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यूपी में कृषि विकास दर 8 से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई: योगी आदित्यनाथ

April 24, 2026

यूपी में कृषि विकास दर 8 से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ : 24 अप्रैल, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केन्द्रीय कृषि, किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण एवं विपणन को गति प्रदान कर अन्नदाता किसान की आय में वृद्धि हेतु 09 राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, कृषक उत्पादक संगठन एवं प्रगतिशील किसानों के महासंगम क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन (उत्तर क्षेत्र) का शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन एक व्याहारिक दृष्टिकोण स्थापित कर रहा है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों के एग्रोक्लाइमेटिक जोन व भौगोलिक तथा क्षेत्रीय परिस्थितयों के अनुसार कृषि क्षेत्र के लिये लक्ष्य तय करना अत्यन्त आवश्यक है। इस प्रकार की संगोष्ठियों के माध्यम से कृषि क्षेत्र के कल्याण के लिये व्यापक रोडमैप तैयार करने सहायता मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष ‘विकसित कृषि अभियान’ और ‘खेती की बात खेत में’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों में किसानों का उत्साह तथा कृषि वैज्ञानिकों व कृषि शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षुओं के मन में बेहतरीन जिज्ञासा देखने को मिली। इस दौरान किसानों को पहली बार इनोवेशन को व्यवहारिक धरातल पर उतारने का बेहतरीन अवसर प्राप्त हुआ। लैब को लैण्ड तक पहुँचाने का अभिनव प्रयास पहली बार हुआ है। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने इस अभियान को देश के धरातल पर व्यवहारिक रूप से उतारने का कार्य किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में 69 कृषि विज्ञान केन्द्र थे। ज्यादातर कृषि विज्ञान केन्द्र बन्दी के कगार पर थे। आज प्रदेश में 89 कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित हो चुके हैं। प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्र में इनोवेशन हो रहे हैं। कृषि विज्ञान केन्द्रों ने प्रदेश के सभी एग्रोक्लाइमेटिक जोन में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से बहुत कुछ बेहतरीन करने का कार्य किया है। इनसे जुड़े वैज्ञानिक स्थानीय स्तर पर किसानों के साथ बैठते हैं। परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश में कृषि विकास की दर 08 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत पहुंच गयी है। हम इससे भी बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
आजादी के समय भारत की अर्थव्यवस्था में एग्रीकल्चर का योगदान लगभग 41 से 42 प्रतिशत था। कृषि का योगदान लगातार कम होता गया। एग्रीकल्चर और मैन्युफैक्चरिंग में बेहतर समन्वय हो, तो विकास तेजी से होता है। हमारे यहां अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग का योगदान अभी भी 15 से 16 प्रतिशत है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था में एग्रीकल्चर का योगदान 41 से 42 प्रतिशत से घटकर 20 से 21 प्रतिशत हो गया। प्रदेश सरकार ने इसको वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ने की पहल को मजबूती से आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज के समय में तकनीक बहुत ही निर्णायक साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में अलग-अलग प्रोडक्ट के कुछ इण्टरनेशनल सेण्टर उपलब्ध कराए हैं। वाराणसी में इण्टरनेशनल राइस रिसर्च इन्स्टीट्यूट का साउथ एशिया रीजनल सेण्टर बेहतर परिणाम दे रहा है। इस संस्थान ने चावल की कई नई प्रजातियां दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग क्लाइमेटिक जोन में कौन सी प्रजाति प्रभावी हो सकती है और कौन सी तकनीक अपनाई जानी है, तकनीक का क्या प्रभाव हो सकता है, समय पर बुआई का उत्पादन पर क्या असर पड़ता है, और क्वालिटी सीड उत्पादन को कैसे आगे बढ़ा सकता है, यह सारे परिणाम हमें देखने को मिले हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में धान का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 100 कुन्तल तक पहुंचा है, जो पहले 50 से 60 कुन्तल तक सीमित था। अल-नीनो के नाते गेहूं की फसल पर असर पड़ा है। औद्यानिकी में आम की फसल को भी इसने प्रभावित किया है। हमें लागत को कम करके उत्पादन को बढ़ाना है। अच्छा सीड समय पर उपलब्ध कराना है। केमिकल फर्टिलाइजर एण्ड पेस्टिसाइड की खपत को कम करते हुए नेचुरल फार्मिंग को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास करना है। विकसित कृषि अभियान के अन्तर्गत गत वर्ष बाराबंकी निवासी प्रगतिशील किसान पद्म श्री रामसरन वर्मा के खेत में जाने का अवसर मिला था। इनके खेत में पूरी तरह व्यवहारिक चीजें देखने को मिलती हैं। रामसरन जी ने वैज्ञानिक पद्धति से खेती करके कम लागत में अच्छा उत्पादन प्राप्त करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की पहल के परिणामस्वरूप, प्रदेश के जिन क्षेत्रों में पहले वर्ष में एक फसल होती थी, वहां तीन-तीन फसलें हो रही हैं। उत्तर प्रदेश की भूमि अत्यन्त उर्वरा है। यहां 85 से 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है। यहां बेहतरीन कनेक्टिविटी है। प्रदेश सरकार किसानों के खेतों में 10 से 12 घण्टे बिजली उपलब्ध करा रही है। यह स्थितियां हमारे लिए बेहतरीन अवसर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अकेले उत्तर प्रदेश में 425 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 211 लाख मीट्रिक टन धान, 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हो रहा है। दलहन और तिलहन के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश ने प्रगति की है। आज उत्तर प्रदेश में लगभग 48 लाख मीट्रिक टन तिलहन का उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार सब्जी, अलसी, जौ, बाजरा के उत्पादन में भी प्रदेश ने ऊंची छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री जी ने आगरा के लिए इण्टरनेशनल पोटैटो सेण्टर स्वीकृत किया है, जो शीघ्र ही प्रारम्भ होने वाला है। सेण्ट्रल यू0पी0 का पूरा क्षेत्र आलू उत्पादन के लिए जाना जाता है। किसान यहां दो फसलों के साथ आलू का अच्छा उत्पादन करता है। उसको वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि डिमाण्ड के अनुसार मांग की आपूर्ति में अन्नदाता किसान सहभागी बन सके। इण्टरनेशनल पोटैटो सेण्टर से सेण्ट्रल यू0पी0 के जनपदों में फूड प्रोसेसिंग की अनेक यूनिट लगनी प्रारम्भ हो गयी हैं। इन प्रयासों से अब किसान को उनके उत्पाद का बेहतरीन दाम स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से मिलना प्रारम्भ होगा।
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कर्मठ और यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश में विकास और जन कल्याण का एक नया इतिहास रचा है। आज उत्तर प्रदेश अनेक क्षेत्रों में देश में नम्बर वन राज्य है। यह दूसरी रीजनल कॉन्फ्रेंस है। पहली जयपुर में हुई थी। यह कॉन्फ्रेंस हमारे लिये अत्यन्त उपयोगी है। एक तरफ यहां पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों के प्रतिनिधि हैं, हरित क्रांति की शुरुआत इन्हीं राज्यों से हुई थी। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश देश में खाद्यान्न उत्पादन में नम्बर एक पर है। यहां की माटी, जलवायु और मेहनती किसान इस राज्य की शोभा बढ़ाते हैं।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रत्येक राज्य का कृषि रोड मैप बनना चाहिये, क्योंकि जब तक लक्ष्य तय नहीं होगा और लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम रोड मैप नहीं बनाएंगे तब तक हम पूरी तरह से खेती और किसान का भला नहीं कर पाएंगे। देश में फार्मर आई0डी0 बनाने का काम तेजी से चल रहा है। कुछ राज्य बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। फार्मर आई0डी0 किसान की अलग पहचान बनाती है। इस आई0डी0 के माध्यम से किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर व भागीरथ चौधरी, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री  सूर्य प्रताप शाही, उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह ओलख, हिमाचल प्रदेश के उद्यान मंत्री जगत सिंह नेगी, जम्मू कश्मीर के कृषि उत्पादन मंत्री जाविद अहमद डार, पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, पंजाब के उद्यान मंत्री मोहिन्दर भगत एवं उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री गणेश जोशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

वैक्सीन लगाने के बाद मासूम की मौत,जांच करने पहुंची टीम

मैनपुरी/बिछवा। थाना क्षेत्र के गांव देवगंज में एएनएम और आशा द्वारा एक 10 माह के बच्चे का वैक्सीनेशन किया गया जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टी शुरू हो गई बाद में उसकी मौत हो गई। मामले में जिला स्तरीय चिकित्सा टीम में पहुंचकर जानकारी की है। परिजनो ने  पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
गांव देवगंज निवासी शिवानी पत्नी अरविंद कुमार ने गांव की आशा और एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाया था। उनके 10 माह का पुत्र आरव जिसका कानपुर काफी दिनों तक इलाज चला था। उसे गांव की आशा हुआ एएनएम ने उनके मना करने के बाद भी तीन डोज वैक्सीन दिया। उसके बाद उनके पुत्र की तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई उन्होंने विभाग को सूचना दी लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। बाद में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ने परिजनों से मुलाकातकी। मौत का सही कारण स्पष्ट हो सके इसलिए उन्होंने पोस्टमार्टम करने की बात कही। लेकिन मृतक की मां शिवानी ने पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। थाना अध्यक्ष आशीष दुबे ने भी परिजनों को समझाया लेकिन पोस्टमार्टम के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। वही किसी भी प्रकार की कार्रवाई से भी इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग अपने हिसाब से जो कार्रवाई करना है करें वह किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। टीम में डॉक्टर अजय कुमार डॉक्टर पपेंद्र कुमार प्रभारी चिकित्सा अधिकारी हरिभान सिंह नारायण सिंह पंकज अभिषेक प्रताप सिंह आदि लोगों ने पहुंच कर मामले को बारीकी से जांचा। टीम ने जो भी मासूम का इलाज कानपुर के अस्पताल में हुआ है सभी के कागज एकत्रित किए हैं। पहुंची टीम के सदस्यों ने बताया कि जांच की जा रही है जांच के बाद जिसका भी दोष आएगा वह बक्सा नहीं जाएगा।


 

शहीद स्मारक में लटका मिला तीन दिन से लापता युवक का शव

मैनपुरी, दन्नाहार थाना क्षेत्र में तीन दिन से लापता एक युवक का शव शहीद स्मारक पर लटका मिला है। गुरुवार देर रात करीब 8 बजे ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मृतक की पहचान विकास उर्फ विक्की (35 वर्ष) पुत्र कुशल पाल निवासी ग्राम विघरई के रूप में हुई है।
परिजनों ने युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दन्नाहार थाने में दर्ज कराई थी और तब से उसकी तलाश कर रहे थे। तीन दिन बाद गुरुवार देर शाम ग्रामीणों को शहीद सुनील स्मारक पर उसका शव लटका हुआमिला। शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी, जिससे यह 1-2 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था।
घटना ग्राम कंजाहार में श्री हर्ष (28 वर्ष) के खेत में बने शहीद फौजी सुनील कुमार स्मारक के अंदर हुई। विकास उर्फ विक्की ने स्मारक के गेट के ऊपर बनी लोहे की ग्रिल से लोहे के तार का इस्तेमाल कर फांसी लगाई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल मैनपुरी भेज दिया गया है।सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लापता युवक का शव स्मारक पर लटका मिला है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है।

हाई स्कूल में हर्षित चौहान और इण्टर में छात्रा मानसी बने जिले के टापर

मैनपुरी , जनपद में हाई स्कूल परीक्षा परिणाम में हर्षित चौहान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। हर्षित ने कुल 600 में से 576 अंक प्राप्त कर 96 प्रतिशत अंक हासिल किए और जिले का नाम रोशन किया।एलाऊ थाना क्षेत्र के पर्वतपुर गांव निवासी हर्षित चौहान साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता खेती के साथ-साथ प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद हर्षित ने कड़ी मेहनत और लगन से यह सफलता प्राप्त की।
हर्षित चौहान पंडित शिवकुमार स्मृति इंटर कॉलेज के छात्र हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। वहीं विद्यालय के प्रिंसिपल और शिक्षक भी हर्षित के घर पहुंचकर उन्हें बधाई देने पहुंचे। हर्षित की सफलता में परिवार और स्कूल प्रशासन का बड़ा योगदान रहा है। खास बात यह रही कि गणित विषय में हर्षित ने 100 में से पूरे 100 अंक प्राप्त किए, जिससे उनकी मेधा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हर्षित की मां ने कहा कि उनके बेटे की यह कामयाबी किसी सपने से कम नहीं है। हर्षित की सफलता की खबर सुनकर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। वही इंटरमीडिएट में छात्रा मानसी गंगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में टॉप किया है। मानसी ने कुल 500 में से 458 अंक हासिल कर 91.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और जनपद का नाम रोशन किया है।
मानसी गंगा कोतवाली थाना क्षेत्र के गोसलपुर गांव की निवासी हैं। उनके पिता एक किसान हैं, जबकि उनकी मां विकलांग हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद मानसी ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। मानसी दो बहनों में से एक हैं और उनके परिवार में कोई भाई नहीं है।
मानसी की सफलता के पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी भी जुड़ी है। उन्होंने बताया कि उनकी मां को समाज के लोगों द्वारा अक्सर ताने सुनने पड़ते थे, लोग कहते थे कि बेटियां हैं, आगे कैसे बढ़ेंगी। लेकिन मानसी ने इन सभी नकारात्मक बातों को अपनी ताकत बनाया और मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की।
मानसी गंगा एससीएमडी इंटर कॉलेज की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। मानसी का सपना है कि वह एनडीए में चयनित होकर भारतीय सेना में अधिकारी बनें और देश की सेवा करें। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील शाक्य ने मानसी गंगा को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मानसी की यह सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

बार एसोसिएशन के चुनाव में अवधेश यादव अध्यक्ष और बिजेंद्र यादव सचिव निर्वाचित

मैनपुरी , दीवानी बार एसोसिएशन का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। इस चुनाव में अवधेश यादव अध्यक्ष और बिजेंद्र यादव सचिव चुने गए हैं। परिणाम घोषित होते ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया।
बहुप्रतीक्षित दीवानी बार एसोसिएशन के चुनाव में अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण रही, जिसके बाद मतों की गणना कर परिणाम घोषित किए गए।
अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में अवधेश यादव ने 400 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। उनके प्रतिद्वंद्वी शरवीर यादव को 71 और महेंद्र मिश्रा को 153 मत मिले। सचिव पद पर बिजेंद्र यादव ने 257 मतों के साथ विजय प्राप्त की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सत्येंद्र (164 मत) को 93 मतों से हराया। अन्य प्रत्याशियों में जीतू को 104,मुकेश को 19 और अवधेश को 18 मत प्राप्त हुए।
चुनाव परिणाम घोषित होते ही बार एसोसिएशन परिसर में जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों और अधिवक्ताओं ने विजयी प्रत्याशियों को फूल-मालाओं से लादकर जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जीत का जश्न मनाया गया,इस दौरान “बार एसोसिएशन जिंदाबाद” के नारे भी गूंजते रहे।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष अवधेश यादव ने सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे बार एसोसिएशन की गरिमा बनाए रखते हुए अधिवक्ताओं के हितों के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उनकी प्राथमिकता संगठन को और मजबूत बनाना होगी।
वहीं, सचिव बिजेंद्र यादव ने भी सभी का धन्यवाद देते हुए कहा कि वे अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बार और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का भी आश्वासन दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दोनों नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में बार एसोसिएशन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
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