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पुलिस ने लुट का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

August 6, 2026

पुलिस ने लुट का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

जंगबहादुरगंज खीरी। जनपद खीरी के थाना उचौलिया पुलिस ने लूट का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को मोबाइल और बाइक सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार बीती दिनांक 30 जुलाई 2026 को पीड़ित विनय सिंह निवासी ग्राम हंसापुर थाना बंडा जनपद शाहजहांपुर ने उचौलिया पुलिस को तहरीर देकर बताया कि बह जनपद शाहजहांपुर के बरेली मोड़ स्थिति ए यू स्मॉल फाइनेंस बैंक के फाइनेंस मैनेजर है,जो अपने बाइक से जनपद हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र के ग्राम सरावर में समूह लोन की किश्त बसूलने गए हुए थे जहां से अपने साथियों के साथ शाहजहांपुर वापस लौटते समय सीतापुर से शाहजहांपुर जाने वाले नेशनल हाईवे-730 पर जियो पेट्रोल पंप के सामने डुडौलिया गांव के पास पीछे से।स्प्लेंडर प्लस बाइक से आ रहे दो अज्ञात बाइक सवार व्यक्तियों ने उन्हें रोका और उनका मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हों गए,घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बी एन एस की धारा 309(4) में मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
दिनांक 5 अगस्त 2026 को उचौलिया पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घटना का खुलासा करते हुए दो अभियुक्त विवेक कुमार पुत्र ध्रुव,अनुज कुमार पुत्र अरविंद निवासी ग्राम अजीजपुर रझौआ थाना रोजा जनपद शाहजहांपुर को गिरफ्तार कर लिया। जिनके पास से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और पीड़ित का वीवो वाई- 400 फाइवजी प्रो मोबाइल फोन बरामद हुआ।बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में बी एन एस की धारा 317(2) जोड़कर दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार करने बाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक शमशुल्लाह मलिक, उपनिरीक्षक शुभम चौधरी,कांस्टेबल अभिराज,कांस्टेबल सचिन गुप्ता,उमेश कुमार,अशोक मिश्रा सम्मिलित रहे।

डग्गामार वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 20 वाहन सीज व 59 का चालान

डग्गामार वाहनों के विरोध में अनुबंधित बस यूनियन की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

परिवहन विभाग के ‘मिशन आरोही’ अभियान के तहत लखीमपुर खीरी में हुई बड़ी कार्रवाई

एआरटीओ शांति भूषण पांडे के नेतृत्व में 20 वाहन सीज और 59 वाहनों के चालान किए गए

लखीमपुर खीरी। जनपद में अवैध टैक्सियों और डग्गामार बसों के बढ़ते संचालन के खिलाफ अनुबंधित बस यूनियन के पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। शासन-प्रशासन को बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज अनुबंधित बस यूनियन के पदाधिकारी पिछले तीन दिनों से लगातार हड़ताल पर हैं यूनियन का साफ तौर पर कहना है कि जिले में डग्गामार वाहन और अवैध टैक्सियां भारी पैमाने पर चलाई जा रही हैं, जिससे अनुबंधित बसों को सवारियां नहीं मिल पा रही हैं और वे भारी घाटे में चल रही हैं।
अनुबंधित बस यूनियन की हड़ताल और लगातार मिल रही शिकायतों के बीच उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है। विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन आरोही’ अभियान के अंतर्गत लखीमपुर खीरी के एआरटीओ शांति भूषण पांडे के नेतृत्व में 5 और 6 अगस्त 2026 को डग्गामार वाहनों के खिलाफ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई इस कार्रवाई के दौरान परिवहन विभाग ने कुल 20 अवैध वाहनों को सीज कर विभिन्न थानों में बंद कराया है, जबकि 59 वाहनों का चालान काटा गया।एआरटीओ शांति भूषण पांडे ने बताया कि कार्रवाई में एलआरपी चौराहा से लखनऊ जा रही 7 डग्गामार बसें, 2 स्लीपर बसें और 11 अन्य अवैध वाहन शामिल हैं जिन्हें सीज किया गया है उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ यह अभियान रुकने वाला नहीं है और डग्गामार वाहनों को सीज करने की यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

राजस्व को लग रहा चूना अनुबंधित बसें चलाना मुश्किल: यूनियन

इधर अनुबंधित बस यूनियन के जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार गुप्ता और संरक्षक प्रेम प्रकाश बाजपेई ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अवैध डग्गामार वाहन लगातार सरकारी राजस्व को भारी चूना लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डग्गामार वाहनों के अवैध संचालन के कारण अनुबंधित बसों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे अब इन बसों को चला पाना बिल्कुल संभव नहीं रह गया है। यूनियन के पदाधिकारियों की मांग है कि जनपद में अवैध वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए, तभी वे अपनी हड़ताल वापस लेंगे।

August 5, 2026

19 जुलाई से लापता युवक का शव अठारहवें दिन कुएं से बरामद किया गया.

मितौली
बीती 19 जुलाई से लापता 20 वर्षीय युवक का शव बुधवार सुबह गांव के पास अठारहवें दिन खेतों में बने एक कुएं में तैरता हुआ मिला। शव मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया और क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
मितौली थाना क्षेत्र की कस्ता चौकी के ग्राम भिखनापुर के रहने वाले प्यारे लाल राठौर का 20 वर्षीय पुत्र गोविंद 19 जुलाई को अचानक घर से गायब हो गया था। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने 21 जुलाई को मितौली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पीड़ित पिता ने लखनऊ और नीमसार तीर्थ तक जाकर फोटो-पोस्टर लगवाने सहित काफी जगहों पर जा-जाकर पता किया,लेकिन गोविंद का कोई सुराग नहीं लगा।बुधवार सुबह गांव के निवासी जिलेदार के खेत में कुएं के पास चप्पलें रखी देख जब उन्होंने अंदर झांका, तो युवक का शव उतराता हुआ दिखाई दिया, जिसकी जानकारी परिजनों को दी।कस्ता चौकी प्रभारी जयकृष्ण तिवारी, दीवान राजेश मिश्रा, सिपाही अंकित हुड्डा व विशाल की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कुएं से बाहर निकलवाया। शव पूरी तरह सड़ा-गला था, जिसकी पहचान गोविंद के रूप में हुई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण को लेकर कॉलेजों में जागरूकता, प्रधानाचार्यों से की गई चर्चा

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए सीएचसी व पीएचसी में निशुल्क लगवाएं एचपीवी टीका

लखीमपुर-खीरी। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संतोष गुप्ता के दिशा-निर्देश मे चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभिन्न इंटर कॉलेजों में पहुंचकर प्रधानाचार्यों से परिचर्चा की। इसी क्रम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटर कॉलेज तथा किसान समाज इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्यों के साथ एचपीवी टीकाकरण को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ अमित बाजपेई व स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। किशोरियों को समय पर एचपीवी का टीका लगवाने से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय प्रबंधन से कहा कि छात्राओं के अभिभावकों को भी एचपीवी टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए। इस दौरान सहमति पत्र भी वितरित किए गए तथा अभिभावकों से अपने बच्चों को टीका लगवाना अथवा नही लगवाने के संबंध में सहमति देने के लिए कहा गया बताया गया कि 14 से 15 वर्ष की उम्र की किशोरियों को यह टीका निःशुल्क लगाया जा रहा है। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित केंद्रों एवं टीकाकरण सत्रों पर व्यवस्था की गई है।
इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरधान के अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेई सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि सभी अभिभावक यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण कर डिजिटल सहमति दे सकते हैं। इंटरनेट की उपलब्धता न होने पर लिखित सहमति ली जाएगी, जिसे बाद में पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। आयु सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड अथवा स्कूल आईडी कार्ड मान्य होंगे। टीकाकरण प्रमाणपत्र भी यू-विन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों से अधिकाधिक बीमा कराने की अपील

लखीमपुर खीरी, दिनांक 5 अगस्त, 2026।

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026-27 के खरीफ एवं रबी मौसम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) को प्रदेश में प्रभावी रूप से संचालित किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। शासनादेश के अनुसार वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक चयनित बीमा कंपनियों के माध्यम से ही वर्ष 2026-27 में भी योजनाओं का संचालन किया जाएगा तथा सभी जनपदों में इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

जिला कृषि अधिकारी, खीरी ने जनपद के समस्त कृषकों से अपील की है कि वे खरीफ 2026 की अधिसूचित फसलों का समय से बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम एवं अन्य अधिसूचित जोखिमों से होने वाली संभावित क्षति के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करें।जनपद हेतु यूनिवर्सल सैमपू लिमिटेड कंपनी अधिकृत की गई है ।
खरीफ फ़सलो हेतु 2% प्रीमियम , रबी फ़सलो हेतु 1.5 % प्रीमियम ब वाणिज्यिक फ़सलो हेतु 5% प्रीमियम की राशि कृषकों द्वारा देय की जाएगी , अवशेष धनराशि सरकार द्वारा देय होगी ।

कृषकों की सुविधा एवं अधिकाधिक किसानों को योजना का लाभ हेतु ऋणी किसानों के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2026 तथा गैर-ऋणी किसानों के लिए 14 अगस्त, 2026 निर्धारित की गई है।

जनपद के किसान अपने निकटतम बैंक, जन सेवा केंद्र (CSC), नामित बीमा कंपनी से संपर्क कर समय रहते अपना फसल बीमा अवश्य कराएं। बीमा कराने के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि अभिलेख एवं बोई गई फसल का विवरण साथ रखें।

जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने समस्त विकास खंड स्तरीय कृषि अधिकारियों एवं बीमा कंपनी को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए प्रत्येक पात्र किसान तक इसकी जानकारी पहुँचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक कृषक फसल बीमा योजना से आच्छादित होकर प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर सकें।

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