व्यापक स्तर पर अपनाने की दिशा में प्रयास करना है।
कार्यक्रम का संचालन संपादक मंडल के सदस्य डॉ. अनुज मिश्रा ने किया, जबकि प्रभारी निदेशक सर्वेशचंद्र द्विवेदी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी की पुस्तक ‘हमारी सांस्कृतिक विचारधारा के मूल सूत’ के सातवें संस्करण का भी विमोचन किया गया।

कार्यक्रम में प्रान्त प्रचारक कौशल, क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष, राष्ट्रधर्म के निदेशक एवं सहक्षेत्र प्रचार प्रमुख मनोज कांत, राज्य सूचना आयुक्त पी.एन. द्विवेदी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी.एन. सिंह, प्रान्त सम्पर्क प्रमुख गंगा सिंह, प्रान्त प्रचार प्रमुख अशोक कुमार दुबे, वरिष्ठ प्रचारक अशोक केडिया, डॉ. हरनाम सिंह, देवेंद्र अस्थाना, प्रशांत भाटिया, विभाग प्रचारक अनिल, डॉ. ओम प्रकाश सिंह, राजकिशोर सहित राष्ट्रधर्म से जुड़े पदाधिकारी, लेखक और अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

October 23, 2026

खाटू श्याम के दर्शन से लौट रहे आगरा के 4 दोस्तों की दर्दनाक मौत, 30 फीट गहरी खाई में गिरी कार

जयपुर/आगरा। खाटू श्याम के दर्शन और भजन-कीर्तन की लाइव कवरेज कर आगरा लौट रहे छह दोस्तों की खुशियों भरी यात्रा शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसे में बदल गई। दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे-148 पर रायसर के पास तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार का अचानक टायर फट गया। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी और कई बार पलट गई। हादसे में आगरा के चार युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जयपुर के एनआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसा इतना भीषण कि खाई में जा गिरी कार

हादसा शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि स्विफ्ट डिजायर कार संख्या UP 83 AU 6399 तेज रफ्तार से जा रही थी। रायसर के पास अचानक कार का टायर फट गया। टायर फटते ही चालक कार पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क से नीचे उतरकर करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरा। कार के खाई में गिरते ही उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से कार में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला गया।

—–चार परिवारों में पसरा मातम

पुलिस के अनुसार हादसे में रामबाग निवासी अतुल वार्ष्णेय (35), कालिंदी विहार निवासी मुकुल जायसवाल (21), रूपेश जाटव (25) और शिवा सिंह (20) की मौत हुई है। वहीं नुनिहाई निवासी राहुल शर्मा (36) और बलकेश्वर निवासी अर्पित बंसल (20) घायल हुए हैं। दोनों का जयपुर के NIMS अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे की खबर आगरा पहुंचते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। जिन दोस्तों के साथ कुछ घंटे पहले तक धार्मिक यात्रा और भजन-कीर्तन की खुशियां थीं, उन्हीं परिवारों को सुबह-सुबह उनकी मौत की खबर मिली।

अतुल के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में जान गंवाने वाले अतुल वार्ष्णेय अपने परिवार के लिए बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वर्ष 2016 में उनकी शादी सिम्मी वार्ष्णेय से हुई थी। दंपती की तीन बेटियां हैं रूद्रांशी (9), ख्याति (5) और महज तीन महीने की तृषा। अतुल के पिता वीरेंद्र घर के नीचे परचून की दुकान चलाते हैं, जबकि परिवार पहली मंजिल पर रहता है। अतुल शादी समारोहों में फोटोग्राफी के साथ-साथ यूट्यूब पर लाइव कवरेज का काम भी करते थे। उनके छोटे भाई रोहित वार्ष्णेय ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने परिवार को हादसे की सूचना दी।

दुर्घटना के बाद मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर लोगों की भीड़ जुटने और राहत-बचाव अभियान के चलते करीब एक घंटे तक ट्रैफिक धीमा रहा। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद यातायात को सामान्य कराया। इसके बाद क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कार को खाई से बाहर निकलवाया गया।

—-एक सफर, कई जिंदगियां और पीछे छूट गए परिवार

खाटू श्याम के दर्शन, एकादशी का भजन-कीर्तन और उसकी लाइव कवरेज के बाद छह दोस्त आगरा लौट रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद यह सफर चार परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन जाएगा। एक हादसे ने चार घरों के चिराग बुझा दिए। किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने भाई और किसी परिवार ने पति।

October 21, 2026

गौशालाओं में अव्यवस्थाओं पर नाराज हुए गौ सेवा आयोग के सदस्य

पीलुआ सादिकपुर गौशाला में गंदगी मिलने पर जताई नाराजगी, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश

मथुरा। गौवंश संरक्षण और संवर्धन की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए गौ सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने पीलुआ सादिकपुर और बरारी स्थित गौशालाओं का निरीक्षण किया। पीलुआ सादिकपुर गौशाला में गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौवंश के लिए चारा, पानी, हरा चारा और चोकर की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में संरक्षित गोवंश की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पशुओं को समय पर पर्याप्त पौष्टिक आहार और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।

गौ सेवा आयोग के सदस्य ने पशु चिकित्सकों और गौशाला कर्मचारियों को बीमार एवं कमजोर गोवंश के उपचार और देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वहां संरक्षित प्रत्येक गोवंश को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशालाओं में चारा-पानी, स्वच्छता और पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए, ताकि गोवंश को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

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