फर्जी दस्तावेजों से नौकरी का मामला: जीजा-साले पर धोखाधड़ी का मुकदमा
हाथरस।समाज कल्याण विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जीजा-साले के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के विवेकानंद नगर कॉलोनी निवासी नीरज उपाध्याय ने अपने ससुर कोमल किशोर निवासी साकेत कॉलोनी तथा उसके जीजा रामेश्वर उपाध्याय, पूर्व सीओ पर आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी।
शिकायत के अनुसार, पूर्व में सीओ रहे रामेश्वर दयाल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने साले कोमल किशोर के शैक्षिक अभिलेखों में हेराफेरी कराई। वास्तविक जन्मतिथि 20 जनवरी 1958 के स्थान पर कूटरचित रूप से 20 जनवरी 1961 दर्शाकर फर्जी हाईस्कूल प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर समाज कल्याण विभाग में जूनियर क्लर्क के पद पर अनैतिक व फर्जी तरीके से नौकरी प्राप्त की गई और वेतन के रूप में सरकारी धनराशि प्राप्त की गई, जिससे सरकार व योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचा।
मामले की जांच के लिए समाज कल्याण आयुक्त इलाहाबाद के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय समिति ने जांच में पाया कि कोमल किशोर उक्त पद के लिए योग्य नहीं था। इसके बावजूद विभाग द्वारा न तो दस्तावेजों का समुचित सत्यापन किया गया और न ही उसे पदमुक्त किया गया। विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई न होने के आरोप भी लगाए गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस द्वारा भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों, जिनमें प्रमाण पत्र व आधार कार्ड की छायाप्रति शामिल है, के आधार पर प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए विवेचना आवश्यक बताई और पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
सीओ सदर योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
