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यूपी में रंग दे बसंती अभियान शुरू, छात्रों ने बनाए चित्र

August 12, 2026

यूपी में रंग दे बसंती अभियान शुरू, छात्रों ने बनाए चित्र

लखनऊ, 12 अगस्त 26, स्वतंत्रता दिवस से पहले आज उत्तर प्रदेश में युवाओं की रचनात्मकता को अभिव्यक्ति देने के लिए ‘रंग दे बसंती’ अभियान शुरू किया गया। इसके अंतर्गत लखनऊ विश्वविद्यालय के पास भित्तिचित्र कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर के कलाकारों ने माफिया मुक्त और बदलते उत्तर प्रदेश की थीम पर सार्वजनिक भित्तिचित्र बनाए। इन चित्रों के माध्यम से वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और उसके बाद   हुए बदलावों को दर्शाया गया।

कलाकारों ने राज्य में कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और युवाओं के लिए अवसरों के संदर्भ में बदले हुए सकारात्मक वातावरण को चित्रित किया।

अभियान के अंतर्गत कल मुजफ्फरनगर में एक कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित एक मौलिक कॉमिक वितरित की जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों में युवाओं के साथ संवाद भी आयोजित किए जाएंगे। 14 अगस्त को ‘रंग दे बसंती’ अभियान का गीत ‘आज़ादी फ्रॉम फियर’ लॉन्च किया जाएगा।

हाथरस जंक्शन में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, गूंजे देशभक्ति के नारे

तिरंगा हाथ में लेकर कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने जताया राष्ट्रप्रेम

हाथरस। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हाथरस विधानसभा के मंडल हाथरस जंक्शन में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, क्षेत्रीय मंत्री डौली माहौर, भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अनुराग अग्निहोत्री एवं मंडल अध्यक्ष योगेश कुमार सिंह ने किया।हाथों में तिरंगा लेकर कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों ने उत्साहपूर्वक यात्रा में सहभागिता की। भारत माता के जयघोष और देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से सराबोर नजर आया। यात्रा के दौरान लोगों ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र गौरव के प्रति अपने समर्पण का संदेश दिया।इस अवसर पर मंडल हाथरस जंक्शन के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज हाथरस जंक्शन के छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को मजबूत करने का संकल्प लिया।

लखनऊ में नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क पर एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, चार के खिलाफ एफआईआर

बिना दवा सप्लाई के करोड़ों की फर्जी बिलिंग का आरोप

*39.20 लाख Zoryl M1 टैबलेट का हिसाब नहीं मिला, बंद फर्म के जरिए भी कागजी लेनदेन*

*एफएसडीए आयुक्त के निर्देश पर राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद थाने में दर्ज की गई एफआईआर*

*लखनऊ, 12 अगस्त।* नकली और संदिग्ध दवाओं की सप्लाई चेन के खिलाफ योगी सरकार सख्ती से निपट रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बुधवार को लखनऊ में एक और बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग के अनुसार, अमीनाबाद में बिना वास्तविक दवा की आपूर्ति किए फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और कागजी लेनदेन के जरिए नकली एवं काउंटरफिट दवाओं को बाजार में खपाने का खेल चल रहा था। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ थाना अमीनाबाद में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

एफआईआर में अंकुर अवस्थी, प्रोपराइटर हेल्थ प्लस, मनीष बाजपेयी, संचालक एमके फार्मा, गोविंद शुक्ला, संचालक राम फार्मा और ऐजाज अहमद, संचालक पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस, सहारनपुर को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन फर्मों के बीच बिना वास्तविक दवा सप्लाई के आपस में बिलिंग की गई और कागजों पर लेनदेन दिखाकर दवाओं की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड तैयार किया गया।

*बिना लाइसेंस दवाओं का कारोबार करने का आरोप*
विभाग के मुताबिक अमीनाबाद स्थित हेल्थ प्लस के प्रोपराइटर अंकुर अवस्थी ने वैध औषधि लाइसेंस के बिना बड़े पैमाने पर दवाओं के भंडारण और लेनदेन का रिकॉर्ड तैयार किया। जांच में गोविंद शुक्ला की भूमिका भी सामने आई, जिन्हें विभाग ने फर्म के मुख्य कर्ताधर्ताओं में शामिल बताया है। जांच के अनुसार, हेल्थ प्लस और राम फार्मा एक ही फ्लोर पर संचालित हो रहे थे और इनके माध्यम से कथित तौर पर दवाओं के अवैध डायवर्जन और कागजी लेनदेन का नेटवर्क चलाया जा रहा था। सहारनपुर की पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस नामक फर्म, जो पिछले करीब दो वर्षों से बंद बताई गई है, का इस्तेमाल भी कथित तौर पर फर्जी खरीद और कागजी रोटेशन के लिए किया गया।

*8.87 करोड़ रुपये की खरीद दिखाने का दावा*
मामले में एमके फार्मा की भूमिका भी जांच के घेरे में है। विभाग के अनुसार, फर्म के संचालक मनीष बाजपेयी ने वित्तीय वर्ष 2026 में करीब 8.87 करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद दिखाई। जांच के दौरान विभाग को कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज मिले, जिनमें अन्य फर्मों के नाम पर Zoryl M1, Augmentin और Dexorange Syrup की खरीद दर्शाई गई थी।
विभाग का कहना है कि साक्ष्य छिपाने के लिए लैपटॉप का पुराना डेटा भी डिलीट किया गया। दवाओं के निर्माताओं और संबंधित फर्मों से सत्यापन कराया गया तो उन्होंने इन दवाओं की बिक्री से इनकार किया और संबंधित बैचों को काउंटरफिट बताया।

*39.20 लाख Zoryl M1 का नहीं मिला हिसाब*
जांच में एमके फार्मा से Zoryl M1 की करीब 39.20 लाख दवाओं का हिसाब नहीं मिलने की बात सामने आई है। विभाग का आरोप है कि इन दवाओं को अवैध तरीके से बाजार में खपाया गया, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। एफएसडीए के अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले में फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने, कूटरचना, नकली दवाओं के कारोबार और अवैध धन अर्जित करने की आशंका की जांच की जा रही है। इसी आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 111, 276, 277, 278, 318, 319, 336 और 338 के तहत कार्रवाई की गई है।

*लखनऊ में पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले*
नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के खिलाफ चल रहे अभियान में लखनऊ में इससे पहले भी कई बड़ी कार्रवाई की जा चुकी हैं। विभाग के अनुसार, अमीनाबाद की आठ फर्मों और एक सॉफ्टवेयर डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ फर्जी बिलिंग और सॉफ्टवेयर में हेरफेर के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इनमें महाराजा इंटरप्राइजेज, शिव शक्ति फार्मा, श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स, अपोलो फार्मेसी, शिव शक्ति मेडिकल, मीत इंटरप्राइजेज, विद्या फार्म और आरएन फार्मा के साथ मार्ग सॉफ्टवेयर के डिस्ट्रीब्यूटर आबिद अली शामिल हैं।

जुलाई 2026 में अमीनाबाद के एक कथित अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद की गई थीं। इसी तरह आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास करीब 1.60 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त की गईं। बख्शी का तालाब क्षेत्र में भी अवैध भंडारण और परिवहन के मामले में कार्रवाई की गई।

*आगरा में भी सामने आया बड़ा नेटवर्क*
एफएसडीए के अभियान के दौरान आगरा में भी नकली, री-लेबल की गई और सरकारी सप्लाई की दवाओं के अवैध कारोबार के कई मामले सामने आए हैं। विभाग के अनुसार, कम्बूटोला, मुबारक महल, शू मार्केट और नवबिया मार्केट में की गई कार्रवाई में 15 से अधिक संचालकों के खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज कराई गईं।
जांच में कथित तौर पर फर्जी बिलों के जरिए टोरेंट फार्मा की नकली Chymoral Forte और Aciloc जैसी दवाओं की बिक्री तथा ESI और सरकारी कोटे की दवाओं की कालाबाजारी का मामला सामने आया। इसके अलावा अस्पतालों और सरकारी संस्थानों के लिए भेजी गई दवाओं के मूल लेबल हटाकर नए लेबल और मनमानी एमआरपी लगाकर खुले बाजार में बेचने का मामला भी पकड़ा गया।

आगरा में एक अन्य कार्रवाई में Telma-H और Jardiance जैसी दवाओं की कथित री-लेबलिंग तथा निरस्त या कागजी फर्मों के जरिए करीब 1.88 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग का खुलासा हुआ।

विभाग के अनुसार, आगरा में अब तक 3.63 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध, नकली तथा सरकारी/डिफेंस सप्लाई की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। मई 2026 में एक अवैध गोदाम से करीब 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की इंसुलिन, वैक्सीन और डिफेंस/ईएसआई
सप्लाई की दवाएं बिना आवश्यक कोल्ड-चेन के रखी मिली थीं। वहीं, करीब 50 लाख रुपये की नकली Oxalgin DP भी जब्त की गई थी।

*दूसरे राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच*
एफएसडीए अब नकली दवाओं के इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रहा है। विभाग के मुताबिक लखनऊ के अमीनाबाद में एक अवैध गोदाम से बरामद नकली दवाओं के स्रोत की जांच राजस्थान तक पहुंची है। इस मामले में भूपेंद्र शर्मा और ट्रांसपोर्टर सतेन्द्र गुज्जर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। देहरादून में कथित तौर पर विभिन्न ब्रांड की नकली दवाएं तैयार करने वाली एक अवैध निर्माण इकाई के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई है। मामले में राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा, विनय भटनागर, गौरव त्यागी और विनय चन्द्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

*लाइसेंस निरस्तीकरण और एजेंटों पर भी होगी कार्रवाई*
विभाग ने नकली और काउंटरफिट दवाओं की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए प्रदेशभर में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश डॉ रोशन जैकब ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े कारोबारियों, स्थानीय थोक फर्मों और एजेंटों पर लगातार निगरानी रखने को कहा है। उनके अनुसार, जांच में दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। उद्देश्य नकली, अमानक, री-लेबल और अवैध दवाओं की सप्लाई चेन को उसके स्रोत तक पहुंचकर समाप्त करना है।

अनियंत्रित होकर खाई में पलटी यात्रियों से भरी बस 30 घायल ,8 गंभीर, एक की हुई मौत

गुरुद्वारा कमेटी द्वारा कांवरियों की गयी खाने पीने की व्यवस्था

मितौली खीरी। जनपद लखीमपुर खीरी के थाना उचौलिया क्षेत्र में मंगलवार की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया हादसे में कांवड़ियों से भरी निजी बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गयी जिसमें सवार लगभग 73 श्रद्धालुओं में से करीब तीस यात्री घायल व एक की इलाज के दौरान मौत हो गयी है।
श्रद्धालुओं के अनुसार बिहार के पश्चित चंपावत जिले के ग्राम बिटिया के रहने वाले करीब 73 श्रद्धालु एक निजी डबल डेकर बस पर सवार होकर हरिद्वार से हरि की पौड़ी से गंगाजल भरकर श्री राम जन्म भूमि अयोध्या जा रहे थे। जैसे ही बस मंगलवार की रात करीब 12 बजे जनपद लखीमपुर खीरी के थाना उचौलिया क्षेत्र के गुरुद्वारा के पास पहुंची तभी चालक को अचानक छपकी लगी जिस कारण बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गयी,हादसे में बस के अंदर बैठे व सौ रहे यात्रियों में चीख पुकार मच गयी,इस दौरान कई लोग सीटों से बस के अन्दर उछल कर गिरे जिससे बुरी तरह घायल हो गये। और बस में फंसे हुए चीख-पुकार करने लगे।
चीख पुकार सुनकर आस पास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे,हादसे की सूचना पाकर उचौलिया थाना प्रभारी अवधराज सेंगर, एन एच आई की टीम और डॉक्टर संजीत सिंह सनी अपनी टीम से साथ मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य में जुट गये,पुलिस,ग्रामीणों और सेवा जुनून की टीम, एन एच आई की ने कड़ी मशक्कत के बाद बस में फंसे सभी श्रद्धालुओं को बाहर निकाला।हादसे में बस में सवार करीब 73 श्रद्धालुओं में से करीब 30 यात्री घायल व चालक सहित 9 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गये घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से सीएचसी पसगवां भेजा जहां डाक्टरों ने गंभीर रूप से घायल हरिशंकर लाल यादव (50)को मृत्यु घोषित कर दिया।वही 8 गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया बाकी 30 यात्रियों का इलाज सीएचसी पसगवां चल रहा है।घायलों में महिलाएं,पुरुष और बच्चे भी शामिल है।
हादसे में कई घायल श्रद्धालुओं ने एम्बुलेंस चालकों पर प्रति मरीज 200 रुपए लेने का भी गंभीर आरोप लगाया है।वही गुरुद्वारा कमेटी द्वारा कावड़ियों के खाने पीने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गयी।
इस संबध में थाना प्रभारी उचौलिया अवधराज सेंगर ने बताया कि रात में श्रद्धालुओं से भरी एक बस पलट गयी थी,घायलों को इलाज के लिए भेजा गया है,आरटीओ से बात हो चुकी है,शाहजहांपुर से बस आ रही बस आने के बाद सभी यात्रियों को अपने गंतव्य के लिए रवाना कर दिया जाएगा।
*हादसे में गंभीर घायलों की सूची*
चालक सलाउद्दीन(43)पुत्र यूसुफ,
यात्री लाभा देवी(50),पत्नी हीरालाल
सरल मेहता(45)पुत्र रघुवीर
सुखदेव दास(65)
सूगी देवी(35)पत्नी नरेंद्र
हीरालाल(65)पुत्र रामदयाल
सुशीला देवी (60)
सुगाता देवी(50)

*हादसे में मृतक*

हरीशंकर लाल यादव(50)पुत्र अज्ञात

*हादसे में घायलों की सूची*

लालमती(40)पत्नी रामौतार
सुगंति(55)पत्नी मोरी
लालजी(65) पुत्र जय प्रसाद
लावन्ती देवी (60) पत्नी जय प्रसाद
बसन्ती देवी (60) पत्नी रामबरन
रोकवा कुमारी (66) पत्नी रामावतार
गीता देवी (55) पत्नी मेता प्रसाद
धीरज कुमार (30) पुत्र गौरी शंकर
होरीलाल (40) पुत्र बहादुर
मनोज (50) पुत्र नथुनी चौधरी
सरल वाजपेयी (38) पुत्र रघुवीर
वोवी (55) पत्नी हरबली प्रसाद
बनिता (27) पुत्री हरबली प्रसाद
हरिवन (40) पुत्र काशी प्रसाद
प्रियंका (27) पुत्री संजय
आयुष (35) पुत्र हरबली प्रसाद
राधिका (40) पत्नी राजा प्रसाद
आंचल (24) पुत्री अनिल यादव
राजुवती (35) पत्नी अनिल यादव
संजय (28) पुत्र माहुत प्रसाद
रमाकान्त (55) पुत्र भवन प्रसाद
निरमल (36) पुत्र काशिम प्रसाद
दीपक (30) पुत्र शत्रु सिंह
राममूर्ति (45) पुत्र गया प्रसाद
सुभाष (30) पुत्र रामचन्द्र
दिनेश (38) पुत्र राम सुख
ज्ञानू देवी (35) पत्नी कामता प्रसाद
सुमन देवी (25) पत्नी शिवम
शिल्पी (40) पत्नी रामखिलावन
अजय कुमार (45) पुत्र रवि कुमार सम्मिलित हैं।

लाठी-डंडों से हुई मारपीट में मौत,अंतिम संस्कार से पहले लगाया जाम

हत्यारोपियों के घर बुलडोजर चलाने की मांग

एसपी सिंह
मितौली, खीरी। थाना क्षेत्र के खमरिया गांव में मंगलवार सुबह करीब आठ बजे एक ही समुदाय के लोगों के बीच हुए खूनी संघर्ष में घायल 65 वर्षीय किशोरी लाल वर्मा पुत्र पोहकर की मौत के बाद बुधवार को गांव में तनाव का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं दूसरे मृतक सुधीर पुत्र नारायण सक्सेना की मौत के मामले में नामजद दोनों आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बताया जाता है कि मंगलवार सुबह खमरिया गांव में मामूली विवाद को लेकर दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चल गए थे। मारपीट में किशोरी लाल वर्मा की मौत हो गई थी। मृतक के पुत्र रजनीश की तहरीर पर मितौली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। प्रभारी निरीक्षक महेश पाठक ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया।
पी एम हाउस से जब बुधवार को किशोरी लाल वर्मा का शव गांव खमरिया पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। परिजनों ने शव को कस्ता-भीखमपुर मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दी। आक्रोशित लोग हत्यारोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग करते हुए “बाबा न्याय दो, हमें न्याय दो” के नारे लगाने लगे।
जाम की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी मितौली यादवेंद्र यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नीमगांव, मैगलगंज और मितौली थाने सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुला ली गई। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
इसके बाद एसडीएम मितौली संतदास पंवार तथा नायब तहसीलदार शशांक शेखर मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष कार्रवाई और नियमानुसार कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और सड़क से शव हटाया गया, जिसके बाद कस्ता-भीखमपुर मार्ग पर यातायात बहाल हो सका।
घटना को लेकर गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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