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दो पाटीदारों में खूनी संघर्ष, एक की हुई मौत, दूसरा वाराणसी के लिए रेफर,

September 14, 2026

दो पाटीदारों में खूनी संघर्ष, एक की हुई मौत, दूसरा वाराणसी के लिए रेफर,

तीन लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार,दो लोगों के लिए लगाई गई टीम।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 11/09/2026

बलिया,  उभांव थाना अंतर्गत ग्राम सोनाडीह (दोथ) में पटीदारों के बीच आपसी विवाद ( गाली गलौज ) के दौरान चालू बाजी की गई जहां चाकूबाजी के दौरान अमरेश बहादुर सिंह और उसमे छोटे भाई मंजेश सिंह घायल हों गए।जिसमे दोनो घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीयर पर भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान अमरेश बहादुर सिंह की मौत हो गई वही मंजेश सिंह को बेहतर उपचार के लिए मऊ के लिए रेफर कर दिया गया है। वही मऊ से मंजेश को वाराणसी के लिए रेफर किया गया है मृतक अमरेश बहादुर सिंह की पुत्री की तहरीर पर पांच लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है जिसमे तीन लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और दो लोगों की गिरफारी के लिए टीम लगाई गई है। वही अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश शुक्ला ने बताया कि सोनाडीह के ( दोथ ) अमरेश बहादुर सिंह व उसके भाई मंजेश सिंह को गांव के ही उसके पाटीदार रामकरण सिंह ,उसके परिवार के पिता-गिरीश सिंह,भाई-सूरज सिंह,बहन व उसकी माता ने मिलकर चाकू मार दिया है । जिसमें दोनों भाई घायल हो गए थे, उनको तत्काल सीएससी उभांव(सियर) लाया गया। जहां से बेहतर उपचार हेतु इनको जनपद मऊ के लिए रेफर किया गया है। जहां इलाज के दौरान अमरेश बहादुर सिंह की मृत्यु हो गयी है। तथा साथ ही साथ मंजेश सिंह को बेहतर उपचार हेतु बीएचयू वाराणसी भेजा गया है। इसमें तत्काल मौके पर सभी उच्चाधिकारियों द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया गया है। जानकारी के दौरान यह प्रकाश में आई है कि दोनों घायल भाइयों के पटीदार रामकरण सिंह किसी बात को लेकर गाली-गलौज कर रहे थे जिसमें मंजेश और अमरेश सिंह इनको समझाने का प्रयास किए, इसी बीच रामकरण सिंह व इनके पारिवारिक अन्य लोगो द्वारा चाकू मार दिया गया । मृतक अमरेश बहादुर की पुत्री से तहरीर प्राप्त कर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है, साथ ही साथ नामजद 05 अभियुक्तों में से घटना में संलिप्त 03 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है और अन्य 02 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु 03 टीमें लगाई गई है । शीघ्र ही इनको गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जाएगी।

एटा में पति से कहासुनी के बाद विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

एटा 10 सितंबर उप्रससे। जनपद में जलेसर थाना क्षेत्र के सराय खानम मोहल्ले में गुरुवार को पति से कहासुनी के बाद 32 वर्षीय पूनम ने अपने अधूरे मकान में बल्ली पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

परिजनों ने बताया कि पति से कहासुनी के बाद 32 वर्षीय पूनम पत्नी संजय निवासी सराय खानम ने अपने अधूरे मकान में बल्ली से लटककर जान दे दी। पूनम की शादी करीब 10 साल पहले हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा राज करीब 9 साल का है, जबकि छोटा बेटा प्रेम करीब 5 साल का है।
घटना की सूचना मिलते ही जलेसर पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भी फील्ड यूनिट के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय भेज दिया।

क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच कुछ कहासुनी हुई थी। इसके बाद महिला ने यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

एटा में आपसी कहासुनी के बाद मां-बेटे को घर में घुसकर लाठी-डंडों से पीटा, रिपोर्ट दर्ज

एटा 10 सितंबर उप्रससे। जनपद में जलेसर थाना क्षेत्र के मुड़ई गांव में दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी ने रुद्र रूप ले लिया और मारपीट हो गई। कुछ लोगों ने घर में घुसकर मां-बेटे को जमकर लाठी-डंडों से पीटा, जिसमें वे घायल हो गए।

पीड़ित तरुण कुमार ने जलेसर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने उन पर और उनकी मां पर हमला किया। इस हमले में उनकी मां को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायल महिला को इलाज और मेडिकल जांच के लिए जलेसर के जनेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद, गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने महिला को बड़े अस्पताल रेफर कर दिया।

जलेसर थाना प्रभारी अखिलेश दीक्षित ने बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई, जिसमें महिला को चोटें आईं। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। लिखित शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आरक्षी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु, पोखरे में मिला शव

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 14/09/2026

बलिया,  बांसडीह रोड़ थाना क्षेत्र में चौरा मोड़ के रेलवे क्रासिंग के समीप पोखरे में बाइक सवार आरक्षी परितोष मिश्रा का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला है। आरक्षी की मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक आरक्षी बांसडीह कोतवाली थाना पर तैनात 2025 में नियुक्त आरक्षी परितोष मिश्रा की पोखरे में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत। जहां बांसडीह कोतवाली के कांस्टेबल शिवगोपाल पाल जो बेल कमेंट दाखिल करने के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद जा रहे था उनको छोड़ने के लिए गए बलिया रेलवे स्टेशन गए थे और लौटते समय बांसडीह कोतवाली ड्यूटी पर नही पहुंचे तो तलाश होने लगी।लेकिन तलाशी की दौरान परितोष मिश्रा पर की बांसडीह रोड़ थाना क्षेत्र के रेलवे क्रासिंग के समीप एक पोखरे में मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस का आयोजन किया गया

शाहजहांपुर।( संजीव गुप्त)
हिंदी दिवस के अवसर पर स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्वानों ने सहभागिता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि हिंदी केवल हमारी अभिव्यक्ति और संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों की संवाहक भाषा है। हिंदी ने सदियों से देश की विविध भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और समुदायों को आपस में जोड़ने का कार्य किया है।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो.आदित्य सिंह ने कहा कि हिंदी हमारे संविधान के न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता जैसे मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। हमें हिंदी को केवल सरकारी कामकाज या औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे ज्ञान, अनुसंधान, तकनीक और आधुनिक चिंतन की भाषा के रूप में भी विकसित करना चाहिए। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो.आलोक मिश्र ने हिंदी को शिक्षा, व्यवहार और अनुसंधान की सशक्त भाषा बताते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि जन्म से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक हिंदी हमारे जीवन के विभिन्न प्रसंगों में साथ रहती है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सहयोगी बनती है।विभाग के सहायक आचार्य डॉ. श्रीकांत मिश्र ने हिंदी को व्यक्ति की उन्नति के साथ-साथ राष्ट्र की उन्नति के लिए भी अपरिहार्य बताया। सहायक आचार्य श्री प्रमोद यादव ने हिंदी की उपयोगिता और व्यावहारिकता पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हिंदी का प्रयोग शिक्षा, प्रशासन, मीडिया और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में निरंतर बढ़ रहा है। डॉ. दुर्ग विजय ने हिंदी के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव, पठन-पाठन तथा व्यावहारिक प्रयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर हिंदी के प्रति रुचि निरंतर बढ़ रही है और हिंदी का क्षेत्र व्यापक हो रहा है। कार्यक्रम के अंत में हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. बलवीर शर्मा ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी की भूमिका पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी विषय विद्यार्थियों के लिए रोजगार और सफलता के अनेक अवसर उपलब्ध कराता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्वानों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डा.सुजीत वर्मा ने किया।समारोह में स्नातक एवं परास्नातक कक्षाओं के केशव चंद्र शर्मा, परवीन, कमल गुप्ता, कोमल सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने हिंदी दिवस के अवसर पर भाषण एवं काव्य-पाठ प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

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