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ब्रेकिंग न्यूज /यूजीसी रूल्स के विरोध में बरेली सिटी मजिस्ट्रेट

January 26, 2026

ब्रेकिंग न्यूज /यूजीसी रूल्स के विरोध में बरेली सिटी मजिस्ट्रेट

ब्रेकिंग न्यूज /

    City Magistrate Bareilly बरेली के नगर मजिस्ट्रेट, अलंकार अग्निहोत्री ने दिया त्यागपत्र

बरेली, 26 जनवरी 2026, सिटी मजिस्ट्रेट एवं 2019 बैच के पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य मामले एवं UGC के नए नियमों के विरोध में पद से दिया इस्तीफा… अग्निहोत्री ने लिखा… ब्राह्मण बटुक शिष्यों की चोटी पकड़ कर मारपीट पर इस्तीफा दे रहा हूं..!! अपने बोर्ड पर नाम काट लिखा रिजाइन ……. फोटो सोशल मीडिया पर वायरल

किसान रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री

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श्रद्धांजलि: मार्क टली सर.. आप बहुत याद आएंगे…..

Mark Tuli, BBC Correspondent India

बीबीसी संवाददाता मार्क टुली (फाइल फोटो, वरिष्ठ पत्रकार रतिभान त्रिपाठी के साथ)

रतिभान त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार, राज्य मुख्यालय लखनऊ की फेसबुक वाल से साभार

Ratibhan Tripathi Senior Journalist

पत्रकारिता जगत में दैदीप्यमान नक्षत्र सरीखे पत्रकार और लेखक सर विलियम मार्क टली का रविवार को निधन हो गया। 90 वर्ष के मार्क टली भारत में बीबीसी के लिए काम करने वाले सबसे चर्चित पत्रकार रहे हैं। बीबीसी के लिए यूं तो वह अंग्रेजी में रिपोर्टिंग करते थे लेकिन उनका हिंदी ज्ञान ग़ज़ब का था। उनकी और मेरी पहली मुलाकात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, जाने-माने पत्रकार व लेखक और पंडित नेहरू व इंदिरा गांधी के करीब रहे पीडी टंडन के प्रयागराज स्थित आवास में हुई थी। संभवतः वह किसी फ्रांसीसी फिल्म निर्माता के साथ टंडन जी से मिलने आए थे। फिल्म निर्माता फिरोज गांधी पर कोई डाॅक्यूमेंट्री बनाने की तैयारी में थे। टंडन जी ने उसी वक्त मुझे भी अपने घर बुलाया था। तब मैं दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग करता था। उन्होंने ही मार्क टली से मेरा परिचय कराया था।
अंग्रेज से अंग्रेजी भाषा में बोलने की अपेक्षा की जाती है लेकिन मार्क ने मुझसे हिंदी में बात की, अच्छी हिंदी में बात की। उनके बोल-चाल से लग ही नहीं रहा था कि वह अंग्रेज हैं। उनका उच्चारण विशुद्ध भारतीय था। उनका अंदाज देखकर मुझे बहुत सुखद अनुभूति हुई थी। वह तन से तो अंग्रेज थे लेकिन मन से भारतीय ही थे। ईसाई होते हुए भी वह एक हिंदू की तरह दाहिने हाथ में कलावा बांधते थे।
बातचीत में मार्क ने मुझे अपने जीवन की बहुत सारी बातें बताई थीं और अपना विजिटिंग कार्ड दिया था। मेरा नंबर भी लिया था। बाद में जब वह फिर से प्रयागराज आए तो मुझे फोन किया और जिस होटल में ठहरे थे, वहीं बुलाया। वह किसी रिपोर्टिंग के सिलसिले में ही आए थे। हम लोगों ने घंटों बातचीत की, चाय पी। उसी समय उन्होंने अपने साथ अयोध्या में हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि कारसेवकों ने उन्हें किस तरह बंधक बनाया था। फिर प्रशासन ने उन्हें कैसे मुक्त कराया था। पत्रकारिता के लिए उन्हें पहले पद्मश्री और फिर पद्मभूषण सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने भारतीय राजनीति समेत अनेक विषयों पर कई महत्वपूर्ण किताबें भी लिखी हैं।
मार्क टली को भारत और भारतीय परंपराओं का अच्छा ज्ञान था। उन्हें भारतीय परंपराओं से लगाव भी कम नहीं था। 1935 में कलकत्ता में जन्मे मार्क टली ने मुलाकात के दौरान बातचीत में मुझसे कहा था कि रतिभान जी, मैं हर हाल में भारत में रहना चाहता हूं। उनकी यह चाहत पूरी भी हुई। आज जब मार्क टली नहीं रहे तो उनकी यादों की बरात सी आ गई। उनके सान्निध्य में बिताए पल, उनकी बातचीत और हंसता मुस्कुराता चेहरा याद आ रहा है। अलविदा मार्क टली सर…आप बहुत याद आएंगे। आपकी पत्रकारिता और भारत के लिए प्रेम सदा याद किया जाएगा।

January 25, 2026

मुरादाबाद के चिरंजी लाल को पद्मश्री, लगातार तीसरी बार मुरादाबाद को पद्मश्री

Chiranji laal yadav, Moradabad

पद्मश्री चिरंजी लाल यादव, मुरादाबाद

मुरादाबाद, 25 जनवरी 2026, (उप्र समाचार सेवा) दस्तकारी में अपने हुनर से लोहा मनवाने वाले हस्तशिल्पी चिरंजी लाल यादव को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। भारत सरकार ने हस्तशिल्प में दस्तकार की नक्काशी को सराहते हुए अवार्ड देने का ऐलान किया है। मुरादाबाद को लगातार तीसरी बार पद्मश्री का खिताब मिला है।
गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा से मुरादाबाद का नाम देश भर में चमका है। इस साल पद्मश्री पुरस्कार मुरादाबाद के चिरंजी लाल यादव को मिलेगा। शहर के गुरहट्टी क्षेत्र में कटरा पूरन जाट में रहने वाले 56 साल के चिरंजी लाल का आज भी नायाब नक्काशी में हुनर है। धातु उत्पादों पर नायाब नक्काशी उकेरने वाले चिरंजी लाल को अब तक अन्य कई अवार्ड मिल चुके हैं। शिल्प गुरु, तीन बार स्टेट अवार्ड और नेशनल अवार्ड मिल चुका है। इस बार उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया है।
इससे पहले मुरादाबाद में 2024 में दिलशाद हुसैन और 2025 बाबूराम यादव को पुरस्कार मिल चुका है।
पुरस्कार मिलने से खुश चिरंजी लाल को पद्मश्री मिलने की खबर से घर पर लोग बधाई देने पहुंचने लगे। इस मौके पर आर्टीजन एसोसिएशन के आजम अंसारी समेत अन्य लोगों ने चिरंजी लाल यादव को पुरस्कार मिलने पर बधाईयां दी।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी को पदम सम्मान

Padam Bhushan Samman, Bhagat Singh Koshiyari, Uttarakhand

भगत सिंह कोशियारी को पदम भूषण सम्मान

नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026, भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पदम सम्मान की घोषणा की है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी को पदम भूषण सम्मान से अलंकृत किया गया है। उन्हें यह सम्मान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भव्य समारोह में प्रदान करेंगी।

भगत सिंह कोशियारी ने राजनीति में दीर्घकाल तक नैतिकता, सुचिता और आदर्श के मानदंडों का हमेशा पालन किया। उनका जीवन सादगी भरा और समाज के लिए समर्पित है। वे मुख्यमंत्री बनने के पूर्व उत्तर प्रदेश में विधान परिषद सदस्य भी रहे।

श्री कोश्यारी ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए संघर्ष किया और शांतिपूर्ण तरीकों से आंदोलन का नेतृत्व भी किया। वे राज्य बनने के पूर्व उत्तराखंड के विकास के बनी उत्तरांचल उत्थान परिषद के पहले महामंत्री और बाद में अध्यक्ष बने।

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