Web News

www.upwebnews.com

नया डाटा मैनेजमेंट पोर्टल अब दूर करेगा आयुष्मान कार्ड की खामियां- सीएमओ

August 26, 2026

नया डाटा मैनेजमेंट पोर्टल अब दूर करेगा आयुष्मान कार्ड की खामियां- सीएमओ

आयुष्मान कार्ड की त्रुटियां सुधारना हुआ आसान: नया डेटा मैनेजमेंट पोर्टल शुरू, सीएचसी व जिला अस्पताल में होगा संशोधन

उ प्र समाचार सेवा
​लखीमपुर खीरी। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए अच्छी खबर है। यदि आपके आयुष्मान कार्ड में पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता या मोबाइल नंबर जैसी कोई तकनीकी विसंगति दर्ज हो गई है, तो उसे अब आसानी से सुधारा जा सकेगा। सरकार ने ऐसे मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए नया डेटा मैनेजमेंट पोर्टल शुरू किया है, जिससे कार्डधारक के स्वयं के नाम को छोड़कर बाकी सभी त्रुटियों को दुरुस्त कराया जा सकता है।

​मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि आयुष्मान कार्ड जारी करने के लिए पोर्टल पर दर्ज डेटा और आधार व राशन कार्ड के विवरण में 80 फीसदी तक समानता होना जरूरी होता है। कई बार नाम की स्पेलिंग, पिता के नाम या उम्र में मामूली अंतर होने के कारण सिस्टम कार्ड जेनरेट नहीं कर पाता था और पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित रह जाते थे। इस नए पोर्टल की मदद से अब इन विसंगतियों को ठीक किया जाएगा, जिससे छूटे हुए पात्र लाभार्थियों के कार्ड भी तुरंत बन सकेंगे।
​संशोधन की सुविधा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय पर यह सुविधा मिल सकेगी।

*​आधार व राशन कार्ड लेकर पहुंचें केंद्र*

सीएमओ ने बताया कि लाभार्थी अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर लेकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जा सकते हैं। वहां तैनात ऑपरेटर पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड कर संशोधन की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

*​इन विवरणों में करा सकते हैं बदलाव*

​जन्मतिथि एवं आयु
​जेंडर (महिला/पुरुष)
​पिता अथवा पति का नाम
​मोबाइल नंबर एवं आवासीय पता

August 25, 2026

मूसाराम इंटरप्राइजेज पर नई इलेक्ट्रिक कार बीई 6 स्पोर्टक लॉन्च,आधुनिक फीचर्स से है लैस


उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी।पर्यावरण अनुकूल और हाई-टेक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच स्थानीय मूसाराम इंटरप्राइजेज लिमिटेड के शोरूम पर महिंद्रा की नई इलेक्ट्रिक कार बीई 6 स्पोर्टक का भव्य अनावरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. एन.के. वर्मा रहे, जिन्होंने रिबन काटकर कार को जनता के सामने पेश किया।
शोरूम के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश अग्रवाल ने कार की खूबियों पर रोशनी डालते हुए बताया कि बीई 6 स्पोर्टक सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि पहियों पर चलता-फिरता एक गैजेट है। इस कार में कई ऐसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं जो इसे बाजार में मौजूद अन्य कारों से बिल्कुल अलग और खास बनाते हैं।कार की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं गूगल जेमिनी एआई,कार में एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वॉयस असिस्टेंस दिया गया है।ड्रिफ्ट मोड,रोमांचक ड्राइविंग का अनुभव चाहने वालों के लिए विशेष मोड।आपातकालीन स्थिति के लिए बेहतरीन सुरक्षा फीचर।इन-कार गेमिंग सुइट,सफर के दौरान मनोरंजन के लिए कार के अंदर ही गेमिंग की सुविधा।प्राइवेट ऑडियो,हर पैसेंजर के लिए व्यक्तिगत और शानदार साउंड का अनुभव।गाड़ी चलाते या सफर करते समय गाने के शौकीनों के लिए इन-बिल्ट करा ओके सिस्टम।ग्राहकों में दिखा भारी उत्साह,लॉन्चिंग के दौरान कार के लुक और इसके कटिंग-एज फीचर्स को देखने के लिए शोरूम पर भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। मुख्य अतिथि डॉ. एन.के. वर्मा ने इस शुरुआत की सराहना करते हुए कहा कि लखीमपुर जैसे शहर में इस स्तर की आधुनिक इलेक्ट्रिक गाड़ी का आना पर्यावरण और तकनीक दोनों के लिहाज से एक बड़ा कदम है। एमडी दिनेश अग्रवाल ने बताया कि कार की बुकिंग और टेस्ट ड्राइव शोरूम पर शुरू हो चुकी है।

जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी, फोन चलाने में व्यस्त कर्मचारी,गार्ड बना रहे मरीजों के पर्चे

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी।जिला अस्पताल मोतीपुर ओयल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से रामभरोसे चल रही हैं। अस्पताल के पर्चा काउंटर पर तैनात स्टाफ और वार्ड बॉयज की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि वे मरीजों की सेवा करने के बजाय मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त रहते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि कर्मचारियों की लापरवाही के कारण काउंटर पर सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड मरीजों के पर्चे बनाने को मजबूर हैं।

नियमों की उड़ रही धज्जियां,दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों की अनदेखी

सरकार और अस्पताल प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पर्चा काउंटर पर पत्रकारों,दिव्यांगों,स्टॉफ कर्मचारी और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए अलग से व्यवस्था के दावे भी किए जाते हैं। लेकिन धरातल पर इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।काउंटर पर तैनात स्टाफ मरीजों और तीमारदारों के साथ अभद्र व्यवहार करने से भी बाज नहीं आ रहा है।
ताजा मामला अस्पताल के काउंटर नंबर एक का है, जहां पर्चा बनवाने पहुंचे एक पत्रकार ने अपना टोकन नंबर बताया।इस पर वहां बैठे स्टाफ ने उनसे परिचय पूछा। पत्रकार द्वारा अपनी पहचान बताने के बाद भी स्टाफ ने उन्हें प्राथमिकता नहीं दी।हद तो तब हो गई जब वहां मौजूद वार्ड बॉय राजेंद्र मिश्रा (जो पत्रकार को पहले से जानते थे) ने दुर्भावना के तहत सबके सामने बार-बार उनका परिचय मांगा। सरेआम किए गए इस अनुचित और अपमानजनक व्यवहार से पत्रकार को भारी मानसिक ठेस पहुंची है।इस घटना के बाद से स्थानीय मीडियाकर्मियों और नागरिकों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। लोगों ने आरोपी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और अस्पताल की अव्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की है।

August 23, 2026

लखीमपुर मेडिकल कॉलेज मरीज के लिए बना संजीवनी, गले की जटिल गांठ की हुई सफल सर्जरी

बेहतर इलाज की तलाश में लखनऊ पहुंचे मरीज को लखीमपुर में मिला नया जीवन

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने की गले की जटिल गांठ की सफल सर्जरी

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी। बेहतर इलाज की तलाश में राजधानी लखनऊ के अस्पतालों की दौड़ लगा रहे एक गंभीर मरीज को गृह जनपद में ही बड़ी राहत मिल गई। लखीमपुर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक महीने की गहन चिकित्सकीय जांच और सटीक योजना के बाद मरीज के गले में मौजूद बड़ी व जटिल गांठ का सफल ऑपरेशन कर उसे पूरी तरह स्वस्थ कर दिया।

बताते चलें कि गले में तेज दर्द और बड़ी गांठ की समस्या से जूझ रहा मरीज लखनऊ के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुका था। थक-हारकर जब वह लखीमपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचा, तो ईएनटी (नाक, कान एवं गला) विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनोज शर्मा ने प्राथमिक परीक्षण के बाद मामले की गंभीरता को समझा। करीब एक माह तक मरीज के सभी जरूरी टेस्ट और विस्तृत मेडिकल इवैल्यूएशन करने के बाद सर्जरी की योजना बनाई गई।
गांठ का आकार बड़ा होने और संवेदनशील नसों के करीब होने के कारण यह सर्जरी काफी जोखिम भरी थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ जनरल सर्जन डॉ. आर. के. कोली तथा ई एन टी सर्जन डॉ. मनोज शर्मा की संयुक्त टीम ने बेहद सूझबूझ के साथ बिना किसी जटिलता या अत्यधिक रक्तस्राव के गांठ को पूरी तरह बाहर निकाल दिया।

लखीमपुर खीरी मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य जिले के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस सफल सर्जरी के बाद अब लखीमपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन के लिए बड़े शहरों के महंगे अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है।

*बाक्स*

*ई एन टी सर्जन के अनुसार: टीबी की पुष्टि न होने के बाद किया गया ऑपरेशन*

​”मरीज लखनऊ से कुछ पुरानी रिपोर्टों के साथ हमारे पास आया था, एक जाँच मे टी बी की गांठ होने का शक हुआ, जिससे असमंजस की स्थिति बन गयी। ”

सटीक स्थिति जानने के लिए हमने अल्ट्रासाउंड, यूएसजी-गाइडेड FNAC और गांठ के अंदर के पदार्थ की CBNAAT जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट में यह पुष्ट हो गया कि यह टीबी (Tuberculosis) नहीं है।

टीबी की गांठ और सामान्य सिस्ट के इलाज का तरीका पूरी तरह अलग होता है, इसलिए यह जांच आवश्यक थी।
​जांच व लक्षणों के आधार पर यह ‘डर्मॉइड सिस्ट’ लग रही थी, जो थायरॉयड कार्टिलेज से शुरू होकर सीने की हड्डी के अंदर (रेट्रोस्टर्नल) तक फैली हुई थी। इसी आधार पर सुरक्षित सर्जरी कर गाठ को निकाला गया। अंतिम पुष्टि के लिए सैंपल पैथोलॉजिकल जांच हेतु भेजा गया है।”
​— डॉ. मनोज शर्मा
असिस्टेंट प्रोफेसर, ईएनटी विभाग, लखीमपुर मेडिकल कॉलेज

*बाक्स*

*मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. के. कोली* ने जानकारी देते हुए कहा कि यह ट्यूमर थायरॉयड कॉर्टिलेज के साथ-साथ श्वास नली से भी चिपका हुआ था, जिसे काफी जटिलता और सावधानी के साथ निकाला गया। इस दौरान श्वास नली तथा मस्तिष्क को जाने वाली महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित रूप से प्रिजर्व किया गया। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, संबद्ध जिला चिकित्सालय, इस प्रकार के जटिल मरीजों को उन्नत जांच एवं बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर है।

डॉ आर के कोली,वरिष्ठ जनरल सर्जन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय लखीमपुर खीरी

August 22, 2026

लखीमपुर खीरी में जंगली जानवर का आतंक, घास काटने गए व्यक्ति पर हमला, हालत गंभीर

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)
लखीमपुर खीरी:पसगवां थाना क्षेत्र की बरवर चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम ककराही में जंगली जानवर के हमले से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है।मिली जानकारी के अनुसार, ककराही निवासी शिवकरन अपने पुत्र केपी कुमार के साथ राजेश वर्मा के खेत में घास काटने गए थे। औरंगाबाद खीरी मार्ग पर स्थित गलरई भट्ठे के पास अचानक एक अज्ञात जंगली जानवर ने केपी कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया। पिता शिवकरन के शोर मचाने पर जानवर वहां से भागा, लेकिन तब तक के पी कुमार बुरी तरह लहूलुहान हो चुका था।घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस को दी गई। घायल केपी कुमार को गंभीर हालत में एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदी भेजा गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से ककराही और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और जंगली जानवर को पकड़ने की मांग की है।घटना लखीमपुर खीरी के पसगवां थाना क्षेत्र की हैं। यहाँ के ग्राम ककराही के रहने वाले शिवकरन अपने पुत्र केपी कुमार के साथ राजेश वर्मा के खेत में घास काटने गए थे। तभी गलरई भट्ठे के पास घात लगाकर बैठे जंगली जानवर ने केपी कुमार को अपना शिकार बना लिया।पिता शिवकरन के चिल्लाने पर पास लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद जानवर जंगल की तरफ भाग निकला। आनन-फानन में घायल को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदी पहुँचाया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल शाहजहांपुर रेफर कर दिया । इस घटना से पूरे इलाके में वन विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी और डर का माहौल है।घटना पर पहुंचे रेंजर निर्भय प्रताप शाही,डी एफ ओ साउथ तापस मिहिर मौके पर पहुँच कर घटना की जानकारी ली और ग्रामीणों से सावधानी बरतने अकेले खेत जाने पर मना किया है और निगनारी के लिए कैमरे लगाए गए है। इस संबंध में जब डीएफओ से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई भी पक्ष देने से मना कर दिया।

« Newer Posts — Older Posts »