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अंतर्राष्ट्रीय संत महासभा एवं हिंदू महासभा ने की हिंदू हितों का संरक्षण करने की मांग

September 21, 2026

अंतर्राष्ट्रीय संत महासभा एवं हिंदू महासभा ने की हिंदू हितों का संरक्षण करने की मांग

हरिद्वार, 20 सितम्बर। अंतर्राष्ट्रीय संत महासभा एवं हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने हिंदु हितों के संरक्षण के लिए कदम उठाने की मांग की है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता के दौरान संत महासभा के संरक्षक मदन महाराज ने कहा कि देवभूमि के सभी धर्म गुरुओं, अखाड़ों, मठ मंदिरों सहित हरिद्वार, ऋषिकेश, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री में हिंदुओं के धार्मिक स्थानों पर गैर हिंदुओं के जमीन खरीदने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। राज्य में लगातार बाहरी लोगों का हस्तक्षेप बढ़ रहा है। असामाजिक तत्वों पर सरकार को गंभीरता के साथ रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा को लेकर प्रत्येक हिंदू को जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने डेमोग्राफी परिवर्तन के खतरे का भी अंदेशा जताया। मदन महाराज ने मांग की कि राज्य सरकार द्वारा तीर्थ क्षेत्र की धार्मिक मर्यादा व्यवस्था के लिए तीर्थ परिषद का गठन किया जाए। तीर्थ पुरोहित मठ मंदिर के संचालक जनप्रतिनिधियों एवं अखाड़े के धार्मिक गुरुओं को स्थान दिया जाए। पुलिस प्रशासन आदि विभाग तीर्थ परिषद के अधीन कार्य करें। महंत गोपाल गिरी महाराज ने कहा कि कुंभ मेले की व्यवस्थाएं अच्छी होनी चाहिए। स्थाई निर्माण अधिक से अधिक किए जाएं। जिससे लंबे समय तक लोगों को इसका लाभ मिल सके। तीर्थ स्थलों की मान मर्यादा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। संत महापुरुषों के लिए बिजली, पानी, शौचालय आदि की व्यवस्था कुंभ क्षेत्र में बेहतर तरीके से होनी चाहिए। कुंभ मेला सनातन परंपराओं का केंद्र बिंदु है। प्रैसवार्ता में योगेंद्र वर्मा, उर्मिला यादव, आचार्य अजय कृष्णा, विजय पांडे, विश्वास भार्गव, साक्षी वर्मा, अमरीश त्यागी, दीपक कुमार, पंकज कुमार, अशोक शर्मा, शिवम शर्मा, बृजेश शर्मा, योग ठाकुर, मनोहर ठाकुर, तनु त्यागी आदि मौजूद रहे।

एटा में पति से खाना बनाने को लेकर हुई कहासुनी में विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान, 5 साल पहले हुई थी शादी

एटा 21 सितंबर उप्रससे। जनपद में कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बारथर गांव में एक 25 वर्षीय विवाहिता ने पति से खाना बनाने को लेकर हुई कहासुनी के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने पंखे पर शव लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ सिटी कृतिका सिंह ने भी मौके का जायजा लिया। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वाड की टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।

मृतका नीतू पत्नी सुगंध (25 वर्ष) का अपने पति से खाना बनाने को लेकर विवाद हो गया था। इसी बात से नाराज होकर उसने घर के अंदर कमरे में पंखे से लटककर फांसी लगा ली। नीतू का विवाह सुगंध के साथ 5 वर्ष पहले हिंदू रीति-रिवाज के तहत हुआ था। सुगंध मजदूरी करता है। मृतका का एक 2 वर्ष का बेटा भी है। मृतका के पति सुगंध ने बताया कि वह नोएडा से लौटा था। उसने अपनी पत्नी से खाना बनाने के लिए कहा था, जिस पर नीतू ने कहा कि वह खुद बना ले और खा ले। सुगंध अपने कमरे में जाकर लेट गया। बाद में नीतू उसके पास आई और बोली कि वह सो रहा है। उसने खुद ही खाना बनाकर खा लिया था। नीतू उससे कह रही थी कि वह मरकर दिखाएगी। नीतू ने आज कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

वर्जन
थाना प्रभारी कोतवाली देहात केके लोधी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस आगे की जांच-पड़ताल कर रही है।

एटा में पत्नी से विवाद के बाद ट्रैक्टर मैकेनिक का कमरे में फंदे पर लटका मिला शव, भाई ने ससुरालियों पर लगाया आरोप

एटा 21 सितंबर उप्रससे। जनपद में कोतवाली नगर क्षेत्र के नेहरू नगर में आज सोमवार को एक ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने उसे घर के कमरे में फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक के भाई मुकेश कश्यप का आरोप लगाया कि मोहल्ला नेहरू नगर निवासी ओमवीर सिंह उर्फ भोला मिस्त्री (30) पुत्र सतीश चंद्र का पत्नी हरप्यारी से विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी अपने मायके चली गई थी। मृतक ओमवीर रविवार रात अपनी ससुराल गया था। वहां ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ मारपीट की। ओमवीर ने मंडी चौकी पर भी शिकायत की थी और ससुराल पक्ष के लोगों पर पहले भी मारपीट करने का आरोप लगाया था। ओमवीर रविवार रात करीब 11 बजे काम से घर लौटा और सो गया। सुबह जब 11-12 बजे तक नहीं उठा तो परिजनों ने खिड़की से झांककर अंदर देखा। ओमवीर पंखे पर फंदे से लटका हुआ था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस के साथ फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वाड भी मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

वर्जन
थाना प्रभारी धर्मेंद्र पवार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है। शिकायती पत्र से जुड़ा मामला बेबुनियाद है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लखीमपुर खीरी में सनसनीखेज डबल मर्डर

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स्कूल में घुसकर शिक्षिका की हत्या के बाद युवक ने खुद को भी मारी गोली, बच्चों में दहशत

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद से सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शहर के बीचों-बीच सदर कोतवाली इलाके में स्थित चिल्ड्रेन्स एकेडमी शाहपुरा कोठी (निकट बड़ा डाकखाना) में एक सिरफिरे युवक ने क्लासरूम के अंदर बच्चों के सामने महिला शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके तुरंत बाद खुद की कनपटी पर भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस भीषण गोलीकांड में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई है।

क्लासरूम में बच्चों के सामने चलीं ताबड़तोड़ गोलियां

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे स्कूल में रोजमर्रा की तरह शिक्षण कार्य चल रहा था। तभी नौरंगाबाद निवासी साउद अंसारी (28 वर्ष) अवैध हथियार लेकर स्कूल परिसर में दाखिल हुआ। बताया जा रहा है कि वह स्कूल की पहली मंजिल पर स्थित क्लासरूम में गया, जहाँ बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। आरोपी साउद ने वहां मौजूद महिला शिक्षिका निशात फातिमा (26 वर्ष) पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दीं। खून से लथपथ शिक्षिका के जमीन पर गिरते ही आरोपी ने उसी असलहे से खुद की कनपटी पर गोली मार ली।

मासूम बच्चों में फैला खौफ, स्कूल में मची अफरा-तफरी
क्लास रूम के अंदर बच्चों के ठीक सामने हुई इस खूनी वारदात से स्कूल में चीख-पुकार मच गई। मासूम बच्चे बुरी तरह सहम गए और पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। वारदात की खबर फैलते ही अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावकों की भारी भीड़ स्कूल के बाहर जमा हो गई।भारी पुलिस बल के साथ डीएम और एसपी मौके पर मौजूदघटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लाइन से भारी संख्या में पुलिस बल को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। जिलाधिकारी (डीएम) अंजनी कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ख्याति गर्ग समेत तमाम आला अधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जिस जगह यह वारदात हुई है, वह शहर का बेहद व्यस्त इलाका है और पड़ोस में ही पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का कार्यालय भी स्थित है। ऐसे में बीच शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल के अंदर कोई बाहरी अज्ञात युवक हथियार लेकर कैसे घुस गया?उसने आसानी से दूसरी मंजिल के क्लासरूम तक पहुंच कैसे बनाई? इन बातों को लेकर स्कूल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।जांच में जुटी फोरेंसिक और पुलिस की टीमेंपुलिस ने पूरे क्लासरूम और स्कूल परिसर की घेराबंदी (कॉर्डन ऑफ) कर ली है। साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात के पीछे की वजहों का पता लगाने के लिए स्कूल प्रशासन, वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।

September 18, 2026

कलम का एक और सिपाही मौन, दो वर्ष की पीड़ा के बाद थम गई पत्रकार सैय्यद मुशीर की सांसें

समय की मार से टूटा परिवार, नई बस्ती में पसरा शोक

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर-खीरी। समय बड़ा निर्मम और बलशाली होता है। हंसता-खेलता परिवार कब शोक में डूब जाए कोई नहीं जानता। कुछ ऐसा ही हृदयविदारक दृश्य मोहल्ला नई बस्ती में देखने को मिला, जहां लेखनी के सिपाही, खबर प्रवाह के जिला संवाददाता सैय्यद मुशीर अंततः जीवन की लड़ाई हार गए। दो वर्ष तक बिस्तर पर तड़पने के बाद आज प्रातः 11 बजकर 45 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना से सम्पूर्ण जनपद के पत्रकार जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया जाता है कि सैय्यद मुशीर ने वर्ष 2020 में पत्रकारिता के क्षेत्र में संवाददाता के रूप में प्रवेश किया था। अपनी परिश्रम और निष्ठा से उन्होंने शीघ्र ही जनपद में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और खबर प्रवाह के जिला संवाददाता बन गए। उन्होंने अपनी पत्नी शीरी जैदी को भी पत्रकारिता के क्षेत्र में उतारा, जो आज सुनहरा संसार और खबर प्रवाह का दायित्व संभाल रही हैं। किंतु नियति को कुछ और ही स्वीकार था।

दो वर्ष पूर्व एक भीषण दुर्घटना ने उनका सम्पूर्ण जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कमर और पैरों में ऐसी गंभीर चोट आई कि वह पुनः अपने पैरों पर खड़े न हो सके। तब से वह चारपाई पर पड़े जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहे थे। उपचार में जो संचित पूंजी थी सब समाप्त हो गई, यहां तक कि घर की सामग्री तक बेचनी पड़ी। अब न औषधि के लिए धन शेष है और न घर चलाने का कोई साधन, ऊपर से निर्धनता का पहाड़।

इस टूटे हुए परिवार का सम्पूर्ण भार उनकी पत्नी पत्रकार शीरी जैदी के कोमल कंधों पर आ गया। घर में एक अबोध बालक, सामने बिस्तर पर तड़पता पति और ऊपर से जीविका की चिंता। शीरी जैदी किस वेदना और यातना में अपने जीवन के दिन व्यतीत कर रही हैं, इसका अनुमान लगाना भी कठिन है। एक ओर पति की विवशता और दूसरी ओर बच्चे का पालन-पोषण, प्रत्येक दिन उनके लिए एक नई परीक्षा बन गया था।

इस शोकग्रस्त परिवार की स्थिति की सूचना पाकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रेहान खान उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने मुशीर की गंभीर स्थिति देखी और उनकी पत्नी शीरी जैदी को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि इस प्रकरण को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाया जाएगा और आगे भी हर संभव सहायता दिलाई जाएगी।

आज वह मौन हो गया जो दूसरों की आवाज बनता था। अश्रुपूरित नेत्रों से पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगर के प्रबुद्धजनों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। उनका जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

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