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टीएमयू संग  रिश्तों को और प्रगाढ़ कर गए सुखविंदर सिंह

January 24, 2026

टीएमयू संग  रिश्तों को और प्रगाढ़ कर गए सुखविंदर सिंह

SINGAR SUKHVINDAR SINGH IN TMU MORADABAD

टीएमयू आगमन पर गायक सुखबिन्दर सिंह का स्वागत करते हुए कुलाधिपति सुरेश जैन

मुरादाबाद, 24 जनवरी 2026, जाने-माने पंजाबी सिंगर सुखविंदर सिंह तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी परिवार के संग अपने प्रगाढ़ रिश्तों को और मजबूत कर गए। उदीषा चौपाल साहित्योत्सव-2026 में शिरकत करने मुरादाबाद आए सुखविंदर तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी आना नहीं भूले। चल छैया-छैया….. और जय हो… सरीखे मशहूर गानों के पार्श्व गाय सुखविंदर का कुलाधिपति जैन और जीवीसी मनीष जैन ने अपने आवास- संवृद्धि में मंगल आगमन पर बुके देकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर फर्स्ट लेडी श्रीमती वीना जैन, श्रीमती ऋचा जैन, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षित जैन, सुश्री नंदिनी जैन आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही।

उल्लेखनीय है, सुखविंदर का यूनिवर्सिटी के संग बरसों से दिली लगाव है। कोविड काल के दौरान 2020 में एक अविस्मरणीय वीडियो जारी करके टीएमयू से अपने अंतरंग रिश्तों को सार्वजनिक कर चुके हैं। टीएमयू हॉस्पिटल को तीर्थ की संज्ञा देते हैं। कह चुके हैं, टीएमयू हॉस्पिटल जैन परिवार के लिए धन कमाने की अपेक्षा जनसेवा का जरिया है। उल्लेखनीय है, हॉस्पिटल के सेवा, संकल्प और समर्पण के बूते यूपी सरकार कोविड काल में प्राइवेट हॉस्पिटल्स में उम्दा इलाज के लिए ए श्रेणी का दर्जा दे चुकी है।

January 23, 2026

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने आजादी की लड़ाई को नई गति प्रदान की

मुख्यमंत्री ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती ‘पराक्रम दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया
Neta Ji Subhash Chandra Bose

नेताजी की जयंती पराक्रम दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ : 23 जनवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की आजादी के महानायक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की आज पावन जयन्ती है। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस भारत की आजादी का एक ऐसा नाम है, जिसके माध्यम से प्रत्येक भारतीय को उनके विराट व्यक्तित्व और कृतित्व का बोध होता है। उनके व्यक्तित्व से राष्ट्र के प्रति निष्ठा का भाव, असीम साहस, वीरता और निःस्वार्थ सेवा की प्रेरणा प्राप्त होती है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती ‘पराक्रम दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश सरकार व प्रदेशवासियों की ओर से नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा के सम्मुख स्थित उनके चित्र पर पुष्प अर्पित उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के अभियान में दिये गये योगदान के कारण प्रत्येक भारतवासी नेताजी के प्रति अत्यन्त श्रद्धा व सम्मान का भाव रखता है। हमें उनके व्यक्तित्व में ओज, तेज और किसी विपरीत परिस्थिति में भी देशद्रोही और देश विरोधी तत्वों के सामने न झुकने का दृढ़ संकल्प दिखाई देता है। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्म सन् 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा ब्रिटेन से प्राप्त की। नेताजी ने उस समय की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त होने के बावजूद, ब्रिटिश हुकूमत के अधीन कार्य करने से मना कर दिया और भारत के स्वाधीनता आन्दोलन में कूद पड़े।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब पूरा देश गांधी जी के नेतृत्व में स्वाधीनता आन्दोलन को एक नई दिशा देने की ओर अग्रसर था। उन परिस्थितियों में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने भारत के क्रान्तिकारियों के सिरमौर के रूप में आजादी की लड़ाई को नई गति प्रदान की थी। उन्होंने देश की आजादी के लिये भारत के अंदर तथा बाहर अभूतपूर्व योगदान दिया। देश की आजादी की लड़ाई के दौरान उनके द्वारा किया गया आह्वान कि ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ भारत के नागरिकों के लिये मंत्र बन गया था। इस नारे ने युवाओं को देश की आजादी की लड़ाई में भाग लेने के लिये अत्यन्त प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का उद्घोष ‘दिल्ली चलो’ प्रत्येक भारतीय को आज भी प्रेरित करता है। आज भी ‘कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा’ भारतीय सेना के रिक्रूट व कमीशन प्राप्त अधिकारी अपने दीक्षांत समारोह में बड़ी शान के साथ गाते हैं। यह भी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की देन है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा व अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह, डॉ0 महेन्द्र कुमार सिंह, पवन कुमार सिंह तथा सलाहकार मुख्यमंत्री अवनीश कुमार अवस्थी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

January 20, 2026

उप्र दिवस प्रदेश की विकास यात्रा और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का उत्सव -जयवीर सिंह

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उत्तर प्रदेश दिवस

उप्र दिवस-2026 के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पधारे प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परम्पराओं, कला, पर्यटन, नवाचार एवं विकास यात्रा को प्रस्तुत किया जायेगा

लखनऊ: 20 जनवरी, 2026, उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पधारे जाने माने कलाकारों द्वारा गायन, शास्त्रीय एवं लोक नृत्य, नाटक, भजन, सुगम संगीत, जनजातीय नृत्य, समकालीन प्रस्तुतियों का भव्य मंचन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के अवसर पर प्रस्तुत होने वाली सांस्कृतिक विधाएँ प्रदेश की समृद्ध लोक, शास्त्रीय एवं समकालीन परंपराओं का समग्र प्रतिनिधित्व करती हैं। इस प्रकार विविध सांस्कृतिक विधाओं की यह श्रृंखला उत्तर प्रदेश की जीवंत, बहुरंगी और समावेशी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करेगी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आधुनिकता और परंपरा का सशक्त समन्वय देखने को मिलेगा। समकालीन संगीत की वैश्विक पहचान बन चुका इण्डियन ओसेन बैंड (Kandisa Music Productions Private Limited) अपनी ऊर्जावान बैंड प्रस्तुति के माध्यम से युवा वर्ग को विशेष रूप से आकर्षित करेगा। वहीं आध्यात्मिक और भावनात्मक संगीत की धारा को सुदृढ़ करते हुए श्री अमित प्रकाश मिश्रा एवं सुश्री प्रतिभा सिंह बघेल द्वारा भजन एवं सुगम संगीत की भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को सशक्त मंच प्रदान करते हुए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा कथक, भरतनाट्यम एवं ओडिसी नृत्य की सुसंस्कृत एवं गरिमामयी संयुक्त प्रस्तुतियाँ होंगी, जो भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता, सौंदर्य और अनुशासन का जीवंत प्रदर्शन करेंगी। ये प्रमुख प्रस्तुतियाँ उत्तर प्रदेश दिवस-2026 को सांस्कृतिक दृष्टि से स्मरणीय और प्रभावशाली बनाएँगी।
श्री सिंह ने बताया कि आयोजन के दौरान एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP), हस्तशिल्प, GI टैग उत्पाद, पर्यटन स्थलों, मिशन शक्ति, औद्योगिक एवं अधोसंरचना विकास, तथा विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विषयक प्रदर्शनियाँ लगाई जाएंगी। मुख्य समारोह में उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान, उत्कृष्ट उद्यमियों, महिला शक्ति, युवाओं, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा वर्ष 2026 में “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, चित्रकला कार्यशालाएँ, संगीत-वादन, ओपन माइक, नाटक, कठपुतली, क्विज, रंगोली, पाक कला प्रतियोगिता, पतंगबाजी एवं युवा-जनसहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधारित भव्य प्रदर्शनी तथा उत्तर प्रदेश पारंपरिक व्यंजन मेला आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के सहयोग से भी उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा एवं कुशल मार्गदर्शन में तीन दिवसीय उत्सव के दौरान उ0प्र0 की विकास यात्रा से लेकर सांस्कृतिक धरोहरों पर आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे। यह आयोजन प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त, समृद्ध एवं सांस्कृतिक रूप से अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

January 18, 2026

विश्व में लहरा रही सनातन की पताकाः ब्रजेश पाठक

Hindu Sammelan

RSS: Hindu Sammelan Lucknow

  • डिप्टी सीएम ने विराट हिंदू सम्मेलन को किया संबोधित, एकता ही शक्ति के मूल मंत्र पर चलने का किया आह्वान
  • राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के 100वें वर्ष की यात्रा के तहत आयोजित हुआ समारोह, देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संत

लखनऊ। 18 जनवरी , पूरे विश्व में शान के साथ सनातन धर्म की पताका लहरा रही है। यह मेरा सौभाग्य है कि देश भर से आए संतजनों के दर्शन करने का पुण्य लाभ प्राप्त हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें वर्ष की यात्रा अंतर्गत आयोजित “विराट हिंदू सम्मेलन” को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सभी से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और शक्ति के लिए “एकता ही शक्ति है” के मूलमंत्र पर चलने का आह्वान किया।
आलमबाग स्थित सेन्ट्रल पार्क, समर विहार कॉलोनी में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कैंट विधानसभा में आयोजित हो रहे इस पावन समारोह के आयोजकों का ह्रदय से आभार है। देश भर से आए संतजनों के विशेष दर्शन करने का पुण्यलाभ हम सभी को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की पताका आज शान के साथ पूरी दुनिया में लहरा रही है।
उन्होंने विशेषकर सिख समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख समाज के शूरवीरों के बलिदानों के कारण ही आज सनातन की ध्वजा शान से लहरा रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस तरह के आयोजन एक-दूसरे के प्रति सद्भाव को बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि आज सोमवती अमावस्या भी है। गुरुजनों का हमें आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी महानुभावों का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अवध प्रांत के सह प्रांत प्रचारक संजय जी, पूज्य महंत श्री राजीव लोचन शरण जी, श्रीअयोध्या धाम से पधारे पूज्य महंत श्री मनी दास जी, महान संत असूदाराम आश्रम, लखनऊ से पधारे संत शिरोमणि श्री साईं हरीश लाल जी, आर्य समाज मंदिर से श्री रूपचंद दीपक जी, डॉ० भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ० वी०वी० मलिक, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान से पधारे भंते श्री शीलरत्न जी, श्रीगुरु सिंह सभा, आलमबाग से पधारे निर्मल सिंह, पूर्व महापौर, लखनऊ, नगर निगम संयुक्ता भाटिया, गिरीश मिश्रा, मान सिंह एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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January 17, 2026

देश के सामने दो ही विकल्प मोदी के नेतृत्व में विकास या बिखरा हुआ इंडी गठबंधनः सुधांशु त्रिवेदी

लखनऊ 17 जनवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने आज शनिवार को लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने बताया कि भाजपा ने दिल्ली, केरल और महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में मजबूत उपस्थिति दर्ज की, तिरुवनंतपुरम में पहली बार मेयर बनाया और 40 वर्षों के कम्युनिस्ट शासन को हटाया। भाजपा सांसद ने इंडी गठबंधन की विफलता, पश्चिम बंगाल में बीएलओ अशोक चंद्र दास की आत्महत्या, पंजाब में मीडिया पर दमन और तमिलनाडु में न्यायालयिक हस्तक्षेप की घटनाओं को लोकतंत्र के लिए खतरे के रूप में बताया। डॉ. त्रिवेदी ने यह स्पष्ट किया कि देश के सामने दो विकल्प हैं, एक ओर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विकास और सामाजिक समरसता और दूसरी ओर बिखरी हुई, असंगठित विपक्षी दलों का इंडी गठबंधन।

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विगत वर्ष में दिल्ली और उसके बाद केरल के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई। तिरुवनंतपुरम में पहली बार भाजपा का मेयर बना है और 40 वर्षों से कम्युनिस्टों के शासन को हटाया गया। इसके साथ ही, महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में शानदार सफलता हासिल करते हुए भारतीय जनता पार्टी जिस स्थिति में पहुंची है, उससे एक बात स्पष्ट है कि विपक्षी दल, जो लगातार हार से कुंठित हैं और वोटों के लालच में घुसपैठिया परस्त हैं, अब निरंतर ध्वस्त होते चले जा रहे हैं। परंतु इसके साथ ही, इंडी गठबंधन की सरकारों का रवैया घनघोर लोकतांत्रिक विरोधी है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया इस समय पूरे देश में चल रही है और आज पश्चिम बंगाल से एक दुखद खबर आई कि वहां के बीएलओ अशोक चंद्र दास जी ने आत्महत्या की। उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार उनके ऊपर भारी दबाव था कि किसी का भी नाम न काटा जाए। अर्थात्, जो संदिग्ध मतदाता हैं और जिनके पास आधिकारिक और औपचारिक दस्तावेज नहीं हैं, उनके नाम भी न काटे जाएं। पश्चिम बंगाल की सरकार द्वारा दी गई मानसिक प्रताड़ना के कारण यह घटना हुई। यह दर्शाता है कि स्वस्थ और पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विपक्षी दलों की आस्था नहीं है। दूसरी ओर, पंजाब में यदि मीडिया ने कोई प्रतिकूल खबर प्रकाशित की, तो वहां के न्यूज़पेपर और मीडिया संस्थानों पर जिस तरह रेड की गई, लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई और कार्रवाई की गई, वह अपने आप में लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। आज देश में यह स्पष्ट है कि संविधान खतरे में है। उत्तर प्रदेश में 1994 में, आज से लगभग 30-32 साल पहले, जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब यहां के दो बड़े समाचार पत्रों के कार्यालयों पर विधिवत हमला किया गया था। इसका कारण केवल यह था कि उन समाचार पत्रों में प्रकाशित कुछ समाचार उस समय की मुलायम सिंह की सरकार को अच्छे नहीं लगे थे। वही प्रवृत्ति और वही फितरत आज 30-32 साल बाद भी यथावत दिखाई पड़ती है। जहां एक ओर तमिलनाडु में कोर्ट के निर्णय के बावजूद, केवल एक स्तंभ के पास दीप जलाने की अनुमति देने में वहां की सरकार असमर्थ थी और न्यायाधीश को आतंकित करने के लिए उनके विरुद्ध महाभियोग लाने का नोटिस तक दे दिया गया। वहीं पश्चिम बंगाल में कोर्ट की सुनवाई के दौरान इतना उपद्रव किया गया कि उच्च न्यायालय को अपनी कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी और उसने कहा कि ‘ऐसे वातावरण में न्यायालय की प्रक्रिया नहीं चल सकती। आज पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने वही रवैया अपनाया है। इससे एक बात बहुत स्पष्ट है कि हार की खिसियाहट और बौखलाहट में संवैधानिक व्यवस्थाओं को तार-तार करते हुए विपक्षी दल सामने आ रहे हैं। यह पूरी तरह सत्य है कि ये लोग संविधान को अपनी जेब में ही रखते हैं और उसे उसी भाव से रखते हैं।

भाजपा सांसद ने कहा कि विपक्षी दलों बताएं कि 2024 के बाद जितने भी चुनाव हुए हैं, यह तथाकथित इंडी गठबंधन एक के बाद एक बिखरता जा रहा है। लोकसभा और राज्यसभा में इंडी गठबंधन नाम की कोई भी चीज फ्लोर ऑफ द हाउस पर मौजूद नहीं है। हमारे एनडीए के नेता, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हैं और सभी एनडीए सहयोगी दलों ने बाकायदा मीटिंग करके नेता चुनकर लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को दे रखा है। मगर इंडी गठबंधन ने कोई पत्र राज्यसभा के सभापति या लोकसभा अध्यक्ष को नहीं दिया है कि सदन के पटल पर यह एक गठबंधन है और इसका नेता कोई व्यक्ति है। यानी यह गठबंधन वैसे ही हवा में निराधार था। 2025 में पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी अलग हुई, केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस और कम्युनिस्ट अलग-अलग लड़े और महाराष्ट्र के चुनावों में शिवसेना उबाठा (यानी उद्धव ठाकरे जी की शिवसेना) और कांग्रेस भी अलग हो गए। यह तय माना जाए कि बंगाल के चुनाव में टीएमसी कांग्रेस को कोई सीट नहीं देने जा रही है। तमिलनाडु के चुनाव में डीएमके, जो उनकी सबसे बड़ी सहयोगी दल है और जो इरेडिकेशन ऑफ सनातन धर्म यानी हिंदू धर्म को समूल नाश करने के संकल्प के लिए मशहूर है, वह 239 में से एक चौथाई सीट भी कांग्रेस को देने के लिए तैयार नहीं है। आम बोलचाल की भाषा में कहें तो, ‘रुपये में चवन्नी’ कहते हैं ना, वह चवन्नी लायक भी कांग्रेस की स्थिति नहीं समझी जा रही है।

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे मुख्य विपक्षी दल, समाजवादी पार्टी पर बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनावों में, उनके अरमानों पर जो गाज गिरी है। समाजवादी पार्टी केवल एक सीट जीत पाई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी पहली बार मुंबई में मेयर बनाने जा रही है। एआई एमआईएम ने चार सीटें जीती हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी यह प्रश्न किया जाना चाहिए कि अब उत्तर प्रदेश में इंडी गठबंधन का अस्तित्व है या नहीं? क्योंकि सपा ने उपचुनावों में कांग्रेस को कोई सीट नहीं दी थी और कांग्रेस ने भी आम आदमी पार्टी को दिल्ली के चुनाव में कोई सीट नहीं दी थी। दिल्ली, मुंबई और पटना के अनुभव के बाद लखनऊ में अखिलेश यादव का क्या विचार है? यह देश की जनता जानना चाहती है कि इंडी गठबंधन अभी भी मौजूद है या अब समाप्त हो चुका है। आने वाले 2026 के चुनावों में भी इसकी गति दुर्गति की ओर बढ़ती दिखाई पड़ रही है। अब इन विपक्षी दलों को इस तथाकथित इंडी गठबंधन के नाम पर देश की जनता को मूर्ख बनाने का भ्रामक प्रचार छोड़ देना चाहिए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एसआईआर को लेकर अखिलेश यादव के स्वयं के बयान बड़े विचित्र और विडंबनापूर्ण हैं। जब उन्हें लगता है कि उनके वोटर एसआईआर में जुड़ गए हैं, तो वह बड़े खुश हो जाते हैं और कहते हैं कि ‘भाजपा के वोटर कट गए हैं’। फिर उन्हें लगता है कि ‘नहीं, अब उनके वोट कट रहे हैं और भाजपा के वोट जुड़ रहे हैं’। ऐसी में अखिलेश यादव बताएं कि ‘कटे’ में भी आप हैं और ‘जुड़े’ में भी आप हैं, यह समझ ही नहीं आ रहा है कि वह कहाँ खड़े हैं? आज देश की जनता बहुत स्पष्ट रूप से देख चुकी है कि दो विकल्पों के बीच में चुनाव है। एक विकल्प, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता, सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव के साथ विकास के पथ पर बढ़ता हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ है। दूसरी ओर, वर्ग और प्रांत में बटा हुआ, उत्तर और दक्षिण में बटा हुआ, जातियों में बंटा हुआ और आपस में लड़ता हुआ गठबंधन है, जो ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह’ का समर्थन करता है और ऐसे लोगों को ‘भटके नौजवान’ कहने वाला बिखरा हुआ विकल्प है।

भाजपा सांसद ने कहा कि आज देश की जनता को तय करना है कि वह निखरता हुआ भारत देखना चाहती है या बिखरता हुआ भारत। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव बताएं कि क्या बिहार में तेजस्वी यादव के अनुभव से कोई सबक लेना चाहेंगे या कांग्रेस की नाकाम सियासी हसरतों का जनाजा अपने कंधे पर यूपी में भी ढोने के लिए तैयार रहेंगे? उत्तर प्रदेश में एक ओर मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उभरता हुआ उत्तर प्रदेश है, जो विकास के मार्ग पर बढ़ रहा है और जहाँ अनुशासन और कानून व्यवस्था एक महत्वपूर्ण मुकाम पर है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के जमाने का उत्तर प्रदेश था, जिसके लिए हमें बोलने की जरूरत नहीं है, 2007 का बहुजन समाज पार्टी का नारा ही पर्याप्त है। इसलिए भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर इंडी गठबंधन से पूछना चाहती है कि पश्चिम बंगाल में बीएलओ को आत्महत्या के लिए प्रताड़ित करना, पंजाब में मीडिया पर अटैक करना, तमिलनाडु में न्यायालय के आदेश का उल्लंघन कर न्यायाधीशों को आतंकित करने का प्रयास करना, क्या इसे नहीं माना जाएगा कि इंडी गठबंधन के हाथ में लोकतंत्र खतरे में है? नाम रख लेने से किसी का काम नहीं बदल जाता। विपक्षी दलों ने नाम ‘इंडिया’ रखा था और जब इंडिया की टीम ने वर्ल्ड कप जीता, तब बधाई देना भी उचित नहीं समझा गया। अखिलेश यादव ने भी भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को बधाई देना उचित नहीं समझा। इसलिए प्रदेश स्तर पर भाजपा अखिलेश यादव से पूछना चाहती है कि अब इंडी गठबंधन का उत्तर प्रदेश में अस्तित्व है या वह कुंठाग्रस्त, घुसपैठिया परस्त होकर ध्वस्त हो चुका है?

 

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