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लोक भारती ने आयोजित किए प्राकृतिक 25 कृषि प्रशिक्षण शिविर

July 25, 2026

लोक भारती ने आयोजित किए प्राकृतिक 25 कृषि प्रशिक्षण शिविर

Posted on 25.07.2026 Time 07.59 AM, Saturday, Lok Bharati Uttar pradesh

लखनऊ, 25 जुलाई 2026, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पर्यावरण विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्यशला झंडे वाला, नई दिल्ली में 24 जुलाई को आयोजित की गईं, जिसमें लोकभारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपाल उपाध्याय ने लोकभारती द्वारा देश भर में पर्यवरण संरक्षण के बिभिन्न आयामों पर किये जा रखे कार्यों एवं उनकी उपलब्धयों को प्रस्तुत किया…
1. गौ आधारित प्राकृतिक क़ृषि के देश के पंद्रह राज्यों के किसानों के साथ पचचीस प्रशिक्षण वर्ग सम्पन्न कराये, जिनमे स्वयं सुभाष पलेकर जी ने प्रशिक्षण दिया, इन वर्गो में लगभग तीस हजार किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, उन्हें स्थापित करने तथा आगे बढ़ाने में लोकभारती की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी सफलता के परिणाम स्वरूप गौ आधारित प्राकृतिक कृषि पद्धति को भारत सरकार नें राष्ट्रीय कृषि नीति में सम्मिलित किया। लोकभारती के कर्म योगी किसानों ने कृषि विभाग के बैज्ञानिकों तथा कृषि विज्ञानं केंद्रों के वैज्ञानिकों भी प्रशिक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

2. नदी और जल संरक्षण की दृष्टि से लोकभारती नें माँ गंगा समग्र चिंतन के लिए लखनऊ में राष्ट्रीय स्तर की दो दिवसीय दो कार्यशालाएं आयोजीत कीं, जिनमें सम्पूर्ण देश के नदियों पर कार्य करने वाले विशेषज्ञओं ने भाग लिया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर आदरणीय मधुभाई कुलकरणी द्वारा गंगा समग्र का शुभारम्भ हुआ तथा लोकभारती ने गोमती के उदगम से गंगा मिलन स्थल तक सात दिवसीय एक गोमती अध्ययन यात्रा तथा दूसरी गोमती अलख यात्रा का आयोजन किया, जिससे गोमती सहायक 22नदियों की जानकारी, प्रदूषण के कारक, भुगर्भ जल@ स्तर तथा भू गर्भ जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति की जानकारी एकत्र की, सहयोग के लिए तीस स्थनों पर गोमती मित्र मंडलों का गठन किया, जिसके परिणाम स्वरूप गोमती पर अनेक स्थानों पर पुनर्जीवन का कार्य प्रारम्भ हुआ, इसके अतिरिक्त लोकभारती ने गोमती की तीन सहायक नदियों शाहजहांपुर में भैसी नदी, सीतापुर में कथिना तथा मंदकिनी नदी को पुनर्जवित किया, अयोद्धाया में राम रेखा नदी, बाराबंकी में कल्याणी, हापुड़ में बूढी गंगा तथा नीम नदी के पुनर्जीवन हेतु कार्य प्रारम्भ किया, परिणाम स्वरूप प्रदेश सरकार ने एक नदी एक जिला का अभियान प्रारम्भ किया जिसमें विभिन्न जिलों में लोकभारती तथा उसके सहयोगी संस्थाएँ कार्यरत हैं…

3. लोकभारती ने हरियाली अभियान हेतु वृहत स्तर पर कई प्रकार के कार्य किये… (1) लोकभारती ने पांच जून के स्थान पर सावन महीने को हरियली माह घोषित किया, जो गुरु पूर्णिमा से 29 जुलाई से रक्षबंधन 29 अगस्त तक इस वर्ष है, परिणामतः अब प्रदेश सरकार भी जुलाई के प्रथम सप्ताह से ही वृक्षरोपण अभियान चलती है। (2) लोकभरती ने एक जिले के प्रत्येक ग्राम सभा तथा प्रत्येक नगर पालिका के प्रत्येक वार्ड में शासन और सभी सामाजिक संगठनों के समन्वय से एक निश्चित तिथि पर एक साथ ट्री गार्ड सहित उत्सव पूर्वक हरिशंकरी रोपण अभियान प्रारम्भ किया, जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश के ग्यारह जिलों में बीस हजार से अधिक स्थनों पर हरिशंकरी (पीपल, पाकड़, बरगद ) एक ही थाले में एक साथ लगाए जा चुके है। इस वर्ष सिद्धर्थ नगर, महोवा, बंदा, चित्रकूट, गाजीपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ तथा हमीरपुर जिले प्रस्तावित हैं, जहाँ कार्य चल रहा है।

4. हरिशंकरी मला अभियान के अंतर्गत प्रदेश के चार चौरासी कोसी परिक्रमा क्षेत्र जिनमें 1. आयोध्या, 2. नैमिषारण्य, 3, चित्रकूट, और 4. मथुरा को चुना गया है, जहाँ परिक्रमा पथ पर हर कोष पर हरिशंकरी रोपण कर कोस पड़ाव सुनिश्चित कर दुरी नापने के भरतीय मानक कोस को जीवंत किया जाये आदि।जिससे प्रत्येक कोस पर पड़ाव भी सुनिश्चित हो सकेगा।

5. लोकभारती द्वारा स्वछता अभियान को प्राथमिकता पर रखते हुए घरों पर घरेलू वनस्पतिक कचरा निस्तारण पर व्यापक कार्य प्रारम्भ किया है, जिसके अंतर्गत लखनऊ नगर में ही एक हजार से अधिक परिवारों में डिब्बा सफलता पूर्वक कार्य कर रहा है, जिससे घरों में रसोई वाटिका भी प्रारम्भ हो गईं हैं। यह अभियान शाहजहांपुर, मुरादाबाद, हापुड़, मेरठ, झाँसी, काशी, गाजियाबाद जैसे नगरों में भी प्रारंभ हो गया है।
इसके अतिरिक्त लोक भारती कुछ अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य कर रही है, जिसकी सूची हम यहां पर दे रहे हैं –
1. वंगो लोकभारती, 2. बुंदेली प्रकृति पर्यटन, 3. मंगल परिवार, 5. गौ संरक्षण, संवर्धन, गौ पालक संम्म्मान, 6. प्राकृतिक कृषक सम्मान कार्यक्रम, 7. ग्राम संस्कृति उत्सव, 8. भगीरथ सम्मान कार्यक्रम, 9. फल खाओ गुठली लगाओ, 10. आओ नदी को जानें अभियान आदि….