जरासंध’ की खुशी तात्कालिक है…
✍️ प्रणय विक्रम सिंह इतिहास का सबसे बड़ा भ्रम यह है कि वह युद्धभूमि में दिखाई देने वाले दृश्य को ही अंतिम सत्य मान लेता है। किंतु भारत की सभ्यता ने कभी केवल दृश्य को सत्य नहीं माना। उसने परिणाम से पहले उद्देश्य को देखा, विजय से पहले धर्म को देखा और पराक्रम से पहले […]
