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नारी शक्ति: समानता, सम्मान और स्वावलंबन से सशक्त राष्ट्र का आधार

March 7, 2026

नारी शक्ति: समानता, सम्मान और स्वावलंबन से सशक्त राष्ट्र का आधार

फिरोजाबाद। राज्य महिला आयोग की सदस्या रेनू गौड़ ने कहा कि 8 मार्च को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के योगदान, अधिकारों, सम्मान और उनके सशक्तिकरण के संकल्प को पुनः स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, करुणा और सृजन का प्रतीक माना गया है। वह परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक माँ के रूप में वह पीढ़ियों को संस्कार देती है, एक शिक्षिका के रूप में ज्ञान का प्रकाश फैलाती है और एक कर्मशील नागरिक के रूप में राष्ट्र के विकास में अपना अमूल्य योगदान देती है।

आज के परिवर्तित समय में महिलाएँ शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति, खेल, उद्यमिता और सामाजिक सेवा जैसे प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। यह परिवर्तन केवल महिलाओं की प्रगति नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास का प्रतीक है। जब महिलाएँ सशक्त होती हैं, तब परिवार सशक्त होता है और जब परिवार सशक्त होता है, तब राष्ट्र प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होता है।

फिर भी हमें यह स्वीकार करना होगा कि समाज के कुछ हिस्सों में अभी भी महिलाओं को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा से वंचित होना तथा आर्थिक निर्भरता जैसी चुनौतियाँ आज भी अनेक महिलाओं के सामने उपस्थित हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल कानूनों से ही नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक सोच और संवेदनशीलता से संभव है।

महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार प्रदान करना नहीं, बल्कि महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता से सशक्त बनाना है। जब समाज महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करता है, तब वे अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाती हैं।

इस अवसर पर हम सभी का दायित्व है कि हम नारी सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित हों। परिवार, समाज और शासन—तीनों स्तरों पर समन्वित प्रयासों से ही एक ऐसा वातावरण निर्मित किया जा सकता है, जहाँ प्रत्येक महिला निर्भीक, आत्मविश्वासी और स्वाभिमानी जीवन जी सके।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि *नारी केवल समाज का एक अंग नहीं, बल्कि उसकी सबसे सशक्त प्रेरणा है।* आइए, इस अवसर पर हम सभी मिलकर ऐसा समाज बनाने का संकल्प लें, जहाँ प्रत्येक महिला को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्राप्त हो तथा वह अपने सपनों को साकार कर सके।

*नारी का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है।*

गोरखपुर की इशिता शर्मा बनीं IAS, चौथे प्रयास में हासिल की 26वीं रैंक*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
07/03/2026

लगन, मेहनत और बड़े भाई के मार्गदर्शन को दिया सफलता का श्रेय, शिक्षा में सुधार का संकल्प*

गोरखपुर।जनपद के होनहारों ने एक बार फिर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। जनपद के राप्तीनगर की रहने वाली इशिता शर्मा ने यूपीएससी परीक्षा में 26वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
इशिता शर्मा ने चौथे प्रयास में यह बड़ी सफलता प्राप्त की। इससे पहले अपने तीसरे प्रयास में वह साक्षात्कार (इंटरव्यू) तक पहुंची थीं, लेकिन अंतिम सूची में स्थान नहीं बना सकीं। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने प्रयास जारी रखा और आखिरकार चौथे प्रयास में 26वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार कर लिया।
इशिता ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई पूरी की है। सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने कॉमर्स को ही वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। खास बात यह है कि उन्होंने घर पर रहकर ही सिविल सेवा की तैयारी की। इससे पहले वह पहले ही प्रयास में नेट-जेआरएफ भी उत्तीर्ण कर चुकी हैं, जिसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।
इशिता के पिता डी.के. शर्मा बैंक मैनेजर हैं, जबकि माता अर्चना शर्मा गृहिणी हैं। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने बड़े भाई को दिया है, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से वह लगातार आगे बढ़ती रहीं।
अपनी सफलता का मंत्र बताते हुए इशिता ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा के लिए लगन, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि वैकल्पिक विषय का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
इशिता शर्मा ने कहा कि आईएएस बनने के बाद वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष रूप से कार्य करना चाहती हैं, ताकि समाज के अधिक से अधिक बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

तेज रफ्तार कार से मेडिकल स्टूडेंट समेत दो की जान लेने वाला पुलिस गिरफ्त में

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
07/03/2026

*हिट एंड रन का आरोपी, MBBS छात्र सहित दो लोगों की जान लेने वाला मंत्री का करीबी, पुलिस कस्टडी में भी दिखी उसकी दबंगई, एक्सीडेंट करने वाली फॉर्च्यूनर का है 35 चालान*

गोरखपुर 07 मार्च 26: होली के दिन शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित मोहद्दीपुर ओवर ब्रिज पर मौत का तांडव देखने को मिला.तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर सवार ने रॉन्ग साइड आकर बाइक सवारों को ठोकर मार दी.एक स्कूटी सवार MBBS थर्ड ईयर के छात्र की मौके पर मौत हो गई. दूसरा नेत्र रोग विशेषज्ञ का भाई निकला जिसकी एम्स में इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गई. आरोप अब पुलिस के गिरफ्त में है.

आरोपी गोल्डन साहनी खुद को निषाद पार्टी से जुड़ा बताने के साथ ही भाभी ब्लॉक प्रमुख भी बताता है, पुलिस के अनुसार आरोपी ने 1 साल में 19 बार ओवरलोडिंग दो बार डेंजर ड्राइविंग और पांच बार नो पार्किंग का उल्लंघन किया है यह आकड़ा बताता है कि वह है ट्रैफिक नियमों के प्रति बिल्कुल भी सीरियस नहीं था, उसके फॉर्च्यूनर गाड़ी का कई बार चालान कर चुका है, गोल्डन निषाद चीज लग्जरी फॉर्च्यूनर गाड़ी से चल रहा था वह किसी योगेंद्र के नाम पर रजिस्टर्ड है जो एफ आई टावर कैंट रोड लखनऊ का बताया जा रहा है, वही इस मामले में एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडे ने बताया कि ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, अगर कोई लगातार ट्रैफिक के नियमों को तोड़ता है तो ड्राइवर को चेतावनी या चालान देने से काम नहीं चलता है बल्कि उन्हें जेल भेजने जैसी शक्ति कार्रवाई से ही भविष्य में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.
आरोपी गोल्डेन साहनी कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का करीबी है. जिसका फोटो, और वीडियो मंत्री के साथ सामने आया. जो नशे की हालत में फॉर्चूनर चला रहा था. सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया था. फिर न्यायालय से परमिशन पर रिमांड पर लेकर उसकी जांच कराई गयी. उसके शरीर में अल्कोहल की मात्रा मिली है. और रिपोर्ट आना है. आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.
गोरखपुर के मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर बुधवार की रात करीब 10 बजे तेज रफ्तार फार्च्यूनर ने कई गाड़ियों में टक्कर मार दी.इसमे एक स्कूटी सवार MBBS छात्र की मौत हो गई.फार्च्यूनर की तेज टक्कर से उसकी लाश ओवरब्रिज पर ही लटक गई थी.घटना की सूचना पर तत्काल शाहपुर और कैंट थाने की पुलिस पहुंची.घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया. जहां पर एक युवक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.अन्य का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है. मृतक की पहचान बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस थर्ड इयर के छात्र आकाश पांडेय (22) के रूप में हुई.शाहपुर पुलिस ने टक्कर मारने वाली फार्च्यूनर कार को कब्जे में ले लिया है.कार चालक गोल्डेन साहनी को हिरासत में ले लिया गया है. और दूसरा व्यक्ति को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था जिसकी गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई.
आरोपी गोल्डेन साहनी काफी रंगबाज है. यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का करीबी बताया जा रहा है. उसका मंत्री के साथ कई फोटो और रील भी है.एक में मंत्री को फूफा बता रहा है. दूसरे मे वह पिपरोली ब्लॉक का भावी ब्लॉक प्रमुख बता रहा है. उसने खुद फोटो के कैप्शन में लिखा है. एक और वीडियो सामने आया है. इसमें एक लड़की छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए गोल्डेन साहनी को गालियां दे रही है. इस पर गोल्डेन साहनी भी गालियां देते हुए धमकी दे रहा है.इस दौरान लड़की सैंडल से मारने की बात भी कह रही है.
इतना ही नहीं पुलिस कस्टडी में जाते हुए आरोपी गोल्डन निषाद के दोनों हाथ पेंट की जेब में है हैंजके चेहरे पर अपने किए का कोई पस्तावा भी नहीं दिख रहा है,इतना ही नहीं शाहपुर थाने में बंद होने के बाद उसने अपने कपड़े भी बदले है,घटना के समय जाने काले रंग के पैंट शर्ट पहने हुए थे,लेकिन उसके बाद उसने सफेद कुर्ता पायजामा मंगा कर पहना था और उसके बाद वह जेल गया था,इसे आप अंदाजा लगा सकते है कि वह कितना रंगबाज है.
मृतक डॉक्टर आकाश पांडेय संतकबीरनगर के धर्मसिंघवा थाना क्षेत्र के बरगदवां का रहने वाला था.उनके पिता देवेंद्र नाथ पांडेय की टेंट की दुकान है, जबकि मां लीलावती देवी गृहिणी हैं. आकाश इकलौते बेटे थे,उनकी तीन बहने है,वह गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रहे थे.होली के दिन आकाश शाम को दोस्त अनूप के घर गए थे.वहां खाना खाने के बाद रात करीब 10 बजे हॉस्टल लौट रहे थे.इसी दौरान मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर हादसा हो गया.
उमेश शर्मा गीता वाटिका के पास रहने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश कुमार शर्मा के भाई है. कमलेश ने बताया कि उनके भाई उमेश प्राइवेट जॉब करते थे.परिवार में पत्नी और दो बच्चे एक बेटा और एक बेटी है. होली के दिन उमेश अपनी बहन के घर शाहपुर गए थे.वहां से रात करीब 10 बजे स्कूटी से घर लौट रहे थे. जब वे मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज के पास पहुंचे, तभी फॉर्च्यूनर ने टक्कर मार दी. हादसे के बाद से ही वह कोमा में थे.
मृतक डॉक्टर के पक्ष में BRD में MBBS छात्रों ने गुरुवार को कैंडल मार्च निकलकर श्रद्धांजलि दी.छात्रों ने कहा कि हादसे के आरोपी गोल्डेन साहनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.लापरवाही से वाहन चलाने के कारण एक छात्र की जान चली गई.
सीओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसकी वाहन भी जब्त किया गया है. पहले डॉक्टर आकाश की मौत हुई फिर दूसरे दिन उमेश शर्मा की.उमेश शर्मा के तरफ से भी मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है. आरोपी की रिमांड पर लेकर जांच कराई गई.3जांच में दो की रिपोर्ट आ गई जिसमें अल्कोहल की मात्रा मिली है.

ब्रज की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं : किशन चौधरी

मुखराई में 108 दीपों के साथ हुआ चरकुला नृत्य, जिपंअ-विधायक ने संयुक्त रूप से किया शुभारंभ
मथुरा। बृज की अधिष्ठात्री देवी श्री राधा रानी की ननिहाल गांव मुखराई में बीतीरात 5 हज़ार वर्ष पुरानी परंपरा पुनः जीवंत हो उठी। गांव मुखराई की महिलाओ ने परम्परागत तरीके से विश्व प्रसिद्ध चरकुला नृत्य कर सभी का मनमोह लिया। मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी और गोवर्धन विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष (गोवर्धन) ठाकुर परशुराम ने चरकुला नृत्य का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करके किया। पूरा गाँव राधा रानी की नानी ’मुखरा देवी’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। मुख्य अतिथियों का ब्रज लोक कला फाउंडेशन के दानी शर्मा, राम किशोर शर्मा और राहुल दुबे सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने पटुका पहनाकर व श्रीराधाकृष्ण की छवि भेंटकर भव्य स्वागत किया।
चरकुला नृत्य का मुख्य आकर्षण वह क्षण रहा जब महिला कलाकारों ने अपने सिर पर 108 जलते दीपकों का भारी-भरकम पिंजरा (चरकुला) रखकर नृत्य का प्रदर्शन किया। इस कठिन साधना और संतुलन को देख उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया। नृत्य की शुरुआत जय देवी ने ठाकुर मदन मोहन जी के द्वार से की, जिसके बाद जानकी, विजय देवी, उर्मिला देवी और नीतू जैसी नृत्यांगनाओं ने बारी-बारी से अपनी कला का प्रदर्शन कर दर्शकों को दाँतों तले उंगलियाँ दबाने पर मजबूर कर दिया। ’जुग-जुग जियो तुम नाचन हारि’ की गूँज व लोकगीतों की मधुर तान के बीच जहाँ हुरियारिनों ने हुरियारों पर प्रेम की लाठियाँ बरसाईं, वहीं हुरियारों ने “जुग-जुग जियो तुम नाचन हारि…“ जैसे पारंपरिक लोकगीतों से नृत्यांगनाओं का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने उपस्थित जनसमूह के साथ ब्रज की प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का आनंद लिया तथा चरकुला नृत्य के माध्यम से ब्रज की लोक संस्कृति और विरासत को सहेजने के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ब्रज की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं, जिन्हें सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। ब्रज लोक कला फाउंडेशन के दानी शर्मा ने बताया कि चरकुला नृत्य की शुरुआत मुखराई गांव से ही मानी जाती है। उन्होंने बताया राधारानी के जन्म की खुशी में उनकी नानी मुखरा देवी ने रथ के पहिए को सिर पर रखकर नृत्य किया था। इसी परंपरा की स्मृति में हर वर्ष होली की दौज पर मुखराई में यह उत्सव मनाया जाता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे

मुख्यमंत्री ने 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया

  • मुख्यमंत्री ने ‘सेफ यू0पी0’ और ‘समृद्ध यू0पी0’ की
लखनऊ : 06 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हम उत्तर प्रदेश को समृद्धि की ऊंचाइयों की ओर लेकर जा रहे हैं। विकास की पहली शर्त सुरक्षा होती है। उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने के प्रयासों की कड़ी सुरक्षा से ही प्रारम्भ होती है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह कार्य करके दिखाया है कि एक बिगड़े हुए, अराजक, दंगाग्रस्त और कर्फ्यूग्रस्त राज्य को भी ‘सेफ यू0पी0’ के रूप में बदला जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने क्यू0आर0टी0 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘सेफ यू0पी0’ और ‘समृद्ध यू0पी0’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को अभिनव प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यह पहली बार हुआ कि कानून व्यवस्था भी चुनाव का मुद्दा बनी तथा आजादी के बाद पहली बार कोई सरकार अपना 05 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से चुनी गई। यह उन्हीं प्रयासों का परिणाम है, जो वर्ष 2017 से 2022 के दौरान राज्य में उत्तर प्रदेश पुलिस ने किए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आत्मा है। प्रदेश पुलिस ने हर वह कार्य किया, जो भारत की आत्मा वाले राज्य को सजाने व संवारने के लिए यहां के नेतृत्व ने चाहा है। विगत 09 वर्षों में इन कार्यों के परिणाम भी सभी के सामने हैं। इन वर्षों में उत्तर प्रदेश का परसेप्शन बदला है। इसके लिए कुछ कदम उठाए गए तथा रिफॉर्म किए गए। ट्रांसफॉर्मेशन बिना रिफॉर्म के नहीं हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस बल के पास कुल 9,500 चार पहिया वाहन थे। आज इनकी संख्या 15,500 से अधिक हुई है। दो पहिया वाहनों की संख्या वर्ष 2017 में मात्र 3,000 थी। आज इनकी संख्या 9,200 से अधिक हुई है। यह वृद्धि केवल संख्या में ही नहीं हुई है, बल्कि इससे पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने में सफलता मिली है। आपातकालीन स्थिति में की जाने वाली त्वरित कार्यवाही ही ट्रस्ट में बदलती है। यह ट्रस्ट ही ट्रांसफॉर्मेशन का आधार बनता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मॉडर्न पुलिसिंग के 03 महत्वपूर्ण सूत्र-इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी बताए हैं। वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश पुलिस बल का कुल बजट लगभग 16 हजार करोड़ रुपये था। वह भी खर्च नहीं हो पाता था। वर्षों पहले जिले बने थे, लेकिन जिला मुख्यालय और पुलिस लाइन्स का निर्माण नहीं हो पाया था। फिर परिणाम कैसे आते। पुलिस के असलहे पुराने थे, उनके पास कोई सुविधा नहीं थी। इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में कार्य नहीं हुए थे। बैरकों की स्थिति बहुत खराब थी, जिनमें जवानों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता था। वर्ष 2017 में लखनऊ पुलिस लाइन्स के निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां के बैरकों की अव्यवस्था स्वयं देखी थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश के 55 जनपदों में सबसे ऊँची बिल्डिंग उत्तर प्रदेश पुलिस अवस्थापना सुविधाओं की है। आज राज्य में मॉडल थाने, मॉडल फायर स्टेशन बन रहे हैं। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस बल की ट्रेनिंग क्षमता मात्र 03 हजार थी। प्रदेश में उस समय वर्षां से पुलिस भर्ती नहीं की गयी थी तथा निष्पक्ष भर्ती पर एक प्रश्न चिन्ह बना हुआ था। उस समय अन्य राज्यों एवं मिलिट्री तथा पैरा मिलिट्री की ट्रेनिंग क्षमता का उपयोग करने के पश्चात लगभग 30 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की क्षमता प्राप्त हुई। हमारी सरकार द्वारा पुलिस के ट्रेनिंग सेण्टरों की अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार किया गया। हाल ही में प्रदेश पुलिस बल में 60,244 पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गयी। सभी नवनियुक्त पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग प्रदेश के ही ट्रेनिंग सेण्टरों में करायी गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में तीन नये आपराधिक कानून लागू किये गये। इन तीन नये कानूनों में 07 वर्ष से अधिक की प्रत्येक सजा पर फॉरेन्सिक साक्ष्य की आवश्यकता पड़ती है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में 02 फॉरेन्सिक लैब थीं। आज प्रदेश में 12 फॉरेन्सिक लैब हैं। ए-ग्रेड की 06 फॉरेन्सिक लैब निर्माणाधीन हैं। एक विश्वस्तरीय फॉरेन्सिक इन्स्टीट्यूट भी उत्तर प्रदेश में है। इस इन्स्टीट्यूट में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टीफिकेट कोर्स संचालित किये जा रहे हैं। प्रत्येक जनपद में 02-02 फॉरेन्सिक मोबाइल वैन तैनात हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स, एस0डी0आर0एफ0 का गठन हो चुका है। पी0ए0सी0 की 03 महिला बटालियन का गठन किया जा चुका है और 03 नई महिला पी0ए0सी0 बटालियन का गठन किया जा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी को आगे बढ़ाने के प्रयास प्रारम्भ किये गये हैं। जब टेक्नोलॉजी और ट्राँसफॉर्मेशन एक साथ होता है तथा इसके जो परिणाम आते हैं, वही कॉमन मैन के ट्रस्ट का आधार बनते हैं। आज देश और दुनिया के बड़े निवेशक प्रदेश में निवेश के इच्छुक हैं। उन्हें प्रदेश की जीरो टॉलरेन्स एवं जीरो करप्शन की नीति पर विश्वास है। प्रदेश में बेटियां एवं व्यापारी सुरक्षित हैं। व्यापारी उत्तर प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षां में प्रदेश में विकास सम्बन्धी अनेक कार्य किये गये हैं। प्रदेश में 02 लाख 19 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गयी है। आज प्रदेश में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद है, जिससे बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। आज उत्तर प्रदेश पुलिस बल एवं पी0ए0सी0 बल की मांग देश के अन्य राज्यों द्वारा भी की जाती है। प्रदेश सरकार तथा प्रदेश की पुलिस अपनी जीरो टॉलरेन्स एवं जीरो करप्शन की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हम राज्य को सेफ व समृद्ध स्टेट तथा भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में अग्रसर हैं।
मुख्यमंत्री जी ने हॉण्डा इण्डिया फाउण्डेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फाउण्डेशन ने सी0एस0आर0 निधि से 50 क्यू0आर0टी0 वाहन उत्तर प्रदेश पुलिस बल को उपलब्ध कराये हैं। सुरक्षा के वातावरण में ही बेहतर व्यवसाय फलता-फूलता है, उद्यम आगे बढ़ता है तथा युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित होते हैं। क्यू0आर0टी0 वाहनों की उपलब्धता सोशल सिक्योरिटी, इण्डस्ट्री और इकोनॉमिक ग्रोथ की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज यहां केवल 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों को प्रदान करने का समारोह मात्र नहीं है, बल्कि यह समारोह शासन-प्रशासन, इण्डस्ट्री और समाज की एक दिशा में सोचने की प्रक्रिया है। जब हम सभी एक दिशा में सोचते हैं, तो विकास तीव्र होता है। यह विकास ही सबके विश्वास का कारण बनता है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस0पी0 गोयल, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक लॉजिस्टिक्स श्री राम कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था श्री अमिताभ यश सहित अन्य अधिकारीगण तथा हॉण्डा इण्डिया फाउण्डेशन के वाइस प्रेसीडेन्ट कॉरपोरेट अफेयर्स श्री पीयूष मित्तल उपस्थित थे।
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