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मलबे में दबने से पति-पत्नी और मासूम बेटे की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

September 26, 2026

मलबे में दबने से पति-पत्नी और मासूम बेटे की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी:नीमगांव थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव में शनिवार सुबह तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते एक घर की कच्ची दीवार और छप्पर अचानक भरभराकर ढह गया। इस हादसे में घर के अंदर सो रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मलबे के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनका 10 वर्षीय बेटा शामिल है। मिली जानकारी के अनुसार रहमतपुर गांव के रहने वाले मोहन कश्यप (उम्र करीब करीब 40 वर्ष), अपनी पत्नी कविता और 10 साल के बेटे के साथ घर के अंदर सो रहे थे। रात भर से इलाके में मूसलाधार बारिश हो रही थी, जिसके कारण मिट्टी की कच्ची दीवार पूरी तरह नम होकर कमजोर हो चुकी थी। सुबह करीब साढ़े तीन बजे दीवार अचानक ढह गई और उसके साथ भारी छप्पर भी नीचे आ गिरा। सो रहे परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला और तीनों गहरे मलबे में दब गए।दीवार गिरने की जोरदार आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए अपनी तरफ से बचाव कार्य शुरू किया और मलबे को हटाना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही नीमगांव थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई।ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मलबे के भारी दबाव और दम घुटने के कारण तीनों की सांसें थम चुकी थीं।
एक साथ हंसते-खेलते परिवार के तीन लोगों की इस तरह अचानक हुई मौत से पूरे रहमतपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई और पंचनामा शुरू कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।इस दुखद घटना ने बारिश के मौसम में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में कई कच्चे मकान बेहद संवेदनशील स्थिति में हैं, जिन पर प्रशासन को विशेष ध्यान देने और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सख्त जरूरत है।लोगों की मांग है कि क्षेत्र में कच्चे मकान का सर्वे कराया जाए और उनको पात्रता के अनुसार सरकारी आवास दिलाया जाए जिससे ऐसी दुर्घटना से बचा जा सके वहीं घटना के बाद पहुँचे एसडीएम मितौली सन्तदास पंवार राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँच गई थी।नीमगांव थाना क्षेत्र में दूसरा हादसा गुलौला ग्राम पंचायत के मजरा रमुआपुर में हुआ जहां मिट्टी की दीवार गिरने से बाप बेटा दब गए हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल लेकर के जा रहे थे किन्तु आँधी में गिरे पेड़ के कारण घायल अस्पताल तक पहुँच पाने में भारी संघर्ष किया।

September 25, 2026

लखीमपुर को मिली बड़ी रेल सौगात भुज बरौनी के बीच चलेगी नई अमृत भारत एक्सप्रेस

भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला भुज और बरौनी के बीच दौड़ेगी नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस
उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी :भारतीय रेल यात्रियों की सुविधा और राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। रेल मंत्रालय ने गुजरात के भुज और बिहार के बरौनी के बीच एक नई त्रि-साप्ताहिक (हफ्ते में तीन दिन) अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने की मंजूरी दे दी है। यह नई रेल सेवा गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार को आपस में जोड़ते हुए कुल 2,532 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।सप्ताह में 3 दिन चलेगी यह सेवा (टाइम-टेबल)रेल मंत्रालय द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार यह ट्रेन दोनों दिशाओं से हफ्ते में तीन-तीन दिन चलाई जाएगी,ट्रेन नंबर 19427 (भुज-बरौनी): यह ट्रेन भुज से शाम 17:30 बजे प्रस्थान करेगी और यात्रा पूरी कर अगले दिन सुबह 04:05 बजे बरौनी पहुंचेगी। यह सेवा प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शनिवार को संचालित होगी।ट्रेन नंबर 19428 (बरौनी-भुज) वापसी की दिशा में यह ट्रेन बरौनी से रात 23:55 बजे रवाना होगी और दोपहर 13:15 बजे भुज पहुंचेगी। यह सेवा हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को उपलब्ध होगी।इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव,यह नई ट्रेन देश के पश्चिमी हिस्से से पूर्वी हिस्से के बीच के कई महत्वपूर्ण शहरों और स्टेशनों को आपस में जोड़ेगी। यात्रा के दौरान इस ट्रेन के प्रमुख कमर्शियल स्टॉपेज (ठहराव) इस प्रकार होंगे,गुजरात व राजस्थान सामाख्याली, अहमदाबाद, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी और भरतपुर।उत्तर प्रदेश,मथुरा, हाथरस, बरेली, इज्जतनगर, पीलीभीत, लखीमपुर, गोंडा और गोरखपुर।बिहार,सीवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर।यात्रियों को मिलेगा नया और किफायती विकल्प,रेल मंत्रालय के अनुसार, इस नई ट्रेन सेवा के शुरू होने से देश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को एक अतिरिक्त और किफायती रेल सफर का विकल्प मिलेगा। इससे न केवल गुजरात और बिहार के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मध्यवर्ती स्टेशनों के यात्रियों को भी आवागमन में काफी आसानी होगी। यह ट्रेन खास तौर पर उन प्रवासियों और कामगारों के लिए वरदान साबित होगी जो इन राज्यों के बीच नियमित यात्रा करते हैं।रेलवे ने गुजरात के भुज से बिहार के बरौनी के बीच नई त्रि-साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दी है, 2,532 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली ट्रेन गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ेगी, ट्रेन का ठहराव लखीमपुर में भी होगा, गाड़ी संख्या 19427 भुज से सोमवार, बुधवार और शनिवार को शाम 5:30 बजे चलेगी और बरौनी सुबह 4:05 बजे पहुंचेगी, वापसी में गाड़ी संख्या 19428 बरौनी से मंगलवार, गुरुवार और शनिवार रात 11:55 बजे चलेगी और भुज दोपहर 1:15 बजे पहुंचेगी, मार्ग में अहमदाबाद, रतलाम, कोटा, मथुरा, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर, गोंडा, गोरखपुर, सिवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर सहित प्रमुख स्टेशन शामिल हैं

September 21, 2026

ऐतिहासिक श्री ठाकुरद्वारा पक्का तालाब मंदिर में धूमधाम से मनाया गया श्री राधा अष्टमी उत्सव

उ प्र समाचार सेवा
खीरी टाउन खीरी।उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर के ऐतिहासिक कस्बा खीरी टाउन स्थित श्री ठाकुरद्वारा पक्का तालाब प्रांगण में गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री राधा अष्टमी जी का उत्सव बेहद धूमधाम हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। सन 1568 ईस्वी में शेखर परिवार के पूर्वजों द्वारा स्थापित इस अति पौराणिक, प्राचीनतम और सिद्ध प्राप्त तीर्थ स्थल पर श्री राघवेंद्र सरकार एवं श्री गोपेश्वर महादेव सरकार का दरबार पूरी तरह से मथुरा, वृंदावन और बरसाने के रंग में सराबोर नजर आया।यह भव्य आयोजन मंदिर कमेटी के संरक्षक रामगोपाल शेखर, अध्यक्ष एडवोकेट रजत शेखर, मार्गदर्शक मंडल के विष्णु गोपाल शेखर, शत्रुघ्न शेखर, राम जी शेखर, राजकुमार शेखर, शंभू नाथ शेखर, चेतन शेखर, उपाध्यक्ष बाल गोविंद शेखर, राम जी शेखर, अरविंद शेखर, लोकेश शेखर, धीरज शेखर, रमन शेखर, गौरव शेखर, महामंत्री श्याम जी शेखर, संयुक्त मंत्री रोहित शेखर, कुशाग्र शेखर, कोषाध्यक्ष श्रीमती सरिता शेखर, सांस्कृतिक मंत्री शुभम शेखर, हर्षित शेखर, प्रज्वल शेखर एवं मीडिया प्रभारी युवराज शेखर के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

सोनू म्यूजिकल ग्रुप की प्रस्तुतियां और आकर्षक झूला रहा आकर्षण का केंद्र

उत्सव के दौरान सोनू म्यूजिकल ग्रुप द्वारा भक्ति गीतों की अति सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। श्रीमती अंजना शेखर द्वारा ठाकुर जी एवं राधा रानी जी के लिए तैयार किया गया बेहद आकर्षक झूला इस पवित्र प्रांगण में बरसाने की छटा बिखेर रहा था। पूरे मंदिर प्रांगण और आसपास के परिसर को बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया गया था। इस दौरान बाल स्वरूप में सजे नन्हे-मुन्ने श्रीकृष्ण और श्री राधा रानी के स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।
कमेटी के सदस्य रतन एवं तन्मय ने बताया कि शुभम शेखर के अति कुशल निर्देशन में अनुराग, श्रीमती शिवांगी अवस्थी, श्रेष्ठ त्रिवेदी एवं उनकी टीम द्वारा भगवान गोपेश्वर महादेव का अलौकिक शृंगार किया गया। दिन के ठीक 12:00 बजे शंख, घड़ियालों की गूंज, अद्वितीय आतिशबाजी और फूलों की वर्षा के बीच मंदिर के पुजारी कुबेरनाथ तिवारी द्वारा प्रभु की महाआरती उतारी गई और मुख्य उत्सव संपन्न हुआ।महिला मंडल ने संभाली कमान, बनाया मनमोहक सेल्फी पॉइंटशेखर परिवार की महिला मंडल की संरक्षिका श्रीमती कमलेश शेखर जी के कुशल नेतृत्व में अंजना, खुशबू, दिव्या, दर्शी, आकांक्षा शेखर एवं उनकी टीम द्वारा प्रसाद की सुंदर व्यवस्था की गई। वहीं, श्रीमती रिचा शेखर एवं बेटी भूमि शेखर द्वारा श्री राधा रानी जी के 108 विभिन्न नामों के साथ बनाई गई अनेक आकृतियां और मनमोहक सेल्फी पॉइंट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। पूरे दरबार में चारों तरफ ‘श्री राधा-राधा’ के जप की गूंज सुनाई दे रही थी।दूर-दराज से उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, पुलिस प्रशासन का रहा सहयोगमंदिर कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट रजत शेखर ने बताया कि सन 1568 ईस्वी में परिवार के पूर्वजों द्वारा स्थापित इस सिद्धि प्राप्त प्रांगण में भक्तों की गहरी आस्था है। यहाँ वर्ष के प्रत्येक माह में प्रभु के श्री चरणों में कोई न कोई आयोजन निरंतर होता रहता है। इस बार भी उत्सव से एक दिन पूर्व ही दूर-दराज से आए भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी, जो देर मध्य रात्रि तक दर्शन करती रही। इस भारी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन का अपार सहयोग मिला।प्रभु के इस पावन दरबार में शहर के वरिष्ठ चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों, अधिकारियों के साथ-साथ अनेकों समाजसेवी संस्थाओं के सदस्यों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देर रात तक लाइन में लगकर दर्शन किए और पुण्य लाभ कमाया।

लखीमपुर खीरी में सनसनीखेज डबल मर्डर

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स्कूल में घुसकर शिक्षिका की हत्या के बाद युवक ने खुद को भी मारी गोली, बच्चों में दहशत

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद से सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शहर के बीचों-बीच सदर कोतवाली इलाके में स्थित चिल्ड्रेन्स एकेडमी शाहपुरा कोठी (निकट बड़ा डाकखाना) में एक सिरफिरे युवक ने क्लासरूम के अंदर बच्चों के सामने महिला शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके तुरंत बाद खुद की कनपटी पर भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस भीषण गोलीकांड में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई है।

क्लासरूम में बच्चों के सामने चलीं ताबड़तोड़ गोलियां

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे स्कूल में रोजमर्रा की तरह शिक्षण कार्य चल रहा था। तभी नौरंगाबाद निवासी साउद अंसारी (28 वर्ष) अवैध हथियार लेकर स्कूल परिसर में दाखिल हुआ। बताया जा रहा है कि वह स्कूल की पहली मंजिल पर स्थित क्लासरूम में गया, जहाँ बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। आरोपी साउद ने वहां मौजूद महिला शिक्षिका निशात फातिमा (26 वर्ष) पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दीं। खून से लथपथ शिक्षिका के जमीन पर गिरते ही आरोपी ने उसी असलहे से खुद की कनपटी पर गोली मार ली।

मासूम बच्चों में फैला खौफ, स्कूल में मची अफरा-तफरी
क्लास रूम के अंदर बच्चों के ठीक सामने हुई इस खूनी वारदात से स्कूल में चीख-पुकार मच गई। मासूम बच्चे बुरी तरह सहम गए और पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। वारदात की खबर फैलते ही अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावकों की भारी भीड़ स्कूल के बाहर जमा हो गई।भारी पुलिस बल के साथ डीएम और एसपी मौके पर मौजूदघटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लाइन से भारी संख्या में पुलिस बल को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। जिलाधिकारी (डीएम) अंजनी कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ख्याति गर्ग समेत तमाम आला अधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जिस जगह यह वारदात हुई है, वह शहर का बेहद व्यस्त इलाका है और पड़ोस में ही पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का कार्यालय भी स्थित है। ऐसे में बीच शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल के अंदर कोई बाहरी अज्ञात युवक हथियार लेकर कैसे घुस गया?उसने आसानी से दूसरी मंजिल के क्लासरूम तक पहुंच कैसे बनाई? इन बातों को लेकर स्कूल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।जांच में जुटी फोरेंसिक और पुलिस की टीमेंपुलिस ने पूरे क्लासरूम और स्कूल परिसर की घेराबंदी (कॉर्डन ऑफ) कर ली है। साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात के पीछे की वजहों का पता लगाने के लिए स्कूल प्रशासन, वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।

September 18, 2026

कलम का एक और सिपाही मौन, दो वर्ष की पीड़ा के बाद थम गई पत्रकार सैय्यद मुशीर की सांसें

समय की मार से टूटा परिवार, नई बस्ती में पसरा शोक

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर-खीरी। समय बड़ा निर्मम और बलशाली होता है। हंसता-खेलता परिवार कब शोक में डूब जाए कोई नहीं जानता। कुछ ऐसा ही हृदयविदारक दृश्य मोहल्ला नई बस्ती में देखने को मिला, जहां लेखनी के सिपाही, खबर प्रवाह के जिला संवाददाता सैय्यद मुशीर अंततः जीवन की लड़ाई हार गए। दो वर्ष तक बिस्तर पर तड़पने के बाद आज प्रातः 11 बजकर 45 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना से सम्पूर्ण जनपद के पत्रकार जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया जाता है कि सैय्यद मुशीर ने वर्ष 2020 में पत्रकारिता के क्षेत्र में संवाददाता के रूप में प्रवेश किया था। अपनी परिश्रम और निष्ठा से उन्होंने शीघ्र ही जनपद में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और खबर प्रवाह के जिला संवाददाता बन गए। उन्होंने अपनी पत्नी शीरी जैदी को भी पत्रकारिता के क्षेत्र में उतारा, जो आज सुनहरा संसार और खबर प्रवाह का दायित्व संभाल रही हैं। किंतु नियति को कुछ और ही स्वीकार था।

दो वर्ष पूर्व एक भीषण दुर्घटना ने उनका सम्पूर्ण जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कमर और पैरों में ऐसी गंभीर चोट आई कि वह पुनः अपने पैरों पर खड़े न हो सके। तब से वह चारपाई पर पड़े जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहे थे। उपचार में जो संचित पूंजी थी सब समाप्त हो गई, यहां तक कि घर की सामग्री तक बेचनी पड़ी। अब न औषधि के लिए धन शेष है और न घर चलाने का कोई साधन, ऊपर से निर्धनता का पहाड़।

इस टूटे हुए परिवार का सम्पूर्ण भार उनकी पत्नी पत्रकार शीरी जैदी के कोमल कंधों पर आ गया। घर में एक अबोध बालक, सामने बिस्तर पर तड़पता पति और ऊपर से जीविका की चिंता। शीरी जैदी किस वेदना और यातना में अपने जीवन के दिन व्यतीत कर रही हैं, इसका अनुमान लगाना भी कठिन है। एक ओर पति की विवशता और दूसरी ओर बच्चे का पालन-पोषण, प्रत्येक दिन उनके लिए एक नई परीक्षा बन गया था।

इस शोकग्रस्त परिवार की स्थिति की सूचना पाकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रेहान खान उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने मुशीर की गंभीर स्थिति देखी और उनकी पत्नी शीरी जैदी को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि इस प्रकरण को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाया जाएगा और आगे भी हर संभव सहायता दिलाई जाएगी।

आज वह मौन हो गया जो दूसरों की आवाज बनता था। अश्रुपूरित नेत्रों से पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगर के प्रबुद्धजनों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। उनका जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

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