Web News

www.upwebnews.com

ये हैं यूजीसी के नए नियम

January 27, 2026

ये हैं यूजीसी के नए नियम

UGC Regulations 2026

    यूजीसी ने जारी किए नए नियम

1881254_UGC-Promotion-of-Equity-in-HEIs-Regulations-2026(1)

नियम पढ़ने के लिए लिंक पर दो बार क्लिक करें

University Grants commission UGC Rules

यूजीसी रूल

नई दिल्ली, 27 जनवरी 2016, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग University Grants commission UGC ने 13 जनवरी को अधिसूचित नियमों को 14 जनवरी को जारी के दिया।

🖇️Read the UGC Regulations: ugc.gov.in/pdfnews/188125…

 

January 26, 2026

बीबीसी के पूर्व संवाददाता मार्क टुली का निधन

नई दिल्ली 26 जनवरी 2026, भारत में बीबीसी के पूर्व संवाददाता मार्क टुली का रविवार , 25 जनवरी को निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। मार्क टुली सेवानिवृति के बाद भारत में ही बस गए थे। उन्होंने लगभग 4 दशक तक पत्रकारिता की, इसमें 3 दशक भारत में बीबीसी के लिए रिपोर्टिंग की।

मार्क टुली कई महीने से बीमार थे। उनका इलाज मैक्स अस्पताल में चल रहा था। वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें भारत और भारतीय संस्कृति से खास लगाव था। सनातन धर्म का बहुत सम्मान करते थे। ईसाई होने के बावजूद हमेशा हाथ में कलावा बांधते थे।

उन्होंने 1971 का भरता पाक युद्ध, आपात काल, अयोध्या आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर बेबाक रिपोर्टिंग की। वे भारत में बीबीसी की पहचान बन गए थे। टुली को 1992 में अयोध्या में 6 दिसंबर को दूसरी कर सेवा और विवादित ढांचा ध्वंस के दौरान कारसेवकों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा था। उन्होंने साहसिक पत्रकारिता की। उन्हें तथ्यात्मक रेडियो पत्रकारिता के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

मार्क टुली सेवानिवृति के बाद लंदन चले गए थे। लेकिन वहां उनका मन नहीं लगा। कुछ समय बाद ही दिल्ली लौट आए और भरता को ही अपना देश और दिल्ली को घर बना लिया। यहीं रविवार को अंतिम साँस ली।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मार्क टुली के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

January 23, 2026

वरिष्ठ पत्रकार विनोद बागी की पत्नी का निधन

वाराणसी, 23 जनवरी। वरिष्ठ पत्रकार विनोद बागी की पत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा (65) का 22 जनवरी की शाम निधन हो गया। वे काफी समय से अस्वस्थ थीं। कल शाम ही पार्थिव शरीर को अग्नि को समर्पित कर दिया गया।

श्री बागी उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के प्रदेश उपाध्यक्ष और नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैं। वे वाराणसी इकाई के अध्यक्ष भी हैं। श्री बागी लोकतंत्र सेनानी हैं।

श्रीमती माधुरी वर्मा के निधन पर उपज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह और महामंत्री आनंद कर्ण ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

पत्रकारिता का मूल आधार है सत्य, निष्पक्षता व जनहित -राजीव

ललितपुर। मां सरस्वती जी के अवतरण दिवस (बसंत पंचमी) एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जन्म जयंती पं. गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकार भवन में प्रेस क्लब रजि. के तत्वाधान में धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव बबेले सप्पू ने की। वहीं संचालन महामंत्री अमित सोनी ने किया।

इस मौके पर मां सरस्वती जी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर माल्र्यापण किया गया। वहीं नेताजी के आदर्शो पर चलने आवाहन किया गया। इस मौके पर प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव बबेले सप्पू ने कहा कि पत्रकारिता का मूल आधार सत्य निष्पक्षता और जनहित है। मां सरस्वती जी के आर्शीवाद से ही सशक्त होता है। पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व है। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पत्रकार कुन्दन पाल की पूज्यनीय माता जी के निधन पर दो मिनट का मौन धारण कर शोक संवेदनाएं प्रकट की गयीं। इस मौके पर प्रेस क्लब संरक्षक संतोष शर्मा, मंजीत सिंह सलूजा, पवन संज्ञा, अजित जैन भारती, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय जैन कल्लू, अजय तिवारी नीलू, डा. संजीव जैन बजाज, कोषाध्यक्ष अमर प्रताप सिंह, राजीव कुमार शुक्ला, जसपाल सिंह, अजय बरया, प्रमोद गोस्वामी, सौरभ कुमार, अशोक तिवारी, बृजेश तिवारी, अशोक गोस्वामी, अनूप सेन, बृजेश पंथ, रविशंकर सेन, अक्षय दिवाकर, रवि जैन चुनगी, अनूप मोदी, विनीत चतुर्वेदी, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, मो. नसीम खान, राहुल कुमार जैन, रमेश रायकवार, अमित पाण्डेय, राहुल शुक्ला, विकास त्रिपाठी, संजना सिंह, हरीशंकर अहिरवार, सर्वदेश तिवारी, अनूप राठौर, राहुल चौबे, अजितेश भारती, पुष्पा झा, अजय तोमर, नीरज सुडेले, संजीव नामदेव, जयेश बादल, अमित जैन मोनू, पूजा कश्यप, अजय श्रीवास्तव, संभव सिंघई, बिहारी लाल सविता, निहाल सेन पटना, हितेन्द्र जैन, शिब्बू राठौर, अमित लखेरा, सुनील सैनी, शैलेन्द्र सिन्हा, सुनील जैन, अजित सिंह, संजय ताम्रकार, विनोद मिश्रा, संदीप शर्मा, दिव्यांश शर्मा, आशीष तिवारी, सूरज सिंह राजपूत, मनोज वैद्य, पंकज रैकवार, अमित राठौर, शुभम पस्तोर, स्वतंत्र रिछारिया, सोनम यादव, आशीष पाण्डेय, दीपक जैन, महेश वर्मा, अर्जुन झा, आलोक खरे, आकाश ताम्रकार, कमलेश साहू, राहुल साहू खिरिया, बलराम पचौरा, आरिफ खान, भगवत नारायण श्रोती, कपिल नायक भैंसाई, अजय सिंह, दीपक पाराशर, शैलेश जैन पिन्टू, मनीष सोनी, दीपक सोनी, नितिन गिरि, संजय जैन रिंकू, आलोक चतुर्वेदी, नीतेश जैन, भूपेन्द्र सोनी, कृष्णकांत सोनी, विकास सोनी, इमरान खान, बाबा कुरैशी, सौरभ गोस्वामी, इंद्रजीत सिंह गौतम, अजय जैन अज्जू, मनीष जैन, साहिल, राकेश श्रीवास्तव, प्रदीप रिछारिया, राजेश कुमार राठौर, महेन्द्र सिंह बुन्देला, रामप्रताप सिंह, के पी यादव सहित अनेकों पत्रकार बंधु मौजूद रहे।

January 20, 2026

लोक सभा अध्यक्ष बिरला ने विधायी संस्थाओं के कार्यप्रणाली में गुणवत्ता के मानक स्थापित करने पर ज़ोर दिया 

86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) के दूसरे दिन एजेंडा विषयों पर व्यापक चर्चा

AIPOC LUCKNOW

ओम बिरला ने विधायी संस्थाओं के कार्यप्रणाली में गुणवत्ता के मानक स्थापित करने पर पुनः ज़ोर दिया

पारदर्शी, प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित विधायी प्रक्रियाओं के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग, विधायकों की क्षमता निर्माण तथा जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही पर विचार-मंथन

लखनऊ; 20 जनवरी, 2026:  86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) का दूसरा दिन तीन प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श के साथ संपन्न हुआ । सम्मेलन में  पारदर्शी, कुशल एवं नागरिक-केंद्रित विधायी प्रक्रियाओं हेतु प्रौद्योगिकी का उपयोग, विधायकों की क्षमता-वृद्धि द्वारा कार्यकुशलता में सुधार एवं लोकतांत्रिक शासन को सुदृढ़ करना; तथा जनता के प्रति विधायिकाओं की जवाबदेही के लिए जिम्मेदारी पर बल दिया गया।

इन पूर्ण सत्रीय विचार-विमर्शों में लोक सभा के  अध्यक्ष  ओम बिरला उपस्थित रहे। राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश ने चर्चा का संचालन किया। सभा को संबोधित करते हुए  लोक सभा अध्यक्ष श्री  बिरला ने देश भर की विधायिकाओं में अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को उत्तर प्रदेश विधान सभा की कार्यप्रणाली में समाहित करने के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना के प्रयासों की प्रशंसा की। श्री बिरला ने विधायकों की शैक्षणिक योग्यताओं एवं पेशेवर अनुभवों को पहचानकर उनका रचनात्मक उपयोग करने की श्री महाना की पहल की भी सराहना की।

पूर्ववर्ती AIPOC सम्मेलनों के प्रमुख विमर्शों को स्मरण करते हुए श्री बिरला ने उत्कृष्टता, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के उपयोग जैसे मानकों पर राज्य विधायिकाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता पर बल दिया। इस संदर्भ में देहरादून में 2019 में आयोजित AIPOC में हुई चर्चाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने राज्य विधायिकाओं की कार्यकुशलता एवं कार्यप्रणाली में सुधार पर अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने बताया कि इस दिशा में एक समिति का गठन किया गया है, जो भारत में विधायी निकायों की प्रक्रियाओं एवं प्रथाओं के मानकीकरण से संबंधित मुद्दों पर विचार कर रही है।

राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश ने विधान मंडलों की कार्यकुशलता में वृद्धि करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका पर बल दिया, साथ ही इस तकनीक को उपयुक्त एवं विश्वसनीय बनाने के लिए अपेक्षित विभिन्न कदमों का भी उल्लेख किया। संसद में एआई के व्यावहारिक उपयोग एवं इसके क्रियान्वयन के विभिन्न तरीकों को रेखांकित करते हुए, उन्होंने संसद और राज्य विधान मंडलों के बीच अधिक समन्वय किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे विधान मंडलों के संस्थागत ज्ञान का उपयोग संसद तथा राज्य विधान सभाओं, दोनों के द्वारा प्रभावी रूप से किया जा सके।

 

« Newer PostsOlder Posts »