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शिक्षा प्रेरकों ने डीम से की बकाया भुगतान की मांग

May 15, 2026

शिक्षा प्रेरकों ने डीम से की बकाया भुगतान की मांग

बिजनौर15 मई। (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा) साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम सभा में खोले गए ग्राम लोक शिक्षा केदो पर संविदा पर पूर्व में रखे गए जनपद बिजनौर के शिक्षा प्रेरक अपने पुराने बकाया मानदेय के भुगतान के लिए आज जिलाधिकारी बिजनौर के कार्यलय पर एकत्रित हुए । अपना बकाया मानदेय संबंधित दो सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी बिजनौर को सौंप कर बकाया मानदेय भुगतान की मांग की। जिलाधिकारी को सौंपे मांग पत्र में साक्षरता कर्मियों ने बकाया मानदेय भुगतान एवं आयु सीमा के अंदर वाले साक्षरता कर्मियों को किसी भी विभाग में समायोजन तथा आयु पार कर चुके साक्षरता कर्मियों को बेरोजगारी भत्ता और साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले साक्षरता कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनवाने संबंधित मांग पत्र भी दिया। जिला कलेक्ट्रेट में जनपद से आए शिक्षा प्रेरको ने सरकार पर प्रेरकों को बेरोजगार करने और उनका लगभग 18 महीने का मानदेय न देने का आरोप लगाते हुए शिक्षा प्रेरकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। तथा कहा कि साक्षरता, वैकल्पिक शिक्षा, उर्दू एवं प्राच्य भाषा विभाग भारत सरकार द्वारा वर्ष 2009 -10 में पूरे प्रदेश में साक्षर भारत मिशन योजना लागू करके प्रत्येक ग्राम सभा स्तर पर एक महिला एवं एक पुरुष प्रेरक को तैनात करके 15 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों को साक्षर बनाने के लिए प्रेरित करने का कार्य दिया था। लेकिन सरकार ने जनपद बिजनौर के लगभग 2250 प्रेरको के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए साक्षर भारत मिशन योजना को 31 मार्च 2018 को बंद कर दिया था। सरकार द्वारा प्रेरकों से बीएलओ से लेकर हाउसहोल्ड सर्वे और अन्य सरकारी योजनाओं में बिना किसी मानदेय के भी काम लिया गया था। इन सब के बावजूद भी अकेले जनपद बिजनौर के लगभग 2250 प्रेरकों को उनका 18 माह का मानदेय आठ वर्ष बाद भी नहीं दिया गया। जिसके कारण बेरोजगारी का दंश झेल रहे प्रेरकों के परिवार में रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस अवसर पर प्रेरक एकता कल्याण समिति (पंजीकृत) के जिला अध्यक्ष पुखराज सिंह मलिक ने कहा कि बकाया मानदेय के संबंध में भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 को साक्षरता विभाग की ऑडिट कराई गई थी। ऑडिट टीम द्वारा धनराशि के सापेक्ष वांछित साक्षरता कर्मियों का सत्यापन/ प्रमाणित विवरण निर्धारित प्रपत्र पर उपलब्ध करा कर साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत रहे साक्षरता कर्मियों का अवशेष मानदेय का भुगतान करने का अनुरोध किया गया था। लेकिन भारत सरकार ने बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए उनके अवशेष मानदेय को 8 वर्ष बाद भी निर्गत नहीं किया। जिसके चलते बेरोजगार हो चुके शिक्षा प्रेरकों के परिवार में आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इस अवसर पर प्रेरक एकता कल्याण समिति (पंजीकृत) के जिला महामंत्री चौधरी ईशम सिंह ने भारत सरकार से मांग की कि साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्य कर चुके और बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों को उनका बकाया मानदेय एक मुश्त दिलाया जाए तथा साक्षरता कर्मियों को अनुभव के आधार पर किसी भी विभाग में समायोजित किया जाए। अथवा बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों को बेरोजगारी भत्ता दिलाया जाए। जनपद भर से एकत्रित हुए साक्षरता कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी बिजनौर के नाम दो सूत्रीय मांग पत्र देकर प्रेरकों का मानदेय एकमुश्त दिलाने एवं आयु सीमा के अंदर वाले साक्षरता कर्मियों को किसी भी विभाग में समायोजित करने की मांग के साथ-साथ आयु सीमा पर कर चुके साक्षरता कर्मियों को बेरोजगारी भत्ता एवं आयुष्मान कार्ड बनवाने की भी मांग की।

अखिलेश उत्तर प्रदेश में दंगा कराना चाहते हैं- ओम प्रकाश राजभर

स्टोरी  बलिया में योगी के मंत्री का बड़ा बयान
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 15/05/2026

बलिया, 15 मई 2026, उत्तरप्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश ने एक निजी कार्यक्रम में अखिलेश यादव पर बड़ा अटैक किया ।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उत्तरप्रदेश में दंगा कराना चाहते हैं। बिहार और बंगाल ने बता दिया कि यूपी में NDA की सरकार आ रही है। कोई उम्मीद नहीं किया था बिहार और बंगाल के चुनाव का रिजल्ट। वहां की जनता मोदी जी के कामों पर विश्वास कर रही है और यूपी में योगी जी के राज्य में 9 सालों में एक भी दंगे नहीं हुए और नाही कर्फ्यू लगा।

अखिलेश के राज में 5 सालों में 1 हजार दंगे हुए और 12 सौ जन की हानि हुई इसलिए अखिलेश चाहते हैं कि यूपी में दंगे हो, कर्फ्यू लगे, हम सत्ता में आए और अपनी जातियों को बढ़ाएं और अन्य जातियां भाड़ में जाएं। साथ ही अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में कोई भी एक नेता अति पिछड़ा हो तो हम चुनौती देते हैं कि क्या वो सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने के लिए बोल सकता है। 27 परसेंट आरक्षण को बांटकर देने की बात कह सकता है। रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू करने को लेकर समाजवादी पार्टी का कोई अति पिछड़ा नेता बोल सकता है। नहीं न अखिलेश बोल सकते हैं और नाही उनकी पार्टी का कोई अति पिछड़ा बोल सकता है हां अखिलेश यादव अपनी पार्टी के नेताओं को इतना जरूर बोलने को सिखाते हैं कि ब्राह्मण को गाली दो, राजभर को गाली दो, चौहान को गाली दो और क्षत्रिय को गाली दो।

ई-साइकिल पर सवार हुए डीएम,नगर आयुक्त व शहर विधायक

पीएम मोदी की अपील का असर:
Post on 15.5.26
Friday Moradabad
Time 1.30 pm
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा
पीएम नरेंद्र मोदी की पेट्रोल – डीजल की खपत कम व ऊर्जा संरक्षण की अपील का संदेश अब जमीनी स्तर पर पहुंच गया है।शुक्रवार को डीएम डॉ.राजेंद्र पैंसिया,नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल और शहर विधायक रितेश गुप्ता ने ई-साइकिल चलाकर ईंधन की बचत का संदेश दिया। इस दौरान भी उनके सुरक्षा कर्मी भी ई.साइकिल पर साथ साथ चलें।
पश्चिम एशिया में लंबे युद्ध के बाद आए तेल संकट को देखते हुए पीएम ने ऊर्जा संरक्षण की अपील की। पीएम ने लोगों से ईंधन की बचत करने,पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। शुक्रवार को शहर में सकारात्मक शुरूआत हुईं।प्रशासनिक और राजनैतिक स्तर पर पहल हुईं।
डीएम,नगर आयुक्त और शहर विधायक ई साइकिल चलाकर ऊर्जा संरक्षण का सन्देश दिया। बताया कि इसके जरिए प्रदूषण पर भी अंकुश लगाया जा सकता है।
शुक्रवार को ईद साइकिल से चलना शहर में चर्चा का विषय बनीं।ई-साइकिल पर जन प्रतिनिधि,अधिकारियों को देख लोगों ने तस्वीरें खींची। और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल की।

मंडलायुक्त कल ई साइकिल से कार्यालय पहुंचे थे*
मुरादाबाद कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने ई साइकिल चलाकर प्रदूषण नियंत्रण की शुरुआत की थीं। गुरुवार को कमिश्नर आवास से अपने कार्यालय ई साइकिल से आएं। मंडल के सबसे बड़े अधिकारी का ई साइकिल पर आना सोशल मीडिया पर सुर्खियां बन‌‌‌ गया। उन्होंने लोगों से छोटी दूरी
साइकिल से चलने का संदेश दिया।

यूपी में ‘चारा विकास’ हेतु मास्टर ट्रेनर्स एवं उत्पादकों का प्रशिक्षण संपन्न

Posted on 15.05.2026, Time 02.32 PM

लखनऊ, 15 मई 2026, उत्तर प्रदेश में हरे चारे की कमी के मद्देनजर प्रदेश के पशुपालन विभाग के तत्वावधान में भा.कृ.अनु.प.- भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान, झाँसी द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में ‘चारा विकास’ हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 27 अप्रैल से 14 मई, 2026 तक आयोजित किया गया।

प्रदेश के समस्त 75 जिलों के पशुपालन एवं कृषि विभाग से कुल 125 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम दो-दिवसीय कुल 6 बैच में सम्पन्न कराया गया ।इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स को चारा विकास के निम्न पहलुओं पर जानकारी दी गयी तथा प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया गया:
•उत्तर प्रदेश में पशुधन एवं चारा उपलब्धता का परिदृश्य तथा क्षेत्रवार चारा विकास योजना
•विभिन्न जलवायु क्षेत्रों के लिए उपयुक्त चारा उत्पादन तकनीकियाँ एवं वर्ष पर्यंत चारा उत्पादन प्रणाली
•बारानी, गोचर भूमियों एवं गौशालाओं हेतु चरागाह, वन-चरागाह एवं उद्यान चरागाह प्रणाली
•समस्याग्रस्त दशाओं तथा गैर-परंपरागत स्रोतों से चारा उत्पादन तकनीकियाँ
•पशुधन आहार प्रबंधन एवं चारा संरक्षण की विधियाँ

प्रतिभागियों ने उन्नत चारा तकनीकियों की जानकारी के साथ-साथ तकनीकियों के प्रसार हेतु विशेषज्ञों से विचार-मंथन भी किया। कार्यक्रम से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण उपरान्त अपने जनपदों के पशुपालक किसान, कृषि उद्यमी एवं गौशाला संचालकों को प्रशिक्षित कर उनका क्षमता विकास करने हेतु कार्ययोजना भी बताई गयी ।

मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण के अलावा प्रदेश के ‘चारा उत्पादक किसानों एवं गौशाला संचालकों’ हेतु आयोजित किये जा रहे ‘एकदिवसीय’ भ्रमण एवं प्रशिक्षण’ कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 7 जनपदों के कुल 106 चारा उत्पादकों एवं गौशाला संचालकों को ‘चारा उत्पादन, संरक्षण एवं उपयोग’ के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया । इस कार्यक्रम से कुल 1125 चारा उत्पादक किसानों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है ।

‘चारा विकास’ के लक्ष्य से आयोजित उक्त ‘प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम’ से चारा तकनीकियों का प्रदेशव्यापी प्रभावी प्रसार होगा जिससे हरे चारे का उत्पादन बढेगा जोकि पशुधन उत्पादकता एवं कृषक आजीविका के लिए हितकर होगा।
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#ChouhanShivraj

खून का प्यासा हुआ बड़ा भाई, अवैध संबंध के शक में छोटे भाई को मारी गोली

Posted on 15/05/2026
Time 11:26 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर | 15 मई, 2026 ( उप्र समाचार सेवा)
​गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है। यहाँ एक कलयुगी बड़े भाई ने अपनी ही पत्नी के साथ अवैध संबंध के शक में अपने छोटे भाई पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने छोटे भाई को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी भाई को हिरासत में ले लिया है।

​मिली जानकारी के अनुसार, बेलीपार इलाके के एक गांव में रहने वाले बड़े भाई को काफी समय से यह शक था कि उसके छोटे भाई के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं। इसी बात को लेकर घर में अक्सर कहासुनी और तनाव की स्थिति बनी रहती थी। ​बृहस्पतिवार की देर रात विवाद इतना बढ़ गया कि आवेश में आकर बड़े भाई ने अवैध असलहे से छोटे भाई पर फायर झोंक दिया। गोली की आवाज सुनकर गांव में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
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​गोली लगने से लहूलुहान छोटे भाई को आनन-फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
​घटना की सूचना मिलते ही बेलीपार पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी बड़े भाई रोशन को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल किया गया असलहा भी बरामद करने की कोशिश शुरू कर दी है।
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​इस संबंध मे सीओ बांसगांव का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद और शक का लग रहा है। घायल की हालत पर नजर रखी जा रही है और तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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