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ऋषिकेश में उमड़ा जनसैलाब, 35 हजार लोगों ने घर बचाने को निकाली महा रैली

February 3, 2026

ऋषिकेश में उमड़ा जनसैलाब, 35 हजार लोगों ने घर बचाने को निकाली महा रैली

Rishikesh Railly

ऋषिकेश में घर बचने को सड़कों पर उतरे लोग

Posted on 03.02.2026 Tuesday, Time : 05.32 PM , Rishikesh Uttarakhand, Railly 

ऋषिकेश, 3 फरवरी 2026। (उप्रससे) तीर्थनगरी ऋषिकेश Rishikesh में सोमवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब राज्य गठन के बाद पहली बार सत्तारूढ़ भाजपा और धामी सरकार के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतरे। अपने घरों और जमीनों को बचाने की मांग को लेकर आयोजित इस महा रैली ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट संदेश दे दिया । “अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” सोमवार सुबह 10 बजे तक आइडीपीएल हाकी मैदान में करीब 10 हजार से ज्यादा लोग एकत्र हो चुके थे। 15 से 20 मिनट के बाद कई वार्डों से रैली के रूप में लोग हाकी मैदान पहुंचते रहे, जिसके बाद पूरा हाकी मैदान लोगों से खचाखच भरा नजर आया।

इस विशाल जनआंदोलन में करीब 30 से 35 हजार लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। रैली में बच्चे, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग, वरिष्ठ और सुपर सीनियर सिटीजन तक शामिल रहे। लोगों ने अपने परिवारों के साथ लगभग 5 से 6 किलोमीटर की पदयात्रा कर शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ विरोध दर्ज कराया। यह रैली सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का प्रतीक बनकर सामने आई।

बापूग्राम, बीसबीघा, मीरानगर सहित आसपास के कई क्षेत्रों के निवासी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वन विभाग की कार्रवाई और सरकारी नीतियों के कारण दशकों से बसे उनके घर उजड़ने की कगार पर हैं। लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने आशियानों को टूटने नहीं देंगे।

रैली के दौरान गूंजते नारों और जनसमूह की एकजुटता ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक आवाज है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि उनके क्षेत्रों को राजस्व ग्राम घोषित किया जाए और विस्थापन से जुड़ी नीतियों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। रैली के समापन पर एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें औपचारिक रूप से दर्ज कराईं।

पूरी रैली शांतिपूर्ण रही, हालांकि इसका संदेश बेहद सख्त और स्पष्ट था। यह महा रैली न सिर्फ ऋषिकेश, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति और जनभावनाओं के लिए एक टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है। जनता ने यह जता दिया है कि घर केवल दीवारें नहीं होते, बल्कि पीढ़ियों की मेहनत और सपनों की नींव होते हैं—और उनकी रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष को तैयार हैं।

January 25, 2026

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी को पदम सम्मान

Padam Bhushan Samman, Bhagat Singh Koshiyari, Uttarakhand

भगत सिंह कोशियारी को पदम भूषण सम्मान

नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026, भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पदम सम्मान की घोषणा की है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी को पदम भूषण सम्मान से अलंकृत किया गया है। उन्हें यह सम्मान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भव्य समारोह में प्रदान करेंगी।

भगत सिंह कोशियारी ने राजनीति में दीर्घकाल तक नैतिकता, सुचिता और आदर्श के मानदंडों का हमेशा पालन किया। उनका जीवन सादगी भरा और समाज के लिए समर्पित है। वे मुख्यमंत्री बनने के पूर्व उत्तर प्रदेश में विधान परिषद सदस्य भी रहे।

श्री कोश्यारी ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए संघर्ष किया और शांतिपूर्ण तरीकों से आंदोलन का नेतृत्व भी किया। वे राज्य बनने के पूर्व उत्तराखंड के विकास के बनी उत्तरांचल उत्थान परिषद के पहले महामंत्री और बाद में अध्यक्ष बने।

January 6, 2026

ANKITA Bhandari अंकिता भंडारी केसः भाजपा नेता दुष्यंत गौतम ने किया मानहानि का मुकदमा

नई दिल्ली, 06 जनवरी 2026, उत्तराखंड के अंकिता भंडारी मामले में नाम घसीटे जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम Bharatiya Janata Party National General Secretary Dushyant Gautam ने अदालत का रुख किया है। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में कांग्रेस, आप और अन्य विपक्षी नेताओं समेत एक महिला नेता उर्मिला सनावर Urmila Sanavar के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। श्री गौतम ने आरोप लगाया है कि उनका नाम इस मामले में जानबूझकर घसीटा गया है। इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। न तो एसआईटी जांच में और न ही चार्चशीट में उनका नाम है, और न ही वे घटना के समय उस स्थान पर मौजूद थे। इस मामले में उनका नाम लिये जाने से उनकी मानहानि हुई है। उन्होंने दो करोड़ रूपये की मानहानि का मुकदमा किया है। साथ ही मांग की है कि सोशल मीडिया से वे सभी पोस्ट हटाए जाएं जिनमें उनका नाम लिया गया है।

ज्ञातव्य है कि यह मामला वर्ष 2022 का है। उस समय 18 सितम्बर 2022 को उत्तराखंड के ऋषिकेश में वनंतरा रिजोर्ट में रिशेप्सिनिस्ट अंकिता भंडारी (19) की हत्या हो गई थी। इस मामले में हुई जांच में रिजोर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। इन्हें निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

लेकिन गत 24 दिसम्बर को भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की स्वयं को पत्नी बताने वाली महिला एक्ट्रेस उर्मिला सनावर ने एक वीडियो वायरल किया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले से एक वीआईपी का सम्बन्ध है। इस वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने से इनकार करने के कारण ही अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। बाद में उर्मिला सनावर ने एक और वीडिया जारी कर वीआईपी के रूप में भाजपा नेता का नाम घसीट दिया। इससे पूरे उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया।

मामले को कांग्रेस ने राजनीतिक मुद्दा बना दिया। भावनात्मक मुद्दा होने के कारण कांग्रेस को इस मुद्दे पर समर्थन मिलता दिखायी दिया तो उसने इसे पूरे देश में चर्चा लाने का फैसला कर दिया। इसी के मद्देनजर सोमवार को लखनऊ में कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी मामले में कार्रवाई की मांग और सीबीआई जांच की मांग कर दी।

उत्तराखंड कांग्रेस ने रविवार को उत्तराखंड की राजधानी में परेड ग्राउण्ड से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। इस मार्च में भारी जनसमूह उमड़ा, पहाड़ के अन्य जिलों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे। अब कांग्रेस ने 11 जनवरी को देहरादून बंद का आह्वान किया है।

January 5, 2026

अंकिता भंडारी मामले को लेकर कांग्रेस का देहरादून में प्रदर्शन

देहरादून,04 जनवरी 2026, अंकिता भंडारी की हत्या मामले ने उत्तराखंड की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। इसी मामले को लेकर कांग्रेस ने रविवार को देहरादून में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन और मुख्यमंत्री आवास तक मार्च के भारी संख्या में नागरिक पहुंचे। इनमें महिलाओं की भी पर्याप्त संख्या थी।

अंकिता भंडारी Ankita Bhandari का मामला गत दिनों उर्मिला सनावर के आरोपों के बाद सुर्खियों में आया है। उन्होंने इस मामले को किसी वीआईपी से जोड़ते हुए सनसनी फैला दी थी। तभी से उत्तराखंड में विपक्ष इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर कांग्रेस रविवार को मुख्यमंत्री आवास तक कूच करने का फैसला किया। हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग करके प्रदर्शनकारियों को पहले ही रोक दिया। लेकिन प्रदर्शन के कारण शहर में यातायात जाम की स्थिति हो गई। पूरा राजपुर रोड जाम हो गया।

11 को देहरादून बंद

प्रदर्शन में भारी संख्या में अन्य पहाड़ी जिलों के लोग भी पहुंचे। इससे कांग्रेस उत्साहित है। अब कांग्रेस ने 11 जनवरी को देहरादून बंद का आह्वाहन किया है।