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PM Modi Visit Jeend: 14700 करोड की परियोजनाओं का शिलान्यास

July 17, 2026

PM Modi Visit Jeend: 14700 करोड की परियोजनाओं का शिलान्यास

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा के जींद में लगभग 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया
  • श्री मोदी ने कहा आज जींद और हरियाणा ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है, आज यहीं से देश को अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उपहार मिला है
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की हाइड्रोजन ट्रेन पूर्णतया प्रदूषण मुक्त होने के साथ ही, ‘मेक इन इंडिया’ की एक उल्लेखनीय सफलता का प्रमाण है
    Posted Date:- Jul 17, 2026, Friday

जींद (हरियाणा), 17 जुलाई 2026, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हरियाणा के जींद में लगभग 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और इन्हें राष्ट्र को समर्पित किया।

श्री मोदी ने दशकों पहले संगठन के कार्यों से शहर की अपनी प्रारंभिक यात्राओं का स्मरण करते हुए, मुर्रा भैंस के दूध, देसी बूरा और घेवर जैसे स्थानीय व्यंजनों से जुड़े अविस्मरणीय स्नेहिल घटनाओं को याद किया। श्री मोदी ने कहा, यह साधारण भूमि नहीं, बल्कि इतिहास, वीरता, धर्म और अपार गौरव की समृद्ध भूमि है।

प्रधानमंत्री ने देश की पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन के शुभारंभ की घोषणा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र का नाम हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो हो जाएगा। मुंबई और ठाणे के बीच ऐतिहासिक पहली ट्रेन यात्रा से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों की उन्नत हरित परिवहन की चर्चा में भी यह कॉरिडोर अमर हो जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि भारतीय रेल के अत्याधुनिकीकरण के महत्वपूर्ण कदम के लिए मैं आप सभी को और पूरे देश को बधाई देता हूं। उन्होंने भिवानी में पंडित नेकी राम शर्मा मेडिकल कॉलेज और महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज के साथ ही नारनौल में राव तुलाराम अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक रेल क्षेत्र के तकनीकी विकास का उल्लेख करते हुए स्मरण दिलाया कि कैसे 19वीं शताब्दी की रेलगाड़ियां मुख्य रूप से भाप इंजनों द्वारा चालित थीं, जबकि 20वीं शताब्दी ये विद्युत शक्ति से चालित बन गईं। भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण दर्शाते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि 21वीं शताब्दी की रेलगाड़ियां हाइड्रोजन परिवहन द्वारा चालित होंगी, और इसी की आधिकारिक शुरुआत जींद और सोनीपत के बीच नवनिर्मित 90 किलोमीटर लंबे मार्ग से हो रही है। श्री मोदी ने कहा कि आज भारतीय रेल ने 21वीं सदी की इस तकनीक में एक बड़ी छलांग लगाई है, जिसे भविष्य में विस्तारित किये जाने की अपार संभावनाएं हैं।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देश की इस उपलब्धि को रखते हुए कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक विश्व स्तर पर व्यावहारिक रूप से केवल 7-8 वर्ष पहले ही अस्तित्व में आई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी केवल कुछ ही गिने-चुने देशों के पास ऐसी रेलगाड़ियां चलाने की क्षमता है और वे भी अभी प्रारंभिक चरण में ही हैं। श्री मोदी ने कहा कि इस नवनिर्मित भारतीय हाइड्रोजन ट्रेन की वास्तविक क्षमताओं के बारे में सुनकर आपको अत्यंत गर्व होगा।

प्रधानमंत्री ने इस नए परिवहन चमत्कार की तकनीकी विशेषताओं के बारे में बताते हुए कहा कि नई लॉन्च की गई ट्रेन विश्व स्तर पर अपनी तरह की सबसे शक्तिशाली ट्रेन है, जिसकी क्षमता 3,200 हॉर्सपावर है और जिसमें दस कोच लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी रेलगाड़ियों में जिनमें आमतौर पर केवल तीन से चार कोच होते हैं, उनसे तुलना करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि देश ने अपने पहले ही प्रयास में यह साहसिक परिचालन क्षमता हासिल की है। श्री मोदी ने कहा कि भारत ने दस डिब्बे वाली हाइड्रोजन ट्रेन सफलतापूर्वक चलाकर अपनी क्षमता प्रदर्शित की है।

इस हरित परिवहन उपलब्धि की स्वदेशी प्रकृति पर गर्व वयक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्णतया धुआं रहित यह ट्रेन घरेलू विनिर्माण पहल की ठोस और उल्लेखनीय सफलता है। इस उन्नत प्रणाली का डिजाइन करने वाले प्रतिभाशाली घरेलू इंजीनियरों और इसके त्रुटिहीन निर्माण के लिए स्थानीय विनिर्माण कंपनियों को उन्होंने इसका श्रेय दिया। श्री मोदी ने कहा कि यह मेक इन इंडिया पहल का एक अत्यंत सफल और गौरवपूर्ण उदाहरण है।

प्रधानमंत्री ने इस उन्नत तकनीक की विशिष्ट परिचालन आवश्यकताओं को समझाते हुए बताया कि हाइड्रोजन ट्रेनों के लिए पूरी तरह अलग बुनियादी ढांचे और विशेष, सहायक प्रणालियों की आवश्यकता होती है। निकट भविष्य में इन विशिष्ट नेटवर्क की आवश्यकताएं पूरी करने के लिए नए कारखाने और संबंधित सुविधाएं तेजी से स्थापित किए जाने की संभावना देखते हुए उन्होंने व्यापक स्थानीय आर्थिक लाभ की भविष्यवाणी की। श्री मोदी ने कहा कि यह उन्नत ट्रेन नेटवर्क हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर उत्पन्न करने की गारंटी है।

प्रधानमंत्री ने प्रमुख भू-राजनीतिक चुनौतियों की चर्चा करते हुए, पिछले बारह वर्षों में भारतीय रेल में हुए व्यापक बदलाव से हासिल किए गए प्रचालन लाभों का उल्लेख किया। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम, डीजल, एलपीजी और उर्वरकों की आपूर्ति के लिए आवश्यक समुद्री मार्ग महीनों से गंभीर रूप से लगातार बाधित हैं। श्री मोदी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से भारत बड़ी मात्रा में आवश्यक ईंधन और कृषि सामग्री आयात करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले अगर ऐसा वैश्विक ईंधन संकट आया होता तो इसके विनाशकारी प्रभाव से डीजल पर अत्यधिक निर्भरता के कारण राष्ट्रीय रेल नेटवर्क पूरी तरह ठप्प हो जाता। उन्होंने कहा कि जहां 1925 से 2014 के बीच केवल 30 प्रतिशत रेल मार्गों का विद्युतीकरण हुआ था, वहीं सरकार के प्रयासों से अब राष्ट्रीय रेल ग्रिड का लगभग 99 प्रतिशत और राज्य के सभी ट्रैक का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हो गया है। श्री मोदी ने कहा कि पूर्ण विद्युतीकरण से गंभीर वैश्विक तेल संकट के बाद भी हमारी रेलगाड़ियां निर्बाध रूप से चलती रहीं।

प्रधानमंत्री ने बेहतर संपर्क साधनों के दोहरे सामाजिक-आर्थिक लाभों पर जोर देते हुए कहा कि विस्तृत सड़क और रेल नेटवर्क लोगों की सुविधा बढ़ाते हुए क्षेत्रीय विकास को तेजी से गति देते हैं। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के स्थानीय खंड, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग और अंबाला-काला अंब चार-लेन परियोजना का आधिकारिक शुभारंभ करते हुए, उन्होंने इन अंतरराज्यीय प्रचालनों से कई लाभों की चर्चा की। श्री मोदी ने कहा कि इस तरह के व्यापक संपर्क मार्गों से अपार सुविधा के साथ ही समग्र विकास की गति में भी काफी वृद्धि होती है।

प्रधानमंत्री ने जींद जिले के संभार-तंत्र संबंधी बदलावों का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि शहर अब महत्वपूर्ण रूप से पांच अलग-अलग राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ गया है। इसके अपार आर्थिक लाभों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि किसान और पशुपालक अब कम किराए में प्रमुख वाणिज्यिक बाजारों तक आसानी से पहुंच पाएंगे। श्री मोदी ने कहा कि ये सुदृढ़ संपर्क साधन उद्योगों को सक्रिय रूप से सशक्त बनाएंगे, पर्यटन को बढ़ावा देंगे और व्यापक तौर पर नए रोजगार उत्पन्न करेंगे।

प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अपनी हाल की सफल यात्रा की चर्चा करते हुए, भारत द्वारा किए गए कई अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय समझौतों का उल्लेख किया। उन्होंने एक महत्वपूर्ण, लेकिन कम चर्चित रणनीतिक विषय पर विशेष ध्यान दिलाया, जिससे क्षेत्र की युवा आबादी प्रत्यक्ष और गहराई से जुड़ी है। श्री मोदी ने कहा कि हरियाणा के युवाओं से संबंधित एक विशिष्ट विषय है खेल, जिस पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई है।

प्रधानमंत्री ने स्थानीय शासन प्रणाली की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समावेशी विकास के मंत्र का कड़ाई से पालन करने के लिए राज्य प्रशासन की भी प्रशंसा की। रिश्वतखोरी या भाई-भतीजावाद से मुक्त, पारदर्शी और योग्यता-आधारित रोजगार प्रक्रियाओं के कड़ाई से कार्यान्वयन को ज़रूरी बताते हुए उन्होंने इस तरह के प्रणालीगत सुधार लागू करने में आने वाली अपार राजनीतिक बाधाओं की भी चर्चा की।

#NarendraModi #PMModi

July 13, 2026

पीएम मोदी ने 56वें ​​अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतने पर भारतीय दल को बधाई दी

 

PM Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Posted Date:- Jul 13, 2026 News PIB

नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कोलंबिया के बुकारामंगा में आयोजित 56वें ​​अंतरराष्‍ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (आईपीएचओ) 2026 International Physics Olympiad 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय दल के कनिष्क जैन, रिद्धेश अनंत बेंडाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी को बधाई दी है। #Kanish Jain #Ridhhesh Anant Bendale #Rishit Garg #Shresth Surayia #Swarit Joshi

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि देश की युवा शक्ति की असीमित क्षमता और विज्ञान एवं अनुसंधान के प्रति उनके जुनून का एक और उदाहरण है।

श्री मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले एक दशक में भारतीय छात्रों ने इस मंच के विभिन्न संस्करणों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है।

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा:

“हमारे युवाओं का शानदार प्रदर्शन!”

कोलंबिया के बुकारामंगा में आयोजित 56वें ​​अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (आईपीएचओ) 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के लिए कनिष्क जैन, रिद्धेश अनंत बेंडाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी के भारतीय दल को हार्दिक बधाई।

उनकी यह उपलब्धि हमारे युवा शक्ति की असीमित क्षमता और विज्ञान एवं अनुसंधान के प्रति उनके जुनून का एक और उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह तथ्य भी उतना ही सराहनीय है कि पिछले दशक में हमारे छात्रों ने इस मंच के विभिन्न संस्करणों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है।

An outstanding performance by our youngsters!

Congratulations to the Indian contingent of Kanishk Jain, Riddhesh Anant Bendale, Rishit Garg, Shresth Suraiya and Svarit Joshi for winning Gold Medals at the 56th International Physics Olympiad (IPhO) 2026 held in Bucaramanga,… pic.twitter.com/oiAVLy110P

— Narendra Modi (@narendramodi) July 13, 2026

July 12, 2026

बोलने से पहले सोचना चाहिए, और सोचने से पहले पढ़ना चाहिए’ – यह संस्कार केवल पुस्तकालय ही दे सकता है: अमित शाह

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में जयप्रकाश नारायण पुस्तकालय का लोकार्पण किया

किसी देश का भविष्य कृषि, बाज़ार या उद्योग से नहीं, बल्कि उसके पुस्तकालयों में जुटने वाली युवाओं की भीड़ से तय होता है

राष्ट्र निर्माण और उसे वैभव दिलाने वाली हर गतिविधि का मूल है ज्ञान और विवेक, और यह केवल पुस्तकालय ही दे सकता है

गृह मंत्री जी ने युवाओं से आह्वान किया कि – एक बार पुस्तकालय से जुड़िए, पढ़ने की आदत बनते ही अच्छे-बुरे का विवेक स्वयं जाग जाएगा

गांधीनगर के प्रत्येक गाँव में पुस्तकालय खोल उन्हें बड़े पुस्तकालय से लिंक किया गया, अब गाँव का बच्चा पुस्तकालय में जिस पुस्तक का नाम लिखता है, वह पुस्तक उसी गाँव में उसे उपलब्ध हो जाती है

Posted Date:- Jul 11, 2026 पीआईबी

नई दिल्ली 11 जुलाई 2026, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के अध्यक्ष केशव चंद्र सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी देश का भविष्य कृषि, बाज़ार या उद्योग से नहीं, बल्कि उसके पुस्तकालयों में जुटने वाली युवाओं की भीड़ से तय होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को आगे बढ़ाने वाली, राष्ट्र-निर्माण और राष्ट्र को वैभव दिलाने वाली सारी गतिविधियों का मूल ज्ञान एवं विवेक में होता है। यह ज्ञान सिर्फ एक पुस्तकालय ही दे सकता है।

श्री शाह ने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे एक बार पुस्तकालय से अवश्य जुड़ें। पढ़ने की आदत बनते ही अच्छे-बुरे का विवेक स्वयं जाग जाएगा। गृह मंत्री ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिस छोटे से कस्बे में वह पैदा हुए और उनका बचपन बीता, वहाँ एक समृद्ध पुस्तकालय था। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय के माध्यम से कब उनकी अध्ययन यात्रा वेदों और उपनिषदों तक पहुंच गई, उन्हें पता नहीं चला।

 

 

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज सभागार में उन्होंने एक वाक्य लिखा देखा कि “बोलने से पहले सोचना चाहिए, क्योंकि शब्द कभी वापस नहीं आते।” उन्होंने कहा कि कोई भी वाक्य बोलने से पहले सोचना चाहिए और सोचने से पहले पढ़ना चाहिए कि क्या सोचना है, और यह संस्कार सिर्फ पुस्तकालय से ही मिल सकता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि पुस्तकालय का उनके जीवन में बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि अपने संसदीय क्षेत्र में उन्होंने एक छोटा सा प्रयोग किया है। उनके संसदीय क्षेत्र के लगभग हर गाँव में एक पुस्तकालय खोला गया है, जिनमें लगभग 3-4 हजार पुस्तकें हैं। इन पुस्तकालयों को मुख्य पुस्तकालय से लिंक किया गया है, जिसमें सवा लाख पुस्तकें हैं। इसके अलावा, चार मोबाइल वैन भी चलाई गई हैं। उन्होंने कहा कि गांवों के बच्चे पुस्तकालय में अपनी पसंद की पुस्तक का नाम लिख कर उसे मँगवाने का अनुरोध करते हैं, और हर शुक्रवार के दिन बच्चों को उनकी पसंद की पुस्तक गांव में ही उपलब्ध कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि हमने हर पुस्तकालय को स्कूलों से जोड़ने का प्रयास किया है।

गृह मंत्री ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम से समर्पित यह पुस्तकालय युवाओं के ज्ञान और चिंतन का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि वह दिल्ली के सभी पुस्तकालयों को आपस में लिंक करें और स्कूलों को इनसे जोड़ने के लिए एक ठोस योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि एक कार्ययोजना बनाकर पुस्तक प्रेमियों को पुस्तकालयों से जोड़ने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय के कर्मियों से भी आग्रह किया कि वे नई दिल्ली के आसपास के 10 विधानसभा क्षेत्रों के सभी स्कूलों से संपर्क कर युवाओं को पुस्तकालय से जोड़ें और उन्हें यहाँ आने के लिए प्रेरित करें। एक बार जब युवा पढ़ने की आदत बना लेंगे, तो वह स्वयं आगे बढ़ेंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि पुस्तकालय ज्ञान सागर में गोता लगाने का साहस देता है और सागर के नीचे पड़े मोतियों व रत्नों को चुनकर ऊपर लाने की प्रेरणा भी देता है। ज्ञान सागर के गोते से निकले ये मोती और रत्न ही व्यक्तित्व को निखारते हैं, देश को आगे बढ़ाते हैं, देश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाते हैं, देश को संस्कारित, शिक्षित और सुरक्षित बनाते हैं। उन्होंने कहा कि साहित्यकार रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी को पढ़े बिना इस देश की आत्मा, संस्कृति, स्वाभिमान और संघर्ष को नहीं जाना जा सकता, और पुस्तकालय इसमें सबसे मज़बूत ज़रिया बन सकता है।

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय भवन में 30,000 से अधिक पुस्तकों का संग्रह है। यहां रिसर्च करने वालों के लिए अलग व्यवस्था है, बहुउद्देशीय आधुनिक सभागार है, आधुनिक रीडिंग एरिया है, किड्स जोन है, रिसर्च सेंटर है और ई-लाइब्रेरी है, जिसमें 1 करोड़ पुस्तकें ऑनलाइन पढ़ी जा सकती हैं। वाई-फाई फ्री है। कई मॉनिटर लगाए गए हैं, जहां पुस्तकालय में अध्ययन के लिए आने वाले लोग नोट्स ले सकते हैं, डाउनलोड कर सकते हैं और अपनी विचार प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ आरएफआईडी आधारित अत्याधुनिक पुस्तक प्रबंधन प्रणाली लागू है। ओपेक कैटलॉग के माध्यम से नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया से भी जुड़ाव होगा। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय में युवा अपनी रुचि के विषय चुनें और उन महानुभावों को पढ़ें, जिन्होंने अपना पूरा जीवन उन विषयों पर लगाया है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तकालय में 1 करोड़ ई-बुक्स उपलब्ध हैं। यह दिल्ली के युवाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर है कि उन्हें मुफ़्त में 1 करोड़ ई-बुक्स और 32,000 भौतिक पुस्तकों का एक्सेस होगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण (जेपी) एक ऐसे विचारक और क्रांतिकारी थे, जिन्होंने जीवन में अनेक विचारधाराओं को अपनाया और हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास किया। वे भारत छोड़ो आंदोलन के प्रमुख सेनानी थे। आजादी के बाद उन्होंने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया। समाजवाद अपनाया, समाजवादी कांग्रेस बनाई, विनोबा भावे के भूदान आंदोलन और सर्वोदय विचारधारा को गांव-गांव तक फैलाया। चंबल क्षेत्र में 250 से अधिक डाकुओं को सरेंडर कराया और चार राज्यों के 22 जिलों में डकैती की समस्या समाप्त की। श्री शाह ने कहा कि इमरजेंसी के समय जेपी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री का डटकर विरोध किया, बिहार-गुजरात में छात्र आंदोलनों का नेतृत्व किया और ‘संपूर्ण क्रांति’ का आह्वान दिया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जेपी, अटल जी, अडवाणी जी सहित हजारों नेताओं को जेल में डाला गया। तब दिनकर जी का नारा “अंधेरे में एक प्रकाश, जयप्रकाश” पूरे देश में गूंजा। 1977 के चुनाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री रायबरेली से हारीं और पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। उन्होंने कहा कि जेपी ने पूरी जिंदगी लोकतंत्र की रक्षा की।

गृह मंत्री ने दिल्ली के सभी किशोरों और युवाओं से अपील की कि वे ज्ञान की पिपासा तृप्त करने के माध्यम के रूप में शुरू किए गए जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे पुस्तकालय का लाभ उठाकर अपने जीवन को निखारें और देश को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।

 

RSS प्रांत प्रचारक बैठक में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चिंता व्यक्त की गई

Posted on 12.07.2026 Time 08.19 PM Sunday, RSS, Rashtriya Swayamsevak Sangh, Belgavi, Karnataka

बेलगावी (कर्नाटक), 12 जुलाई 2026,  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारक बैठक आज कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हो गई। इस बैठक में पू. सरसंघचालक डा. मोहन भागवत जी, मा. सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी सहित 226 कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक में मार्च 2026 के बाद संघ के विभिन्न स्तरों पर संपन्न हुए प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा की गई। इस वर्ष देशभर में कुल 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग संपन्न हुए जिसमें कुल 18842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें शाखा संचालन, संघ कार्यपद्धति, ग्राम विकास, कुटुम्ब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण जैसे विषय सम्मिलित थे।

शाखाओं के स्तर पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन की दृष्टि से विस्तार से चर्चा की गई और सितम्बर मास में अधिकतम शाखा विस्तार योजना पर भी चर्चा की गई। साथ में शताब्दी वर्ष के संपन्न हुए कार्यक्रमों की समीक्षा तथा निर्धारित शेष कार्यक्रमों की योजना पर भी विचार किया गया। शताब्दी वर्ष के विभिन्न कार्यक्रमों में सम्पर्क में आए लोगों को सामाजिक कार्यों और पंच परिवर्तन के विषयों में सक्रिय करने की योजना पर विचार हुआ। पूजनीय सरसंघचालक जी की वर्ष 2026-27 की प्रवास योजना पर भी चर्चा की गई।

बैठक में वर्तमान परिदृश्य के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई जिसमें मुख्य रूप से जनगणना के संदर्भ में जानकारी और जनसांख्यिकी असंतुलन से उत्पन्न चुनौतियाँ आदि विषय शामिल रहे। ड्रग्स के बढ़ते दुष्प्रभाव पर चिंता के साथ ही नशा मुक्ति के लिए प्राथमिकता से प्रयासों की आवश्यकता तथा सन्त शिरोमणि रविदास महाराज जी के 650 वें जन्म जयंती वर्ष के कार्यक्रमों की योजना पर भी चर्चा हुई।

बैठक में सभी ने श्री रामजन्मभूमि मंदिर में दानपेटी चढ़ावे की गिनती में हुई अनियमितता की घटना पर दु:ख व्यक्त किया तथा तीर्थक्षेत्र न्यास के निवेदन पर चल रही एसआईटी एवं पुलिस कार्रवाई निर्णायक मोड़ पर पहुँचेगी यह विश्वास व्यक्त किया। तीर्थक्षेत्र न्यास से यह अपेक्षा की गई कि वह यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो जिससे समस्त राम भक्तों की राम मंदिर के प्रति श्रद्धा और गहरी आस्था पर आघात हो।

July 10, 2026

सुरक्षित सीमा, समृद्ध सीमांत और सजग समाज के साथ ही देश सुरक्षित हो सकता है: अमित शाह

  • केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 को संबोधित किया
  • स्मार्ट बॉर्डर की कल्पना पर आधारित भारत की बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विश्व में सबसे आधुनिक होगी
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश को जम्मू कश्मीर और नॉर्थईस्ट में आतंकवाद और नक्सलवाद से निजात मिली है जो हमारी साझी सफलता का सूचक है
  • आने वाले 3 सालों में हम नारकोटिक्स की समस्या को गंभीर क्षति पहुंचाकर इस पर विजय प्राप्त करेंगे
  • मोदी जी ने जनसांख्यिकी परिवर्तन का अध्य्यन करने, उसमें असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को चिन्हित करने और भविष्य में इसे रोकने के उपाय सुझाने के लिए डेमोग्राफी मिशन की शुरूआत की है
  • रूथलैस अप्रोच के साथ जनसांख्यिकी में असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को रोकना मोदी सरकार का संकल्प है
  • सीमांत क्षेत्रों में हो रहे जनसंख्यिकी परिवर्तन का मूल कारण घुसपैठ है
  • गृह मंत्री ने सीमांत क्षेत्रों में असामान्य कारणों से जनसांख्यिकी में हो रहे बदलाव की सूचना जल्द से जल्द नीचे से उच्चतम स्तर तक पहुंचाने के महत्व पर बल दिया
  • मोदी सरकार 31 हज़ार करोड़ से 1610 किलोमीटर लंबे म्यांमार बॉर्डर पर बाड़बंदी कर रही है
  • प्रॉक्सी वार, घुसपैठ, कट्टरपंथ का प्रसार, नारकोटिक्स, तस्करी, ड्रोन, साइबर अपराध, संगठित अपराध और जनसांख्यिकीय परिवर्तन रोकना, सीमा को रहने लायक बनाना और वहां से पलायन रोकना और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारे उद्देश्य हैं
Posted Date:- Jul 09, 2026

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 को संबोधित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय और श्री बंडी संजय कुमार, केन्द्रीय गृह सचिव, निदेशक, आसूचना ब्यूरो और सीमांत राज्यों के पुलिस महानिदेशकों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इस सम्मेलन से समग्र सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण को संस्थागत रूप मिला है और आने वाले समय में तटीय सीमा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में भी हम समग्रता से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा, निराकरण की चिंता और इस दिशा में उपयुक्त उपायों को नीतिगत स्वरूप देने का काम होगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि स्मार्ट बॉर्डर की कल्पना पर आधारित भारत की बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विश्व में सबसे आधुनिक होगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार, संबद्ध सीमा रक्षक बल, राज्य एवं ज़िला प्रशासन, भारत सरकार के संबंधित हितधारक तथा स्थानीय नागरिकों के परस्पर जुड़ाव के साथ एक मज़बूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण कर रही है। श्री शाह ने कहा कि सुरक्षित सीमा, समृद्ध सीमांत और सजग समाज के साथ ही देश सुरक्षित हो सकता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश को जम्मू कश्मीर और नॉर्थईस्ट में आतंकवाद और नक्सलवाद से निजात मिली है जो हमारी साझी सफलता का सूचक है। उन्होंने कहा कि आने वाले 3 सालों में हम नारकोटिक्स की समस्या को गंभीर क्षति पहुंचाकर इस पर भी विजय प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि देश को घुसपैठिया मुक्त बनाने और घुसपैठ हो ही न सके, इसके लिए एक मज़बूत तंत्र का निर्माण कर रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि पहले समस्याएं स्थायी और समाधान अस्थायी थे, मोदी सरकार में समस्याओं की जड़ पर प्रहार कर समाधानों को स्थायी बनाया जा रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर में 400 प्रतिशत वृद्धि कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ इसे आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने वायब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत देश के अंतिम गांव को देश का प्रथम गांव कहा है, इसके तहत पलायन रोकने, रोजगार बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने जनसांख्यिकी परिवर्तन का अध्य्यन करने, उसमें असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को चिन्हित करने और भविष्य में इसे रोकने के उपाय सुझाने के लिए डेमोग्राफी मिशन की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि रूथलैस अप्रोच के साथ जनसांख्यिकी में असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को रोकना मोदी सरकार का संकल्प है। गृह मंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में हो रहे जनसंख्यिकी परिवर्तन का मूल कारण घुसपैठ है।

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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए मोदी सरकार ने चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण किया है जिससे हमने अपनी अप्रोच को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव में बदला है। मोदी सरकार आइसोलेटेड सीमा चौकी की व्यवस्था से एकीकृत सुरक्षा ग्रिड का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। गृह मंत्री ने सीमांत क्षेत्रों में असामान्य कारणों से जनसांख्यिकी में हो रहे बदलाव की सूचना जल्द से जल्द नीचे से उच्चतम स्तर तक पहुंचाने के महत्व पर बल दिया।

श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार 31 हज़ार करोड़ से 1610 किलोमीटर लंबे म्यांमार बॉर्डर पर बाड़बंदी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रॉक्सी वार, घुसपैठ, कट्टरपंथ का प्रसार, नारकोटिक्स, तस्करी, ड्रोन, साइबर अपराध, संगठित अपराध और जनसांख्यिकीय परिवर्तन रोकना, सीमा को रहने लायक बनाना और वहां से पलायन रोकना और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारे उद्देश्य हैं।

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