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जेवर एयरपोर्ट अब कहलाएगा ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’: सीएम योगी

October 9, 2026

जेवर एयरपोर्ट अब कहलाएगा ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’: सीएम योगी

कानून व्यवस्था की समीक्षा करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री के सम्मान में योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, नामकरण प्रस्ताव पारित

*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता में गिनाईं पीएम मोदी के 25 वर्षों की उपलब्धियां

*कहा- सेवा, समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास तक पहुंची यात्रा*

*प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित*

*मुख्यमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की निरंतर और समर्पित सार्वजनिक सेवा भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय*

*प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा, निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम करती रहेगी: सीएम*

*लखनऊ, 09 अक्टूबर।* नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर अब ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में एयरपोर्ट के नामकरण का प्रस्ताव पारित किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिए गए इस निर्णय को मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति प्रदेश सरकार की कृतज्ञता और उत्तर प्रदेश के विकास में उनके मार्गदर्शन एवं योगदान के सम्मान का प्रतीक बताया।

कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया है। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री जी ने सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्षों की निरंतर और समर्पित सार्वजनिक सेवा पूरी की। यह भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है। 25 वर्षों की यह यात्रा ‘सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम’ की भावना से संचालित रही है। यह यात्रा केवल सत्ता या शासन की यात्रा नहीं, बल्कि ‘जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास’ की यात्रा है।

*जेवर एयरपोर्ट का नामकरण, प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता का संदेश*
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर प्रधानमंत्री जी की ओर से उत्तर प्रदेश को मिली एक बड़ी सौगात है। यह एयरपोर्ट आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और वैश्विक कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा। इसी भावना के साथ कैबिनेट ने एयरपोर्ट का नाम ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ किए जाने का प्रस्ताव पारित किया है। कैबिनेट प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, उनके सतत मार्गदर्शन, उत्तर प्रदेश के विकास के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता और देश को नई दिशा देने वाले नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करती है। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व के प्रति अभिनंदन भी व्यक्त किया। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा, निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम करती रहेगी।

*काशी से जेवर तक, यूपी से प्रधानमंत्री का विशेष जुड़ाव*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी काशी से निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उत्तर प्रदेश की धरती से देश का नेतृत्व कर रहे हैं। 2014 में प्रधानमंत्री जी ने काशी आगमन पर कहा था- ‘मुझे मां गंगा ने बुलाया है।’ इसके बाद काशी और प्रधानमंत्री जी का संबंध केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रहा। काशी के विकास, आध्यात्मिक पुनर्जागरण और उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के बीच एक नया संबंध बना। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और केंद्र-प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार के समन्वय से उत्तर प्रदेश में विकास की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश प्रशासनिक जड़ता, असुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था। इसके बाद पारदर्शी और तकनीक आधारित सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल वातावरण को विकास का आधार बनाया गया।

*2,483 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और नमो भारत से बदली कनेक्टिविटी*
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में करीब 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग ₹60 हजार करोड़ खर्च किए गए हैं। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। ₹30 हजार करोड़ से अधिक लागत से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत/आरआरटीएस परियोजना देश में हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन की नई मिसाल बनी है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद तथा नोएडा-ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हुआ है। इसी बदलती कनेक्टिविटी का नया केंद्र जेवर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने जा रहा है। सीएम ने इसे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट और भविष्य में देश के बड़े एविएशन हब में विकसित होने वाली परियोजना बताया।

*फ्रेट कॉरिडोर से डिफेंस कॉरिडोर तक, औद्योगिक तस्वीर बदली*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के बड़े लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। दादरी ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन बन चुका है। 1,050 किलोमीटर से अधिक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रदेश से गुजर रहा है। वाराणसी में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर देश का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और 100 एकड़ का देश का पहला फ्रेट विलेज विकसित हुआ है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 1,000 एकड़ का पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क औद्योगिक विकास की नई दिशा तय कर रहे हैं।

*किसानों को सीधे लाभ, फसल ऋण से गन्ना भुगतान तक*
किसान कल्याण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। करीब 86 लाख किसानों की ऋणमाफी की गई है। प्रदेश में 5.50 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ₹13,42,978 करोड़ का फसल ऋण वितरित किया गया। 79.51 लाख किसानों को फसल क्षति के मद में भुगतान मिला है, जबकि गन्ना किसानों को ₹3.30 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है।

*आवास, राशन और पानी से गरीबों के जीवन में बदलाव*
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास मिले हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 3.67 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 2.46 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल का कनेक्शन दिया जा चुका है। खास तौर पर बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है। जनधन योजना, बैंकिंग विस्तार और बैंक मित्रों के नेटवर्क ने प्रदेश में वित्तीय समावेशन को भी मजबूत किया है।

*आयुष्मान से एम्स तक स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार*
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत प्रदेश में करीब 6.08 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। राज्य में 9.90 करोड़ से अधिक नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज मिला है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 1.09 करोड़ से अधिक मरीजों को ₹18,798 करोड़ के मुफ्त उपचार का लाभ मिला है। आरोग्य मेलों के माध्यम से 14.67 करोड़ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स का संचालन भी स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

*शौचालय, उज्ज्वला और नमामि गंगे से बदली तस्वीर*
सीएम योगी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में 3.37 करोड़ से अधिक शौचालय और 59,183 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए। प्रदेश सरकार होली और दीपावली पर महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करा रही है। नमामि गंगे के तहत गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए व्यापक काम हुआ है। काशी सहित गंगा के विभिन्न तटों पर विकास और संरक्षण की परियोजनाओं ने धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से नई पहचान बनाई है।

*महिला सशक्तीकरण से गांव की अर्थव्यवस्था को ताकत*
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी अभियान के तहत 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 15 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक सहायता मिली है। स्वामित्व योजना के तहत 91 हजार से अधिक गांवों में काम हुआ और 1.10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरौनी के रूप में संपत्ति का प्रमाण मिला। महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ी है। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण तथा अनुसूचित जाति-जनजाति और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।

*यूपी का हुनर ‘लोकल से ग्लोबल’ तक*
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद योजना ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री जी ने विदेश यात्राओं के दौरान काशी की गुलाबी मीनाकारी, निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की जरदोजी जैसे यूपी के उत्पादों को वैश्विक मंच दिया। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को यूपी के इन स्थानीय उत्पादों को उपहार में देना ‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा को मजबूती देने वाला कदम रहा। उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, दुग्ध, गन्ना, आम, आंवला और मोटे अनाज के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है।

*युवाओं को नौकरी, प्रशिक्षण और डिजिटल ताकत*
सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए। प्रदेश में 9.50 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां हुई हैं और 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। रोजगार मेलों, आईटीआई और कौशल विकास मिशन के माध्यम से 31.11 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, काशी में आधुनिक खेल परिसर और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी परियोजनाओं से खेल और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा मिली है।

*राम मंदिर से महाकुंभ तक, सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण*
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के योगदान को आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास से आगे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से 500 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास हुआ और गंगा घाट से बाबा विश्वनाथ धाम तक भव्य एवं दिव्य मार्ग बना। विदेश से करीब 100 वर्ष पुरानी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा वापस लाई गई और काशी विश्वनाथ धाम में पुनर्स्थापित की गई। भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष 127 वर्ष बाद भारत वापस आए। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। मुख्यमंत्री ने काशी तमिल संगमम, अभिधम्म दिवस, बौद्ध सर्किट, संत रविदास जन्मस्थली विकास परियोजना, संग्रहालय एवं प्रतिमा परियोजनाएं, चौरी-चौरा शताब्दी आयोजन तथा लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ जैसे कार्यों को सांस्कृतिक पुनर्जागरण की कड़ी बताया। उन्होंने वाराणसी के संगीत और लखनऊ की पाक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने, सारनाथ से जुड़े बौद्ध स्थलों को वैश्विक पहचान मिलने तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने को भी प्रदेश की महान विभूतियों के योगदान के राष्ट्रीय सम्मान के रूप में रेखांकित किया।

October 8, 2026

शादी के बाद बढ़ा विवाद तो पूर्व प्रेमी ने गला दबाकर खाई में फेंक दी लाश

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी।खीरी पुलिस ने कस्ता सीतापुर मार्ग पर पकरिया जलालपुर के पास मिले महिला के शव के मामले में गुत्थी सुलझा लिया है पुलिस के मुताबिक लखीमपुर निवासी ज्योति शुक्ला की हत्या उसके पूर्व प्रेमी अतुल अवस्थी ने की थी ज्योति और अतुल के बीच करीब 4 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था अतुल की शादी होने के बाद दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था जिस दिन घटना को अंजाम दिया गया उस दिन अतुल ज्योति को अपनी ऑटो कार में ले गया रास्ते में उसने ज्योति का गला दबाकर हत्या कर दी इसके बाद शव को पकरिया गांव के पास सड़क के किनारे पानी भरी खाई में फेंक दिया सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी अतुल को मितौली बड़ा गांव मार्ग पर लखीमपुर सीतापुर बॉर्डर पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है सीओ यादवेंद्र यादव ने बताया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई है जांच में दुष्कर्म की बात सामने नहीं आई है प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को जेल भेज दिया गया है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर सपा का प्रदर्शन

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी-समाजवादी पार्टी ने लोकतंत्र के हत्यारे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा लिखकर जेल भेजा जाए और ज्ञापन पर निष्पक्ष कार्यवाही कराकर लोकतंत्र की रक्षा की जाए।उपरोक्त आशय का ज्ञापन जिला समाजवादी पार्टी ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को भेजा। ज्ञापन देने से पूर्व समाजवादी पार्टी के हजारों कार्यकर्ता खीरी सांसद उत्कर्ष वर्मा, धौरहरा सांसद आनन्द भदौरिया व समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव के नेत्रत्व में स्थानीय विलोबी मेमोरियल मैदान में एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया तथा वहां से बडे चैराहे, अस्पताल रोड व जेल रोड होते हुए कलेक्ट्रेट के गेट तक मार्च किर ज्ञापन सौपा।
ज्ञापन में मांग की गयी है कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है जिस पर देश के सभी राजनैतिक दलों सहित एक-एक नागरिक का भरोसा कायम था लेकिन जब से देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग में जब से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति हुई है तब से यह संस्था भाजपा के इशारे पर काम कर रही है समाजवादी पार्टी सहित देश की तमाम पार्टियों ने समय समय पर निर्वाचन आयोग से शिकायते की है लेकिन किसी भी शिकायत का चुनाव आयोग संज्ञान नही ले रहा है। तमाम विधान सभा व लोक सभा के चुनावों व उप चुनावों मे आयोग की अनियमितताएं सामने आ चुकी है। एस0आई0आर0 के नाम पर लाखों लोगों के नाम काटे गये। फार्म-6 में अपनी मन मर्जी से संशोधन किया, दो अन्य चुनाव आयुक्तों की राय को नजर अंदाज किया गया जिससे भारत निर्वाचन आयोग की साख लगातार गिरती जा रही है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त की कार्यशैली संदेह के घेरे में है। समाजवादी पार्टी मांग करती है कि लोकतंत्र के हत्यारे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रदोह का मुकदमा लिखकर जेल भेजकर निष्पक्ष कार्यवाही कराकर, लोकतंत्र की रक्षा कराने की मांग की है।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेतागण पूर्व सांसद दाउद अहमद, पूर्व एमएलसी शशांक यादव, जिला महासचिव अंसार महलूद, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष मो0 कयूम खां, पूर्व मंत्री डा0 आरए उस्मानी, पूर्व विधायक आर0एस0 कुशवाहा, पूर्व विधायक विनय तिवारी, पूर्व विधायक रामसरन, पूर्व विधायक सुनील लाला, पूर्व विधायक शमशेर बहादुर सिंह, पूर्व प्रत्याशी प्रीतेन्द्र सिंह कक्कू, पूर्व प्रत्याशी वरूण चैधरी, विधानसभा अध्यक्ष अशोक वर्मा, त्रिलोक सिंह, शेरसिंह यादव, वीरेन्द्र वर्मा, फुरकान अंसारी, सुरेश पाल यादव, भण्डारी यादव, विकास यादव व समाजवादी पार्टी के सभी प्रकोष्ठ, नगर, ब्लाक के अध्यक्ष, राष्ट्रीय व प्रदेश के पदाधिकारीगण सहित हजारों पार्टी के कर्याकर्ता मौजूद रहे।जाहिद खान जिला प्रवक्ता मीडिया प्रभारी समाजवादी पार्टी खीरी द्वारा जानकारी दी गई।

प्रकृति प्रेमी बृजेश कुमार अवस्थी को मिला पर्यावरण संरक्षण मित्र सम्मान

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी।जनपद के विकास भवन को अपनी अनथक मेहनत से हरियाली, अनुपम पुष्पों और पेड़-पौधों से आच्छादित करने वाले प्रकृति प्रेमी बृजेश कुमार अवस्थी (वरिष्ठ सहायक, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय) को ‘पर्यावरण संरक्षण मित्र सम्मान’ से नवाजा गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय ‘पर्यावरण मित्र समूह’ (पंजीकृत) द्वारा प्रदान किया गया।हरियाली मित्र सम्मान से विभूषित होने के बाद बृजेश कुमार अवस्थी ने इस सम्मान का श्रेय अपने उच्चाधिकारियों की प्रेरणा, सहयोग और प्रकृति के प्रति अपने गहरे लगाव को दिया। उन्होंने कहा, “मैं वर्षों से पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों के रख-रखाव के लिए अपना व्यक्तिगत समय देकर कार्य करता रहा हूँ, लेकिन इस सम्मान के बाद अब मेरी जिम्मेदारी पर्यावरण के प्रति और अधिक बढ़ गई है।” इसके साथ ही उन्होंने लखीमपुर की धरा को हरा-भरा और सुंदर बनाने में ‘पर्यावरण मित्र समूह’ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र को सजाने में इस समूह का कोई सानी नहीं है।अद्वितीय और अनुपम है विकास भवन की हरियाली
इस गरिमामयी अवसर पर उपस्थित पर्यावरण मित्रों ने बृजेश कुमार अवस्थी के प्रकृति प्रेम और उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत की जमकर प्रशंसा की। पर्यावरण प्रेमियों ने विकास भवन परिसर की साज-सज्जा, स्वच्छता और वहां बिखरी हरियाली को ‘अद्वितीय और अनुपम’ की संज्ञा दी।सम्मान समारोह के दौरान पर्यावरण मित्र समूह (रजि.) के अध्यक्ष विशाल सेठ, उपाध्यक्ष राम मोहन गुप्त व मयूरी नागर, सचिव संजय कुमार गुप्ता, और कोषाध्यक्ष रश्मि महेंद्रा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही प्रबंधकारिणी सदस्य मधुलिका त्रिपाठी, सपना कक्कड़, पूजा सिंह चौहान तथा पर्यावरण संरक्षण सहयोगी मित्र सोनी गुप्ता, रीना गुप्ता, संगीता गुप्ता, बबीता गुप्ता और तनुप्रिया गुप्ता सहित कई पर्यावरणविद मौजूद रहे।

गौरीफंटा सीमा से महानगरों तक धड़ल्ले से दौड़ रहीं टैक्सियां, सवारियों की जान जोखिम में!

इंडो-नेपाल बॉर्डर गौरीफंटा खीरी

उ प्र समाचार सेवा
गौरीफंटा खीरी। इंडो-नेपाल बॉर्डर गौरीफंटा सीमा से भारत के विभिन्न महानगरों जैसे लखनऊ, बरेली, कानपुर समेत अन्य शहरों के लिए टैक्सियों का संचालन तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इन टैक्सियों में क्षमता से अधिक नेपाली सवारियों को भूसे की तरह भरकर सफर कराया जा रहा है, जिससे यात्रियों की जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कई टैक्सियां नियमों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही हैं और यात्रियों की सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।

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