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कलम का एक और सिपाही मौन, दो वर्ष की पीड़ा के बाद थम गई पत्रकार सैय्यद मुशीर की सांसें

September 18, 2026

कलम का एक और सिपाही मौन, दो वर्ष की पीड़ा के बाद थम गई पत्रकार सैय्यद मुशीर की सांसें

समय की मार से टूटा परिवार, नई बस्ती में पसरा शोक

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर-खीरी। समय बड़ा निर्मम और बलशाली होता है। हंसता-खेलता परिवार कब शोक में डूब जाए कोई नहीं जानता। कुछ ऐसा ही हृदयविदारक दृश्य मोहल्ला नई बस्ती में देखने को मिला, जहां लेखनी के सिपाही, खबर प्रवाह के जिला संवाददाता सैय्यद मुशीर अंततः जीवन की लड़ाई हार गए। दो वर्ष तक बिस्तर पर तड़पने के बाद आज प्रातः 11 बजकर 45 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना से सम्पूर्ण जनपद के पत्रकार जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया जाता है कि सैय्यद मुशीर ने वर्ष 2020 में पत्रकारिता के क्षेत्र में संवाददाता के रूप में प्रवेश किया था। अपनी परिश्रम और निष्ठा से उन्होंने शीघ्र ही जनपद में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और खबर प्रवाह के जिला संवाददाता बन गए। उन्होंने अपनी पत्नी शीरी जैदी को भी पत्रकारिता के क्षेत्र में उतारा, जो आज सुनहरा संसार और खबर प्रवाह का दायित्व संभाल रही हैं। किंतु नियति को कुछ और ही स्वीकार था।

दो वर्ष पूर्व एक भीषण दुर्घटना ने उनका सम्पूर्ण जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कमर और पैरों में ऐसी गंभीर चोट आई कि वह पुनः अपने पैरों पर खड़े न हो सके। तब से वह चारपाई पर पड़े जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहे थे। उपचार में जो संचित पूंजी थी सब समाप्त हो गई, यहां तक कि घर की सामग्री तक बेचनी पड़ी। अब न औषधि के लिए धन शेष है और न घर चलाने का कोई साधन, ऊपर से निर्धनता का पहाड़।

इस टूटे हुए परिवार का सम्पूर्ण भार उनकी पत्नी पत्रकार शीरी जैदी के कोमल कंधों पर आ गया। घर में एक अबोध बालक, सामने बिस्तर पर तड़पता पति और ऊपर से जीविका की चिंता। शीरी जैदी किस वेदना और यातना में अपने जीवन के दिन व्यतीत कर रही हैं, इसका अनुमान लगाना भी कठिन है। एक ओर पति की विवशता और दूसरी ओर बच्चे का पालन-पोषण, प्रत्येक दिन उनके लिए एक नई परीक्षा बन गया था।

इस शोकग्रस्त परिवार की स्थिति की सूचना पाकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रेहान खान उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने मुशीर की गंभीर स्थिति देखी और उनकी पत्नी शीरी जैदी को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि इस प्रकरण को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाया जाएगा और आगे भी हर संभव सहायता दिलाई जाएगी।

आज वह मौन हो गया जो दूसरों की आवाज बनता था। अश्रुपूरित नेत्रों से पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगर के प्रबुद्धजनों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। उनका जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

विवाद के बाद युवक ने प्रेमिका के भाई को मारी गोली, फिर खुद भी की खुदकुशी

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी:पड़ुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दुलही में शुक्रवार सुबह एक हिंसक घटना सामने आई है।विवाद के चलते एक व्यक्ति ने कथित तौर पर युवती के घर में घुसकर उसके भाई को गोली मार दी और बाद में खुद को भी गोली मारकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।घटना के बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरोपी इदरीश खान (40 वर्ष) का पड़ोसी परिवार के साथ विवाद चल रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे, इदरीश ने कथित तौर पर अवैध हथियार के साथ गांव में तनाव का माहौल बनाया और युवती के घर में प्रवेश किया। वहां उसने आंगन में लेटे युवती के भाई अखिलेश पर फायरिंग कर दी। इसके बाद आरोपी ने स्वयं को भी गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही सीओ निघासन शिवम कुमार और एसओ थाना पडुवा मोहित पुण्डीर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रमियाबेहड़ पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने इदरीश खान को मृत घोषित कर दिया।वहीं गंभीर रूप से घायल अखिलेश जो नगर पंचायत सफाई कर्मी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।मामला दो अलग-अलग पक्षों से जुड़ा होने के कारण ऐहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस घटना के पीछे तात्कालिक विवाद था या दोनों परिवारों के बीच कोई पुरानी रंजिश भी शामिल थी।
ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार, इदरीश खान का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है,इदरीश पर लगभग 20 वर्ष पूर्व दो ग्रामीणों पर जानलेवा हमला करने का आरोप था, जिसमें उसे न्यायालय द्वारा सात वर्ष की सजा सुनाई गई थी।बताया जा रहा है कि आरोपी की आदतों के कारण उसके परिवार के अन्य सदस्य उससे अलग रहते थे और हाल ही में उसका अपनी पत्नी से भी विवाद हुआ था।पुलिस द्वारा घटनास्थल की गहन जांच की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मुस्तैद है। मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

एटा में जमीन विवाद में युवक को पीट-पीटकर किया अधमरा, पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़कर भेजा जेल

एटा 18 सितंबर उप्रससे। जनपद में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में तीन आरोपी मुकेश पुत्र ब्रजबासी, हीरालाल पुत्र तेज सिंह और योगेश पुत्र खेमकरण उर्फ झंडू को गिरफ्तार किया है। इन सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

दरअसल, 30 अगस्त को कमलेंद्र पुत्र महाराज सिंह ने कोतवाली देहात में लिखित शिकायत दी थी कि वह और उसके परिजन घर पर बैठे थे, तभी आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया था. इस मारपीट की घटना में दोनों पक्षों के 8 लोग घायल हुए थे।
इस मारपीट में श्यामपाल (36) की मौत हो गई थी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को ककेहरा बाईपास पुल के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी. तभी से आरोपी फरार चल रहे थे। अब पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कानून-व्यवस्था को लेकर धौरहरा इंस्पेक्टर लाइन हाजिर

अवनीश सिंह को कमान बृजेश मिश्रा बने थाना खीरी के नए प्रभारी

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर-खीरी: जनपद खीरी में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अनुशासन के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने शुक्रवार को पुलिस निरीक्षकों के तबादले की बड़ी कार्रवाई की है। मीडिया सेल द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, दो प्रमुख थानों में नए प्रभारियों की तैनाती की गई है।थाना धौरहरा क्षेत्र के ग्राम सिसैया खुर्द में बीती 14 सितंबर को हुई गंभीर घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए धौरहरा के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन्स स्थानांतरित (लाइन हाजिर) कर दिया गया है।इस घटना के संबंध में पुलिस ने मु0अ0सं0 433/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 352, 351(2) और 333 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है, जिसमें आगे की कानूनी और विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।
अवनीश सिंह को धौरहरा और बृजेश मिश्रा को थाना खीरी की कमान
धौरहरा में कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए निरीक्षक अवनीश कुमार सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्री सिंह इससे पहले प्रभारी निरीक्षक थाना खीरी के पद पर तैनात थे, जिन्हें अब प्रभारी निरीक्षक थाना धौरहरा बनाया गया है।वहीं, थाना कोतवाली सदर में अपराध निरीक्षक के पद पर तैनात निरीक्षक बृजेश कुमार मिश्रा की कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें प्रभारी निरीक्षक थाना खीरी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस प्रशासन में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आगे भी ऐसी कार्रवाई की जा सकती है।

यूजीसी के विरोध में सड़क पर उतरे हजारों युवा, ट्रैक्टर मार्च रोकने पर पुलिस से भिड़ंत

आगरा। यूजीसी की नई व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को आगरा में विरोध-प्रदर्शन का माहौल रहा। एत्मादपुर क्षेत्र के संवई गांव में प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च को लेकर सुबह से ही पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। गांव से करीब 200 मीटर आगे बढ़े करीब एक हजार युवाओं को पुलिस और पीएसी ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

कलेक्ट्रेट जाने की जिद पर अड़े प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच पहले नोकझोंक हुई और देखते ही देखते धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गांव की तरफ खदेड़ दिया। दोपहर तक मौके पर दोनों पक्ष आमने-सामने डटे रहे।

दरअसल, सिस्टम सुधर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशुमान ठाकुर के नेतृत्व में संवई से आगरा कलेक्ट्रेट तक ट्रैक्टर मार्च का ऐलान किया गया था। आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन भानु समेत क्षत्रिय समाज के कुछ पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों का समर्थन मिला था। हालांकि गुरुवार को कई समर्थकों ने युवाओं के भविष्य और पूर्व आंदोलनों में दर्ज मुकदमों का हवाला देते हुए आंदोलन से अपना समर्थन वापस लेने और युवाओं से इसमें शामिल नहीं होने की अपील की थी। भारतीय किसान यूनियन भानु ने भी कार्यक्रम स्थगित करने की घोषणा की थी।

इसके बावजूद अंशुमान ठाकुर ने देर रात आंदोलन जारी रखने और ट्रैक्टर मार्च निकालने की बात कही। इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए रात से ही तैयारी शुरू कर दी। पुलिस टीमों ने गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद किया। बुजुर्गों और युवाओं से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की गई। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे से ही पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई थी।

शुक्रवार सुबह संवई गांव से बड़ी संख्या में युवा ट्रैक्टरों के साथ आगरा की ओर निकल पड़े। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर वे करीब 200 मीटर ही आगे बढ़ पाए थे कि पहले से तैनात पुलिस और PAC ने बैरियर लगाकर रास्ता रोक दिया। रास्ते में बैरिकेडिंग के साथ क्रेन भी लगाई गई थी, ताकि ट्रैक्टर आगे न बढ़ सकें। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट जाने की मांग की। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। कुछ देर बाद स्थिति धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। फोर्स के सक्रिय होते ही पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को पीछे की ओर खदेड़ दिया। काफी दूर तक पीछा करने के बाद पुलिसकर्मी वापस बैरियर पर लौट आए। इसके बाद प्रदर्शनकारी भी दोबारा एकजुट होने लगे। सड़क किनारे बड़ी संख्या में ट्रैक्टर खड़े रहे और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए रही।

—-एत्मादपुर से कलेक्ट्रेट तक बैरिकेडिंग

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने आगरा की ओर आने वाले कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी। आंवलखेड़ा और बरहन की तरफ से आने वाले रास्तों को भी रोका गया। एत्मादपुर, कुबेरपुर और रामबाग समेत प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया। संवेदनशील स्थानों पर पीएसी की भी तैनाती रही। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन से भी निगरानी की गई। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति का जायजा लेती रहीं। डीसीपी बेस्ट आदित्य कुमार भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। पुलिस की ओर से एहतियात के तौर पर कुछ किसान नेताओं को घरों में ही नजरबंद किए जाने की बात सामने आई। अधिकारियों का जोर इस बात पर रहा कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

ट्रैक्टर मार्च से एक दिन पहले गुरुवार को फतेहाबाद रोड पर क्षत्रिय समाज और युवाओं के भविष्य को लेकर बैठक भी हुई थी। इसमें वक्ताओं ने पूर्व के आंदोलनों में युवाओं पर दर्ज मुकदमों का हवाला देते हुए नए आंदोलन में शामिल होने से पहले उसके परिणामों और नेतृत्व की जवाबदेही पर विचार करने की अपील की। क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गौरी शंकर सिकरवार ने कहा कि समाज और नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित रखना जरूरी है।

इधर, आगरा के कालिंदी विहार क्षेत्र में भी शुक्रवार सुबह UGC की नई व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन हुआ। CNG पंप के पीछे करीब 10:30 बजे करणी सेना के प्रदेश महामंत्री दिनेश जादौन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए।

करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान सड़क पर जाम की स्थिति बन गई और वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।

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