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केन्द्र और राज्य कर्मी पुरानी पेंशन बहाली के लिए एकमत

January 11, 2026

केन्द्र और राज्य कर्मी पुरानी पेंशन बहाली के लिए एकमत

 राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का खिचड़ी भोज

लखनऊ 11 जनवरी 26। पूर्व वर्षानुसार इस वर्ष भी डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन प्रागण में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा नववर्ष एवं खिचड़ी भोज का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. अमरनाथ यादव और मुख्य अतिथि शिवगोपाल मिश्रा, विशिष्ठ अतिथि इं. हरि किशोर  तिवारी द्वारा की गई। कार्यक्रम में केन्द्र एवं राज्य कर्मचारी संगठनों के सैकड़ों पदाधिकारियों ने भागीदारी दर्ज कराते हुए अपने विचार साझा किये। कार्यक्रम के संयांेजक कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी ने सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए सभी संगठनों को एकजुट होकर आन्दोलन के प्रति अपनी प्रतिबंधता जताई। उन्होंने बताया कि नार्दन मेन्स यूनियन के महासचिव कामरेड़ शिवगोपाल मिश्रा चूकि ऑठवे वेतन आयेाग एवं पुरानी पेंशन की उच्च स्तरीय केन्द्र सरकार द्वारा बनाई गई कमेटियों में पक्ष रखकर निर्णय कराते हेै। इस अवसर पर सभी ने एकजुट होकर पुरानी पेशन बहाली पर एकमत विचार प्रस्तुत करते हुए पुरानी पेंशन बहाली पर जोर दिया।
खिचडी भोज में उपस्थिति विभिन्न केन्द्र एवं राज्य कार्मिक संगठनों के नेताओं को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि नार्दन मेन्स यूनियन के महासचिव कामरेड़ शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि आठवा वेतन आयोग को लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, कुछ अधिकारी नही चाहते थे कि इसे लाया जाए। इसकी शुरूआत पिछले वर्ष इसी खिचडी भोज में तय की गई थी। उसी के अनुरूप पत्राचार और आन्दोलनों की तैयारी से केन्द्र सरकार को अवगत कराते हुए वार्ता क्र्रम जारी हुआ और उसके परिणाम स्वरूप वेतन आयोग आया। अब कम से कम 9वें और 10वे वेतन आयेाग का रास्ता साफ हो गया है। इस प्रकार पिछले 12 वर्षों तक पुरानी पेंशन बहाली पर विशेष कर आप लोगों ने लखनऊ से दिल्ली साइकिल यात्रा से लेकर कई बार लाखों की संख्या में रैली, धरना प्रदर्शन, मशाल जुलूस आदि के माध्यम से विरोध प्रदर्शन ध्यानाकर्षण तथा फिर 2023 में हमारे केन्द्रीय कर्मचारियों के साथ इसी प्रकार के कई और बड़े आन्दोलन तथा दिल्ली के रामलीला मैदान को भरकर लाखों की संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई जिसके परिणाम स्वरूप पुरानी पेंशन के लिए कमेटी बनाकर वार्ता शुरू हुई। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ तथ्यों के आधार पर यूपीएस मोडल जिसमें पुरनी पेंशन की भॉति अन्तिम वेतन का 50 प्रतिशत थिा उस पर महंगाई भत्ता देय होगा। इसी प्रकार पारिवारिक पेंशन व्यवस्था भी पूर्व से अच्छी हुई है। कुछ कमियॉ दिख रही है उस पर कार्य करने की आवश्यकता हैै। इस अवसर पर इं. हरिकिशोर तिवारी अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कहा कि हमें हमारे हक अपने आप समय से नही मिलते उन्हें एकजुटतापूर्ण आन्देालन  से ही प्राप्त किया जा सकता है। कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी ने कहा कि चुनावी वर्षों में आन्दोलन के दबाव में कुछ कर्मचारी हितों को हासिल किया जा सकता है। प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पाण्डेय ने कहा कि कार्मिकों को जो पूर्वजों से मिला हुआ है उसे बचाने के लिए आन्दोलन करना पड़ रहा है। कार्यक्रम को आयकर के रविन्द्र सिंह, एआईआरएफ के का. एस.यू. शाह, विभूति मिश्रा, इं. शिवशंकर मिश्रा, कामरेड आर.के पाण्डेय रेलवे, राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पाण्डेय,इं. एस.पी. मिश्रा, इं. श्रीप्रकाश गुप्ता, अशोक तिवारी, इं.क्षमा नाथ दुबे, पी.के. शर्मा,सुशील कुमार त्रिपाठी, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अतिरिक्त महामंत्री डा. नरेश, यदुवीर सिंह यादव, विजय कुमार त्रिपाठी, संतोष तिवारी, एस.सी. दीक्षित, इं. एच.एन. मिश्रा, चालक संघ के सुभााष मिश्रा,अखिल भारतीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के महासचिव सुरेश सिंह यादव, इं. राजेश वर्मा, इं. दिवाकर राय, इं. सुशील परिहार ,फहीम अख्तर कृषि विभाग,इं. श्रवण कुमार, सुशील कुमार बच्चा, लोनिवि आउटसोर्सिंग चालक संघ के अनिल सिंह और राहुल सिंह  सहित कई वरिष्ठ कर्मचारी नेताओं ने अपने विचार रखें।

January 8, 2026

सोनभद्र से सपा विधायक का पीजीआई में निधन

लखनऊ, 08 जनवरी 2026, सोनभद्र के दुद्धी से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह गोंड का आज यहीं एसजीपीजीआई में निधन हो गया। उनके निधन पर विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शोक व्यक्त किया है।

विधायक श्री गोंड काफी समय से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे। एसजीपीजीआई में उनका इलाज चल रहा था।

एनडीए के गरीब कल्याण के संकल्प से बदली गांव की तस्वीर: पंकज

लखनऊ 08 जनवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुरुवार को वाराणसी में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने पिछले 11 वर्षों में ग्रामीण भारत की दशा और दिशा दोनों को ऐतिहासिक रूप से बदला है। सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था और गरीब-कल्याण के संकल्प का ही परिणाम है कि देश में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जो देश की एक बड़ी उपलब्धि है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही, गरीब, वंचित, जनजाति और पिछड़े वर्ग के श्रमिकों को सम्मानजनक आजीविका और गरिमा प्रदान करना है। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का एक नया ढांचा तैयार किया गया है, जो महात्मा गांधी जी की भावना से प्रेरित है और राम राज्य की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
श्री चौधरी ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आखिर विकसित भारत और भगवान श्रीराम के नाम से इन्हें इतनी नफरत क्यों है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस चाहे कितनी भी साजिशें रच ले, देश 2047 तक विकसित भारत बनकर रहेगा और इस लक्ष्य को कोई रोक नहीं सकता।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था के अंतर्गत हर ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। वन क्षेत्रों में कार्य करने वाले अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों को अतिरिक्त 25 दिन का रोजगार मिलेगा। काम के दिन बढ़ने के साथ-साथ मजदूरी का भुगतान भी अधिक तेज़ी से होगा और साप्ताहिक भुगतान का प्रावधान किया गया है, जबकि मनरेगा में मजदूरी 15 दिन में मिलती थी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा पर सबसे अधिक खर्च मोदी सरकार ने किया है। अब तक इस योजना पर कुल 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें से 8.53 लाख करोड़ रुपये केवल मोदी सरकार के कार्यकाल में दिए गए हैं। यह आंकड़े कांग्रेस के झूठे दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं।
श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2005 में मनरेगा की शुरुआत हुई थी, लेकिन अब ग्रामीण भारत की स्थिति और आवश्यकताएं पूरी तरह बदल चुकी हैं। 2011-12 में जहां ग्रामीण गरीबी 25.7 प्रतिशत थी, वहीं 2023-24 में यह घटकर 4.86 प्रतिशत रह गई है। आज कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, आजीविका के नए साधन विकसित हुए हैं, इसलिए पुराने ओपन-एंडेड मॉडल को 2025 की जरूरतों के अनुसार पुनर्गठित करना आवश्यक हो गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि यूपीए सरकार के समय मनरेगा में पारदर्शिता का अभाव था, जबकि नई व्यवस्था में रियल टाइम डेटा अपलोड, जीपीएस और मोबाइल मॉनिटरिंग तथा एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन की व्यवस्था की गई है। इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और सही लाभार्थियों को समय पर काम और भुगतान मिल सकेगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि नए कानून का फोकस चार प्राथमिकताओं पर आधारित है-जल संबंधी कार्य, कोर ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण, आजीविका से जुड़ी संपत्तियों का विकास और खराब मौसम के कारण रोजगार में होने वाली कमी को कम करना। इससे जल सुरक्षा, खेती, सड़क, बाजार, भंडारण और जलवायु अनुकूल विकास को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी बिल में यह भी प्रावधान है कि बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन तक कार्य स्थगित रहेगा, ताकि कृषि कार्यों में मजदूरों की कमी न हो। मनरेगा में इस तरह का कोई प्रावधान पहले नहीं था।
कांग्रेस के नामकरण प्रेम पर हमला बोलते हुए श्री पंकज चौधरी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने देश के लगभग 600 संस्थानों, योजनाओं और पुरस्कारों का नाम नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर रखा, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कभी अपने या किसी के नाम पर योजना नहीं रखी। मोदी सरकार में नाम नहीं, काम बोलता है। राजपथ को कर्तव्य पथ और रेस कोर्स रोड को लोक कल्याण मार्ग बनाना इसी सेवा भाव का उदाहरण है।
अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वीबी-जी राम जी मजदूरों, किसानों और गांवों के समग्र विकास का मंत्र है और कांग्रेस के भ्रष्टाचार के अंत का माध्यम है। कांग्रेस का विरोध आम जन के हित में नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए है

January 7, 2026

मनरेगा को खत्म करने की साजिशः अखिलेश यादव

लखनऊ, 07 जनवरी 2026, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा मनरेगा को खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से क्या होगा, दरअसल ये मनरेगा को धीरे धीरे खत्म करने की भाजपा की गोपनीय साजिश है।

एक्स पर किये गए पोस्ट में श्री यादव ने कहा कि एक तरफ मनरेगा का बजट कम से कमतर करती जा रही है, तो दूसरी तरफ राज्यों पर पैसा खर्च का इतना दवाब बना दिया गया है कि जीएसटी सिस्टम में केन्द्र से पैसा न मिलने के कारण पहले से ही खाली खजाने से जूझ रहे राज्य, अतिरिक्त बजट की व्यवस्था कहां से कर पाएंगे। तीसरी तरफ सैकड़ों ग्राम सभाओं को अर्बन कैटेगरी मं डालकर उनका बजट भी भाजपा सरकार ने मार दिया है। सही मायने में मनरेगा का नाम बदलना ही नहीं बल्कि उसका राम राम करना ही भाजपा का लक्ष्य है।

January 6, 2026

SIR एसआईआरः यूपी में हटे 2.89 करोड़ मतदाता, पहली ड्राफ्ट सूची जारी

लखनऊ,06 जनवरी, 2026, उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में से एसआईआर प्रक्रिया में 2 करोड़  89 लाख मतदाताओं के नाम हटे हैं। अब सूची में 12 करोड़ 55 लाख मतदाता हैं। इसके पहले मतदाताओं की संख्या 15 करोड़ 30 हजार 92 थी। यह जानकारी आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा CEO UP NAVDEEP RINVA IAS ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने इसके साथ ही पहली ड्राफ्ट सूची भी जारी कर दी।

श्री रिणवा ने बताया विशेष  गहन पुनरीक्षण के दौरान 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाये गए हैं। छह फरवरी तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगीं। जबकि अंतिम मतदाता सूची छङ मार्च को जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण के बाद 18 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कट गए हैं। उन्होंने कहा कि जनके नाम पहली ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं वे 6 फरवरी तक फार्म 6 भरकर जमा कर सकते हैं। ताकि उनका नाम जोड दिया जाए। अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तिथि 6 मार्च है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी रिणवा ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को प्रक्रिया शुरु हुई थी। पहला चरण 4 नवम्बर से शुरु हुआ, उस वक्त प्रदेश में 15 करोड़ 30 हजार 92 मतदाता थे। उन्होंने बताया कि मतदाता निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/download-eroll  https://voters.eci.gov.in/download-eroll पर अपने नाम देख सकते हैं।

उन्होंने बताया कि जो नाम कटे हैं उनमें मृतक वोटरों की संख्या 46.23 लाख है, स्थानान्तरित वोटर की संख्या 2.17 करोड़ है। वहीं जो एक से ज्यादा स्थान पर नाम पाये गए उनकी संख्या 25.47 लाख है। जिनका नाम इस ड्राफ्ट में नहीं आया है उनकी कुल संख्या 2.89 करोड़ है।

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