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आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधिकारियों को वेतन रोकने की चेतावनी

August 5, 2026

आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधिकारियों को वेतन रोकने की चेतावनी

मुख्यमंत्री की शिकायतों को गंभीरता से लें, नहीं तो रुकेगा वेतन: डीएम

*सीएम डैशबोर्ड में खराब रैंकिंग पर डीएम नाराज, अधिकारियों से मांगा जवाब*

*सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारें, नहीं तो होगी जवाबदेही तय: डीएम*

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ आईजीआरएस एवं सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईजीआरएस पर लंबित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिला पंचायत राज, समाज कल्याण, सहकारिता, चकबंदी, विद्युत एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों का समय पर अवलोकन तक नहीं किया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 85 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। समीक्षा बैठक में विद्युत विभाग का अधिकारी अनुपस्थित मिलने पर जिलाधिकारी ने उसका वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि एक सप्ताह के भीतर लंबित एवं ऑनलाइन प्राप्त सभी शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें, अन्यथा अगली समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध वेतन रोकने सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का शत-प्रतिशत फीडबैक लिया जाए तथा कोई भी शिकायत डिफॉल्टर श्रेणी में न पहुंचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली आख्या पर केवल एल-1 स्तर के अधिकारी ही हस्ताक्षर करेंगे। यदि किसी अधीनस्थ कर्मचारी द्वारा हस्ताक्षर किए गए तो संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा। सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में ग्राम्य विकास विभाग की रैंकिंग ‘डी’ पाए जाने पर जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की रैंकिंग ‘सी’ तथा सेतु निर्माण की रैंकिंग ‘डी’ होने पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए रैंकिंग में शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच के लिए अधिकारियों को नामित किया जाए और एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

August 4, 2026

जमीनी विवाद में युवक की पीट-पीटकर हत्या, पाटीदारों पर आरोप; पूर्व में पिता की कि जा चुकी है हत्या।

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 03/08/2026

बलिया,  दुबहर थाना क्षेत्र के नगवा गांव में जमीनी विवाद को लेकर पाटीदारों ने एक युवक पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल युवक को ग्रामीण तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

वही बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार का आरोपियों से लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था। इससे पूर्व भी पाटीदारों ने मृतक के पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वही अपर पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने बताया कि दुबहर थाना के राजदेव पाठक रामकेवल पाठक निवासी नगवा उम्र 58 वर्ष अपने पड़ोसी के दरवाजे पर बैठे थे कि अचानक उत्कर्ष पाठक के द्वारा लाठी डंडे से उनके सिर पर हमला कर दिया गया जिसमे वह घायल हो गए।घायल को परिवार के द्वारा उपचार के लिए चिकित्सालय ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।मृतक के बेटे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को हिरासत में लिया गया है और पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है।

August 1, 2026

बलिया में नाबालिग़ ने लगाई फांसी।

 

बलिया,मनानीयारटीजाना क्षेत्र में एक नाबालिग ने फांसी लगा ली।

फांसी को देख परिजनों में आनन फानन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराया भर्ती। डॉक्टरों ने स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल के लिए किया रेफर।

डॉक्टर में बताया कि बेहोशी की हालत में आई थी नाबालिक। मनियर थाना क्षेत्र के पठखौली का मामला।

 

July 31, 2026

बलिया BSA ने सहायक अध्यापक को किया बर्खास्त, दिए वेतन रिकवरी और मुकदमा का आदेश

बलिया – बलिया के बांसडीह में कूटरचित दस्तावेज के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हथियाने वाले सहायक अध्यापक जितेन्द्र राम को बीएसए मनीष कुमार सिंह ने बर्खास्त कर दिया है। यही नहीं, बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी, बांसडीह को निर्देश दिया है कि बर्खास्त अध्यापक से विद्यालय का शासकीय अभिलेख एवं कार्यभार तत्काल अपने कब्जे में लेने के साथ ही संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने करावें। बीएसए ने वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) को तत्काल प्रभाव से वेतन भुगतान रोकने तथा यदि अतिरिक्त वेतन का भुगतान हुआ हो तो उसकी वसूली करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए की इस कार्रवाई से विभागीय गलियारे में हड़कम्प मच गया है। मामला शिक्षा क्षेत्र बांसडीह के प्राथमिक विद्यालय रामपुर नौबरार से जुड़ा है।
बीएसए द्वारा जारी आदेश के अनुसार त्रिभुवन नारायण सिंह पुत्र स्व. कन्हैया सिंह (निवासी-रत्तोपुर, पोस्ट-चिलकहर, थाना व तहसील-रसड़ा, बलिया) ने जनसुवाई के दौरान जिलाधिकारी बलिया के समक्ष शिकायती पत्र प्रस्तुत किया था कि जितेन्द्र राम पुत्र भरत राम (नवासी : रत्तोपुर, पोस्ट-चिलकहर, तहसील-रसड़ा, बलिया) ने दस्तावेज में कूटरचना करके खरवार (अनुसूचित जन जाति) का फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनवाकर शिक्षक की नौकरी पाई है, जो प्राथमिक विद्यालय रामपुर नौबरार, ब्लाक बांसडीह, बलिया में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। जबकि वास्तव में जितेन्द्र राम कमकर जाति का व्यक्ति है।
शिकायत के क्रम में बीएसए ने जितेन्द्र कुमार सहायक अध्यापक के जाति प्रमाण-पत्र संख्या-63310500725 का सत्यापन तहसीलदार मजिस्ट्रेट, तहसील रसड़ा, बलिया को सत्यापन प्रेषित किया गया। कार्यालय तहसीलदार रसड़ा द्वारा अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में सत्यापन आख्या उपलब्ध कराया गया है। आख्या में उल्लिखित किया गया है कि जॉचोपरान्त जिला कास्ट स्कूटनी कमेटी, बलिया द्वारा जितेन्द्र राम पुत्र भरत राम के भाई अरविन्द कमकर का खरवार जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि जितेन्द्र राम खरवार जाति का न होकर कमकर जाति से सम्बन्धित है।
बीएसए ने बताया कि जितेन्द्र राम को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। लेकिन जितेन्द्र राम ने जो स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया वह तथ्यहीन पाया राया। इससे स्पष्ट हो गया कि जितेद्र राम ने वास्तविक जाति कमकर (पिछड़ी जाति) से खरवार (अनुसूचित जन जाति) के जाति प्रमाण-पत्र में कूटरचना एवं विभाग को गुमराह कर सेवा प्राप्त की है। ऐसी स्थिति में बीएसए ने जितेन्द्र राम की नियुक्ति को नियुक्ति तिथि से शून्य मानते हुए सेवा समाप्त कर दिया है।

घाघरा नदी की तबाही से कटान पीड़ित आशियाना उजाड़ बंधे पर जाने को हुए मजबूर

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 31/07/2026

बलिया, बैरिया तहसील क्षेत्र के गोपालनगर टांडी गांव में घाघरा नदी के कटान के चलते कटान पीड़ित अपने हाथों से बनाए अपने हो आशियाने को उजाड़ कर बंधे पर के लिए मजबूर हो गए है। मजदूरी कर एक एक रुपया इक्कट्ठा करके अपना आशियाना बनाया होगा लेकिन घाघरा नदी ने ऐसी तबाही मचाई की कटान पीड़ित गांव को छोड़कर पलायन करने लगे। जरा गौर से देखिए इस तस्वीर को ट्रैक्टर लगाकर तोड़ा जा रहा है बांस बल्ली के सहारे जल्दी तोड़ा जा रहा है कि नदी कब आशियाने को अपने आगोश में ले लेगी यह कोई नही जानता है। भाड़े का ट्रैक्टर ट्राली से अपने समान को लादकर बंधे ले जा रहे है। घर का सारा सामान बाहर बिखरा पड़ा है बारिश के आने के बाद भी सारा सामान भीग रहा है।वही कटान पीड़ितों का आरोप है कि ग्राम प्रधान से लेकर विधायक और अधिकारी तक पूछने तक नही आ रहे है रात के समय काफी डर का माहौल रहता है नदी घर के सामने आ गई है जिसके चलते बच्चो की पढ़ाई बाधित हो रही है एक विद्यालय भी था वह भी नही में विलीन हो गई।जिससे चलते बच्चें पढ़ने नही जा रहे है। वही कटान पीड़ित रौशन यादव ने बताया कि सरकार की गलत मानसिकता है यहां कोई काम नही हो रहा है घाघरा नदी कटान कर रही है इस लिए हम लोग अपना आशियाना उजाड़कर बंधे पर लेकर जा रहे है यहां पर कोई अधिकारी नही आ रहा है वो क्या जाने कटान पीढ़ियों का हाल योगी आकार देखें की उनकी नगर की हालत क्या है लगभग तीस से चालीस घर नदी में विलीन हो गया है और लगभग पचास घर के करीब अभी कटान के मुहाने पर है हम लोगों का खाना तक नही बन पा रहा है।

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