Web News

www.upwebnews.com

कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान तेज, जिलाध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों ने ठोकी ताल

August 11, 2026

कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान तेज, जिलाध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों ने ठोकी ताल

केंद्रीय पर्यवेक्षक सीताराम लांबा बोले- जनता और कार्यकर्ताओं की मजबूत पकड़ वाले व्यक्ति को मिलेगी जिम्मेदारी, गुटबाजी दूर करना बड़ी चुनौती

हाथरस। वार्ड और बूथ स्तर से लेकर जिला संगठन तक कांग्रेस को मजबूत करने तथा आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूती से मैदान में उतारने की तैयारी के तहत कांग्रेस नेतृत्व द्वारा चलाए जा रहे संगठन सृजन अभियान ने हाथरस में गति पकड़ ली है। इसी अभियान के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक एवं राजस्थान के पूर्व मंत्री सीताराम लांबा हाथरस पहुंचे और पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ संगठन की स्थिति को लेकर मंथन किया।अलीगढ़ रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में जिलेभर से पहुंचे कांग्रेसियों ने संगठन को मजबूत करने को लेकर अपने सुझाव रखे। इस दौरान जिलाध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों ने पर्यवेक्षक के समक्ष अपनी दावेदारी पेश करते हुए आवेदन पत्र भी जमा किए। प्राप्त आवेदनों को पर्यवेक्षक द्वारा केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सीताराम लांबा ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के चयन में आंतरिक लोकतंत्र को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी, जिनकी जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ हो। ब्लॉक स्तर तक भी इसी प्रक्रिया के तहत कमेटियों का गठन किया जाएगा।लांबा ने स्वीकार किया कि हाथरस में कांग्रेस का संगठन कमजोर है और इसी वजह से पार्टी की स्थिति भी कमजोर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य इसी कमजोरी को दूर कर पार्टी को बूथ से लेकर जिला स्तर तक मजबूत बनाना है।उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता यदि जनता से दूर रहेंगे तो संगठन मजबूत नहीं हो सकता। इसी उद्देश्य से वह अगले सात दिनों तक हाथरस में प्रवास करेंगे और पुराने एवं सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को समझेंगे। उन्होंने संगठन की कमजोरी के पीछे गुटबाजी को भी एक कारण माना और कहा कि कार्यकर्ताओं को एकजुट कर संगठन को नई मजबूती देने के लिए गंभीरता से काम किया जाएगा।जिलाध्यक्ष पद के दावेदार की योग्यता को लेकर उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति का कम से कम पांच वर्षों से कांग्रेस में सक्रिय होना जरूरी है। इसके लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर होगा।विधानसभा चुनाव में स्थानीय प्रत्याशी के सवाल पर लांबा ने कहा कि स्थानीय प्रत्याशी का होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्थानीय प्रत्याशी जनता के बीच रहकर क्षेत्रीय समस्याओं को बेहतर तरीके से उठा सकता है।संगठन सृजन अभियान के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षक सीताराम लांबा के समक्ष वर्तमान जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शरद उपाध्याय नंदा, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य एवं पूर्व जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित ने जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। इससे संगठन के भीतर जिलाध्यक्ष पद को लेकर संभावित मुकाबले की तस्वीर भी सामने आने लगी है।प्रेस वार्ता के दौरान पीसीसी पर्यवेक्षक अदनान मियां, पूर्व जिलाध्यक्ष कासगंज सुभाष गांधी तथा पूर्व जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस बुलंदशहर प्रज्ञा गौड़ भी मौजूद रहीं।बैठक में पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, करुणेश मोहन दीक्षित, शरद उपाध्याय नंदा, मथुरा प्रसाद कुशवाहा, पं. ब्रह्मदेव शर्मा, पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशांक पचौरी एडवोकेट, अजीत गोस्वामी, अवधेश बख्शी, कपिल सिंह, डॉ. मुकेश चंद्रा, सुनील गौड़, प्रदीप तेनगुरिया, संजीव आंधीवाल, पं. ऋषि कुमार कौशिक, अशोक कुमार गुप्त, ललतेश गुप्ता, अनुज कुमार संत, विष्णु कुमार, हरिशंकर शर्मा, आरके राजू, कृष्णा गुप्ता, निखिलवर्ती पाठक, प्रभाशंकर शर्मा, तौकीर आलम, अविनाश चंद्र पचौरी, जैनुद्दीन जैन, पूरनचंद वार्ष्णेय, कुलदीप कुमार, राजू चौधरी, नूरुद्दीन कुरैशी, अखलाक भारती सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वैदिक गणित प्रश्न मंच कार्यशाला में सीखे गणना के सरल गुर

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हुआ प्रांतीय स्तर का आयोजन

हाथरस। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लेबर कॉलोनी, मुंशी गजाधर सिंह मार्ग में 10 अगस्त को प्रांतीय वैदिक गणित प्रश्न मंच कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैदिक गणित के प्रति रुचि विकसित करने के साथ गणनाओं को सरल, सहज और रोचक बनाना रहा।कार्यक्रम के संयोजक प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार पांडेय तथा व्यवस्था प्रमुख प्रधानाचार्य लोकेंद्रनाथ शर्मा रहे। उन्होंने वैदिक गणित की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है, जो वर्तमान समय में भी गणनाओं को सरल बनाने में प्रभावी है।कार्यक्रम की सफलता में आचार्य सतीश कुमार सारस्वत, देवकीनंदन, चिरंजीलाल, मनोज शर्मा, हरेंद्र, रोहित एवं विमल सहित अन्य आचार्यों का विशेष योगदान रहा।समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधक मनोज कुमार अग्निहोत्री ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी निरंतर किए जाएंगे।

मातृ वंदना योजना में लापरवाही पर सादाबाद और शहर सीडीपीओ को नोटिस

15 अगस्त तक 50 और 30 अगस्त तक 75 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

हाथरस। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने पर बाल विकास परियोजना सादाबाद एवं शहर के संबंधित अधिकारियों को जिला कार्यक्रम अधिकारी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को वार्षिक लक्ष्य का 50 प्रतिशत 15 अगस्त तक तथा 75 प्रतिशत 30 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया है कि वे अपने स्तर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पात्र लाभार्थियों के आवेदन इसी माह के अंत तक भरवाना सुनिश्चित कराएं। इसमें लापरवाही बरतने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।मुख्यालय स्तर से जनपद को प्राप्त 4490 के मासिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 4705 आवेदन भरवाए जा चुके हैं। इस प्रकार जनपद की प्रगति 104 प्रतिशत दर्ज की गई है।जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से योजना का लाभ लेने की अपील की है। पात्र महिलाएं आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। योजना के तहत प्रथम बार मां बनने वाली पात्र महिला को दो किस्तों में 5000 रुपये तथा दूसरी संतान पुत्री होने पर पात्र महिला को एकमुश्त 6000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु के पोषण को बढ़ावा देने के साथ बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना है।

डिजिटल अटेंडेंस के विरोध में शिक्षकों ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन

शासन स्तर पर स्पष्ट नीति बनने तक हाथरस में व्यवस्था लागू नहीं करने की मांग

हाथरस। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों की विभिन्न समस्याओं और अधिकारों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संघ ने 31 जुलाई के कार्यालय आदेश के तहत लागू की जा रही ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति की प्रक्रिया का विरोध करते हुए इसे तत्काल स्थगित करने की मांग की।संघ पदाधिकारियों ने कहा कि 16 जुलाई 2024 को शासन स्तर पर यह निर्णय लिया गया था कि शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए गठित उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने तक ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति अग्रिम आदेशों तक स्थगित रहेगी। ऐसे में जनपद स्तर पर इसे लागू किया जाना शासन के निर्देशों के विपरीत है।शिक्षक संघ का कहना है कि पूरे प्रदेश में जब तक शासन स्तर से स्पष्ट और एकसमान नीति जारी नहीं होती, तब तक केवल हाथरस के शिक्षकों पर डिजिटल उपस्थिति थोपना उचित नहीं है। शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को नेटवर्क कनेक्टिविटी सहित आधारभूत ढांचागत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बिना पर्याप्त तैयारियों के डिजिटल उपस्थिति लागू करने से विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित होने की आशंका है।संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से 31 जुलाई के आदेश के क्रियान्वयन को शिक्षक एवं जनहित में तत्काल स्थगित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में संतोष कुमार शर्मा, योगेंद्र कुमार शर्मा, वीरेंद्र कुमार सिंह, शशि कुलश्रेष्ठ, गोविंद रावत, अरुण शर्मा, शैलेंद्र चौहान, कृष्णकांत शर्मा, लाल बहादुर, कुलदीप सिंह, नरेश मीणा, सचिन शर्मा, अमित पचौरी, नितेश वार्ष्णेय, संतोष चौधरी, कन्हैया लाल शर्मा, गिरेंद्र सिंह, गौरव पचौरी, भगवानदास यादव, अमित शर्मा, जीतू शर्मा, प्रभाकर शर्मा, राजेश कुमार, प्रेमवीर सिंह, बीपी गौतम, संजीव शर्मा, मणिभूषण शर्मा, सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक किसी तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश स्तर पर एकसमान नीति बनने तक हाथरस में डिजिटल उपस्थिति लागू करने का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने शासन के निर्देशों का सम्मान करते हुए आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की।

हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन का अभियान बनाएं: अतुल वत्स

जिलाधिकारी ने घरों पर तिरंगा फहराने और जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की

-जिलाधिकारी अतुल वत्स

हाथरस। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जनपदवासियों से हर घर तिरंगा अभियान के तहत अपने-अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक होने के साथ प्रत्येक भारतीय के गौरव, एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना का प्रतीक है।जिलाधिकारी ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान और गौरव की सामूहिक अभिव्यक्ति है। जनपद का प्रत्येक परिवार अभियान से जुड़कर अपने घर पर तिरंगा फहराए और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करे।उन्होंने जनपदवासियों से अभियान के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने तथा तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ेगी और राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूती मिलेगी।जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। अधिकारियों को कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा आमजन को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और गरिमा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि सभी मिलकर अपने घरों पर तिरंगा फहराएं और ‘हर घर तिरंगा’ के संकल्प को जन-जन का अभियान बनाएं।

« Newer Posts — Older Posts »