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सब्जियों के नीचे छिपाकर नेपाल ले जाया जा रहा लाखों का तस्करी का माल बरामद

October 10, 2026

सब्जियों के नीचे छिपाकर नेपाल ले जाया जा रहा लाखों का तस्करी का माल बरामद

उ प्र समाचार सेवा
गौरीफंटा खीरी ।भारत-नेपाल के गौरीफंटा बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों और कस्टम विभाग के दावों की पोल खुल गई है। भारतीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल, स्थानीय पुलिस और कस्टम विभाग की कथित पैनी नजरों को चकमा देकर नेपाल में दाखिल हुए एक भारतीय सब्जी के मिनी ट्रक को नेपाल पुलिस ने भारी मात्रा में तस्करी के सामान के साथ दबोच लिया है। नेपाल के धनगढ़ी स्थित ट्रैफिक चौराहे पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों के सुरक्षा महकमों में हड़कंप मच गया है।यह मिनी ट्रक (नंबर: UP 23 T 8675) भारतीय सीमा से सब्जी लादकर नेपाल में दाखिल हुआ था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और कस्टम की चेकिंग से बचकर ट्रक नेपाल के धनगढ़ी तक पहुंच गया। लेकिन वहां ट्रैफिक चौराहे पर तैनात कैलाली पुलिस को गाड़ी पर शक हुआ। जब पुलिस ने ट्रक को रोककर उसकी सघन तलाशी ली, तो सब्जियों के नीचे छिपाकर रखा गया तस्करी का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।लाखों का माल बरामद: जांच के दौरान ट्रक से 26 लाख 88 हजार नेपाली रुपये मूल्य के मोबाइल फोन डिस्प्ले और अन्य अवैध तस्करी का सामान बरामद किया गया है।भारतीय ट्रक जब्त: नेपाल पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल हो रहे भारतीय मिनी ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है।चालक गिरफ्तार: ट्रक चालक की पहचान लखीमपुर खीरी के पलिया निवासी 25 वर्षीय आकिब खान के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

इस सनसनीखेज मामले ने गौरीफंटा सीमा पर तैनात एसएसबी, स्थानीय पुलिस और कस्टम विभाग की चेकिंग व्यवस्था व सीमा शुल्क प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी कड़ाई के बावजूद यह ट्रक बिना चेकिंग के सीमा पार कैसे कर गया?फिलहाल, नेपाल की कैलाली पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर और सामान को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।

संदिग्ध परिस्थितियों में रिटायर्ड दरोगा की मौत

बेटे पर धक्का देकर गिराने और डंडे से हमला करने का आरोप,

गुप्ता कॉलोनी में हुई घटना से मचा हड़कंप,

सीसीटीवी फुटेज सामने आने की चर्चा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से खुलेगा मौत का राज
उ प्र समाचार सेवा
गोला गोकर्णनाथ खीरी। जनपद के गोला कोतवाली क्षेत्र स्थित गुप्ता कॉलोनी में एक सेवानिवृत्त दरोगा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामले में मृतक के ही बेटे पर धक्का देकर गिराने और डंडे से प्रहार करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सामने आने की जानकारी भी मिल रही है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों और घटना के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक दरोगा वर्ष 2016 में पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। बताया जाता है कि उनके तीन बेटे हैं। इनमें से दो बेटे अलग रहते हैं, जबकि सेवानिवृत्त दरोगा अपने तीसरे बेटे के साथ रह रहे थे। इसी दौरान हुई घटना अब कई सवाल खड़े कर रही है।

लकड़ी कारोबारी की संदिग्ध मौत, चचेरे भाई ने जताई हत्या की आशंका

सिधौली-सीतापुर(उप्र समाचार सेवा)। स्थानीय तहसील मुख्यालय पर कस्बे के सिद्धेश्वर नगर मोहल्ले में गुरुवार देर शाम रानी तालाब के पास किराए के कमरे में लकड़ी कारोबारी इजमाल (42) पुत्र इरफान उर्फ अब्बन, निवासी बाड़ी, का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वह सिधौली में अकेले रहकर लकड़ी का कारोबार करते थे। जानकारी के मुताबिक लकड़ी काटने वाले मजदूर उनसे मिलने कमरे पर पहुंचे तो वह बिस्तर पर रजाई ओढ़े पड़े थे। आवाज देने पर जवाब नहीं मिला। जांच करने पर उनकी मौत का पता चला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम से साक्ष्य संकलित कराए। मृतक के चचेरे भाई ने हत्या की आशंका जताते हुए अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। परिजनों के अनुसार, कुछ महीने पहले पैसों के लेनदेन को लेकर उनका एक कबाड़ कारोबारी से विवाद हुआ था। इजमाल मधुमेह और उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित थे। पुलिस क्षेत्राधिकारी वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हत्या की पुष्टि नहीं हुई है।

लखनऊ कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को सीओ ने समझाकर कराया शांत

सिधौली-सीतापुर(उप्र समाचार सेवा)। किसानों एवं ग्रामीणों की जनसमस्याओं को लेकर शुक्रवार को भारतीय किसान संघ की कसमंडा इकाई ने आवाज बुलंद की। जिला मंत्री सरस्वती सिंह और ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ष्बंदनष् के नेतृत्व में दर्जनों महिला-पुरुष तहसील सिधौली पहुंचे और समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। उपजिलाधिकारी से वार्ता सफल न होने पर प्रदर्शनकारियों ने लखनऊ कूच कर दिया।प्रदर्शन कर रहे  बसंतपुर, मानपाड़ा, गूलर ताली, महारानी खेड़ा और किंधौलिया सहित विभिन्न गांवों के महिला-पुरुष कमल तिराहे पहुंचे। सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। बाद में क्षेत्राधिकारी वेद प्रकाश श्रीवास्तव भी पहुंचे ने जिन्होंने  सूझबूझ का परिचय देते हुए प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। प्रदर्शन में लाली, सुमन देवी, सरस्वती, कलावती, माया, मोहनी, राजेश्वरी, छुटकनी, मुन्नी देवी, रामकली, पूनम बाजपेई, लीला देवी, कामिनी देवी, आशा देवी, कांति, कमला देवी, राजरानी, फूलमती, सावित्री, रीना, माधुरी और रेशमा सहित अन्य लोग शामिल रहे।

October 9, 2026

जेवर एयरपोर्ट अब कहलाएगा ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’: सीएम योगी

कानून व्यवस्था की समीक्षा करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री के सम्मान में योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, नामकरण प्रस्ताव पारित

*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता में गिनाईं पीएम मोदी के 25 वर्षों की उपलब्धियां

*कहा- सेवा, समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास तक पहुंची यात्रा*

*प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित*

*मुख्यमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की निरंतर और समर्पित सार्वजनिक सेवा भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय*

*प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा, निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम करती रहेगी: सीएम*

*लखनऊ, 09 अक्टूबर।* नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर अब ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में एयरपोर्ट के नामकरण का प्रस्ताव पारित किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिए गए इस निर्णय को मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति प्रदेश सरकार की कृतज्ञता और उत्तर प्रदेश के विकास में उनके मार्गदर्शन एवं योगदान के सम्मान का प्रतीक बताया।

कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया है। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री जी ने सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्षों की निरंतर और समर्पित सार्वजनिक सेवा पूरी की। यह भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है। 25 वर्षों की यह यात्रा ‘सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम’ की भावना से संचालित रही है। यह यात्रा केवल सत्ता या शासन की यात्रा नहीं, बल्कि ‘जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास’ की यात्रा है।

*जेवर एयरपोर्ट का नामकरण, प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता का संदेश*
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर प्रधानमंत्री जी की ओर से उत्तर प्रदेश को मिली एक बड़ी सौगात है। यह एयरपोर्ट आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और वैश्विक कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा। इसी भावना के साथ कैबिनेट ने एयरपोर्ट का नाम ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ किए जाने का प्रस्ताव पारित किया है। कैबिनेट प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, उनके सतत मार्गदर्शन, उत्तर प्रदेश के विकास के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता और देश को नई दिशा देने वाले नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करती है। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व के प्रति अभिनंदन भी व्यक्त किया। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा, निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम करती रहेगी।

*काशी से जेवर तक, यूपी से प्रधानमंत्री का विशेष जुड़ाव*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी काशी से निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उत्तर प्रदेश की धरती से देश का नेतृत्व कर रहे हैं। 2014 में प्रधानमंत्री जी ने काशी आगमन पर कहा था- ‘मुझे मां गंगा ने बुलाया है।’ इसके बाद काशी और प्रधानमंत्री जी का संबंध केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रहा। काशी के विकास, आध्यात्मिक पुनर्जागरण और उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के बीच एक नया संबंध बना। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और केंद्र-प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार के समन्वय से उत्तर प्रदेश में विकास की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश प्रशासनिक जड़ता, असुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था। इसके बाद पारदर्शी और तकनीक आधारित सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल वातावरण को विकास का आधार बनाया गया।

*2,483 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और नमो भारत से बदली कनेक्टिविटी*
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में करीब 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग ₹60 हजार करोड़ खर्च किए गए हैं। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। ₹30 हजार करोड़ से अधिक लागत से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत/आरआरटीएस परियोजना देश में हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन की नई मिसाल बनी है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद तथा नोएडा-ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हुआ है। इसी बदलती कनेक्टिविटी का नया केंद्र जेवर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने जा रहा है। सीएम ने इसे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट और भविष्य में देश के बड़े एविएशन हब में विकसित होने वाली परियोजना बताया।

*फ्रेट कॉरिडोर से डिफेंस कॉरिडोर तक, औद्योगिक तस्वीर बदली*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के बड़े लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। दादरी ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन बन चुका है। 1,050 किलोमीटर से अधिक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रदेश से गुजर रहा है। वाराणसी में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर देश का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और 100 एकड़ का देश का पहला फ्रेट विलेज विकसित हुआ है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 1,000 एकड़ का पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क औद्योगिक विकास की नई दिशा तय कर रहे हैं।

*किसानों को सीधे लाभ, फसल ऋण से गन्ना भुगतान तक*
किसान कल्याण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। करीब 86 लाख किसानों की ऋणमाफी की गई है। प्रदेश में 5.50 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ₹13,42,978 करोड़ का फसल ऋण वितरित किया गया। 79.51 लाख किसानों को फसल क्षति के मद में भुगतान मिला है, जबकि गन्ना किसानों को ₹3.30 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है।

*आवास, राशन और पानी से गरीबों के जीवन में बदलाव*
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास मिले हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 3.67 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 2.46 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल का कनेक्शन दिया जा चुका है। खास तौर पर बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है। जनधन योजना, बैंकिंग विस्तार और बैंक मित्रों के नेटवर्क ने प्रदेश में वित्तीय समावेशन को भी मजबूत किया है।

*आयुष्मान से एम्स तक स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार*
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत प्रदेश में करीब 6.08 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। राज्य में 9.90 करोड़ से अधिक नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज मिला है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 1.09 करोड़ से अधिक मरीजों को ₹18,798 करोड़ के मुफ्त उपचार का लाभ मिला है। आरोग्य मेलों के माध्यम से 14.67 करोड़ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स का संचालन भी स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

*शौचालय, उज्ज्वला और नमामि गंगे से बदली तस्वीर*
सीएम योगी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में 3.37 करोड़ से अधिक शौचालय और 59,183 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए। प्रदेश सरकार होली और दीपावली पर महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करा रही है। नमामि गंगे के तहत गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए व्यापक काम हुआ है। काशी सहित गंगा के विभिन्न तटों पर विकास और संरक्षण की परियोजनाओं ने धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से नई पहचान बनाई है।

*महिला सशक्तीकरण से गांव की अर्थव्यवस्था को ताकत*
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी अभियान के तहत 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 15 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक सहायता मिली है। स्वामित्व योजना के तहत 91 हजार से अधिक गांवों में काम हुआ और 1.10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरौनी के रूप में संपत्ति का प्रमाण मिला। महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ी है। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण तथा अनुसूचित जाति-जनजाति और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।

*यूपी का हुनर ‘लोकल से ग्लोबल’ तक*
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद योजना ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री जी ने विदेश यात्राओं के दौरान काशी की गुलाबी मीनाकारी, निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की जरदोजी जैसे यूपी के उत्पादों को वैश्विक मंच दिया। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को यूपी के इन स्थानीय उत्पादों को उपहार में देना ‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा को मजबूती देने वाला कदम रहा। उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, दुग्ध, गन्ना, आम, आंवला और मोटे अनाज के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है।

*युवाओं को नौकरी, प्रशिक्षण और डिजिटल ताकत*
सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए। प्रदेश में 9.50 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां हुई हैं और 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। रोजगार मेलों, आईटीआई और कौशल विकास मिशन के माध्यम से 31.11 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, काशी में आधुनिक खेल परिसर और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी परियोजनाओं से खेल और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा मिली है।

*राम मंदिर से महाकुंभ तक, सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण*
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के योगदान को आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास से आगे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से 500 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास हुआ और गंगा घाट से बाबा विश्वनाथ धाम तक भव्य एवं दिव्य मार्ग बना। विदेश से करीब 100 वर्ष पुरानी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा वापस लाई गई और काशी विश्वनाथ धाम में पुनर्स्थापित की गई। भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष 127 वर्ष बाद भारत वापस आए। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। मुख्यमंत्री ने काशी तमिल संगमम, अभिधम्म दिवस, बौद्ध सर्किट, संत रविदास जन्मस्थली विकास परियोजना, संग्रहालय एवं प्रतिमा परियोजनाएं, चौरी-चौरा शताब्दी आयोजन तथा लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ जैसे कार्यों को सांस्कृतिक पुनर्जागरण की कड़ी बताया। उन्होंने वाराणसी के संगीत और लखनऊ की पाक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने, सारनाथ से जुड़े बौद्ध स्थलों को वैश्विक पहचान मिलने तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने को भी प्रदेश की महान विभूतियों के योगदान के राष्ट्रीय सम्मान के रूप में रेखांकित किया।

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