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फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 अगस्त, गैर ऋणी किसान 14 अगस्त तक कराएं बीमा

August 11, 2026

फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 अगस्त, गैर ऋणी किसान 14 अगस्त तक कराएं बीमा

मथुरा। खरीफ सीजन में फसल बीमा कराने वाले किसानों के लिए कृषि विभाग ने महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। उप कृषि निदेशक आवेश कुमार सिंह ने बताया कि अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। फसल बीमा का पोर्टल खुला हुआ है।

जनपद मथुरा में वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत एचडीएफसी एरगो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को कार्यान्वयन एजेंसी नामित किया गया है। खरीफ सीजन में जिले के लिए धान, बाजरा और अरहर फसलों को अधिसूचित किया गया है।

धान की बीमित राशि 64,200 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा किसान प्रीमियम 2 प्रतिशत यानी 1,284 रुपये है। बाजरा की बीमित राशि 51,100 रुपये प्रति हेक्टेयर और प्रीमियम 1,022 रुपये तथा अरहर की बीमित राशि 85,600 रुपये प्रति हेक्टेयर और प्रीमियम 1,712 रुपये निर्धारित है।

गैर ऋणी किसानों के लिए 14 अगस्त अंतिम तिथि

विभाग के अनुसार ऋणी किसानों (केसीसी धारकों) के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है, जबकि गैर ऋणी किसानों के लिए 14 अगस्त 2026 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। गैर ऋणी किसान जन सेवा केंद्र के माध्यम से निर्धारित तिथि तक फसल का बीमा करा सकते हैं।

जो ऋणी किसान अधिसूचित फसलों का बीमा नहीं कराना चाहते हैं, उन्हें अंतिम तिथि से कम से कम सात दिन पहले संबंधित बैंक शाखा में लिखित प्रार्थना पत्र देना होगा। ऐसा नहीं करने पर बैंक खाते से निर्धारित प्रीमियम की धनराशि काट ली जाएगी।

फसल नुकसान पर 72 घंटे में सूचना जरूरी

कृषकों को स्थानीय आपदा या फसल क्षति होने पर घटना के 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447, संबंधित बैंक अथवा कृषि विभाग को सूचना देनी होगी। कृषि विभाग ने किसानों से निर्धारित समय सीमा के भीतर फसल बीमा कराने की अपील की है, ताकि फसल नुकसान की स्थिति में बीमा योजना का लाभ मिल सके।

दुकान का शटर तोड़कर चोरी करने वाला 13 मुकदमों का आरोपी गिरफ्तार

मथुरा। थाना कोतवाली पुलिस ने दुकान का शटर तोड़कर चोरी करने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के ENI कंपनी के आठ इंजन ऑयल के डिब्बे, एक गाड़ी का सेल्फ और 800 रुपये बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 2 अगस्त 2026 की सुबह दुकान का शटर तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 566/2026 धारा 305/331(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी।

इसी क्रम में 9 अगस्त की रात 11:50 बजे थाना कोतवाली पुलिस ने अलवर-बाजना रेलवे पुल के पास हाईवे किनारे से दिनेश पुत्र बीधा, निवासी नौगांव, थाना छाता, मथुरा, उम्र करीब 32 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी का सामान और नकदी बरामद हुई। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।

हत्या, चोरी और गैंगस्टर एक्ट समेत 13 मुकदमे

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ थाना कोतवाली, छाता, हाईवे और फरह में चोरी, हत्या, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2022 में थाना छाता में दर्ज हत्या और साक्ष्य मिटाने से संबंधित मुकदमा तथा वर्ष 2019 में थाना हाईवे में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा भी शामिल है।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा, उपनिरीक्षक संजीव कुमार, उपनिरीक्षक मुश्ताक मेहदी, हेड कांस्टेबल लोकमन और कांस्टेबल धीरज सिंह शामिल रहे।

वैदिक गणित प्रश्न मंच कार्यशाला में सीखे गणना के सरल गुर

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हुआ प्रांतीय स्तर का आयोजन

हाथरस। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लेबर कॉलोनी, मुंशी गजाधर सिंह मार्ग में 10 अगस्त को प्रांतीय वैदिक गणित प्रश्न मंच कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैदिक गणित के प्रति रुचि विकसित करने के साथ गणनाओं को सरल, सहज और रोचक बनाना रहा।कार्यक्रम के संयोजक प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार पांडेय तथा व्यवस्था प्रमुख प्रधानाचार्य लोकेंद्रनाथ शर्मा रहे। उन्होंने वैदिक गणित की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है, जो वर्तमान समय में भी गणनाओं को सरल बनाने में प्रभावी है।कार्यक्रम की सफलता में आचार्य सतीश कुमार सारस्वत, देवकीनंदन, चिरंजीलाल, मनोज शर्मा, हरेंद्र, रोहित एवं विमल सहित अन्य आचार्यों का विशेष योगदान रहा।समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधक मनोज कुमार अग्निहोत्री ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी निरंतर किए जाएंगे।

मातृ वंदना योजना में लापरवाही पर सादाबाद और शहर सीडीपीओ को नोटिस

15 अगस्त तक 50 और 30 अगस्त तक 75 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

हाथरस। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने पर बाल विकास परियोजना सादाबाद एवं शहर के संबंधित अधिकारियों को जिला कार्यक्रम अधिकारी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को वार्षिक लक्ष्य का 50 प्रतिशत 15 अगस्त तक तथा 75 प्रतिशत 30 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया है कि वे अपने स्तर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पात्र लाभार्थियों के आवेदन इसी माह के अंत तक भरवाना सुनिश्चित कराएं। इसमें लापरवाही बरतने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।मुख्यालय स्तर से जनपद को प्राप्त 4490 के मासिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 4705 आवेदन भरवाए जा चुके हैं। इस प्रकार जनपद की प्रगति 104 प्रतिशत दर्ज की गई है।जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से योजना का लाभ लेने की अपील की है। पात्र महिलाएं आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। योजना के तहत प्रथम बार मां बनने वाली पात्र महिला को दो किस्तों में 5000 रुपये तथा दूसरी संतान पुत्री होने पर पात्र महिला को एकमुश्त 6000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु के पोषण को बढ़ावा देने के साथ बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना है।

डिजिटल अटेंडेंस के विरोध में शिक्षकों ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन

शासन स्तर पर स्पष्ट नीति बनने तक हाथरस में व्यवस्था लागू नहीं करने की मांग

हाथरस। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों की विभिन्न समस्याओं और अधिकारों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संघ ने 31 जुलाई के कार्यालय आदेश के तहत लागू की जा रही ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति की प्रक्रिया का विरोध करते हुए इसे तत्काल स्थगित करने की मांग की।संघ पदाधिकारियों ने कहा कि 16 जुलाई 2024 को शासन स्तर पर यह निर्णय लिया गया था कि शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए गठित उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने तक ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति अग्रिम आदेशों तक स्थगित रहेगी। ऐसे में जनपद स्तर पर इसे लागू किया जाना शासन के निर्देशों के विपरीत है।शिक्षक संघ का कहना है कि पूरे प्रदेश में जब तक शासन स्तर से स्पष्ट और एकसमान नीति जारी नहीं होती, तब तक केवल हाथरस के शिक्षकों पर डिजिटल उपस्थिति थोपना उचित नहीं है। शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को नेटवर्क कनेक्टिविटी सहित आधारभूत ढांचागत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बिना पर्याप्त तैयारियों के डिजिटल उपस्थिति लागू करने से विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित होने की आशंका है।संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से 31 जुलाई के आदेश के क्रियान्वयन को शिक्षक एवं जनहित में तत्काल स्थगित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में संतोष कुमार शर्मा, योगेंद्र कुमार शर्मा, वीरेंद्र कुमार सिंह, शशि कुलश्रेष्ठ, गोविंद रावत, अरुण शर्मा, शैलेंद्र चौहान, कृष्णकांत शर्मा, लाल बहादुर, कुलदीप सिंह, नरेश मीणा, सचिन शर्मा, अमित पचौरी, नितेश वार्ष्णेय, संतोष चौधरी, कन्हैया लाल शर्मा, गिरेंद्र सिंह, गौरव पचौरी, भगवानदास यादव, अमित शर्मा, जीतू शर्मा, प्रभाकर शर्मा, राजेश कुमार, प्रेमवीर सिंह, बीपी गौतम, संजीव शर्मा, मणिभूषण शर्मा, सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक किसी तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश स्तर पर एकसमान नीति बनने तक हाथरस में डिजिटल उपस्थिति लागू करने का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने शासन के निर्देशों का सम्मान करते हुए आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की।

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