Web News

www.upwebnews.com

RSS कार्यकारी मंडल की बैठक दो नवंबर से इंदौर में

November 2, 2026

RSS कार्यकारी मंडल की बैठक दो नवंबर से इंदौर में

अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक (इंदौर): प्रमुख निर्णय, भावी रणनीतियां और शताब्दी वर्ष की समीक्षा

इंदौर 01 नवम्बर 2026 (यूपी समाचार सेवा) RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक 2 से 4 नवंबर तक इंदौर में आयोजित होने जा रही है।

31 अक्टूबर 2026 को हुए प्रेस संवाद में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इस बैठक के एजेंडे, संघ के विस्तार और भविष्य के सामाजिक अभियानों की रूपरेखा साझा की।
इस बैठक से जुड़ी मुख्य बातें और आगामी योजनाएं बिंदुवार नीचे दी गई हैं:

1. बैठक का स्वरूप और मुख्य सहभागी
● अपेक्षित सदस्य:
देशभर से लगभग 408 वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रमुख कार्यकर्ता इस बैठक में हिस्सा लेंगे।

● शीर्ष नेतृत्व:
बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह और 11 क्षेत्रों व 46 प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह व प्रचारक शामिल हो रहे हैं।

2. शताब्दी वर्ष (2025-2026) की उपलब्धियां और समीक्षा

● शताब्दी वर्ष का समापन:
विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक चले शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का लेखा-जोखा इस बैठक में परखा जाएगा।

● हिंदू सम्मेलन:
इस दौरान देशभर में 65,660 हिंदू सम्मेलनों का सफल आयोजन हुआ, जिसमें बस्तियों और ग्रामीण मंडलों तक व्यापक जनसमर्थन मिला।

● वैश्विक संवाद:
सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के अमेरिका, कनाडा और इंग्लैंड प्रवास के दौरान हुए वैश्विक संवाद की समीक्षा होगी, जिसका उद्देश्य हिंदुत्व और विश्व कल्याण में भारत की भूमिका को स्पष्ट करना था।

3. संघ कार्य का अभूतपूर्व विस्तार

● दैनिक शाखाओं में वृद्धि:
वर्तमान में देशभर में संघ की 1,01,151 दैनिक शाखाएं चल रही हैं।

● व्यापक पहुंच:
साप्ताहिक मिलन और अन्य गतिविधियों को मिलाकर संघ का कार्य रिकॉर्ड 1,10,849 स्थानों तक पहुंच चुका है।

● वार्षिक प्रगति:
पिछले वर्ष अक्टूबर की तुलना में इस साल 13,000 से अधिक नई दैनिक शाखाओं की शुरुआत हुई है।

4. संगठनात्मक बदलाव और आगामी चुनाव

● ढांचागत बदलाव:
संघ की संगठनात्मक संरचना को और मजबूत करने के लिए कुछ बदलावों पर विचार होगा।

● आंतरिक चुनाव:
मार्च में नागपुर में होने वाली ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ से पहले जिला, विभाग, प्रांत और क्षेत्र स्तर पर संगठनात्मक चुनाव कराए जाएंगे।

● नया नेतृत्व:
इसी चुनावी प्रक्रिया के तहत आगामी मार्च में नए सरकार्यवाह का निर्वाचन भी संपन्न होगा।

5. समाज सुधार और भावी जन-आंदोलन

● नशामुक्ति अभियान:
युवाओं में बढ़ते नशे के चलन को रोकने के लिए संघ सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं के साथ मिलकर एक व्यापक जनजागरण अभियान शुरू करेगा।

● संत रविदास जयंती:
संत रविदास जी की 650वीं जयंती के निमित्त हुए कार्यक्रमों की समीक्षा और आगे के अभियानों की रूपरेखा तय होगी।

● पंच परिवर्तन का संदेश: समाज में सामाजिक समरसता, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक मूल्य), स्व का बोध और नागरिक कर्तव्यों (पंच परिवर्तन) को गहराई से स्थापित करने के लिए नई योजनाएं बनाई जाएंगी।

6. महिला, युवा सहभागिता और वैचारिक स्पष्टता

● सक्रिय भागीदारी:
गृह संपर्क और सम्मेलनों में महिलाओं तथा विश्वविद्यालय परिसरों के युवाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। युवाओं के सुझावों के आधार पर ही भविष्य के कार्यक्रम तय होंगे।

● वैचारिक विमर्श और तकनीक:
सुनील आंबेकर के अनुसार, संघ नई तकनीक का विरोधी नहीं है, बल्कि उसके सही मानवीय उपयोग का पक्षधर है। संघ लगातार ‘हिंदुत्व क्या है’ और ‘भारत की सही पहचान क्या है’ जैसे विषयों पर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए खुले संवाद के लिए तैयार है।
बैठक के अंतिम दिन (4 नवंबर को) सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक के अंतिम निर्णयों और प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी देंगे।

#आरएसएस #आरएसएस_इंदौर_बैठक #मोहन_भागवत #हिंदुत्व #सामाजिक_परिवर्तन #पंच_परिवर्तन #युवाशक्ति #राष्ट्रीय_स्वयंसेवक_संघ #इंदौर_समाचार #शताब्दी_वर्ष #जागृत_राष्ट्र_भारत #जागृतराष्ट्रभारत