101वें वर्ष में प्रवेश पर राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता का संकल्प
हाथरस। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विजयदशमी के अवसर पर 101वें वर्ष में प्रवेश कर गया। इस मौके पर सूर्यनगर बस्ती एवं मितई बस्ती के स्वयंसेवकों ने डीआरबी इंटर कॉलेज में विजयादशमी उत्सव मनाया। कार्यक्रम के बाद नगर में करीब तीन किलोमीटर लंबा पथ संचलन निकाला गया। पूर्ण गणवेश में घोष की धुन पर कदमताल करते स्वयंसेवकों का बाजारों और रास्तों में लोगों ने पुष्पवर्षा एवं इत्र की वर्षा कर स्वागत किया। भारत माता की जय और वंदेमातरम के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।विजयदशमी उत्सव में मुख्य वक्ता जिला प्रचारक जितेंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्र, धर्म और समाज की सेवा के संकल्प के साथ 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। हिंदू समाज को विभाजित करने के प्रयास सफल नहीं हुए हैं। उन्होंने समस्त हिंदू समाज से एकजुट होकर भारत को विश्व में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाने के लिए कार्य करने का आह्वान किया।कार्यक्रम का शुभारंभ जिला प्रचारक जितेंद्र, नगर संघचालक डॉ. पीपी सिंह और कार्यक्रम अध्यक्ष युवा समाजसेवी सोनू ठाकुर ने डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार, पूज्य गुरुजी और भारत माता के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद शस्त्र पूजन हुआ और स्वयंसेवक ने एकल गीत प्रस्तुत किया।जिला प्रचारक ने भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि शबरी के बेर ग्रहण करने तथा निषादराज और जटायु को सम्मान देने के माध्यम से भगवान राम ने समानता, समरसता और भेदभाव मिटाने का संदेश दिया। राम के आदर्शों को अपनाकर ही रामराज्य की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में समरसता, आपसी सद्भाव और एकता मजबूत करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।उन्होंने कहा कि विजयदशमी अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है। समाज में व्याप्त बुराइयों रूपी रावण का अंत करने के साथ प्रत्येक व्यक्ति को अच्छे विचारों और संस्कारों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। शस्त्र पूजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शक्ति, साहस और संघर्षशीलता के बल पर ही चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।जिला प्रचारक जितेंद्र ने नई पीढ़ी के युवाओं को देश की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि संस्कारित, राष्ट्रभक्त और आदर्शवादी युवा देश और समाज को नई दिशा दे सकते हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और सकारात्मक बदलाव के लिए करना चाहिए तथा भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को आत्मसात करना चाहिए।कार्यक्रम अध्यक्ष सोनू ठाकुर ने कहा कि संघ समाज में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सेवा और संस्कारों की भावना जागृत करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व युवा भारत की ओर देख रहा है, जबकि भारत की बढ़ती युवा शक्ति को महाशक्ति बनने से रोकने के लिए युवाओं को गलत दिशा में ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
डीआरबी से निकला पथ संचलन
विजयदशमी उत्सव के बाद डीआरबी से पथ संचलन शुरू हुआ। नई धर्मशाला, चावड़ गेट, नयागंज, मोती बाजार, नजिहाई बाजार, घंटाघर, बेनीगंज, रामलीला मैदान, कमला बाजार, गुड़िहाई बाजार और सादाबाद गेट होते हुए संचलन डीआरबी मैदान पहुंचकर संपन्न हुआ। बाल स्वयंसेवकों से लेकर प्रौढ़ और वयोवृद्ध स्वयंसेवक तक पथ संचलन में शामिल रहे। वयोवृद्ध स्वयंसेवकों का उत्साह भी देखते ही बना। बाजारों में बड़ी संख्या में लोग पथ संचलन देखने के लिए जुटे रहे। सड़क किनारे और घरों की छतों से स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा की गई तथा कई स्थानों पर इत्र की वर्षा कर स्वागत किया गया।इस अवसर पर नगर प्रचारक सौरभ सहित संघ के विभाग, जिला एवं नगर स्तर के पदाधिकारी और स्वयंसेवक मौजूद रहे। नगर की वसुंधरा एन्क्लेव स्थित बजरंग शाखा, मुरसान गेट की वीर सावरकर शाखा, तरफरा बस्ती की चाणक्य शाखा सहित विभिन्न शाखाओं पर भी विजयदशमी उत्सव मनाया गया।
