Web News

www.upwebnews.com

बाबूजी की जन्मस्थली बनी वैश्विक साधकों की आध्यात्मिक तीर्थभूमि

September 29, 2026

बाबूजी की जन्मस्थली बनी वैश्विक साधकों की आध्यात्मिक तीर्थभूमि

दक्षिण कोरिया के 30 अभ्यासियों समेत विभिन्न देशों के साधकों ने की ध्यान साधना

शाहजहांपुर। ( संजीव गुप्त ) शाहजहांपुर की पावन धरा,
आध्यात्मिक चेतना की वह भूमि, जहां से सहज मार्ग की साधना पद्धति और हार्टफुलनेस मेडीटेशन ने प्रेम, ध्यान और आध्यात्म का संदेश विश्व तक पहुंचा, गुरुवार को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय साधकों की श्रद्धा और भावनाओं की साक्षी बनी।
श्री रामचन्द्र मिशन के संस्थापक महात्मा रामचन्द्र जी महाराज (बाबूजी महाराज) की जन्मस्थली और कर्मस्थली पर दक्षिण कोरिया, बेलारुस, मलेशिया और फ्रांस सहित विभिन्न देशों से आए अभ्यासी गुरुसत्ता के प्रति श्रद्धा अर्पित करने यहां पहुंचे।
बुधवार देर रात मिश्रीपुर स्थिति रामचन्द्र मिशन आश्रम में दक्षिण कोरिया से आए करीब 30 अभ्यासियों का दल डा. मून के नेतृत्व में यहां पहुंचा ।
गुरुवार सुबह दक्षिण कोरिया के अभ्यासियों ने बाबूजी महाराज के निवास स्थान पहुंचकर वहां ध्यान साधना की। साधकों ने उस पावन भूमि को नमन किया, जहां महात्मा रामचन्द्र जी महाराज का जन्म हुआ और जहां से उनके जीवन, साधना और आध्यात्मिक चिंतन ने आगे चलकर विश्वभर में असंख्य साधकों के लिए आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त किया।
ध्यान के दौरान वातावरण तब भावपूर्ण हो गया जब बाबूजी महाराज की जन्मस्थली के दर्शन और वहां ध्यान करने का अनुभव कर कई कोरियाई अभ्यासी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। किसी ने इसे गुरु के प्रति कृतज्ञता का क्षण बताया तो किसी ने अपने भीतर गहरी शांति और आत्मीयता का अनुभव किया।
अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और देशों से आए साधक यहां एक ही भाव में दिखाई दिए गुरु के प्रति श्रद्धा, ध्यान के प्रति समर्पण और मानवता के प्रति प्रेम।
बाबूजी महाराज के निवास स्थान से सभी अभ्यासी अजीजगंज स्थित सहज मार्ग जंक्शन पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा रामचन्द्र जी महाराज की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन किया और कुछ समय ध्यान एवं मौन साधना में बिताया।
शाहजहांपुर की धरती पर जन्मे बाबूजी महाराज की साधना और उनका संदेश आज भौगोलिक सीमाओं से परे अनेक देशों के साधकों को जोड़ रहा है। दक्षिण कोरिया से आए अभ्यासी इसका जीवंत उदाहरण हैं जो हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर उस भूमि तक पहुंचे, जिसे वे अपनी आध्यात्मिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखते हैं।
बाबूजी महाराज की जन्मभूमि पर दक्षिण कोरिया के लोगों में न भाषा का अंतर दिखाई दिया, न देश की सीमा ,सिर्फ श्रद्धा, साधना और गुरु के प्रति समर्पण का भाव दिखाई दिया।
इस दौरान प्रशिक्षक राजगोपाल अग्रवाल, आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह, ममता सिंह, सुयश सिन्हा, कृष्णा भारद्वाज, सुरेंद्र सिन्हा,अनूप कुमार, अशोक लोधी, आदि मौजूद रहे।

सैंपल की दवाइयां के नाम पर परोसी जा रही हैं नकली दवाइयां, डॉक्टरो का फल फूल रहा है खूब धंधा, मरीजों को आर्थिक और स्वास्थ्य हानि

बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों के संरक्षण में अंतर्राज्यीय नकली दवा गिरोह की जद में ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे झोलाछाप डॉक्टर आसानी से फंस रहे हैं नकली, अधोमानक, मिलावटी एवं सैंपल की बिना बिलों की दवाइयां सप्लाई करने वाला यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे झोलाछाप डॉक्टरों पर बेरोकटोक ऐसी दवाइयाँ बड़ी मात्रा में सप्लाई करके भोली भाली ग्रामीण जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हुए उनका आर्थिक शोषण करते हुए उन्हें अनेक गंभीर बीमारियां परोस रहे हैं। बड़े शहरों एवं महानगरों में अंतर्राज्यीय नकली दवा गिरोह की पकड़ धकड़ के बाद ऐसे गिरोहों द्वारा नकली दवाइयां को ठिकाने लगाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे हैं शिक्षित झोलाछाप डॉक्टरों का रुख किया जा रहा है सूत्रों की माने तो ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे प्रत्येक झोलाछाप डॉक्टर के केबिन में कई कई मेडिकल स्टोरों के बराबर लाखों रुपए की दवाइयो का स्टॉक हर समय मौजूद रहता है। इन डॉक्टरों द्वारा धड़ल्ले से प्रिस्क्रिप्शन लिखने के बजाय मरीजो को अपने पास से दवाई खरीदने को मजबूर किया जाता है। साथ ही किसी भी बीमारी में कई कई बोतल अनावश्यक रूप से फ्लूड लगा दिया जाता है। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश मरीजों में शुगर एवं घुटनों व जोड़ो के दर्द की शिकायत होना आम बात हो गई है। साथ ही अंधाधुंध एंटीबायोटिक दवाइयां देने से मरीजो को दिल की बीमारियों का भी खतरा हर समय बना रहता है। कुल मिलाकर एक ओर जहां झोलाछाप चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्र की गरीब जनता का कम पैसों में इलाज कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर उससे अधिक ग्रामीण क्षेत्र की जनता को आर्थिक एवं स्वास्थ्य हानि पहुंचा कर उनकी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। इस गंभीर विषय पर स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त रहता है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन समूह की सखियों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

समूह की सखियों का मानदेय नहीं बढ़ा तो नही होगा कार्य।

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 29/09/2026
एंकर- बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सदस्य समूह की दर्जनों की संख्या में पहुंची सखियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी के दौरान कहा कि दो हजार में दम नहीं पच्चीस हजार से कम नहीं का नारा दिया।वही गीता चौहान ने बताया कि नगरा ब्लॉक की सभी समूह की सखी है और हम लोग अपने मानदेय वृद्धि के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पर आए है हम अपनी मांग और अपनी पहचान मांगने के लिए यहां आए हुए है हम लोगो का मानदेय दो हजार रुपए है वह भी दस महीने पर मिलता है वह दो हजार रुपए सीएलएफ के खाते में जाता है डायरेक्ट हम लोगों के खाते में नही पहुंचता है हमारा काम है घर घर जाकर महिलाओं को कांवेंस करना होता है दस बार एक महिला के घर जाते है तो एक महिला जाकर तैयार होती है समूह में जुड़ने के लिए तैयार होती उसका ब्लॉक से पत्र तैयार कराया जाता है फाइल को तैयार कर बैंक सखी को दिया जाता है तब जाकर बैंक खाता खोलता है इतना काम करने के बाद हम लोगों को दो हजार रुपए मिलता है हम लोगों की सरकार से गुजारिश है कि हम लोगों का मानदेय बढ़ाए जाय।अगर सरकार हम लोगों की मांगे पूरी नहीं करती है तो हम लोग काम नही करेंगे।सरकार दो हजार रुपए दे रही है लेकिन दो हजार रूपये से हम लोगों के बच्चो का फीस तक जमा नही होता है कैसे हम लोग दो हजार रुपए में अपना घर को चलाऊंगी।

वही निर्मला राजभर ने बताया कि हम लोग नगरा ब्लॉक से यहां जिलाधिकारी कार्यालय पर आए है कि हम लोगों का मानदेय बहुत ही काम है और हम लोगों के ऊपर बहुत लोड रहता है सरकार की एक योजना चल रही है राशन कार्ड भारत योजना जिसमे ग्रामीणों को जोड़ना है एक गांव में लगभग छः सौ से सात सौ महिलाओं को एक महिला सखी कैसे जोड़ सकती है दस महिला को जोड़ने में दो महीनो लग जाता है और यह टारगेट है कि सभी महिलाओं को दो माह में जोड़ना है और हम लोगों का मानदेय बहुत कम है हम लोग काम को पूरा करने के लिए रात में जागकर काम को किया जाता है और मानदेय के नाम पर जीरो है 60 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से कोई काम करेगा अगर हम लोगों का मानदेय सरकार नही बढ़ाएगी तो हम लोग काम नही करेंगे।आन लाइन काम करना है और उसका भी रिचार्ज हम लोगो अपने पैसे से करते है रिचार्ज तक का पैसा नही दिया जाता है कि आन लाइन काम हो सके सरकार को यह सोचना होगा कि दो हजार रुपए में हमलोग अपना घर चलाएं कि मोबाइल का रिचार्ज करें सरकार की योजना को जनता तक पहुंचने के लिए।

September 28, 2026

क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा रोजा क्षेत्रान्तर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नाव से भ्रमण कर लिया गया जायजा,

आमजन को सतर्क एवं सुरक्षित रहने हेतु किया गया जागरूक
शाहजहांपुर —( संजीव गुप्त ) क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा थाना प्रभारी रोजा के साथ थाना रोजा क्षेत्रान्तर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर बाढ़ की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा नाव के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर जलभराव की स्थिति, आमजन की सुरक्षा एवं पुलिस व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के आमजन से सतर्क एवं सावधान रहने तथा अनावश्यक रूप से जलभराव वाले स्थानों पर न जाने की अपील की गई।
इसके उपरांत थाना रोजा क्षेत्रान्तर्गत पैदल गश्त कर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया गया। क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा पुलिसकर्मियों को बाढ़ की स्थिति के दृष्टिगत पूर्ण सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी करने, आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।
पुलिस द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण एवं निगरानी रखते हुए आमजन की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

आगरा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर कांग्रेस का हंगामा, गेट पर पोती कालिख

News Posted on 28.09.2026 Monday

आगरा, 28 सितम्बर 2026, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर कॉलोनी स्थित पैतृक आवास पर सोमवार की सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्य गेट पर कालिख पोत दी और काले पेंट से ‘ज्ञानेश कुमार गद्दार हैं’ लिख दिया। इसके बाद गेट के बाहर नारेबाजी करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वान्ह करीब 11 बजे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा के जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कार्यकर्ता हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर पहुंचे। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने काले रंग के स्प्रे से ज्ञानेश कुमार के घर के गेट पर अभद्र शब्द लिखे।
अनिल यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी, पद से हटाने तथा उनके कार्यकाल के निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की। मुकेश धनगर ने कहा कि पात्र मतदाता का नाम हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है।डिजिटल कैलेंडर चुनें
प्रदर्शन में उमेश शर्मा, विक्रम वल्मीकि, मनोज गौड़, नरेंद्र शर्मा, पंकज चौधरी, शैलेंद्र चौधरी, आदित्य तिवारी, विपुल पाठक, बालवीर प्रधान, हाकिम सिंह छोकर, करण निषाद, राजा गौतम, धर्मेंद्र सिंह प्रधान, अमित दीक्षित, संदीप आदि मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस फोर्स मौजूद नहीं था। कार्यकर्ता कुछ देर नारेबाजी करने के बाद वहां से चले गए। उनके जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गेट पर पोती गई कालिख और लिखे गए शब्दों को साफ कराया।

आवास पर कालिख पोते जाने की घटना के फोटो व वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे फोटो और वीडियो तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है।
पैतृक आवास पर प्रदर्शन के बाद आगरा महानगर कांग्रेस के नेताओं ने सुभाष पार्क से कलक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला। इसमें मथुरा से आए कांग्रेस पदाधिकारी और संगठन महासचिव अनिल यादव भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की।

« Newer Posts — Older Posts »