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मध्याह्न भोजन में लापरवाही पर कार्रवाई, 5 प्रधानाध्यापक व 3 संस्थाओं को नोटिस

April 19, 2026

मध्याह्न भोजन में लापरवाही पर कार्रवाई, 5 प्रधानाध्यापक व 3 संस्थाओं को नोटिस

हाथरस। बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाति भारती ने परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन वितरण में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित मीनू के अनुसार दूध का वितरण न किए जाने पर पांच विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और तीन भोजन आपूर्ति करने वाली संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यार्थियों को तय मीनू के अनुसार ‘तहरी और दूध’ दिया जाना था, लेकिन कई विद्यालयों में दूध नहीं वितरित किया गया, जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया।इस मामले में संविलयन विद्यालय तिपरस, अजरोई, दोहई, सुल्तानपुर तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला जलाल के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही जनहितकारी सेवा समिति (अलीगढ़), ग्रामीण विकास सेवा संस्थान (अतरौली) और अशर्फी ग्रामोद्योग संस्थान (छर्रा) को भी कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।बीएसए ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

April 15, 2026

किसानों के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी कांग्रेस: चंद्रगुप्त विक्रमादित्य

हाथरस। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के विरोध में कांग्रेस पार्टी और राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।धरने को संबोधित करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष व कासगंज कोऑर्डिनेटर चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, महंगाई और सरकारी उपेक्षा के कारण किसान गंभीर संकट से गुजर रहा है। हाल की बारिश और ओलावृष्टि से तैयार फसलें बर्बाद हो गईं, जिसमें सिकंदराराऊ क्षेत्र के किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की पीड़ा के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है, जबकि किसान आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की समस्याओं से जूझ रहा है। कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो पार्टी बड़ा जनआंदोलन करेगी।धरना-प्रदर्शन में संगठन के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, नगर अध्यक्ष अजय चौधरी, महिला जिलाध्यक्ष कृष्णा गुप्ता, आमना बेगम, कपिल नरूला, मुन्नालाल शर्मा, भोले, हरिशंकर वर्मा, राहुल यादव, कृष्ण सोलंकी, राजकुमार, अशोक कुमार, रिंकू सिंह, अभिषेक कुमार, विष्णु कुमार, कुर्बान अली, शहजादा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अधिवक्ता पर हमले के विरोध में हड़ताल, गिरफ्तारी की मांग तेज

विरोध करते अधिवक्ता

हाथरस। अधिवक्ता सचिन सिसोदिया पर नकाबपोश बदमाशों द्वारा किए गए जानलेवा हमले में अब तक कोई गिरफ्तारी न होने से डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन में आक्रोश फैल गया। विरोध स्वरूप बुधवार को अधिवक्ताओं ने कलमबंद हड़ताल कर न्यायालयी कार्य से दूरी बनाई और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई।बताया गया कि सचिन सिसोदिया पर उस समय हमला हुआ, जब वह गांव रसगंबा से सादाबाद स्थित अपने आवास प्रकाश नगर लौट रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें सादाबाद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर आगरा रेफर कर दिया गया।सिसोदिया सादाबाद बाह्य न्यायालय और हाथरस जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं। घटना के बाद से पुलिस की धीमी कार्रवाई को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी बनी हुई है। हड़ताल के दौरान अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू किए जाने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई।बार एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस कानून लागू करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने सरकार से जल्द अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने और हमलावरों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

April 8, 2026

हाथरस में पत्रकार की हत्या से उबाल, सैकड़ों पत्रकारों का धरना

लापरवाही के आरोपों के बीच चौकी इंचार्ज व बीट सिपाही निलंबित, कोतवाल पर जांच; आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन की चेतावनी

फोटो —– 1 — प्रदर्शन करते जनपद के पत्रकार

फोटो —– 2  — प्रदर्शनकारी पत्रकारों से वार्ता करते पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा

हाथरस। सादाबाद तहसील के सहपऊ क्षेत्र में मंगलवार सुबह पत्रकार वेद प्रकाश शर्मा उर्फ सोनू पंडित का शव संदिग्ध परिस्थितियों में नाले में मिलने से पूरे जनपद में सनसनी फैल गई। इस निर्मम हत्या से पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।घटना के विरोध में बुधवार सुबह जिले भर के सैकड़ों पत्रकार मेंडू रोड स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए और जोरदार प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि मृतक ने घटना से चार-पांच दिन पूर्व ही कोतवाली में तहरीर देकर कुछ नामजद लोगों से अपनी जान का खतरा बताया था, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि हत्या से पहले पत्रकार को करीब चार से पांच घंटे तक बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनके शरीर की सात हड्डियां टूट गईं। इस खुलासे के बाद पत्रकारों का आक्रोश और बढ़ गया।प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी, कड़ी सजा  की मांग उठाई। साथ ही लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने तत्काल प्रभाव से संबंधित चौकी इंचार्ज और बीट आरक्षी को निलंबित कर दिया, जबकि सदर कोतवाली प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।आश्वासन मिलने के बाद पत्रकारों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा मामला शासन स्तर तक उठाया जाएगा।पत्रकारों ने यह भी मांग की कि जिले में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।इस अवसर पर जनपद के सैकड़ो पत्रकार उपस्थित थे।

April 4, 2026

ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, किसानों के लिए मुआवजे की मांग

SEEMA RAMVEER UPADHYAY

-सीमा रामवीर उपाध्याय

हाथरस। जनपद में बीते दिनों आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई गांवों में गेहूं, सरसों, आलू और चना जैसी प्रमुख फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।जिला पंचायत अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सीमा रामवीर उपाध्याय ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रभावित किसानों के लिए तत्काल सर्वे, मुआवजा और विशेष राहत पैकेज की मांग की है। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल को आई आपदा से जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी फसलें गिरकर नष्ट हो गईं, जबकि कटाई के बाद रखी फसल भी बारिश में भीगकर खराब हो गई।उन्होंने कहा कि किसानों की महीनों की मेहनत एक ही दिन में खत्म हो गई, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है। ऐसे में शीघ्र राहत पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और किसानों को जल्द मुआवजा दिया जाए।साथ ही पूरी तरह नष्ट फसल वाले किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज लागू करने और फसल बीमा दावों का शीघ्र निस्तारण करने की भी मांग की गई। उन्होंने भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि कृषि मंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव कृषि, प्रमुख सचिव राजस्व, मंडलायुक्त अलीगढ़ और जिलाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।

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